लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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विज्ञान की कहानियाँ By DR JAGDISH LACHHANI

विज्ञान की कहानियाँ डाॆ. जगदीश लछाणी © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusive digital publishing rig...

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लोकेश तुम कहाँ हो By Ramesh Khatri

कहानी लोकेष तुम कहाँ हो ? रमेष ख़त्री 9414373188 मेरी मुलाक़ात बैंक के अहाते में हुई थी । मैं भी उन दिनों इस षहर में नया था, मेरी यहाँ पहली पोस्टिंग थी और इस षहर में किसी को जानता नह...

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महायात्रा By Ramesh Khatri

कहानी महायात्रा रमेष खत्री मो. 09414373188 ‘हे राम....! हे....राम.......' की कराहटोें के साथ सुबह होती , यह सब पिछले तीन महिनों से चल रहा है; पर उस दिन मन उदास हो गया, अभी तक स...

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काइयाँ By Ramesh Khatri

कहानी रमेष खत्री 9414373188 काइयाँ आज फिर दफ्तर पहुँचने में देर हो गई । रामदीन के साथ अक्सर ऐसा होता है । वह रोज़ सोचता है, ‘आज देर हो गई सो हो गई, पर कल तो जरूर अपने निर्धारित समय...

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जूते By Ramesh Khatri

कहानी रमेष खत्री 9414373188 जूते ‘‘माॅँॅं....मॉँ....मुझे भी जूते चाहिये'' रामू ज़िद करते हुए अपनी माॅँं के सामने फैल गया, पिछले कई दिनों से वह अपने लिये जूतों की ज़िद कर रहा...

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एक अधेड़ प्रेमकथा By Ramesh Khatri

कहानी रमेष खत्री 9414373188 एक अधेड़ प्रेमकथा जब मैं इस ऑफिस में स्थानान्तरित होकर आया तभी उससे मेरी मुलाकात हुयी, वैसे यह षहर मेरे लिए एकदम नया है, यह अलग बात है कि ‘इस षहर में आने...

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धन्धे का समय By Ramesh Khatri

कहानी रमेष खत्री धन्धे का समय 09414373188 एक झटके के साथ बस चल पड़ी । बस के चलते ही सब कुछ चलायमान हो गया । बस में बैठे यात्री धक्का मुक्की छोड़कर अपने आस पास ही जगह की जुगाड़ में जुट...

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सर क्रिस्टोफर ली: शायद इसे ही कहते हैं एक युग का अंत! By Prabhu Jhingran

lj fØLVksQj yh % “kk;n bls gh dgrs gSa ,d ;qx dk var! VsyhxzkQ esa Nih ,d NksVh lh [kcj ds vuqlkj fczrkuh flusek ij lkr ls vf/kd n”kdksa rd jkt djus okys egkure vfHkusrk lj fØLVksQ...

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रेडियो पत्रकारिता By Sanjay Kumar

रेडियो पत्रकारिता विशाल पब्लिकेशन पटना,दिल्ली ISBN : 978-81-89327-88-7 मूल्यः 75 रूपये कॉपी राइट : संजय कुमार प्रथम संस्करण : 2011 प्रकाशक : विशाल पब्लिकेशन , कैलाश मार्केट, दरियाप...

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इन्तज़ार By Ramesh Khatri

कहानी रमेष खत्री 09414373188 इन्तज़ार पानी की बूंदे झोपड़ी की टीन पर अनवरत गिर रही है , टीन पर हो आये सुराखों के कारण बारिष की बूदें झोपड़ी में घुस आईं । काफी देर से ऐसा अहसास हो रहा...

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रिटायरमेन्ट By Ramesh Khatri

कहानी रिटायरमेन्ट रमेष खत्री 09414373188 पौधों में पानी देते हुए आज अचानक उनकी आँखें नम हो गई, ज़िन्दगी के इस पड़ाव पर आकर उनकी आँखों का इस तरह से नम होना खटकने वाली बात है । पानी के...

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मूक फिल्मों का शुरूआती दौर और ग्लैमर का तड़का By Prabhu Jhingran

मूक फिल्मों का शुरूआती दौर और ग्लैमर का तड़का संवादरहित फिल्मों का प्रारम्भिक दौर बड़ा रोमांचक और विस्मय का गवाह रहा है दुर्भाग्य से इस दौरान बनी ज्यादातर फिल्में आज उपलब्ध नहीं हैं...

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मूक फिल्मो की विदेशी) भारतीय नायिकाएं By Prabhu Jhingran

सिनेमा की पहली महिला फिल्म निर्देशक अभी 4-6 साल पहले तक अखबारों में इस आशय की खबरें लोगों को आकर्षित करती थीं कि फलां महिला मुम्बई की पहली टैक्सी ड्राइवर होगी या फिर फलां महिला पहल...

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प्रदीप कृत लघुकथाओं का संसार, भाग-1 By Pradeep Kumar sah

लघुकथाएँ
"तुमसे सलाह लेना ही मुर्खता है. पगला कहीं के...."कहते हुए रवि पुन: रोने लगा. मिलने का समय समाप्त हो गया था. प्रहरी उसे अंदर ले गया. भोला लौट गया,उसे अपने मित्र की...

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विज्ञान की कहानियाँ By DR JAGDISH LACHHANI

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लोकेश तुम कहाँ हो By Ramesh Khatri

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महायात्रा By Ramesh Khatri

कहानी महायात्रा रमेष खत्री मो. 09414373188 ‘हे राम....! हे....राम.......' की कराहटोें के साथ सुबह होती , यह सब पिछले तीन महिनों से चल रहा है; पर उस दिन मन उदास हो गया, अभी तक स...

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काइयाँ By Ramesh Khatri

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जूते By Ramesh Khatri

कहानी रमेष खत्री 9414373188 जूते ‘‘माॅँॅं....मॉँ....मुझे भी जूते चाहिये'' रामू ज़िद करते हुए अपनी माॅँं के सामने फैल गया, पिछले कई दिनों से वह अपने लिये जूतों की ज़िद कर रहा...

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एक अधेड़ प्रेमकथा By Ramesh Khatri

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धन्धे का समय By Ramesh Khatri

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रेडियो पत्रकारिता By Sanjay Kumar

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मूक फिल्मों का शुरूआती दौर और ग्लैमर का तड़का By Prabhu Jhingran

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