Vulture - 4

शीर्षक: वल्चर – अँधेरे की उड़ानभाग 4: “छाया का षड्यंत्र”[दृश्य 1 – नगर का उत्सव, रात्रि]नगर के मुख्य चौक में रोशनी, संगीत और भीड़। लोग जीत के जश्न में झूम रहे हैं। मंच पर वल्चर की विजय के पोस्टर लगे हैं। अर्जुन दूर छाया में खड़ा है। उसके पास उसकी सहकर्मी और गुप्त प्रेम मीरा खड़ी है।मीरा (उत्साहित):“वल्चर ने हमारा शहर बचा लिया। काश मैं उसे सामने से देख पाती।”अर्जुन (मुस्कान दबाते हुए):“अगर मिल भी गया… तो शायद वह साधारण इंसान ही निकले।”मीरा:“नहीं… वह साधारण नहीं हो सकता। उसकी उड़ान में कुछ अपना-सा लगता है।”अर्जुन की आँखें भर आती हैं।[दृश्य