यशस्विनी - 17

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लघु उपन्यास यशस्विनी: अध्याय 17 : खतरे का कुछ क्षण पहले ही पूर्वानुमानयशस्विनी ने असहज स्थिति से निपटने के उपाय बताने के क्रम में आगे कहा: - " हां अवश्य, क्यों नहीं काम आएंगे?"" उदाहरण के लिए अगर उन अपराधियों के पास पिस्टल होती और वे मुझे पिस्टल के पॉइंट पर ले लेते तो थोड़ी दूरी से निशाना लगाए जाने की स्थिति में मेरा मार्शल आर्ट क्या कर पाता?.... इसके अलावा अगर उन्होंने घात लगाकर मुझ पर हमला किया होता...पहले मैंने उन्हें दूर से भी नहीं देखा होता….. अचानक वे मेरे पीछे आकर प्रहार करते और मैं असावधान सी उनके हमले