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मौत की किताब और अतीत का पन्नासाल 2026, रात के 9 बजे। दिल्ली की नेशनल लाइब्रेरी म...
राधे राधे! "मैं नहीं आई थी तुम्हारी ज़िंदगी में... वो तुम थे जो मेरे पास आए थे!...
हम सब दिन-रात इस तलाश में भाग रहे हैं कि कहीं से हमें थोड़ा सुख और मन का सुकून म...
श्रावण मास का महत्व श्राव...
-----------------रात के ग्यारह बज चुके थे। रायदित मैंशन का मास्टर बेडरूम हमेशा...
चौहान हवेली के बाहर स्कूल बस आकर रुकी। काजल हमेशा की तरह विवान को लेने बाहर आई।...
बर्बाद इश्कएपिसोड 18 — राणा से आमना-सामनामुंबई में समुद्र का किनारा सुबह के वक़्...
स्थान बुलाता हैशारदा के पुत्र तरूण के ससुर के हृदयघात से मृत्यु कासमाचार जब से आ...
जंगल के बीचों-बीच गोदाम दूर से जितना शांत दिखाई देता था, पास से उतना ही खतरनाक थ...
इस मकान को...
अपने-अपने कारागृह' मेम साहब फोन ...।' फोन अटेंडेन्ट ने उसे फोन देते हुए कहा।'दीदी कैसी है आप? आपका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था इसलिए लैंडलाइन पर फोन किया । बताइए आप कब तक...
बदलते प्यार की परिभाषा बदलते प्यार की परिभाषा आजकल के युवा वर्ग के प्यार की कहानी है। उनके लिये प्यार का परिभाषा पहले से बहुत ज्यादा बदली हुई हैं। उनके लिए प्या...
धनक.... कितना सुंदर नाम है। वह उसे बार-बार प्रोनाउंस कर रहा था। देर रात अथर्व होटल के रूम में पहुँचा था। सोमवार को वह कंपनी ज्वाइन करने वाला है और इसलिए आज सुबह की फ्लाइट से वह यहा...
कमरे में सुबह की हल्की-सी रोशनी आ रही थी। बड़े शहरों के फाइव स्टार अपार्टमेंट में खिड़कियाँ तो बड़ी-बड़ी होती है, लेकिन उन पर पर्दे भी उतने ही मोटे पड़े रहते हैं। रोशनी तो चाहिए, ल...
लहराता चाँद लता तेजेश्वर 'रेणुका' लहराता चाँद, (उपन्यास) सिर दर्द से फटा जा रहा था। आँखें भारी-भारी -सी लग रही थी। वह उठने की कोशिश कर रही थी पर उसकी पलकें हिलने से इनकार र...
नर्मदा नदी के तट पर जलती चिता की लपटों का आग्नेय रंग अस्ताचल में ढलते सूरज की लालिमा में विलीन होता चला जा रहा था। फाल्गुनी के विलाप के संग आज नर्मदा की लहरें भी " छाजिया "...
प्रथम अध्याय----------------- आज मैं अत्यंत प्रसन्न हूँ क्योंकि मैंने अपनी पत्नी लता के एक अहम स्वप्न को साकार रूप दे दिया है।आज हमारे वृद्धराश्रम का आधिकारिक रूप से शुभारंभ ह...
सुलझे….अनसुलझे!!! (भूमिका) ------------------------ जब किसी अपरिचित की पीड़ा अन्तःस्थल पर अनवरत दस्तकें देने लगती हैं, तब उसकी कही-अनकही पीड़ा हमको उसके बारे में बहुत कुछ सोचने और...
विश्वभर में भारत अकेला ऐसा देश है जहां संसार के सभी धर्मों के लोग आमतौर से शांतिपूर्वक रहते आए हैं। यहां की गंगा-जमुनी संस्कृति देश-विदेश के लोगों के लिए हैरत का विषय बनी रही है क्...
भाग-1 बहुत देर से शालिनी छत पर खड़ी बारिश में भीग रही थी! कहने को तो बूंदें तन पर पड़ रही थीं पर भीग उसका मन भी रहा था जहां एक अनजानी सी ज्वाला लपलपाते हुए उसके मन को अनजाने ही झुल...
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