श्री बप्पा रावल - 11 - मित्रघात

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दशम अध्याय मित्रघातमहिष्कपुर में शिवादित्य एक-एक पल्लव विद्रोही को ढूंढ ढूंढकर समाप्त करता रहा। इधर महाराज नागादित्य ने नागदा की सुरक्षा व्यवस्था को दृढ़ किया और अपने परिवार समेत अमरनाथ की यात्रा की ओर चल पड़े। योजनानुसार विष्यन्त ने अपनी पत्नी और बच्चों को भी उनके साथ भेज दिया।जिस दिन नागदा नरेश अमरनाथ से अपने राज्य लौटने वाले थे, उससे ठीक एक दिवस पूर्व की रात्रि विष्यन्त ने नागदा से चित्तौड़ आए मेवाड़ के मुट्ठीभर सैनिकों को एकत्रित किया और उन्हें लेकर गुप्त कन्दराओं से होकर भीलों के क्षेत्र में पहुँचा। बहुत से भील गहन निद्रा में थे, और कुछ बाहर