नयी राह

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नयी राह Hindi Kahani • लगभग 1500 शब्दलेखक – Vijay Sharma Erry---शाम का सूरज गाँव धनपुरा की पगडंडी पर अपने सुनहरे रंग बिखेर रहा था। हवा में सरसों के फूलों की महक घुली हुई थी। इसी पगडंडी पर तेज़-तेज़ कदमों से चल रही थी सोनाली, बी.ए. फाइनल ईयर की छात्रा—पर उससे कहीं ज़्यादा, सपनों से भरी एक लड़की।सोनाली का परिवार बहुत साधारण था—पिता हरबंस लाल गाँव की छोटी-सी किराना दुकान चलते थे, और माँ सीता देवी एक गृहिणी। दोनों चाहते थे कि सोनाली पढ़-लिखकर अपनी दुनिया बनाए, पर गाँव की पुरानी सोच अक्सर उनके सपनों पर पहरे बैठा देती थी।आज कॉलेज