राजा और रैंचो

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राजा और रैंचो ---अध्याय 1 – एक अनोखी मुलाकातमुंबई की हलचल भरी सड़कों पर, एक ऐसा इंसान रहता था जो समस्याओं को सुलझाने में उस्ताद माना जाता था—डिटेक्टिव राजा।राजा अपनी तेज दिमाग, शांत स्वभाव और गुस्से को काबू में रखने की कला के लिए मशहूर था।लेकिन राजा की जिंदगी में असली मोड़ एक ऐसे साथी के आने से हुआ, जिसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकता था।वह दिन बारिश का था। राजा एक पुराने केस से लौट रहा था। तभी उसने बांद्रा के सिग्नल के पास देखा—एक छोटा सा बंदर, जिसकी एक आँख चमकदार, समझदार और बेहद शरारती लग रही थी।बंदर