यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (29)

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                      : : प्रकरण -29 :         ललना ने मेरी जेब से आधे से ऊपर पैसे निकाल दिये थे. यह जानकर मुझे बड़ा झटका लगा था.         मैं तुरंत आवास में गया था. तब वहाँ का नक्शा बदला हुआ था. उस रूम में एक आदमी बैठा था. जो कोई मेहमान होने का एहसास दिला रहा था.        और एक दूसरा व्यकित जो पुरुष था जिस ने ऊपर कुछ नहीं पहना था और उस की छाती स्त्री जैसी थी. वह उस आदमी की चाय नास्ते