आमतौर पर सभी लेखक अपने आसपास के माहौल एवं चल रहे मौजूदा हालात से प्रेरित होकर अपनी कल्पनाशक्ति एवं कौशल के ज़रिए कुछ ना कुछ नया रचने का प्रयास करते हैं। वर्तमान में चल रही इन्हीं तात्कालिक घटनाओं से प्रेरित होकर "अगर मैं बोलूँगा" के नाम से लेखिका रचना का एक नया कहानी संग्रह आया है। सत्ता और समाज से टकराते आम आदमी की व्यथा, दुःख एवं हताशा को उकेरते इस कहानी संकलन की एक कहानी में मौजूदा व्यवस्था पर तंज कसा जाता दिखाई देता है। जिसमें नोटबंदी के दिनों में पैसे-पैसे को तरसते आम इनसानों की व्यथा को बखूबी व्यक्त