राम रचि राखा - 6 - 6

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राम रचि राखा (6) अभी शाम होने में लगभग घंटा-डेढ़ घंटा बाकी था। परन्तु दोपहर की बरसात ने मौसम सुहाना कर दिया था। हवा में थोड़ी शीतलता आ गयी थी। बब्बन पांडे, सिराहू सिंह और राम आधार पांडे के अलावा गाँव के दो-एक और माननीय लोग संकठा सिंह के द्वार पर नीम के पेड