मैं जिंदा हूं

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"कितनी बार कहा है, मनहूस,कलमुंही, घर से कोई शुभ काम को बाहर जाए तो सामने मत पड़ा कर आज फिर हेमंत नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जा रहा था। वह जब भी जाता, मा के पैर छूकर आशीर्वाद लेकर जाता। पर अभी तक सफलता नहीं मिली थी। और आज उसने सोचा था। क्या फ़ायदा बार बार इंटरव्यू का जब सफलता ही नहीं मिलती।और आज वह जाना नहीं चाहता था। पर न जाने क्या सोचकर चल दिया। और वह घर से निकलता की उसके सामने नीतू आ गई।और उसे देखते ही  सरला ने पिटारा खोल दिया। उसे कोसने का वह कोई भी