Episode 1: Seoul की रातें हमेशा चमकदार दिखती हैं—neon lights, glass buildings, luxury cars—लेकिन इन चमकती सड़कों के नीचे अंधेरा साँस लेता है।और उसी अंधेरे में खड़ा था Han Joon-Woo।Black tailored coat, हाथ में सिगरेट नहीं—क्योंकि वो कभी अपनी कमज़ोरियों को जलने नहीं देता था।उसकी आँखें…ठंडी।गहरी।ऐसी आँखें जो इंसान को देखती नहीं थीं—पढ़ लेती थीं।Han Group की 57वीं मंज़िल से नीचे देखते हुए उसने सिर्फ एक नाम सोचा—Yoon Ara.Ara उस रात भाग रही थी।न बारिश से।न किसी आदमी से।वो भाग रही थी अपने अतीत से।Seoul की एक संकरी गली में उसकी सांसें उखड़ रही थीं। हाथ काँप रहे थे। फोन स्क्रीन