विवेक और प्रज्ञाआश्रम के प्रवेश द्वार के पास बने आगंतुक कक्ष में विवेक के पहचान पत्र की जांच की गई। विवेक को इस आश्रम में पहुंचकर एक दिव्य शांति का अनुभव हुआ। थोड़ी देर बाद एक साधक पास आया।उसने विवेक को पूरे आश्रम क्षेत्र का भ्रमण कराया। इस आश्रम के लगभग हर क्षेत्र से पार्श्व में हिमालय पर्वत दिखाई देता है।अब शाम होने वाली है और धीरे-धीरे हिमालय के श्वेत धवल शिखर एक गहरे स्याह आवरण में परिवर्तित हो रहे हैं। हिमालय क्षेत्र की ठंडक अब धीरे-धीरे तीव्रता से महसूस हो रही है।पहाड़ों के मध्य एक स्थान पर विशाल साधना