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Featured Books

RAAKH - खामोश चीखों का शहर By Gxxpal R23aywarlkg

इस शहर में, सूरज उम्मीद जगाने नहीं उगता था; वह तो बस पिछली रात के ज़ख्म दिखाने उगता था। यह कोई ऐसी जगह नहीं थी जो संविधान या जज के हथौड़े से चलती हो। यहाँ, सिर्फ़ एक आदमी का कानून...

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एक ओर जीवन By Neha kariyaal

नष्ट होती पृथ्वी और जीवन के लिए संघर्ष करती मानव जाति। यह एक काल्पनिक कहानी है, जिसे मैंने बहुत सोच समझ कर लिखा है।

लेकिन अगर समय रहते, प्रकृति को नहीं बचाया गया। तो भविष्य में...

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चिट्ठी का इंतजार By Deepak Bundela Arymoulik

एक ज़माना था…
जब समय घड़ी की सुइयों से नहीं, इंतज़ार की धड़कनों से मापा जाता था।

उस छोटे से कस्बे की सुबह बड़ी सादी होती थी। सूरज निकलता, चूल्हों में आग जलती, और गलियों में झाड...

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जब रिश्ता प्यार बन जाए. By Priyam Gupta

शाम का वक्त था और Priyam अपने कमरे में खड़ी थी।
खिड़की से हल्की धूप आ रही थी, और कमरे में सन्नाटा था।
आज कुछ अलग सा लग रहा था।
दिल हल्का-हल्का धड़क रहा था, और मन में हल्की बेचैन...

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सपनों की डोली। By softrebel

बड़ी मशक्कत के बाद एक अच्छा रिश्ता हाथ लगा था , नारायणी के पिता इसे हाथ से जाने देना नहीं चाहते थे।
इस लिए मुंह मांगा दान दक्षिणा देकर, विवाह की सारी रस्में अदा की गईं।
नारायणी औ...

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When Miracles Happen By fiza saifi

“राजू… उठ जा बेटा… चल, काम पर नहीं जाना है क्या?”

राजू की माँ उसे रोज़ सुबह जल्दी जगा दिया करती थी, जिससे वह हमेशा चिढ़ जाता था। वह अपने कानों पर हाथ रखकर चादर फिर से मुँह तक खी...

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हैरानी - Ateet ki Yaadein By vishnupriya pandit

अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों का सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। रिया ने बहुत धीरे से अपनी पलकें झपकाई...

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मोहब्बत के वो दिन By Bikash parajuli

पहली नज़रशहर की वही पुरानी, भीड़ से भरी सुबह। बस स्टॉप पर खड़े लोग ऑफिस और कॉलेज के टाइम में भाग रहे थे। Bikash अपनी कंधे पर बैग टाँगे, धीमे कदमों से कॉलेज की ओर बढ़ रहा था। मिडिल-...

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Salmon Demon By Vedant Kana

पुराने समय की बात है जब घने जंगलों के नाम से ही गांव के लोग कांप जाते थे. रात होते ही पेड़ों के बीच ऐसी सरसराहट सुनाई देती थी जैसे कोई अदृश्य चीज जमीन को खुरचती हुई घूम रही हो. हवा...

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सदियों से तुम मेरी By Pooja Singh

सुबह की हल्की धूप खिड़की से होकर दिव्या के कमरे में फैल रही थी। अलार्म बजने से पहले ही उसकी आँख खुल गई थी। वह कुछ पल यूँ ही छत को देखती रही, जैसे किसी अधूरे सपने को याद करने की कोश...

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W22 THE Door That Should NOT Exist By Ravi Bhanushali

W-22 : The Door That Should Not Exist
SEASON 1 – “The First Crossing”
कहते हैं कुछ जगहें खाली नहीं होतीं,
बस हमारी आँखें उन्हें देख नहीं पातीं।
अरावली के जंगलों के बीच एक टूटा...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। By kajal jha

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक

पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली।

लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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ध्रुव आर्या By madhvi

दो हजार सत्तर.
डॉक्टर जैयुश कुलकर्णी जोकि टॉप टेन साइंटिस्ट में पहले नम्बर पर आते है. डॉ कुलकर्णी टेर्रेस पर अपने टेलीस्कोप से आसमान को देख रहे थे तभी कुछ देखकर कहते है
हा ये वही...

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सम्राट अशोक : तलवार, युद्ध और धर्म By Rishav raj

आज की कहानी कुछ ज्यादा ही खास है क्योंकि ये कोई रोमांटिक,फैंटिसी,या सस्पेंस कहानी नहीं है बल्कि ये कहानी है इतिहास के पन्नों में जिनका नाम सुनहरे अक्षरों से लिखा है उन सम्राट अशोक...

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Vulture By Ravi Bhanushali

शीर्षक: वल्चर – अँधेरे की उड़ान
विशेष एपिसोड: “रक्तपंख बनाम नरकवीर”
[दृश्य 1 – महानगर का बाहरी इलाका, संध्या]
लाल सूरज डूब रहा है। धुएँ से भरी हवा में सायरनों की आवाज़ गूँजती है...

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ममता ...एक अनुभूति... By kalpita

केशव किसी तरह धक्कामुक्की से निकलते हुए सप्त क्रांति ट्रेन में चढ़ पाया।
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन लोगों से खचाखच भरा हुआ था—
किसी की आँखों में बिछड़ने का दर्द था, तो किसी के चे...

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वृक्ष वाणी : पर्यावरण सिद्धों का उदय By Prashanth B

मलनाड की सुबह हमेशा खास होती है। जब कोहरे की चादर को चीरकर सूर्य की पहली किरणें धरती पर आती हैं, तो दुनिया किसी जादुई सपने जैसी लगती है। लेकिन अर्जुन के लिए, यह एक अलग ही दुनिया थी...

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मुंबई से यूपी तक: एक अनकहा सफर By Avinash

मुंबई की शामें कभी शांत नहीं होतीं। मरीन ड्राइव पर टकराती लहरों का शोर हो या लोकल ट्रेन की वो अंतहीन जद्दोजहद, यहाँ सुकून तलाशना रेत में सुई ढूँढने जैसा है। भार्गव, जो अंधेरी के एक...

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षड्यंत्र By Ratna Pandey

" इंस्पेक्टर मैं सच कह रही हूँ। उस दिन मेरे घर पार्टी में लगभग 110 लोग आए थे। सभी मेरे दोस्त थे। खाने में चिकन करी, फिश करी और अंडा करी तीनों ही थीं। कुछ लोग चिकन नहीं खाते थे,...

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Beginning of My Love By My imaginary world

बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है…
वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने अंधेरे कमरे में कुर्सी को आगे-पीछे झुलाते हुए बैठा था।
छह फीट से भी लंबा उसका शरीर मानो उस अंधेरे...

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Ishq ka Ittefaq By Alok

शहर की साफ और चौडी सडक पर कबीर मेहरा की नई' मेबैक' किसी काले चीते की तरह हवा से बातें कर रही थी. कबीर मेहरा—शहर का वो नाम जिससे बिजनेस के गलियारों में सन्नाटा पसर जाता था....

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प्रेरणास्पंदन. By Bhupendra Kuldeep

प्रस्तावना

भारत एक ऐसा देश है जहाँ प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि 'माता' माना जाता है। जब पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और जंगलों के कटने सेपरेशान है, तब हमारे देश के...

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Maharana Pratap By Aarushi Singh Rajput

एक बड़े मेले के भीड़-भाड़ वाले प्रांगण के भीतर एक विशाल कक्ष सजा हुआ था। वहां बहुत सारे लोग मौजूद थे। सामने, एक सोने-ओसके सिंहासन पर लगभग सोलह–सत्रह वर्ष का एक लड़का बैठा था; जलालु...

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राज-ए-खंडहर: श्रापित विरासत By Dev Kumar Rawat

मुंबई की चकाचौंध भरी रोशनियों के बीच, आर्यन का मन कहीं और ही भटक रहा था। वह अपने लैपटॉप की स्क्रीन पर उन पुरानी तस्वीरों को ज़ूम कर रहा था जो उसे उस रहस्यमयी पीले लिफाफे में मिली थ...

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Back for Revenge By Radhika

यह दुनिया बहुत बड़ी है और सबके खयालात भी अलग होते हैं, इसलिए मैंने आज कुछ अलग सोचा है, हां मानती हूं कि इस विषय में बहुत सी कहानियां और नोवेल्स होंगी मगर फिर भी एक अलग नजरिए से इस...

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लाल इश्क. By jagni b

बाहर मुंबई की कभी न थमने वाली रफ़्तार थी और केबिन के अंदर एक गला घोंटने वाली खामोशी। पुराने एयर कंडीशनर की घरघराहट ऐसी लग रही थी जैसे कोई वेंटिलेटर पर आखिरी सांसें ले रहा हो। आरंभी...

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MTNL की घंटी By kalpita

नवंबर की हल्की ठंड...
और मीठी-सी धूप में...
आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी।

तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई...

? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...

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Obsession By Bharti 007

शाम की हल्की सुनहरी रोशनी उस छोटी-सी बस्ती की गलियों में बिखरी हुई थी, जहाँ हर घर अपनी अलग कहानी कहता था—संघर्ष, उम्मीद और अधूरे सपनों की।
उसी बस्ती के एक कोने में था काव्या का घर...

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बारिश के बीच एक अजनबी By Avinash

मुंबई की बारिश का कोई भरोसा नहीं होता। कभी यह सुकून देती है, तो कभी ज़िंदगी की रफ्तार थाम देती है। उस रात भी कुछ ऐसा ही था। आसमान से पानी की चादर गिर रही थी और शहर की चकाचौंध लाइटे...

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Hero By Ram Make

यह कहानी है एक ऐसे लड़के की जो रहस्यम्यी में शक्तियों के साथ पैदा हुआ सन् 2002 सर्दियों का मौसम नवंबर महीना 11 तारीख सुबह सूर्य की किरण के साथ 10:30 बजे भारत की राजधानी दिल्ली के ए...

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शब्द और सत्य By Shivraj Bhokare

1.प्रेम या व्यापार?

जिसे तुम प्रेम कहते हो, ज़रा उसकी तह में जाकर देखो,
क्या वो रूह का मिलन है, या बस एक गहरा समझौता?
तुमने जिसे अपना कहा, क्या उसे सच में जाना है?
या अपनी अध...

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शून्य का सन्नाटा By Ravi Bhanushali

नरक का निमंत्रण (The Hell’s Invite)**

**दृश्य:** साल 2026। दुनिया कोरोना के दसवें वैरिएंट से जूझ रही है। कमांडर विक्रम एक अंधेरे कमरे में बैठा है, तभी एक होलोग्राम जलता है।

*...

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किडनी का तोह्फ़ा By S Sinha

रोमित और जूली दोनों दिल्ली के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में बी.टेक के अंतिम वर्ष में थे . दोनों ही उच्च मध्यम वर्ग के परिवार की संतानें थीं . रोमित का परिवार दिल्ली में ही रहता थ...

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VORTX By Suresh sondhiya

यह कहानी है हमारे ब्रह्मांड R3G7 की... एक ऐसा ब्रह्मांड जो अब अपनी आखिरी सांसें गिन रहा था। तबाही का समय निकट था, लेकिन पृथ्वी के लोग अभी भी अनजान थे।

पृथ्वी पर सात राज्य थे, जि...

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खामोशी का इकरार By Dragon Heart

मेरा नाम आरव मल्होत्रा है, और मैं झूठ बोलने में माहिर हूँ। लेकिन जो कहानी मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ, वो सच है। हर एक शब्द। हर एक पल। क्योंकि कुछ सच इतने भयानक होते हैं कि उन्हें झ...

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अधूरी धुन By Avinash

शहर की शोर-शराबे वाली गलियों के बीच एक छोटा सा कोना ऐसा था, जहाँ वक्त जैसे ठहर सा जाता था। 'रिदम कैफे'—पुरानी ईंटों की दीवारें, पीली मद्धम रोशनी और हवा में तैरती ताज़ा पिसी...

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Star Sentinals By Ravi Bhanushali

शीर्षक: स्टार-सेंटिनल्स: वल्चर के बाद[दृश्य 1 – शोक की धरती]वल्चर की शहादत के बाद शहर की रातें और भी लंबी हो गई थीं। टूटी हुई मूर्ति के सामने मोमबत्तियाँ जल रही थीं। हवा में एक अजी...

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डायरी का वो आखरी पन्ना By Std Maurya

मैंने उत्सुकता से कहा,“भंते जी, चलिए ज़रा करीब से देखते हैं… दूर से तो कुछ साफ दिखाई ही नहीं दे रहा…”प्रियांशी का चेहरा डर के मारे सफेद पड़ गया था। उसने घबराते हुए मेरा हाथ पकड़ लि...

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राधा का संगम By Ramesh Desai

इन हवाओ मे इन फिजाओ मे तुझ को मेरा प्यार पुकारे.. आजा आजा तुझ को मेंरा प्यार पुक

रुक ना पाऊं मैं सजती आऊं मे दिल को ज़ब दिलदार पुकारे

इस गीत की पंक्तियों न...

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तुमसे मोहब्बत है By Deepshikha Kedia

रात के ठीक 12 बज रहे थे।
सिंहानिया ऑफिस में अफरा–तफरी मची हुई थी।
हर तरफ टेंशन… बेचैनी… और एक ही डर—बॉस।

किसी ने घड़ी देखते हुए कहा,
“आज तो बॉस छोड़ेगे नहीं… literally खा जाए...

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विक्री By Priyosi Sarkar

2087 में, सबसे महंगी चीज़ यादें थीं। और सबसे सस्ती चीज़ भी।
मीरा के हाथ काँपते थे — बस थोड़े से, मुश्किल से नज़र आने वाले — जब उसने अपनी हथेली मेमवॉल्ट स्कैनर के ऊपर रखी। शीशे के...

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एक अधूरी मां By Anjali kumari Sharma

राधा का बचपन किसी धुंधली सुबह जैसा था, जहाँ रोशनी तो थी पर गर्माहट नहीं। सात भाई-बहनों के उस बड़े और गरीब परिवार में राधा तीसरे नंबर पर थी। उसका बचपन खेल-कूद में नहीं, बल्कि चूल्हे...

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अहंकार का पोस्टमार्टम By Shivraj Bhokare

समर्पण
उन सभी 'खोजी' मन को, जो भीड़ का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं।
और उन साहसी पाठकों को, जो सिर्फ मीठी बातें सुनने के शौकीन नहीं हैं, बल्कि सच सुनने का साहस रखते हैं।...

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प्यार की परीभाषा By Rishav raj

ये मेरी पहली लव स्टोरी होने वाली है इसलिए थोड़ी बहुत गलती हुई तो माफ़ करिएगा और फोलो भी कर लिजिए 100% फोलो बैंक मिलेगा।सुबह की हल्की धूप खिड़की के पर्दों से छनकर कमरे में फैल रही थ...

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सस्सी–पुन्नू By Aarushi Singh Rajput

रात का समय था…

रेगिस्तान अपनी गहरी खामोशी में डूबा हुआ था, लेकिन उस खामोशी के भीतर भी एक अजीब सी बेचैनी तैर रही थी। हवा आज कुछ ज़्यादा ही तेज़ चल रही थी

ऐसी कि रेत के कण उड़-...

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दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में By Shivraj Bhokare

दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में

Part 1: The Exorcist (1973)

चेतावनी: यह सिर्फ एक फिल्म नहीं… एक अनुभव है

रात के 2:47 बजे का समय था।
कमरे में हल्की-सी हवा चल रही थी।
मो...

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अकथ By silent script

बस्ती की तंग गलियों में धूल उड़ रही थी। सूरज की तपिश कच्ची छतों को झुलसा रही थी, लेकिन सात के नील के पैरों में जैसे पहिए लगे थे।

‎"माँ! मैं खेलने जा रहा हूँ," उसने माथे क...

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तेरहवा द्वार By InkImagination

भाग 1

शापित हवेली

रात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे।

पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हुआ था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी। पेड़ों की सूखी शाखाएँ एक-दूसरे से टकराकर अजीब आवाज़ें निक...

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बारिश की वो पहली मुलाक़ात By July Writes

जुलाई का महीना था। आसमान कई दिनों से बादलों को थामे बैठा था, जैसे किसी इकरार का इंतज़ार कर रहा हो। और फिर उस दिन… पहली बारिश शुरू हुई।

कॉलेज की छुट्टी के बाद आईशा बस स्टॉप पर खड...

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सीप का मोती. By manasvi Manu

कई सालों से मैं एक सपना देख रहा हूं, जहां सामने नीला पानी और किनारे पर फैली सुनहरी रेत... फिर एक पांव दिखता था सपने में ,जो हमेशा आधा पानी में होता और आधा किनारे पर । उस पांव की वह...

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RAAKH - खामोश चीखों का शहर By Gxxpal R23aywarlkg

इस शहर में, सूरज उम्मीद जगाने नहीं उगता था; वह तो बस पिछली रात के ज़ख्म दिखाने उगता था। यह कोई ऐसी जगह नहीं थी जो संविधान या जज के हथौड़े से चलती हो। यहाँ, सिर्फ़ एक आदमी का कानून...

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एक ओर जीवन By Neha kariyaal

नष्ट होती पृथ्वी और जीवन के लिए संघर्ष करती मानव जाति। यह एक काल्पनिक कहानी है, जिसे मैंने बहुत सोच समझ कर लिखा है।

लेकिन अगर समय रहते, प्रकृति को नहीं बचाया गया। तो भविष्य में...

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चिट्ठी का इंतजार By Deepak Bundela Arymoulik

एक ज़माना था…
जब समय घड़ी की सुइयों से नहीं, इंतज़ार की धड़कनों से मापा जाता था।

उस छोटे से कस्बे की सुबह बड़ी सादी होती थी। सूरज निकलता, चूल्हों में आग जलती, और गलियों में झाड...

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जब रिश्ता प्यार बन जाए. By Priyam Gupta

शाम का वक्त था और Priyam अपने कमरे में खड़ी थी।
खिड़की से हल्की धूप आ रही थी, और कमरे में सन्नाटा था।
आज कुछ अलग सा लग रहा था।
दिल हल्का-हल्का धड़क रहा था, और मन में हल्की बेचैन...

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सपनों की डोली। By softrebel

बड़ी मशक्कत के बाद एक अच्छा रिश्ता हाथ लगा था , नारायणी के पिता इसे हाथ से जाने देना नहीं चाहते थे।
इस लिए मुंह मांगा दान दक्षिणा देकर, विवाह की सारी रस्में अदा की गईं।
नारायणी औ...

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When Miracles Happen By fiza saifi

“राजू… उठ जा बेटा… चल, काम पर नहीं जाना है क्या?”

राजू की माँ उसे रोज़ सुबह जल्दी जगा दिया करती थी, जिससे वह हमेशा चिढ़ जाता था। वह अपने कानों पर हाथ रखकर चादर फिर से मुँह तक खी...

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हैरानी - Ateet ki Yaadein By vishnupriya pandit

अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों का सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। रिया ने बहुत धीरे से अपनी पलकें झपकाई...

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मोहब्बत के वो दिन By Bikash parajuli

पहली नज़रशहर की वही पुरानी, भीड़ से भरी सुबह। बस स्टॉप पर खड़े लोग ऑफिस और कॉलेज के टाइम में भाग रहे थे। Bikash अपनी कंधे पर बैग टाँगे, धीमे कदमों से कॉलेज की ओर बढ़ रहा था। मिडिल-...

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Salmon Demon By Vedant Kana

पुराने समय की बात है जब घने जंगलों के नाम से ही गांव के लोग कांप जाते थे. रात होते ही पेड़ों के बीच ऐसी सरसराहट सुनाई देती थी जैसे कोई अदृश्य चीज जमीन को खुरचती हुई घूम रही हो. हवा...

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सदियों से तुम मेरी By Pooja Singh

सुबह की हल्की धूप खिड़की से होकर दिव्या के कमरे में फैल रही थी। अलार्म बजने से पहले ही उसकी आँख खुल गई थी। वह कुछ पल यूँ ही छत को देखती रही, जैसे किसी अधूरे सपने को याद करने की कोश...

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W22 THE Door That Should NOT Exist By Ravi Bhanushali

W-22 : The Door That Should Not Exist
SEASON 1 – “The First Crossing”
कहते हैं कुछ जगहें खाली नहीं होतीं,
बस हमारी आँखें उन्हें देख नहीं पातीं।
अरावली के जंगलों के बीच एक टूटा...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। By kajal jha

एपिसोड 1: वीरान हवेली की अनकही दस्तक

पहाड़ों की ऊँचाइयों पर, घने चीड़ के पेड़ों के बीच छिपी हुई थी— नीलगिरी हवेली।

लेकिन अब—

यहाँ सिर्फ सन्नाटा था।

ऐसा सन्नाटा, जो कानों...

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ध्रुव आर्या By madhvi

दो हजार सत्तर.
डॉक्टर जैयुश कुलकर्णी जोकि टॉप टेन साइंटिस्ट में पहले नम्बर पर आते है. डॉ कुलकर्णी टेर्रेस पर अपने टेलीस्कोप से आसमान को देख रहे थे तभी कुछ देखकर कहते है
हा ये वही...

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सम्राट अशोक : तलवार, युद्ध और धर्म By Rishav raj

आज की कहानी कुछ ज्यादा ही खास है क्योंकि ये कोई रोमांटिक,फैंटिसी,या सस्पेंस कहानी नहीं है बल्कि ये कहानी है इतिहास के पन्नों में जिनका नाम सुनहरे अक्षरों से लिखा है उन सम्राट अशोक...

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Vulture By Ravi Bhanushali

शीर्षक: वल्चर – अँधेरे की उड़ान
विशेष एपिसोड: “रक्तपंख बनाम नरकवीर”
[दृश्य 1 – महानगर का बाहरी इलाका, संध्या]
लाल सूरज डूब रहा है। धुएँ से भरी हवा में सायरनों की आवाज़ गूँजती है...

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ममता ...एक अनुभूति... By kalpita

केशव किसी तरह धक्कामुक्की से निकलते हुए सप्त क्रांति ट्रेन में चढ़ पाया।
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन लोगों से खचाखच भरा हुआ था—
किसी की आँखों में बिछड़ने का दर्द था, तो किसी के चे...

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वृक्ष वाणी : पर्यावरण सिद्धों का उदय By Prashanth B

मलनाड की सुबह हमेशा खास होती है। जब कोहरे की चादर को चीरकर सूर्य की पहली किरणें धरती पर आती हैं, तो दुनिया किसी जादुई सपने जैसी लगती है। लेकिन अर्जुन के लिए, यह एक अलग ही दुनिया थी...

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मुंबई से यूपी तक: एक अनकहा सफर By Avinash

मुंबई की शामें कभी शांत नहीं होतीं। मरीन ड्राइव पर टकराती लहरों का शोर हो या लोकल ट्रेन की वो अंतहीन जद्दोजहद, यहाँ सुकून तलाशना रेत में सुई ढूँढने जैसा है। भार्गव, जो अंधेरी के एक...

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षड्यंत्र By Ratna Pandey

" इंस्पेक्टर मैं सच कह रही हूँ। उस दिन मेरे घर पार्टी में लगभग 110 लोग आए थे। सभी मेरे दोस्त थे। खाने में चिकन करी, फिश करी और अंडा करी तीनों ही थीं। कुछ लोग चिकन नहीं खाते थे,...

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Beginning of My Love By My imaginary world

बॉस… आपने जैसा कहा था, काम हो गया है…
वह उसी तरह एक पैर पर दूसरा पैर रखे, उस घने अंधेरे कमरे में कुर्सी को आगे-पीछे झुलाते हुए बैठा था।
छह फीट से भी लंबा उसका शरीर मानो उस अंधेरे...

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Ishq ka Ittefaq By Alok

शहर की साफ और चौडी सडक पर कबीर मेहरा की नई' मेबैक' किसी काले चीते की तरह हवा से बातें कर रही थी. कबीर मेहरा—शहर का वो नाम जिससे बिजनेस के गलियारों में सन्नाटा पसर जाता था....

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प्रेरणास्पंदन. By Bhupendra Kuldeep

प्रस्तावना

भारत एक ऐसा देश है जहाँ प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि 'माता' माना जाता है। जब पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और जंगलों के कटने सेपरेशान है, तब हमारे देश के...

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Maharana Pratap By Aarushi Singh Rajput

एक बड़े मेले के भीड़-भाड़ वाले प्रांगण के भीतर एक विशाल कक्ष सजा हुआ था। वहां बहुत सारे लोग मौजूद थे। सामने, एक सोने-ओसके सिंहासन पर लगभग सोलह–सत्रह वर्ष का एक लड़का बैठा था; जलालु...

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राज-ए-खंडहर: श्रापित विरासत By Dev Kumar Rawat

मुंबई की चकाचौंध भरी रोशनियों के बीच, आर्यन का मन कहीं और ही भटक रहा था। वह अपने लैपटॉप की स्क्रीन पर उन पुरानी तस्वीरों को ज़ूम कर रहा था जो उसे उस रहस्यमयी पीले लिफाफे में मिली थ...

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Back for Revenge By Radhika

यह दुनिया बहुत बड़ी है और सबके खयालात भी अलग होते हैं, इसलिए मैंने आज कुछ अलग सोचा है, हां मानती हूं कि इस विषय में बहुत सी कहानियां और नोवेल्स होंगी मगर फिर भी एक अलग नजरिए से इस...

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लाल इश्क. By jagni b

बाहर मुंबई की कभी न थमने वाली रफ़्तार थी और केबिन के अंदर एक गला घोंटने वाली खामोशी। पुराने एयर कंडीशनर की घरघराहट ऐसी लग रही थी जैसे कोई वेंटिलेटर पर आखिरी सांसें ले रहा हो। आरंभी...

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MTNL की घंटी By kalpita

नवंबर की हल्की ठंड...
और मीठी-सी धूप में...
आँगन में बैठी महक अपने गीले बालों को सुखाते हुए कुछ गुनगुना रही थी।

तभी अंदर से फोन की आवाज़ आई...

? "ट्रिन ट्रिन... ट्रिन ट...

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Obsession By Bharti 007

शाम की हल्की सुनहरी रोशनी उस छोटी-सी बस्ती की गलियों में बिखरी हुई थी, जहाँ हर घर अपनी अलग कहानी कहता था—संघर्ष, उम्मीद और अधूरे सपनों की।
उसी बस्ती के एक कोने में था काव्या का घर...

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बारिश के बीच एक अजनबी By Avinash

मुंबई की बारिश का कोई भरोसा नहीं होता। कभी यह सुकून देती है, तो कभी ज़िंदगी की रफ्तार थाम देती है। उस रात भी कुछ ऐसा ही था। आसमान से पानी की चादर गिर रही थी और शहर की चकाचौंध लाइटे...

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Hero By Ram Make

यह कहानी है एक ऐसे लड़के की जो रहस्यम्यी में शक्तियों के साथ पैदा हुआ सन् 2002 सर्दियों का मौसम नवंबर महीना 11 तारीख सुबह सूर्य की किरण के साथ 10:30 बजे भारत की राजधानी दिल्ली के ए...

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शब्द और सत्य By Shivraj Bhokare

1.प्रेम या व्यापार?

जिसे तुम प्रेम कहते हो, ज़रा उसकी तह में जाकर देखो,
क्या वो रूह का मिलन है, या बस एक गहरा समझौता?
तुमने जिसे अपना कहा, क्या उसे सच में जाना है?
या अपनी अध...

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शून्य का सन्नाटा By Ravi Bhanushali

नरक का निमंत्रण (The Hell’s Invite)**

**दृश्य:** साल 2026। दुनिया कोरोना के दसवें वैरिएंट से जूझ रही है। कमांडर विक्रम एक अंधेरे कमरे में बैठा है, तभी एक होलोग्राम जलता है।

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किडनी का तोह्फ़ा By S Sinha

रोमित और जूली दोनों दिल्ली के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में बी.टेक के अंतिम वर्ष में थे . दोनों ही उच्च मध्यम वर्ग के परिवार की संतानें थीं . रोमित का परिवार दिल्ली में ही रहता थ...

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VORTX By Suresh sondhiya

यह कहानी है हमारे ब्रह्मांड R3G7 की... एक ऐसा ब्रह्मांड जो अब अपनी आखिरी सांसें गिन रहा था। तबाही का समय निकट था, लेकिन पृथ्वी के लोग अभी भी अनजान थे।

पृथ्वी पर सात राज्य थे, जि...

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खामोशी का इकरार By Dragon Heart

मेरा नाम आरव मल्होत्रा है, और मैं झूठ बोलने में माहिर हूँ। लेकिन जो कहानी मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ, वो सच है। हर एक शब्द। हर एक पल। क्योंकि कुछ सच इतने भयानक होते हैं कि उन्हें झ...

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अधूरी धुन By Avinash

शहर की शोर-शराबे वाली गलियों के बीच एक छोटा सा कोना ऐसा था, जहाँ वक्त जैसे ठहर सा जाता था। 'रिदम कैफे'—पुरानी ईंटों की दीवारें, पीली मद्धम रोशनी और हवा में तैरती ताज़ा पिसी...

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Star Sentinals By Ravi Bhanushali

शीर्षक: स्टार-सेंटिनल्स: वल्चर के बाद[दृश्य 1 – शोक की धरती]वल्चर की शहादत के बाद शहर की रातें और भी लंबी हो गई थीं। टूटी हुई मूर्ति के सामने मोमबत्तियाँ जल रही थीं। हवा में एक अजी...

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डायरी का वो आखरी पन्ना By Std Maurya

मैंने उत्सुकता से कहा,“भंते जी, चलिए ज़रा करीब से देखते हैं… दूर से तो कुछ साफ दिखाई ही नहीं दे रहा…”प्रियांशी का चेहरा डर के मारे सफेद पड़ गया था। उसने घबराते हुए मेरा हाथ पकड़ लि...

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राधा का संगम By Ramesh Desai

इन हवाओ मे इन फिजाओ मे तुझ को मेरा प्यार पुकारे.. आजा आजा तुझ को मेंरा प्यार पुक

रुक ना पाऊं मैं सजती आऊं मे दिल को ज़ब दिलदार पुकारे

इस गीत की पंक्तियों न...

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तुमसे मोहब्बत है By Deepshikha Kedia

रात के ठीक 12 बज रहे थे।
सिंहानिया ऑफिस में अफरा–तफरी मची हुई थी।
हर तरफ टेंशन… बेचैनी… और एक ही डर—बॉस।

किसी ने घड़ी देखते हुए कहा,
“आज तो बॉस छोड़ेगे नहीं… literally खा जाए...

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विक्री By Priyosi Sarkar

2087 में, सबसे महंगी चीज़ यादें थीं। और सबसे सस्ती चीज़ भी।
मीरा के हाथ काँपते थे — बस थोड़े से, मुश्किल से नज़र आने वाले — जब उसने अपनी हथेली मेमवॉल्ट स्कैनर के ऊपर रखी। शीशे के...

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एक अधूरी मां By Anjali kumari Sharma

राधा का बचपन किसी धुंधली सुबह जैसा था, जहाँ रोशनी तो थी पर गर्माहट नहीं। सात भाई-बहनों के उस बड़े और गरीब परिवार में राधा तीसरे नंबर पर थी। उसका बचपन खेल-कूद में नहीं, बल्कि चूल्हे...

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अहंकार का पोस्टमार्टम By Shivraj Bhokare

समर्पण
उन सभी 'खोजी' मन को, जो भीड़ का हिस्सा बनने से इनकार करते हैं।
और उन साहसी पाठकों को, जो सिर्फ मीठी बातें सुनने के शौकीन नहीं हैं, बल्कि सच सुनने का साहस रखते हैं।...

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प्यार की परीभाषा By Rishav raj

ये मेरी पहली लव स्टोरी होने वाली है इसलिए थोड़ी बहुत गलती हुई तो माफ़ करिएगा और फोलो भी कर लिजिए 100% फोलो बैंक मिलेगा।सुबह की हल्की धूप खिड़की के पर्दों से छनकर कमरे में फैल रही थ...

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सस्सी–पुन्नू By Aarushi Singh Rajput

रात का समय था…

रेगिस्तान अपनी गहरी खामोशी में डूबा हुआ था, लेकिन उस खामोशी के भीतर भी एक अजीब सी बेचैनी तैर रही थी। हवा आज कुछ ज़्यादा ही तेज़ चल रही थी

ऐसी कि रेत के कण उड़-...

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दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में By Shivraj Bhokare

दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में

Part 1: The Exorcist (1973)

चेतावनी: यह सिर्फ एक फिल्म नहीं… एक अनुभव है

रात के 2:47 बजे का समय था।
कमरे में हल्की-सी हवा चल रही थी।
मो...

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अकथ By silent script

बस्ती की तंग गलियों में धूल उड़ रही थी। सूरज की तपिश कच्ची छतों को झुलसा रही थी, लेकिन सात के नील के पैरों में जैसे पहिए लगे थे।

‎"माँ! मैं खेलने जा रहा हूँ," उसने माथे क...

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तेरहवा द्वार By InkImagination

भाग 1

शापित हवेली

रात के ठीक 3 बजकर 13 मिनट हुए थे।

पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा हुआ था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी। पेड़ों की सूखी शाखाएँ एक-दूसरे से टकराकर अजीब आवाज़ें निक...

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बारिश की वो पहली मुलाक़ात By July Writes

जुलाई का महीना था। आसमान कई दिनों से बादलों को थामे बैठा था, जैसे किसी इकरार का इंतज़ार कर रहा हो। और फिर उस दिन… पहली बारिश शुरू हुई।

कॉलेज की छुट्टी के बाद आईशा बस स्टॉप पर खड...

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सीप का मोती. By manasvi Manu

कई सालों से मैं एक सपना देख रहा हूं, जहां सामने नीला पानी और किनारे पर फैली सुनहरी रेत... फिर एक पांव दिखता था सपने में ,जो हमेशा आधा पानी में होता और आधा किनारे पर । उस पांव की वह...

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