Vulture - 7

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शीर्षक: वल्चर: मल्टीवर्स ऑफ़ मैडनेस — अराजकता का जन्म[दृश्य 1 – टूटता हुआ आकाश]रात के आकाश में असामान्य लहरें उठ रही हैं। शहर के ऊपर आसमान काँच की तरह चटकने लगता है। वल्चर (अर्जुन) एक ऊँची इमारत की छत पर खड़ा है।वल्चर:“मैंने हर बार दुनिया को बचाया है… आज क्यों आकाश मुझे दोषी ठहरा रहा है?”दूर से आर्यव्रत प्रकट होता है, उसके हाथ में आयाम-कोर चमक रहा है।आर्यव्रत:“मल्टीवर्स असंतुलित है। अगर कोर को अभी बंद नहीं किया गया… तो अनंत दरवाज़े खुलेंगे।”वल्चर (आक्रोश में):“हर बार ‘अभी’! हर बार ‘या तो सब खत्म’!आज मैं डर से नहीं… अपने भरोसे से उड़ूँगा।”वल्चर