जयकिशन

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जयकिशनलेखक राज फुलवरेप्रस्तावनाएक शांत और सुंदर गाँव था—निरभ्रपुर। गाँव छोटा था, लेकिन यहाँ के लोगों के दिल बहुत बड़े थे। इसी गाँव में दो मित्र रहते थे—जय और किशन।दोनों का परिवार, दोनों की संपत्ति, और दोनों की सामाजिक स्थिति लगभग एक जैसी थी…लेकिन इनके स्वभाव में आसमान–जमीन का फर्क था।किशन था दयालु, विनम्र, प्रेम से भरा हुआ।और जय था कठोर, लोभी, क्रूर और गुस्सैल।फिर भी दोनों बचपन से जिगरी दोस्त थे।---भाग 1 — दो मित्र, दो रास्तेगाँव वाले जब भी किशन को देखते, चेहरे पर अपने आप मुस्कान आ जाती।किसान रामदास पास आकर बोले—“किशन बाबा, आपसे जो मदद माँगते हैं,