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ज्यादा बदलाव चाहोगे तो पीट दिये जाओगे (जुलाई २०१९)
by महेश रौतेला
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जुलाई २०१९१.ज्यादा बदलाव चाहोगे तोपीट दिये जाओगे,अधिक परिवर्तन चाहोगे तोमार दिये जाओगे,बहुत सुधार चाहोगे तोजेल भेज दिये जाओगे!मांगने पर कौरवों नेपाँच गांव भी नहीं दिये थे,और तुम जनता के ...

इन्कार
by Mukteshwar Prasad Singh
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                    इन्कार​आज राजा देवकीनन्दन एण्ड डायमंड जुबली महाविद्यालय ,मुंगेर के कैम्पस में नयी चहल-पहल थी। ऐसी चहल पहल प्रायः प्रतिवर्ष ...

કઠપૂતલી - 9
by SABIRKHAN
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ખટપટિયા કરણદાસની યુવાન વિઘવા વાઈફને સાંત્વના દઈ હોસ્પિટલ તરફ રવાના થયો.ત્યારે ખટપટિયાના દિમાગમાં કંઈક ખટકી રહ્યુ હતુ. કરણદાસની યુવાન વિધવાનુ રૂદન એને પૂર્વનિયોજિત ડ્રામા જ લાગ્યુ.એ જરૂર કરતાં વધારે ચાલાક ...

बरसात के दिन - 3
by Abhishek Hada
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अभी तो काॅलेज में आये दो दिन भी नही हुए और कोई लड़की भी पटा ली क्या ? - राकेश ने पूछाअरे नही यार ! तुझे कल बताया था ...

भूमिजा - 2
by Meena Pathak
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फुलमतिया उर्मिला देवी की खास परजा थी वह लगभग रोज ही आती और घर के अनेक छोटे बड़े कार्यों के साथ उनकी सेवा भी कर जाती बदले ...

वेडिंग कार्ड
by Swatigrover
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नैना  को  किसी ने मार दिया था। उसकी खून से  लथपथ  लाश लोगों  को कहने पर  मजबूर कर रही थी  कि  'क्या  अन्याय  है! दस  दिन बाद  इसकी  शादी  थी  ...

कलर-ब्लाइण्ड
by प्रियंका गुप्ता
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वह कलर-ब्लाइण्ड था। आम भाषा में कहा जाए तो वह रंगों को ठीक से पहचान नहीं पाता था...खास तौर से लाल और हरे में अन्तर करना उसके लिए मुश्किल ...

आमची मुम्बई - 14
by Santosh Srivastav
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गिरगाँव चौपाटी से मालाबार हिल की चढ़ाई बाबुलनाथ से शुरू होती है व्हाईट हाउस, वालकेश्वर, बाणगंगा, राजभवन..... राजभवन पहुँचकर मालाबार हिल का एक कोना समाप्त हो जाता ...

कमसिन - 3
by Seema Saxena
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वो सड़क तक ही पहुची थी कि फिर से रवि का फोन आ गया ! घर से निकल कर सड़क तक आ गयी हूँ ! ठीक है आप वहीँ ...