लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • कसक

    कसक

    सरला नामक एक गृहिणी की संवेदनशील कहानी

    अपने बेटे और अपनी बहु के साथ...

  • सहाब तो सहाब ही हैं

    कथा संग्रह साहब तो साहब ही हैं रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म ति...

  • बबूल

    कहानी बबूल रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म तिथि ः 06.01.1951 जन्म...

कसक By Ajay Kumar Sharma

कसक

सरला नामक एक गृहिणी की संवेदनशील कहानी

अपने बेटे और अपनी बहु के साथ किस तरह पूरे घर को अपनी समजदारी से निभाती है

माँ का फ़र्ज़ किस तरह निभाती है
बेटा अपनी गलती मान...

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Ek prajati huaa karati thi Jaat By Sandeep Meel

एक प्रजाति हुआ करती थी—जाट ‘‘प्रेम को फांसी दे दो।'' ‘‘प्रेम करने वालों को फांसी दे दो।'' ‘‘संदीप मील को भी फांसी दे दो।'' ‘‘संदीप मील को फांसी क्यों ?'...

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ईमर्जेन्सी लाईट By Sandeep Meel

एमर्जेंसी लाईट संदीप मील एक बार अलवर से बेवजह ही दो लेखक दिल्ली की तरफ चल पड़े। शीतकालीन अवकाश से पहले वाले दिन जब वे कॉलेज से बाहर निकलकर बस स्टैण्ड के सामने से गुजर रहे थे तो अचान...

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सहाब तो सहाब ही हैं By Ratan Verma

कथा संग्रह साहब तो साहब ही हैं रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म तिथि ः 06.01.1951 जन्म स्थान ः दरभंगा प्रकाशन (पत्रिकाओं में) : हंस, धर्मयुग, इंडिया टुडे, सारिका, आजक...

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सत्य हरिश्चन्द्र - 2 By Bhartendu Harishchandra

स्थान राजा हरिश्चन्द्र का राजभवन।
रानी शैव्या1 बैठी हैं और एक सहेली2 बगल में खड़ी है।
रा. : अरी? आज मैंने ऐसे बुरे-बुरे सपने देखे हैं कि जब से सो के उठी हूं कलेजा कांप रहा है। भग...

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कोकिलाशास्त्र By Sandeep Meel

न चिड़ियों की आवाज रही और न हवा की सनसनाहट। अब न फूल खिलते हैं और न ही आंधियों में पीपल की टहनियां झुककर जमीन को सलाम करती हैं। लोगों के कानों को मोर की आवाज और पपीहे की किलकारी में...

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दो कहानियाँ By Arvind Kumar

प्रतीकों के माध्यम से रची गयी ये दोनों कहानियाँ आज के समय की परतों को बखूबी खोलने का प्रयास करती हैं. मुझे विश्वास है कि मेरी ये दोनों कहानियाँ ख़त्म होने के बाद भी आपको देर तक झकझो...

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कहानियां जो कभी खत्म नहीं होतीं By Sanjeev Chandan

यह कहानी कई सच्ची कहानियों का पुनर्कथन है . पात्र काल्पनिक से अधिक वास्तविक हैं.

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बबूल By Ratan Verma

कहानी बबूल रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म तिथि ः 06.01.1951 जन्म स्थान ः दरभंगा प्रकाशन (पत्रिकाओं में) : हंस, धर्मयुग, इंडिया टुडे, सारिका, आजकल, समकालीन भारतीय सा...

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वंश By Ajay Kumar Sharma

वंश

प्रपोत्र की इच्छा रखनेवाली और सत्तर वसंत पार कर चुकी वृन्दा नामक एक महिला की कहानी

वृन्दा की बहु द्वारा बेटे की जगह बेटी का पैदा होना - अमरिका मैं रहते वृन्दा के बेटे...

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अखबार By Surjeet Singh

स्वार्थ की दुनिया में दरकते रिश्तों की कहानी, जिसमें एक बाप कैसे अपने पुत्रों के बीच बांट लिया जाता है। जिस बुढ़ापे में उसे आराम और सुकून की जरूरत होती है, वहां पुत्र अपने-अपने काम...

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धोखा By Dharmendra Nirmal

धोखा (कहानी) चैत का महीना । तेज धूप। दिन किसी छॉव की तलाष में हॉफता फड़फड़ाता इधर उधर भाग —दौड़ — भटक रहा है। घड़ी की सुई दो से तीन को छूने की फिराक में बच्चो की तरह बार —बार उचक रही ह...

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We Shmashan Ki raaten By Sandeep Meel

रात के तीसरे पहर तनसुख ने आखिरी बार नींद लेने की नाकाम कोषिष की। वह चाहता था कि सारे दुख-दर्द भूलकर घंटेभर की नींद आ जाये तो जींदा रहा जा सकता है। अन्यथा तो दर्द से सर फलभर में फटन...

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तीन खबरें By Sandeep Meel

सेठ गंगाप्रसाद की हवेली के पिछवाडे में एक छोटा सा बगीचा था, जिसे सेठ गुप्त और व्यक्तिगत मसलो के लिए इस्तेमाल करता था। सेठ का मानना था कि यह दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह है, जहां परि...

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zadoo ka gulaab nabi By Sandeep Meel

डाॅक्टरों की तमाम कोषिषों के बावजूद भी गुलाब नबी की तबीयत लगातार गिरती जा रही थी। सब जतन हो गये लेकिन बिमारी थी कि पकड़ में ही नहीं आ रही। डाॅक्टर दवा दे सकते हैं, आॅपरेषन कर सकते ह...

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Baki Masale By Sandeep Meel

हवाओं के झोके उधर से इधर आते और चंद पलों में ही धोरों की शवलें बदल जाती न जाने विभाजन के बाद कितने रेट के कण, परिंदे, इंसानी जज्बात और दुआएं सरहद को बेमानी करती हुई उधर से इधर और...

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मौसम By Arvind Kumar

ख़राब मौसम...दो युवा...एक स्त्री और एक पुरुष...एक ही कमरे में...अकेले...अतीत का साया...यादों के बवंडर...और काटने को पूरी एक रात...साथ-साथ...

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इतिहास में नाम By Sandeep Meel

विश्वविद्यालय की कैंटीन की एक मेज पर कुछ गंभीर बातें हो रही थी ये बातें इस अर्थ में गंभीर कही जा सकती है कि मेज पर झुके आठ चेहरों पर तनाव था असल में वे इस कैम्पस में कुछ करना चाह...

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Khot By Sandeep Meel

मेरे एक बहुत ही अजीज़ दोस्त की शादी थी अजीज़ इस लिए था कि मुझे ज्ञान बखेरने का दौरा पड़ता तो वो एक मासूम बच्चे की तरह श्रोता मिल जाता वो मुझे सहन करता था या मैं उसे, यह तो अभी तक तय न...

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भय के भूत By Nirmal Gupta

परीक्षा आने से पहले विद्यार्थियों की मनोस्थिति को दर्शाता सुंदर लेख...

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शिक्षाप्रद कहानी By Nirmal Gupta

शिक्षाप्रद कहानी... सुंदर कहानी का लुफ्त उठायें..

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रामकीरत की रीढ By Pramod Ranjan

एक मीडिया संस्‍थान में काम करने वाले रामकीरत की कहानी, जिसे एक दिन अचानक महसूस होता है कि उसकी रीढ गायब हो गयी है।

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अपना अपना कोना By Neelima Sharrma Nivia

पति पत्नी उम्र भर लड़ते झगड़ते हुए जीवन बिता देते | एक दुसरे की हर बात सह लेते लेकिन सबक अपनी हो संतान सिखाती हैं | तब जाग उठ'ता हैं आत्मसम्मान .और अपनी स्त्री को उसका सम्मान ल...

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ख्वाहिशों का संकल्प By संजना तिवारी

देखो, सीमा एक बार नहीं हजार बार मैं कह चुका हूँ तुम्हारी ये जिद पूरी नहीं होनेवाली। समझी तुम? और आज के बाद इस बारे में मैं कोई बात नहीं करना चाहता। इज दैट क्लियर! अविनाश ने कठोरता...

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चिपकी चमेली By संजना तिवारी

उदासियों का पीपल अपनी शाखाएँ बढ़ाता जा रहा था और आक्सीजन की कमी उसे तड़पाने लगी थी । जीवन ने एक बार फिर उसे लड़खड़ाते कदमों के सहारे छोड़ दिया था । पहले घर छूटा ....फिर राज्य....साथ ही...

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Y – क्यों By संजना तिवारी

कई दिनो बाद आज भीनी-भीनी सी धूप खिली थी और ठंडी हवाओं का ज़ोर भी कुछ कम था । इंस्पेक्टर आशीष से मिलने का इरादा करके मैं गोलघर थाने जा पहुँचा ।

गुड मॉर्निंग इंस्पेक्टर आशीष...

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अजब-गजब हिन्दुस्तान By Anami Sharan Babal

स्वच्छ भारत मुहिम के बावजूद सफाई के मामले में हम अभी बहुत पीछे है, लेकिन हमारे देश में एक ऐसा भी गांव है जो शायद सबसे साफ़ सुथरा गांव है। इस गांव को भगवान का अपना बगीचा कहा जाता है...

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जिन्दगी --- एक दिन By Upasna Siag

ओह ! आज फिर ताले टूटे हैं ! ना जाने क्या मिलता है लोगों को, स्कूल बंद हो जाने के बाद यहाँ के शौचालय इस्तेमाल किस लिए करते हैं ! वह खुद से सवाल से कर रही थी। तेज़ गंध बदबू से मित...

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Jayshankar ki kahaniya By Jayshankar Prasad

जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusive digital publishing...

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उस रात की गंध By dhirendraasthana

कहानी उस रात की गंध धीरेन्द्र अस्थाना लड़की मेरी आंखों में किसी अश्लील इच्छा की तरह नाच रही थी। ‘पेट्रोल भरवा लें।‘ कह कर कमल ने अपनी लाल मारुति जुहू बीच जाने वाली सड़क के किनारे बने...

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अपनी दुनिया By dhirendraasthana

कहानी अपनी दुनिया धीरेन्द्र अस्थाना एक खूबसूरत और सुसंस्कृत शहर। शहर के सुन्दर बंगले और सभ्य लोग। लोगों का उच्चस्तरीय सौन्दर्यबोध और नफासत। नफासत की शानदार जगहें और जगहों में बसे ह...

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जन्मभूमि By dhirendraasthana

कहानी जन्मभूमि धीरेन्द्र अस्थाना (यह रचना है, कहानी नहीं। कहानी होने के लिए जो केंद्रीय कथ्य, पठनीयता, सुसंबद्ध घटनाक्रम, सुचिंतित समाधान या दावा चाहिए वह इसमें नहीं है। ये सब ‘नही...

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खुल जा सिमसिम By dhirendraasthana

कहानी खुल जा सिमसिम धीरेन्द्र अस्थाना के. आ रही थी। मेज पर उसका पत्र खुला पड़ा है। वही लिखावट है जिसे मैं आंखें बंद कर उंगलियों के स्पर्श मात्र से पहचान सकता हूं। बिना कॉमे, फुलस्टॉ...

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प्रदीप कृत लघुकथाओं का संसार, भाग-2 By Pradeep Kumar sah

"संसार में बहूत एक-दूसरे से छल-कपट रचते रहते है. जो थोड़े सीधे-सादे लोग है उनके जीवन काफी संघर्षमय हैं." "संघर्षमय ही तो है, नामुमकिन नही. यदि वैसा होता तो वैसे जीवन का विकल्प चुनने...

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आकाश पर मत थूको By Sanjay Kumar

आकाश पर मत थूको • संजय कुमार • • कहानी — आकाश पर मत थूको • वर्तमान साहित्य—कमलेश्वर कहानी पुरस्कार—2008 में चयनित एवं प्रकाशित • / संजय कुमार ‘‘आकाश पर मत थूको'' संजय कुमार...

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यह कैसी दीपावली ? By Tamanna Matlani

यह कैसी दीपावली ? तमन्ना मतलानी Email : tamannamatlani@gmail.com © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned & uthor & s well & s Matrubharti. Matrubharti has ex...

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आखिर दोषी कौन By Tamanna Matlani

आखिर दोषी कौन....... ? आज राह चलते जब अचानक ज्योति से मेरी मुलाकात हुई तो उसका मुरझाया और बेरंग चेहरा देखकर मैं हत्‌प्रभ रह गई । पूछने पर उसने बताया कि उसका पति किसी दूसरी नारी के...

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कसक By Ajay Kumar Sharma

कसक

सरला नामक एक गृहिणी की संवेदनशील कहानी

अपने बेटे और अपनी बहु के साथ किस तरह पूरे घर को अपनी समजदारी से निभाती है

माँ का फ़र्ज़ किस तरह निभाती है
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Ek prajati huaa karati thi Jaat By Sandeep Meel

एक प्रजाति हुआ करती थी—जाट ‘‘प्रेम को फांसी दे दो।'' ‘‘प्रेम करने वालों को फांसी दे दो।'' ‘‘संदीप मील को भी फांसी दे दो।'' ‘‘संदीप मील को फांसी क्यों ?'...

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ईमर्जेन्सी लाईट By Sandeep Meel

एमर्जेंसी लाईट संदीप मील एक बार अलवर से बेवजह ही दो लेखक दिल्ली की तरफ चल पड़े। शीतकालीन अवकाश से पहले वाले दिन जब वे कॉलेज से बाहर निकलकर बस स्टैण्ड के सामने से गुजर रहे थे तो अचान...

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सहाब तो सहाब ही हैं By Ratan Verma

कथा संग्रह साहब तो साहब ही हैं रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म तिथि ः 06.01.1951 जन्म स्थान ः दरभंगा प्रकाशन (पत्रिकाओं में) : हंस, धर्मयुग, इंडिया टुडे, सारिका, आजक...

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सत्य हरिश्चन्द्र - 2 By Bhartendu Harishchandra

स्थान राजा हरिश्चन्द्र का राजभवन।
रानी शैव्या1 बैठी हैं और एक सहेली2 बगल में खड़ी है।
रा. : अरी? आज मैंने ऐसे बुरे-बुरे सपने देखे हैं कि जब से सो के उठी हूं कलेजा कांप रहा है। भग...

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कोकिलाशास्त्र By Sandeep Meel

न चिड़ियों की आवाज रही और न हवा की सनसनाहट। अब न फूल खिलते हैं और न ही आंधियों में पीपल की टहनियां झुककर जमीन को सलाम करती हैं। लोगों के कानों को मोर की आवाज और पपीहे की किलकारी में...

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दो कहानियाँ By Arvind Kumar

प्रतीकों के माध्यम से रची गयी ये दोनों कहानियाँ आज के समय की परतों को बखूबी खोलने का प्रयास करती हैं. मुझे विश्वास है कि मेरी ये दोनों कहानियाँ ख़त्म होने के बाद भी आपको देर तक झकझो...

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कहानियां जो कभी खत्म नहीं होतीं By Sanjeev Chandan

यह कहानी कई सच्ची कहानियों का पुनर्कथन है . पात्र काल्पनिक से अधिक वास्तविक हैं.

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बबूल By Ratan Verma

कहानी बबूल रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म तिथि ः 06.01.1951 जन्म स्थान ः दरभंगा प्रकाशन (पत्रिकाओं में) : हंस, धर्मयुग, इंडिया टुडे, सारिका, आजकल, समकालीन भारतीय सा...

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वंश By Ajay Kumar Sharma

वंश

प्रपोत्र की इच्छा रखनेवाली और सत्तर वसंत पार कर चुकी वृन्दा नामक एक महिला की कहानी

वृन्दा की बहु द्वारा बेटे की जगह बेटी का पैदा होना - अमरिका मैं रहते वृन्दा के बेटे...

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अखबार By Surjeet Singh

स्वार्थ की दुनिया में दरकते रिश्तों की कहानी, जिसमें एक बाप कैसे अपने पुत्रों के बीच बांट लिया जाता है। जिस बुढ़ापे में उसे आराम और सुकून की जरूरत होती है, वहां पुत्र अपने-अपने काम...

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धोखा By Dharmendra Nirmal

धोखा (कहानी) चैत का महीना । तेज धूप। दिन किसी छॉव की तलाष में हॉफता फड़फड़ाता इधर उधर भाग —दौड़ — भटक रहा है। घड़ी की सुई दो से तीन को छूने की फिराक में बच्चो की तरह बार —बार उचक रही ह...

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We Shmashan Ki raaten By Sandeep Meel

रात के तीसरे पहर तनसुख ने आखिरी बार नींद लेने की नाकाम कोषिष की। वह चाहता था कि सारे दुख-दर्द भूलकर घंटेभर की नींद आ जाये तो जींदा रहा जा सकता है। अन्यथा तो दर्द से सर फलभर में फटन...

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तीन खबरें By Sandeep Meel

सेठ गंगाप्रसाद की हवेली के पिछवाडे में एक छोटा सा बगीचा था, जिसे सेठ गुप्त और व्यक्तिगत मसलो के लिए इस्तेमाल करता था। सेठ का मानना था कि यह दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह है, जहां परि...

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zadoo ka gulaab nabi By Sandeep Meel

डाॅक्टरों की तमाम कोषिषों के बावजूद भी गुलाब नबी की तबीयत लगातार गिरती जा रही थी। सब जतन हो गये लेकिन बिमारी थी कि पकड़ में ही नहीं आ रही। डाॅक्टर दवा दे सकते हैं, आॅपरेषन कर सकते ह...

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Baki Masale By Sandeep Meel

हवाओं के झोके उधर से इधर आते और चंद पलों में ही धोरों की शवलें बदल जाती न जाने विभाजन के बाद कितने रेट के कण, परिंदे, इंसानी जज्बात और दुआएं सरहद को बेमानी करती हुई उधर से इधर और...

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मौसम By Arvind Kumar

ख़राब मौसम...दो युवा...एक स्त्री और एक पुरुष...एक ही कमरे में...अकेले...अतीत का साया...यादों के बवंडर...और काटने को पूरी एक रात...साथ-साथ...

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इतिहास में नाम By Sandeep Meel

विश्वविद्यालय की कैंटीन की एक मेज पर कुछ गंभीर बातें हो रही थी ये बातें इस अर्थ में गंभीर कही जा सकती है कि मेज पर झुके आठ चेहरों पर तनाव था असल में वे इस कैम्पस में कुछ करना चाह...

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Khot By Sandeep Meel

मेरे एक बहुत ही अजीज़ दोस्त की शादी थी अजीज़ इस लिए था कि मुझे ज्ञान बखेरने का दौरा पड़ता तो वो एक मासूम बच्चे की तरह श्रोता मिल जाता वो मुझे सहन करता था या मैं उसे, यह तो अभी तक तय न...

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भय के भूत By Nirmal Gupta

परीक्षा आने से पहले विद्यार्थियों की मनोस्थिति को दर्शाता सुंदर लेख...

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शिक्षाप्रद कहानी By Nirmal Gupta

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रामकीरत की रीढ By Pramod Ranjan

एक मीडिया संस्‍थान में काम करने वाले रामकीरत की कहानी, जिसे एक दिन अचानक महसूस होता है कि उसकी रीढ गायब हो गयी है।

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अपना अपना कोना By Neelima Sharrma Nivia

पति पत्नी उम्र भर लड़ते झगड़ते हुए जीवन बिता देते | एक दुसरे की हर बात सह लेते लेकिन सबक अपनी हो संतान सिखाती हैं | तब जाग उठ'ता हैं आत्मसम्मान .और अपनी स्त्री को उसका सम्मान ल...

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ख्वाहिशों का संकल्प By संजना तिवारी

देखो, सीमा एक बार नहीं हजार बार मैं कह चुका हूँ तुम्हारी ये जिद पूरी नहीं होनेवाली। समझी तुम? और आज के बाद इस बारे में मैं कोई बात नहीं करना चाहता। इज दैट क्लियर! अविनाश ने कठोरता...

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चिपकी चमेली By संजना तिवारी

उदासियों का पीपल अपनी शाखाएँ बढ़ाता जा रहा था और आक्सीजन की कमी उसे तड़पाने लगी थी । जीवन ने एक बार फिर उसे लड़खड़ाते कदमों के सहारे छोड़ दिया था । पहले घर छूटा ....फिर राज्य....साथ ही...

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Y – क्यों By संजना तिवारी

कई दिनो बाद आज भीनी-भीनी सी धूप खिली थी और ठंडी हवाओं का ज़ोर भी कुछ कम था । इंस्पेक्टर आशीष से मिलने का इरादा करके मैं गोलघर थाने जा पहुँचा ।

गुड मॉर्निंग इंस्पेक्टर आशीष...

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अजब-गजब हिन्दुस्तान By Anami Sharan Babal

स्वच्छ भारत मुहिम के बावजूद सफाई के मामले में हम अभी बहुत पीछे है, लेकिन हमारे देश में एक ऐसा भी गांव है जो शायद सबसे साफ़ सुथरा गांव है। इस गांव को भगवान का अपना बगीचा कहा जाता है...

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जिन्दगी --- एक दिन By Upasna Siag

ओह ! आज फिर ताले टूटे हैं ! ना जाने क्या मिलता है लोगों को, स्कूल बंद हो जाने के बाद यहाँ के शौचालय इस्तेमाल किस लिए करते हैं ! वह खुद से सवाल से कर रही थी। तेज़ गंध बदबू से मित...

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Jayshankar ki kahaniya By Jayshankar Prasad

जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusive digital publishing...

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उस रात की गंध By dhirendraasthana

कहानी उस रात की गंध धीरेन्द्र अस्थाना लड़की मेरी आंखों में किसी अश्लील इच्छा की तरह नाच रही थी। ‘पेट्रोल भरवा लें।‘ कह कर कमल ने अपनी लाल मारुति जुहू बीच जाने वाली सड़क के किनारे बने...

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अपनी दुनिया By dhirendraasthana

कहानी अपनी दुनिया धीरेन्द्र अस्थाना एक खूबसूरत और सुसंस्कृत शहर। शहर के सुन्दर बंगले और सभ्य लोग। लोगों का उच्चस्तरीय सौन्दर्यबोध और नफासत। नफासत की शानदार जगहें और जगहों में बसे ह...

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जन्मभूमि By dhirendraasthana

कहानी जन्मभूमि धीरेन्द्र अस्थाना (यह रचना है, कहानी नहीं। कहानी होने के लिए जो केंद्रीय कथ्य, पठनीयता, सुसंबद्ध घटनाक्रम, सुचिंतित समाधान या दावा चाहिए वह इसमें नहीं है। ये सब ‘नही...

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खुल जा सिमसिम By dhirendraasthana

कहानी खुल जा सिमसिम धीरेन्द्र अस्थाना के. आ रही थी। मेज पर उसका पत्र खुला पड़ा है। वही लिखावट है जिसे मैं आंखें बंद कर उंगलियों के स्पर्श मात्र से पहचान सकता हूं। बिना कॉमे, फुलस्टॉ...

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प्रदीप कृत लघुकथाओं का संसार, भाग-2 By Pradeep Kumar sah

"संसार में बहूत एक-दूसरे से छल-कपट रचते रहते है. जो थोड़े सीधे-सादे लोग है उनके जीवन काफी संघर्षमय हैं." "संघर्षमय ही तो है, नामुमकिन नही. यदि वैसा होता तो वैसे जीवन का विकल्प चुनने...

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आकाश पर मत थूको By Sanjay Kumar

आकाश पर मत थूको • संजय कुमार • • कहानी — आकाश पर मत थूको • वर्तमान साहित्य—कमलेश्वर कहानी पुरस्कार—2008 में चयनित एवं प्रकाशित • / संजय कुमार ‘‘आकाश पर मत थूको'' संजय कुमार...

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यह कैसी दीपावली ? By Tamanna Matlani

यह कैसी दीपावली ? तमन्ना मतलानी Email : tamannamatlani@gmail.com © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned & uthor & s well & s Matrubharti. Matrubharti has ex...

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आखिर दोषी कौन By Tamanna Matlani

आखिर दोषी कौन....... ? आज राह चलते जब अचानक ज्योति से मेरी मुलाकात हुई तो उसका मुरझाया और बेरंग चेहरा देखकर मैं हत्‌प्रभ रह गई । पूछने पर उसने बताया कि उसका पति किसी दूसरी नारी के...

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