वासना दैत्य ही वासना देव है! - 1

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यह एक ऐसी महागाथा है जहाँ कामवासना केवल एक प्यास नहीं, बल्कि सृष्टि की सबसे शक्तिशाली ऊर्जा है। यह कहानी है एक ऐसे अवतार की, जो देव और दैत्य के अंशों से जन्मा है। इस दुनिया में नायक अपनी अदम्य काम-शक्ति के माध्यम से 112 चक्रों का भेदन करता है और 114 चक्रों तक पहुंच जाता हैं। यहाँ सुंदर स्त्रियों का संसर्ग केवल आनंद मात्र नहीं, बल्कि कुंडलिनी जागरण और तत्वबोध का मार्ग है। हर मिलन के साथ दिव्य शक्तियों का उदय होता है, जो स्वर्ग, पाताल और ब्रह्म लोक की सीमाओं को हिला देता है। जहाँ एक ओर वासना