रात ११ बजे के बाद ‌‌‌‌--भाग ६

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अब उनकी अस्थियों संगम में विर्सजित करके तुम अपना फर्ज पूरा करो ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके। रवि अपना सारा भेद खुल जाने के बाद अपना अपराध स्वीकार कर लेता है एवं विस्तारपूर्वक पुलिस को सबकुछ बताता है। वह कहता है कि आनंद एक उद्योगपति व संपन्न व्यक्ति है। उन्होने पाँच वर्ष पूर्व एक बंगला मसूरी में खरीदा था। जिसमें वे साल के तीन चार माह रहते थे। मसूरी क्लब में उनकी मुलाकात शमशेर सिंह नामक एक नामी गिरामी व्यक्ति से हुई थी जिनके सेब के बगीचे थे वे आपस में एक दूसरे के करीबी मित्र बन गये