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दान मुख्यतः चार प्रकार के होते हैं।एक आहारदान, दूसरा औषधदान, तीसरा ज्ञानदान और च...
यह पूरी पुस्तक मैंने, (A.I.) की सहायता से लिखा है । ...
रात का समय है। हवेली में गहरा सन्नाटा है।बाहर तेज़ हवा चल रही है, बादलों के बीच...
15 अगस्त की सुबह थी।पूरा शहर तिरंगे के रंगों से सजा हुआ था। कहीं स्कूलों में स्व...
सुनीता ने बात को टालते हुए कहा… जैसा तुम सोच रही हो, वैसा कुछ भी नहीं है। देखो…...
पुरानी हवेली की पहली मंज़िल...हवा के हर झोंके के साथ टूटी हुई खिड़कियाँ चरमराने...
अध्याय 2 तीसरा दिनदाह-संस्कार के बाद का सन्नाटा मौत के सन्नाटे से भी ज़्यादा ज़ह...
 शहद की गुड़िया -प्रकरण 82 " ...
### एपिसोड 1: वेरियन ग्रह की छांव में—रॉक्स और शैडो पैंथर की भिड़ंतवेरियन नाम का...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विशिष्ट कार्यप्रणाली-विवेक रंजन श्रीवास्तव राष्ट्रीय...
बेसहारा, गरीब और अनाथ ये तीनों शब्द आराधना को चुभ गये। उसके अंदर सिहरन सी पैदा हो गयी और उसके होंठ कंपकपाने लगे, मानो किसी ने उसे तीर मार दिया हो। आखिर क्या हुआ था उसके साथ? क्या ह...
माता-पिता की इकलौती संतान के रूप में कुल को आबाद रखने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ढोता हुआ मैं अपने जीवन के चालीस बसंत पार कर चुका था, किंतु अभी तक मुझे अपने लिए अपने मन कोई रानी न...
गवाक्ष बसंत पंचमी दिनांक-12 2 2016 (नमस्कार मित्रो ! यह उपन्यास ‘गवाक्ष’ एक फ़िक्शन है जिसे फ़िल्म के लिए तैयार किया जा रहा था किन्तु इसके प्रेरणास्त्रोत 'स्व. इंद्र स्वरूप माथुर...
दो दिनों की लगातार बारिश के बाद चैंधियाती धूप निखरी थी. सफेद कमीज और लाल स्कर्ट में सजी बच्चियों की चहचहाहट से मैंदान गूंज रहा था। नेहा को अपने केबिन में बैठे इन सबकी प्यारी-प्यारी...
उलझन डॉ. अमिता दुबे एक नीचे के फ्लैट में जब से अंशी यानि अंशिका रहने आयी है तब से सोमू यानि सौमित्र का जीवन ही बदल गया है। इससे पहले सोमू तो केवल ‘बोर’ होता था। घनी आबादी के बड़े से...
इक समंदर मेरे अंदर मधु अरोड़ा दिवंगत अम्मां-पिता बिमला और प्रेमचंद चतुर्वेदी की स्मृति को समर्पित अपनी बात ....उबरना स्वयं से.... मैं यह तो नहीं कहूंगी कि मैं उपन्यास लिखने के लि...
बेला… तुम्हें आना ही था… (भूमिका) हुआ कुछ यूं कि पहली अप्रैल को जब डॉक्टर के क्लीनिक से दाहिने पैर पर प्लास्टर लगवा कर निकली, तो ना जाने क्यों जबरदस्त हंसी आ गई। प्लास्टर ताजा-त...
गूगल बॉय (रक्तदान जागृति का किशोर उपन्यास) मधुकांत समर्पण : श्री बाँके बिहारी जी के उपासक श्री रामजी व बुआ माया देवी (बेरी वालों) को सादर समर्पित भूमिका सुबह-सुबह सब्ज़ी ख़रीदने जा...
दी लॉक डाउन टेल्स इसके अंतर्गत देश व्यापी लॉक डाउन के समय की कुछ कहानियों का संग्रह है।। आज की पहली कहानी सौतन से छुटकारा आपके सामने है.....एक सरकारी विभाग में कार्यरत राजेश विभाग...
लिव इन लॉकडाउन और पड़ोसी आत्मा जितेन्द्र शिवहरे (1) धरम की गिनती असामाजिक तत्वों में होने लगी थी। परिवार वाले उसकी मारपीट और गुंडागर्दी से तंग आ आ गये। पुरे मोहल्ले में बेड ब्वॉय क...
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