अधिनियम ३: ---दृश्य १९ – आर्यव का ठिकाना | गुरुवार रात ११ बजेअंदर – गोवंडी की झुग्गी – रातएक छोटा-सा कमरा। दीवार पर मुंबई का नक्शा, उस पर लाल निशान। मेज पर हथियार रखे हैं – पिस्तौल, चाकू, गोलियां, ग्रेनेड। आर्यव मेज के सामने बैठा है, अपनी पिस्तौल साफ कर रहा है – धीरे-धीरे, ध्यान से, जैसे कोई पुजारी पूजा कर रहा हो।करीम कोने में बैठा है, उसे देख रहा है। उसके चेहरे पर डर और उत्सुकता दोनों हैं।करीम: (धीमे से)"कल रात है। चर्च में। तू अकेला जाएगा?"आर्यव: (बिना पिस्तौल से नज़र हटाए)"अकेला।"करीम: "मैं भी चलूंगा।"आर्यव: (अब करीम की ओर देखता