शहद की गुड़िया - प्रकरण - 4 "अब तो बस इंतजार है उस पल का ज़ब ये सारी बातें हकीकत बन जायेगी. क़्या मेरे लिये आप इतने बेताब हो." " बिल्कुल तुम से कई गुना ज्यादा. " " दादु अब तो हमारी दास्तान पन्नो. पर उतरने के लिये बिल्कुल तैयार हैं.. " " आप की हर डांट और हरकत ने मेरी रूह को एक नया रंग दिया हैं. अब तो मैं आप की शहद की गुड़िया बन चुकी हूं.. "