अंतिम यात्रा

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जामा मस्जिद की सीढ़ियों पर तहबाजारी लगाते हुए इतने साल गुजर गए।कितने राजा आए और चले गए।नेहरू जैसा दयानतदार शख्स न कभी आया न आएगा।उसकी लड़की इंदिरा गांधी एक अहंकारी शासक से ज्यादा कुछ न बन सकी।अब वालों की बात मत पूछो,अब वालों का नाम लेना तो अपनी जुबान खराब करना है।कैसे कैसे लोग तो कुर्सी पर काबिज हैं।कभी मसखरे तो कभी दुर्दांत हत्यारे!जनता कोल्हू के बैल में जुती सिर उठाकर भी न देखती कि उनके सिर पर डंडा लेकर खड़ा शख्स कौन है?उन्हें इस जीवन में कोल्हू से कैसे भी छुटकारा नहीं।कभी जोश और जवानी दोनों थे तो सीढियां