आतंक के तीन पिलर

दादासाहेब की ताकत सिर्फ़ उनकी पॉलिटिकल पहुँच या उनके पैसे से नहीं आई थी; यह उनके घर में रहने वाले तीन सायों से जुड़ी थी—उनके तीन सबसे बड़े हथियार।पहला था उनका सबसे बड़ा बेटा, विक्रम। वही खून के पीछे का दिमाग था। जब शहर जल रहा था, विक्रम AC वाले कमरों में बैठा, ठंडे दिमाग से, सोचे-समझे फैसले ले रहा था। उसने "ब्लैक एम्पायर" को संभाला, यह पक्का करते हुए कि हर गैर-कानूनी पैसा सही जेब में जाए। उसने ट्रिगर नहीं दबाया, लेकिन उसने तय किया कि अगला नाम किसका मिटाया जाएगा।फिर था छोटा बेटा, अर्जुन। वह एक पा