लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • parajay

    ढलती हुई धूप और आती हुई रात के मध्य ,सुहानी सी मनभाती हुई शाम , अपने-अपने घरौंदो...

  • HAPPY CHRISTMAS MARIYA

    कथा—संग्रह हैप्पी क्रिसमस मारिया रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म...

  • Akansha

    Akansha

किट्टी पार्टी By Upasna Siag

परनीत थोडा सा संजीदा हो चुकी थी। हाँ यार ...! ऐसा ही होता है , कभी जिद करो या सोचो के आज बात ही नहीं करना और अनशन पर ही रहना है चाहे कुछ भी हो ...! भाड़ में गया यह घर और उनकी घर...

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Divider By Ajay Oza

यूं कहे कि मुझ से रहा न गया, आखिर पूछ ही लिया । ओरेन्ज बोर्डर की व्हाईट सारी जरा कवर-अप करते हुए वह जरा-सी मुसकाई । फिर कुछ ईस तरह से बोली, मानो वलय की बात कोभी उसी तरह कवर-अप कर ल...

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Bin Bulaya Mehman By Dr Sunita

एक गाँव में एक बूढ़ा आदमी रहता था, दीनानाथ। उसके चार बेटे थे। चारों बेटों का विवाह हो चुका था। उनके भी छोटे-छोटे बच्चे थे। दो बेटे शहर में नौकरी करते थे और उनका परिवार भी वहीं उनके...

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Uska Sapna By Sanjay Kundan

आंख खुलते ही सौरभ बिस्तर से कूदा। वह चहकता हुआ किचन में आया जहां उसकी पत्नी सुनयना चाय चढ़ा रही थी।
‘अरे यार, कमाल हो गया।’ सौरभ जोर से बोला।
‘क्या हुआ?’ सुनयना ने उसकी ओर बिना...

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Khoon By Vinod Viplav

विनोद विप्लव की कलम से लिखी गई कहानी ‘‘खून’’ में साम्प्रदायिक माहौल पैदा करने तथा समाज में हिन्दू-मुस्लिम का भेद कायम करने के लिए होने वाली साजिश के पीछे के आर्थिक पहलुओं का खुलासा...

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parajay By Priya Vachhani

ढलती हुई धूप और आती हुई रात के मध्य ,सुहानी सी मनभाती हुई शाम , अपने-अपने घरौंदो में लौटते हुए पंछी ,टिमटिमाने को आतुर तारे , चाँद अपनी चाँदनी बिखेरने को बेचैन ,और मैं गरम चाय की प...

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Aag By Shweta Misra

बरामदे में घर की सारी चीज़े बिखरी पड़ी थी ……..जले नए बर्तन, झुलसे महंगे इलेक्ट्रानिक और फर वाले खिलौने, कीमती नई कुछ जली कुछ अधजली साड़ियाँ लहंगे और ढेर सारे कपडे ,गद्दे ,तमाम खुबस...

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HAPPY CHRISTMAS MARIYA By Ratan Verma

कथा—संग्रह हैप्पी क्रिसमस मारिया रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म तिथि ः 06.01.1951 जन्म स्थान ः दरभंगा प्रकाशन (पत्रिकाओं में) : हंस, धर्मयुग, इंडिया टुडे, सारिका, आ...

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Ummid By Ashok Gupta

घर बहुत छोटा तो नहीं था, लेकिन टीवी एक ही कमरे में था क्योंकि घर में एक ही टीवी था.
टीवी वाले कमरे में एक सोफे पर पिताजी हम दोनो भाई बहनों को ले कर बैठते थे. उसी कमरे में एक तख़्त...

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Tulsi ke Bahane By Vipin Choudhary

दरवाजा मैंने ही खोला था, शायद दोपहर के कोई एक या डेढ़ बजा होगा।
हमारे पेइंग गेस्ट हॉस्टल के इस फ्लैट नंबर 101 में अमूमन इस वक़्त घंटी नहीं बजा करती, क्योंकि हमारा फ्लैट दोपहर के...

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Girgit By Vinod Viplav

Girgit or chameleon is a short story written by Vinod Viplav. This story exposes the double character and double speak of a human.In this story, you can see how the color and chara...

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Isliye By Ashok Gupta

उनको इत्मिनान था की नेतराम अब आने ही वाला होगा. उनकी खासियत ही यह थी कि वह हर कठिन से कठिन हालत में भी इत्मिनान से रहनें का कोई न कोई तरीका, कोई न कोई वज़ह खोज लेते थे ओर बे फ़िक्र...

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Kahani Sangrah Chahat By Kavita Raizada

Ye kahani sangrah sacchi ghatnao per adharit hai sirf patro ka naam badal diya gaya hai

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अजब-गजब की पूजा, पूजा में प्रायश्चित यज्ञ By Dr Musafir Baitha

सरस्वती पूजा में प्रायश्चित यज्ञ का गजब मेल, देखें इसके निराले खेल!

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Sandukchi By Asha Pandey

मिस्टर बेनर्जी अपने हाथो में अपना चेहरा पकडे सोच रहे थे कि इतना भीड़ इतने लोग तो एक साथ मेरे घर में 20 पहले भी नहीं आये थे जब केया.... तभी पीछे से छोटे भाई ने आवाज़ दी दादा इधर आओ...

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सत्य हरिश्चन्द्र - 4 By Bhartendu Harishchandra

स्थान: दक्षिण, स्मशान, नदी, पीपल का बड़ा पेड़,
चिता, मुरदे, कौए, सियार, कुत्ते, हड्डी, इत्यादि।
कम्मल ओढ़े और एक मोटा लट्ठ लिए हुए राजा हरिश्चन्द्र फिरते दिखाई पड़ते...

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Bandh Ghadi By Shweta Misra

वन साइडेड लव......अचम्भित हो कर पलक ने आकाश से कहा
एक तरफ़ा प्यार ....
अच्छा ...तो अब ....वैसे ठीक ही कह रहे होगे तुम ...लेकिन मेरी नज़र में तो प्यार बस प्यार है .....
वो एक तरफ़ा...

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Kutte ki Dum By Dharmendra Nirmal

Kutte Ki Dum Kabhi Sidhi Nahi Hoti Usi Tarah Aadami Apane Swabhav ko Nahi Chhod Sakta

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Adhure Khwab By Shweta Misra

इंडियन ??
एफ्फिल टावर को निहारती नज़रें पर खुद में ही खोयी हुई हाथों में पेन और डायरी, शायद कुछ लिखने के प्रयास में ,पार्क में अकेली बैठी गुहू की तन्द्रा एक आवाज से भंग हुई lउसने ज...

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Suraksha Chakra Banam Prem By Promilla Qazi

पीहू उस छोटी सी दीवार से कूदने की कोशिश कर रही थी, प्रफ्फुल हांफता हुआ आया और अपने नन्हे नन्हे हाथो से उसे रुकने का इशारा करते हुए कुछ पत्थर इक्कट्ठे करने लगा. उन्हें अच्छे से जमा...

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Sachmuch Ka Aadmi By Sanjay Kundan

उसे बड़ी मुश्किल से यह काम मिला था। तीन महीने तक वह भटका था। क्या-क्या पापड़ नहीं बेले। न जाने कितने लोगों से मिला। न जाने कहां-कहां धक्के खाए। फुटपाथों पर सोना पड़ा, कभी कुछ खाया, कभ...

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Buddhu ka Kanta By Anami Sharan Babal

रघुनाथ प् प् प्रसाद त् त् त्रिवेदी - या रुग्‍नात् पर्शाद तिर्वेदी (प्रसाद त्रिवेदी) - यह क्‍या
क्‍या करें, दुविधा में जान हैं। एक ओर तो हिंदी का यह गौरवपूर्ण दावा है कि इसमें जैस...

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Kitab By Sanjay Kundan

पिछले कुछ दिनों से वह अपने जीवन से काफी मायूस हो चला था। साला! यह भी कोई जीवन है। सुबह उठो, बच्चे को स्कूल बस में बिठाने ले जाओ, फिर आओ, नहाओ-खाओ और दफ्तर के लिए चल दो। बस स्टैंड प...

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DarkRoom By Sanjay Kundan

यह किसी स्वप्न के छिन जाने जैसा था। वैसा ही था जैसे कोई बहुत प्रिय मूर्ति अचानक ही गिरकर टूट गई हो। नहीं...यह उससे भी कुछ ज्यादा था, जैसे आपका कोई खूबसूरत खिलौना एक दिन आंखें तरेरक...

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सुखमय जीवन By Anami Sharan Babal

परीक्षा देने के पीछे और उसके फल निकलने के पहले दिन किस बुरी तरह बीतते हैं, यह उन्हीं को मालूम है जिन्हें उन्हें गिनने का अनुभव हुआ है। सुबह उठते ही परीक्षा से आज तक कितने दिन गए, य...

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Dastak (Story) By Ratan Verma

I am sending my story which is enclosed. Which is in word format and Kruti Dev font.

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Shyamlal ka Akelapan By Sanjay Kundan

क्या इंसान और होर्डिंग में कोई समानता हो सकती है? भले ही यह एक बेतुका सवाल लगे, पर श्यामलाल का मानना था कि आज हर आदमी एक होर्डिंग में बदलता जा रहा है, एक ऐसी विशाल रंगीन होर्डिंग,...

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Hire ka Hira By Anami Sharan Babal

आज सवेरे ही से गुलाबदेई काम में लगी हुई है। उसने अपने मिट्टी के घर के आँगन को गोबर से लीपा है, उस पर पीसे हुए चावल से मंडन माँडे हैं। घर की देहली पर उसी चावल के आटे से लीकें खैंची...

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Darakte Fisalte Rishte By Neelima Sharrma Nivia

अवेध रिश्तो की उम्र चाहे जितनी भी होती हैं परन्तु उनका होना हमेशा दर्द जरुर देता हैं वोह दर्द चाहे पुरानी पीढ़ी भुगते या आने वाली पीढ़ी . यह रिश्ते बनाने वाले लोग कभी इस रिश्ते...

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Nani ke Tare By Dr Sunita

वैभव और विभोर की गरमी की छुट्टियाँ हो गई थीं। पूरे दो महीने की। मई का महीना तो स्कूल में जो छुट्टियों का काम मिला था, उसे पूरा करते हुए कैसे बीत गया, पता ही नहीं चला। काम खत्म करते...

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Ghantaghar By Anami Sharan Babal

एक मनुष्य को कहीं जाना था। उसने अपने पैरों से उपजाऊ भूमि को बंध्या करके पगडंडी काटी और वह वहाँ पर पहला पहुँचने वाला हुआ। दूसरे, तीसरे और चौथे ने वास्तव में उस पगडंडी को चौड़ी किया...

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Tems Ki Sargam By Santosh Srivastav

उस समय जब रातें ठण्डी और लम्बी थीं, रोशनी की तमाम शहतीरें, परछाइयाँ, चोट खाए पंछी-सी डैने फड़फड़ाती धरती पर बिछ गई थीं, डायना ने ईस्ट इंडिया कम्पनी के उच्च पदाधिकारी अपने पति टॉम ब्ल...

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Maniya By Ajay Kumar Sharma

मनिया

एक ऐसी लड़की जिसका पति चोरी के शक में थाने मैं बंद है

नेपथ्य में कहानी का विलन जलालपुर नमक गाँव का जमींदार सज्जन सिंह बड़ी भुमिका निभा रहे हैं

कौन है मनिया और उ...

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Ghonchu By Ratan Verma

कथा संग्रह वेतन का दिन रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म तिथि ः 06.01.1951 जन्म स्थान ः दरभंगा प्रकाशन (पत्रिकाओं में) : हंस, धर्मयुग, इंडिया टुडे, सारिका, आजकल, समकाल...

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Usne Kaha Tha By Anami Sharan Babal

बड़े-बड़े शहरों के इक्के-गाड़ीवालों की जबान के कोड़ों से जिनकी पीठ छिल गई है, और कान पक गए हैं, उनसे हमारी प्रार्थना है कि अमृतसर के बंबूकार्टवालों की बोली का मरहम लगावें। जब बड़े-...

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Adarsh Aur Majburiya By Pradeep Kumar sah

कहानी. प्राणिमात्र का यह स्वभाव है की वह सुख चाहते हैं और खतरे से यथासम्भव बचना भी चाहते हैं. किंतु संसार में बिना जोखिम उठाये कोई काम नहीं होते.यह सभी जानते हैं, फिर उनकी यह कोशिश...

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Dal se bichudi Surajmukhi By Ratan Verma

कथा संग्रह वेतन का दिन रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म तिथि ः 06.01.1951 जन्म स्थान ः दरभंगा प्रकाशन (पत्रिकाओं में) : हंस, धर्मयुग, इंडिया टुडे, सारिका, आजकल, समकाल...

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Vah Kon Tha By Ajay Kumar Sharma

वह कौन है

अपने मृत पिता के अंतिम संस्कार के लिए जा रहे पचपन वर्षीय प्रभात भारद्वाज के साथै एक वृद्ध की बातें कुछ राज़ खोलती है

क्या है वें राज़
प्रभात भारद्वाज के पिता क...

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Pradip Krut Laghukathao ka Sansar - 3 By Pradeep Kumar sah

उनकी मान्यता इस घर में केवल उस बात के लिये हैं कि वह कैलाश के पिता हैं और घर में बुजुर्ग (मतलब सबसे उम्र-दराज व्यक्ति मात्र) हैं. इसलिये नहीं कि वे सबसे ज्यादा तजुर्बेदार हैं, क्यो...

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Savan ka Mahina Tha By Priya Vachhani

सावन का महीना था। इंद्रदेव अपने पूरे वेग से बरस रहे थे। सूरज देवता तो जैसे आज निकलना ही भूल गये। हर तरफ काली घटा छायी हुई थी। ऐसे मौसम में सुरभी जल्दी -जल्दी काम निपटा कर तैयार तो...

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वेतन का दिन By Ratan Verma

कथा संग्रह वेतन का दिन रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म तिथि ः 06.01.1951 जन्म स्थान ः दरभंगा प्रकाशन (पत्रिकाओं में) : हंस, धर्मयुग, इंडिया टुडे, सारिका, आजकल, समकाल...

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मुक्ति By Ajay Kumar Sharma

मुक्ति

कुम्हार रामदीन कुल्हड़ भी था काम ढूँढने के लिए वो भागता हुआ रेलवे स्टेशन की और बढ़ा काम नहीं मिला

पुश्तैनी धंधा बंध हो जाना - सिर्फ त्योहारों के दिनों मैं कुम्हार...

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मुरारी कहुं की शकील By Sandeep Meel

मुरारी कहूं कि शकील कंधे पर नीला झोला, पैरों में टूटी चप्पलें, एक काली कम्बल, लम्बी दाड़ी, मैले—कुचैले कपड़े और कान में टंगी कलम वाले बंदे को मैं ‘मुरारी' कहता हूं। वैसे तो उसका...

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ल्यूको शाऊ By Hardik Bhoti

यह एक जासूसी फिक्शन नवलकथा हे. जिसमें आपको होलीवुड की कहानी तरह फिक्शन का आनंद मिलेगा और जासूसी का रहस्य का आनंद भी.

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Ulajhau Choudary By Sandeep Meel

उलझाऊ चौधरी संदीप मील बाजरे से भरे खेत में पड़ौसी का भैंसा घुस जाना यूं तो किसी को भी बर्दाशत नहीं होता मगर यह भी कोई बात है कि चार दिन से हरीबक्स घर से गायब है और रामनाथ उसको खोजने...

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फसल By Ajay Kumar Sharma

कहानी की खोज

युवा गृहमंत्री कुंवर पाल जी की कहानी - बीस साल पहले की कुछ यादें ताज़ा करता है - प्रमाणिकता से तरबतर कुंवर अपने पहले छात्र चुनाव को याद करता है - किस तरह वह भंवर ला...

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किट्टी पार्टी By Upasna Siag

परनीत थोडा सा संजीदा हो चुकी थी। हाँ यार ...! ऐसा ही होता है , कभी जिद करो या सोचो के आज बात ही नहीं करना और अनशन पर ही रहना है चाहे कुछ भी हो ...! भाड़ में गया यह घर और उनकी घर...

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Divider By Ajay Oza

यूं कहे कि मुझ से रहा न गया, आखिर पूछ ही लिया । ओरेन्ज बोर्डर की व्हाईट सारी जरा कवर-अप करते हुए वह जरा-सी मुसकाई । फिर कुछ ईस तरह से बोली, मानो वलय की बात कोभी उसी तरह कवर-अप कर ल...

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Bin Bulaya Mehman By Dr Sunita

एक गाँव में एक बूढ़ा आदमी रहता था, दीनानाथ। उसके चार बेटे थे। चारों बेटों का विवाह हो चुका था। उनके भी छोटे-छोटे बच्चे थे। दो बेटे शहर में नौकरी करते थे और उनका परिवार भी वहीं उनके...

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Uska Sapna By Sanjay Kundan

आंख खुलते ही सौरभ बिस्तर से कूदा। वह चहकता हुआ किचन में आया जहां उसकी पत्नी सुनयना चाय चढ़ा रही थी।
‘अरे यार, कमाल हो गया।’ सौरभ जोर से बोला।
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Khoon By Vinod Viplav

विनोद विप्लव की कलम से लिखी गई कहानी ‘‘खून’’ में साम्प्रदायिक माहौल पैदा करने तथा समाज में हिन्दू-मुस्लिम का भेद कायम करने के लिए होने वाली साजिश के पीछे के आर्थिक पहलुओं का खुलासा...

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parajay By Priya Vachhani

ढलती हुई धूप और आती हुई रात के मध्य ,सुहानी सी मनभाती हुई शाम , अपने-अपने घरौंदो में लौटते हुए पंछी ,टिमटिमाने को आतुर तारे , चाँद अपनी चाँदनी बिखेरने को बेचैन ,और मैं गरम चाय की प...

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Aag By Shweta Misra

बरामदे में घर की सारी चीज़े बिखरी पड़ी थी ……..जले नए बर्तन, झुलसे महंगे इलेक्ट्रानिक और फर वाले खिलौने, कीमती नई कुछ जली कुछ अधजली साड़ियाँ लहंगे और ढेर सारे कपडे ,गद्दे ,तमाम खुबस...

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HAPPY CHRISTMAS MARIYA By Ratan Verma

कथा—संग्रह हैप्पी क्रिसमस मारिया रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म तिथि ः 06.01.1951 जन्म स्थान ः दरभंगा प्रकाशन (पत्रिकाओं में) : हंस, धर्मयुग, इंडिया टुडे, सारिका, आ...

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Ummid By Ashok Gupta

घर बहुत छोटा तो नहीं था, लेकिन टीवी एक ही कमरे में था क्योंकि घर में एक ही टीवी था.
टीवी वाले कमरे में एक सोफे पर पिताजी हम दोनो भाई बहनों को ले कर बैठते थे. उसी कमरे में एक तख़्त...

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Tulsi ke Bahane By Vipin Choudhary

दरवाजा मैंने ही खोला था, शायद दोपहर के कोई एक या डेढ़ बजा होगा।
हमारे पेइंग गेस्ट हॉस्टल के इस फ्लैट नंबर 101 में अमूमन इस वक़्त घंटी नहीं बजा करती, क्योंकि हमारा फ्लैट दोपहर के...

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Girgit By Vinod Viplav

Girgit or chameleon is a short story written by Vinod Viplav. This story exposes the double character and double speak of a human.In this story, you can see how the color and chara...

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उनको इत्मिनान था की नेतराम अब आने ही वाला होगा. उनकी खासियत ही यह थी कि वह हर कठिन से कठिन हालत में भी इत्मिनान से रहनें का कोई न कोई तरीका, कोई न कोई वज़ह खोज लेते थे ओर बे फ़िक्र...

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Kahani Sangrah Chahat By Kavita Raizada

Ye kahani sangrah sacchi ghatnao per adharit hai sirf patro ka naam badal diya gaya hai

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सरस्वती पूजा में प्रायश्चित यज्ञ का गजब मेल, देखें इसके निराले खेल!

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Sandukchi By Asha Pandey

मिस्टर बेनर्जी अपने हाथो में अपना चेहरा पकडे सोच रहे थे कि इतना भीड़ इतने लोग तो एक साथ मेरे घर में 20 पहले भी नहीं आये थे जब केया.... तभी पीछे से छोटे भाई ने आवाज़ दी दादा इधर आओ...

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सत्य हरिश्चन्द्र - 4 By Bhartendu Harishchandra

स्थान: दक्षिण, स्मशान, नदी, पीपल का बड़ा पेड़,
चिता, मुरदे, कौए, सियार, कुत्ते, हड्डी, इत्यादि।
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Bandh Ghadi By Shweta Misra

वन साइडेड लव......अचम्भित हो कर पलक ने आकाश से कहा
एक तरफ़ा प्यार ....
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Kutte ki Dum By Dharmendra Nirmal

Kutte Ki Dum Kabhi Sidhi Nahi Hoti Usi Tarah Aadami Apane Swabhav ko Nahi Chhod Sakta

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इंडियन ??
एफ्फिल टावर को निहारती नज़रें पर खुद में ही खोयी हुई हाथों में पेन और डायरी, शायद कुछ लिखने के प्रयास में ,पार्क में अकेली बैठी गुहू की तन्द्रा एक आवाज से भंग हुई lउसने ज...

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Suraksha Chakra Banam Prem By Promilla Qazi

पीहू उस छोटी सी दीवार से कूदने की कोशिश कर रही थी, प्रफ्फुल हांफता हुआ आया और अपने नन्हे नन्हे हाथो से उसे रुकने का इशारा करते हुए कुछ पत्थर इक्कट्ठे करने लगा. उन्हें अच्छे से जमा...

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Sachmuch Ka Aadmi By Sanjay Kundan

उसे बड़ी मुश्किल से यह काम मिला था। तीन महीने तक वह भटका था। क्या-क्या पापड़ नहीं बेले। न जाने कितने लोगों से मिला। न जाने कहां-कहां धक्के खाए। फुटपाथों पर सोना पड़ा, कभी कुछ खाया, कभ...

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Buddhu ka Kanta By Anami Sharan Babal

रघुनाथ प् प् प्रसाद त् त् त्रिवेदी - या रुग्‍नात् पर्शाद तिर्वेदी (प्रसाद त्रिवेदी) - यह क्‍या
क्‍या करें, दुविधा में जान हैं। एक ओर तो हिंदी का यह गौरवपूर्ण दावा है कि इसमें जैस...

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Kitab By Sanjay Kundan

पिछले कुछ दिनों से वह अपने जीवन से काफी मायूस हो चला था। साला! यह भी कोई जीवन है। सुबह उठो, बच्चे को स्कूल बस में बिठाने ले जाओ, फिर आओ, नहाओ-खाओ और दफ्तर के लिए चल दो। बस स्टैंड प...

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DarkRoom By Sanjay Kundan

यह किसी स्वप्न के छिन जाने जैसा था। वैसा ही था जैसे कोई बहुत प्रिय मूर्ति अचानक ही गिरकर टूट गई हो। नहीं...यह उससे भी कुछ ज्यादा था, जैसे आपका कोई खूबसूरत खिलौना एक दिन आंखें तरेरक...

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सुखमय जीवन By Anami Sharan Babal

परीक्षा देने के पीछे और उसके फल निकलने के पहले दिन किस बुरी तरह बीतते हैं, यह उन्हीं को मालूम है जिन्हें उन्हें गिनने का अनुभव हुआ है। सुबह उठते ही परीक्षा से आज तक कितने दिन गए, य...

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Dastak (Story) By Ratan Verma

I am sending my story which is enclosed. Which is in word format and Kruti Dev font.

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Shyamlal ka Akelapan By Sanjay Kundan

क्या इंसान और होर्डिंग में कोई समानता हो सकती है? भले ही यह एक बेतुका सवाल लगे, पर श्यामलाल का मानना था कि आज हर आदमी एक होर्डिंग में बदलता जा रहा है, एक ऐसी विशाल रंगीन होर्डिंग,...

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Hire ka Hira By Anami Sharan Babal

आज सवेरे ही से गुलाबदेई काम में लगी हुई है। उसने अपने मिट्टी के घर के आँगन को गोबर से लीपा है, उस पर पीसे हुए चावल से मंडन माँडे हैं। घर की देहली पर उसी चावल के आटे से लीकें खैंची...

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Darakte Fisalte Rishte By Neelima Sharrma Nivia

अवेध रिश्तो की उम्र चाहे जितनी भी होती हैं परन्तु उनका होना हमेशा दर्द जरुर देता हैं वोह दर्द चाहे पुरानी पीढ़ी भुगते या आने वाली पीढ़ी . यह रिश्ते बनाने वाले लोग कभी इस रिश्ते...

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Nani ke Tare By Dr Sunita

वैभव और विभोर की गरमी की छुट्टियाँ हो गई थीं। पूरे दो महीने की। मई का महीना तो स्कूल में जो छुट्टियों का काम मिला था, उसे पूरा करते हुए कैसे बीत गया, पता ही नहीं चला। काम खत्म करते...

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Ghantaghar By Anami Sharan Babal

एक मनुष्य को कहीं जाना था। उसने अपने पैरों से उपजाऊ भूमि को बंध्या करके पगडंडी काटी और वह वहाँ पर पहला पहुँचने वाला हुआ। दूसरे, तीसरे और चौथे ने वास्तव में उस पगडंडी को चौड़ी किया...

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Tems Ki Sargam By Santosh Srivastav

उस समय जब रातें ठण्डी और लम्बी थीं, रोशनी की तमाम शहतीरें, परछाइयाँ, चोट खाए पंछी-सी डैने फड़फड़ाती धरती पर बिछ गई थीं, डायना ने ईस्ट इंडिया कम्पनी के उच्च पदाधिकारी अपने पति टॉम ब्ल...

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Maniya By Ajay Kumar Sharma

मनिया

एक ऐसी लड़की जिसका पति चोरी के शक में थाने मैं बंद है

नेपथ्य में कहानी का विलन जलालपुर नमक गाँव का जमींदार सज्जन सिंह बड़ी भुमिका निभा रहे हैं

कौन है मनिया और उ...

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Ghonchu By Ratan Verma

कथा संग्रह वेतन का दिन रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म तिथि ः 06.01.1951 जन्म स्थान ः दरभंगा प्रकाशन (पत्रिकाओं में) : हंस, धर्मयुग, इंडिया टुडे, सारिका, आजकल, समकाल...

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Usne Kaha Tha By Anami Sharan Babal

बड़े-बड़े शहरों के इक्के-गाड़ीवालों की जबान के कोड़ों से जिनकी पीठ छिल गई है, और कान पक गए हैं, उनसे हमारी प्रार्थना है कि अमृतसर के बंबूकार्टवालों की बोली का मरहम लगावें। जब बड़े-...

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Adarsh Aur Majburiya By Pradeep Kumar sah

कहानी. प्राणिमात्र का यह स्वभाव है की वह सुख चाहते हैं और खतरे से यथासम्भव बचना भी चाहते हैं. किंतु संसार में बिना जोखिम उठाये कोई काम नहीं होते.यह सभी जानते हैं, फिर उनकी यह कोशिश...

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Dal se bichudi Surajmukhi By Ratan Verma

कथा संग्रह वेतन का दिन रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म तिथि ः 06.01.1951 जन्म स्थान ः दरभंगा प्रकाशन (पत्रिकाओं में) : हंस, धर्मयुग, इंडिया टुडे, सारिका, आजकल, समकाल...

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Vah Kon Tha By Ajay Kumar Sharma

वह कौन है

अपने मृत पिता के अंतिम संस्कार के लिए जा रहे पचपन वर्षीय प्रभात भारद्वाज के साथै एक वृद्ध की बातें कुछ राज़ खोलती है

क्या है वें राज़
प्रभात भारद्वाज के पिता क...

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Pradip Krut Laghukathao ka Sansar - 3 By Pradeep Kumar sah

उनकी मान्यता इस घर में केवल उस बात के लिये हैं कि वह कैलाश के पिता हैं और घर में बुजुर्ग (मतलब सबसे उम्र-दराज व्यक्ति मात्र) हैं. इसलिये नहीं कि वे सबसे ज्यादा तजुर्बेदार हैं, क्यो...

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Savan ka Mahina Tha By Priya Vachhani

सावन का महीना था। इंद्रदेव अपने पूरे वेग से बरस रहे थे। सूरज देवता तो जैसे आज निकलना ही भूल गये। हर तरफ काली घटा छायी हुई थी। ऐसे मौसम में सुरभी जल्दी -जल्दी काम निपटा कर तैयार तो...

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वेतन का दिन By Ratan Verma

कथा संग्रह वेतन का दिन रतन वर्मा संक्षिप्त परिचय नाम ः रतन वर्मा जन्म तिथि ः 06.01.1951 जन्म स्थान ः दरभंगा प्रकाशन (पत्रिकाओं में) : हंस, धर्मयुग, इंडिया टुडे, सारिका, आजकल, समकाल...

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मुक्ति By Ajay Kumar Sharma

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कुम्हार रामदीन कुल्हड़ भी था काम ढूँढने के लिए वो भागता हुआ रेलवे स्टेशन की और बढ़ा काम नहीं मिला

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मुरारी कहुं की शकील By Sandeep Meel

मुरारी कहूं कि शकील कंधे पर नीला झोला, पैरों में टूटी चप्पलें, एक काली कम्बल, लम्बी दाड़ी, मैले—कुचैले कपड़े और कान में टंगी कलम वाले बंदे को मैं ‘मुरारी' कहता हूं। वैसे तो उसका...

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ल्यूको शाऊ By Hardik Bhoti

यह एक जासूसी फिक्शन नवलकथा हे. जिसमें आपको होलीवुड की कहानी तरह फिक्शन का आनंद मिलेगा और जासूसी का रहस्य का आनंद भी.

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Ulajhau Choudary By Sandeep Meel

उलझाऊ चौधरी संदीप मील बाजरे से भरे खेत में पड़ौसी का भैंसा घुस जाना यूं तो किसी को भी बर्दाशत नहीं होता मगर यह भी कोई बात है कि चार दिन से हरीबक्स घर से गायब है और रामनाथ उसको खोजने...

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फसल By Ajay Kumar Sharma

कहानी की खोज

युवा गृहमंत्री कुंवर पाल जी की कहानी - बीस साल पहले की कुछ यादें ताज़ा करता है - प्रमाणिकता से तरबतर कुंवर अपने पहले छात्र चुनाव को याद करता है - किस तरह वह भंवर ला...

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