सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • रोशनी बुझे दिये की

    The story is about the illuminating heart that leads one and all from darkness t...

  • अलीबाबा - Starup Success Stories

    KFC ने चीन में अपने कदम्म ही रखे थे। 24 उम्मीदवारों ने वहां भगय आजमाया 23 उम्मीद...

  • ज़ेबा

    ज़ेबा की कहानी जो एक आम लड़की से बनती है एक स्टार। ज़िन्दगी के कुछ मोड़ो पर खुद से ह...

रोशनी बुझे दिये की By Bhupendra Kumar Dave

The story is about the illuminating heart that leads one and all from darkness to light. It radiates, diffuses, reflects light in all directions and even a person standing under a...

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कहानी - ज़रूरतें By Lovelesh Dutt

“अब फैसला आपको करना है। मेरी बात मानेंगे तो दोनों की ज़रूरतें पूरी हो जाएँगी, वरना...” कहकर स्मृति चली गयी। विवेक अभी तक मुँह नीचे किये बैठा था। उसकी समझ में नहीं आ रहा था क...

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कहानी - रांग नम्बर By Lovelesh Dutt

“हैलो...हैलो...अंकित बेटा...हम पहुँचने वाले हैं...ट्रेन आउटर पर खड़ी है।” “अच्छा पापा, मैं भी निकलता हूँ ऑफिस से, बस दस मिनट में स्टेशन पहुँच जाऊँगा। आप वेटिंग रूम में बैठ जाइएगा”...

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अलीबाबा - Starup Success Stories By Jahnavi Suman

KFC ने चीन में अपने कदम्म ही रखे थे। 24 उम्मीदवारों ने वहां भगय आजमाया 23 उम्मीदवार नियुक्त हो गए। 24 वां जो उम्मीदवार असफल रहा वो जैक मा थे।

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ट्रेन लेट होगी By Rajan Dwivedi

हमारे लिए ट्रेन का लेट हो जाना कोई असामान्य घटना नहीं है। प्रायः लंबी दूरी की ट्रेन लेट हो ही जाती है। आजकल तो 20-25 घंटों तक। ऐसे में यात्रियों को कई प्रकार की समस्या का सामना करन...

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परी और जादुई फूल By महेश रौतेला

परी और जादुई फूल नैनीताल की ठंडी सड़क पर धीरे-धीरे चल रहा हूँ।सड़क के किनारे बर्फ अभी भी जमी है। इस सड़क पर बहुत बार अकेले और कुछ बार साथियों के साथ आना-जाना हुआ था।इस पर बोलता हूँ ,...

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बबूल के काँटे By Bhupendra Kumar Dave

This is a children s story based on pure imagination of an old grand mother. She is trying to tell the children how the God intended to disign the human being and how a devil tried...

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पापा आ गए... - पापा आ गए.... By Abhijeet Yadav

कभी कभी जब हम इस जिंदगी की भाग दौड़ को पीछे छोड़ एकांत में कुछ पल बिताते है तो बहुत से सुलझे अनसुलझे सवालों से हमारा सामना होता है।जैसे की जब भी हम कभी बीती बातों को गौर करते है, तो...

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Babuk ke kante By Bhupendra kumar Dave

बबूल के काँटे दादी के पान का पसारा देखकर बड़ी खुशी होती --- हम दौड़कर दादी के पास पहुँच जाते। हमें मालूम है कि बच्चों से घिरी दादी बड़े करीने से पान लगायेगी। धीरे धीरे --- चूना लगा...

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ज़ेबा By Ravi

ज़ेबा की कहानी जो एक आम लड़की से बनती है एक स्टार। ज़िन्दगी के कुछ मोड़ो पर खुद से हारती और जीतती ज़ेबा की कहानी। एक सस्पेंस में डूबा लघु उपन्यास।

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गलीज़ ज़िंदगी By Dr Ria Sharma

औघड़ तू भी मेरा भला नहीं कर सका। बेकार रही तेरी भक्ति। जिन्दगी भर न तो तन को नया कपड़ा दिया, न पेट भर खाना। न घर न घरवाली। देख तेरे भक्त की हालात। है कोई इसे सँभालने वाली बनाकर दो र...

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वचनबद्ध By Rajan Dwivedi

स्लेटी पैंट-शर्ट और सफ़ेद शलवार-स्लेटी कुर्ता वाले उस क्लास में सबसे अलग... जैसे सूखे हुए बाग़ में सुर्ख गुलाब का फूल. उसके आने से न सिर्फ चलता हुआ लेक्चर रुका बल्कि कईयों की सांसे भ...

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ड्रेक्युला 10-10 By Mohd Siknandar

This story strated with a small state, Romania in Italy. The ruler of the state, Dracula, was blood thirsty. The country side people was panicked from his terror. He was blessed wi...

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भलाई By Rajesh Mehra

यदि आदमी का मन और कर्म सच्चे हो तो कोई भी उसका कुछ नही बिगाड़ सकता यदि उसपर कोई विपत्ति भी आने वाली होगी तो वह भी ताल जायेगी उसकी भलाई उसकी नही अपितु उसके पूर्वजो का भी उद्दार कर स...

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बीमार By Sonu Dwivedi

शहर के नामी अस्पताल में इलाज के लिए आये एक आम शहरी का अनुभव। वी आई पी कल्चर को समाप्त करने का दावा करते जनप्रतिनिधियों के कथनी और करनी को उजागर करती कहानी।

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होना नारी का… By Rajesh Mehra

नारी जीवन कितना कठिन है उस देश में जहाँ पर नारी को केवल खिलौना ही समझा जाता है, किन्तु वह अपने लिय कभी नही जीती अपना जीवन देकर भी वह अपना वह स्थान नही बना पाती जो उसे मिलना चाहिए

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पड़ोस - National Story Competition-jan By Rajan Dwivedi

यह कहानी एक माध्यम वर्गीय परिवार के उस व्यक्ति से सम्बंधित है जो अपने पड़ोस में होने वाले नकारात्मक परिवर्तन को से बहुत व्यथित है किन्तु लगातार कई दिनों तक अपने पडोसी को न पाकर उ...

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समझौता - National story competition jan By Sonu Dwivedi

ठाकुरों के घर काम करने वाली गरीब लड़की सन्नो का जीवन मे आने वाली कठिनाइयों के साथ संघर्ष, ठाकुरों का उग्र स्वभाव तथा सन्नो का आत्मसम्मान एवम परिस्थितियों के बीच समझौते की कहानी

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समझ... By Pawnesh Dixit

it s the story based upon child vikki who is irritated feels discomfort in company of others. how this goes on in story what happens in his life and he he becomes flexible and int...

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लालच - national story competition jan By Pradeep Mishra

ऐसे निरीह , पीड़ित लोगो को अस्पतालों में इधर-उधर रिरियाते दुत्कारे जाते देख न जाने क्यों भीतर एक टीस सी उठती है .....जो लोग कभी अपनी जिंदगी को गंभीरता से ले पाने की स्थिति में नहीं...

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उसे वचन निभाना था By Bhupendra Kumar Dave

The story is about two brave explorers in Antartica who try to save each other in order to keep the promise made by them, keeping aside their earlier selfish desire to save themsel...

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रेस का घोड़ा - National Story Competition By Alka Pramod

story for ‘National Story Competition-Jan’2018.this is story about a child psychology and modern days parenting.its the social matter and warning for the parents ,wh are over ambit...

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बुआ By महेश रौतेला

अल्मोड़ा में स्थित गांव के परिवेश में उपजी कथा का वर्णन है। बुआ का अपने मैके से असीम प्यार इस कहानी में व्यक्त होता है। साथ हीअन्य जुड़ी घटनाओं से भी कहानी जुड़ी है।

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लिफाफा By महेश रौतेला

लिफाफा:
अच्छी खासी ठंड है।शब्द उड़ते पंछी की तरह आ रहे हैं। इतने में सुधांशु आकर मेरे बगल में बैठ जाता है। कहता है क्या लिख रहे हो मैं उसे कागज थमा देता ।उसके हाथ में तीन लिफाफे ह...

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एक कहानी ऐसी भी By Shruti Mehrotra

मेरा नाम श्रुति मेहरोत्रा है। जब मैं कक्षा 4 में थी तब से ही मुझे पुस्तक पढ़ना बहुत अच्छा लगने लगा और आज मैंने अपनी खुद की पुस्तक लिखीं हैं। मुझे पुस्तक में रुचि दिलाने वालीं मेरी...

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कुंए को बुखार By Omprakash Kshatriya

कमल शहर से गाँव आया हुआ था. उस का दोस्त रोहन गाँव में रहता था. जब उसे पता चला कि रोहन के कुंए को बुखार है. आज उस की जाँच की जाना है तब रोहन और कमल ने क्या किया वे इस के लिया कहाँ...

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ब्‍लू व्‍हेल By Dr Lalit Singh Rajpurohit

मॉं... मॉं... मुझे बचा लों… यह मछली मुझे निगल जाएगी… मॉंSSS...। मयंक समुद्र के पानी में हाथ-पॉंव मारता हुआ किनारे की तरफ तैरता हुआ अपनी मॉं को पुकार रहा था। मेनका किनारे पर बेबस खड...

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इमारत मेरी है By Shobha Rastogi

माँ के लिए बेटी का दर्द

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शराबी पटवारी By Omprakash Kshatriya

पटवारी के बारे में आम धारणा है कि वह बिना पैसे कोई काम नहीं करता है. किसी की हिम्मत नहीं है कि कोई उस की शिकायत करे . अन्यथा उसे ऐसा हथियार मिला हुआ है जिस से वह शिकायतकर्ता को चित...

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चित्रमाला का शीर्षक By Manish Kumar Singh

छ्ल-कपट के द्वारा स्त्री को हासिल करने वाले तथाकथित अक्लमंद लोगों का दाँव कभी-कभी उलटा पड़ जाता है। समाज के नैतिक नियमों को धता बताने वाला अंत में मुँह की खाता है।

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सठिया गयी हो By Savita Mishra

घर मोहल्ले की घुटन भरे वातावरण से निकलकर व्यक्ति पार्क में जाकर कुछ ताज़ी हवा खाता है लेकिन कुछ लोग अपनी प्रवृत्ति के वशीभूत होकर ताज़ी हवा में भी अपने मन मुताबिक दूषित वातावरण अना...

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बेकसूर By Omprakash Kshatriya

उस का कोई कसूर नहीं था फिर उसे सजा क्यों मिली वह समझ नहीं पाई . तभी एक हादसा हो गया. जिस की जिम्मेदार भी वह नहीं थी. आखिर उस ने कौन सा अपराध किया था जिस की सजा वह भुगत रही थी. ज...

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कपूर साहब की फैमिली By Manish Kumar Singh

दुनिया के लिए विज्ञान और नवीन प्रविधियॉ चाहे कितनी भी जरुरी हो, विकास-दर और औद्योगिक विकास कितना भी अहम स्थान रखता हो, इनकी न कोई विचारधारा होती है और न ही मानवीय संवेदना। यह दुनिय...

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सुनैना By Jahnavi Suman

हम अपनी रीतियों और परम्पराओं को आँखें मूंद कर निभाते चले जाते हैं। उसके पीछे छिपे उद्देश्य को नहीं समझ पाते है। कहानी का उद्देश्य सामाजिक परंपराओं के भीतर छिपे मुख्य उद्देश्य को सा...

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आशा By Ravi

आशा, एक आम लड़की जो उम्र के 27वे पड़ाव पर है।
छोटी लगने वाली बातें अक्सर बड़ी होती है। इन्ही बातों तंग आकर वो...आखिर क्या करती है आशा। पढ़िए एक छोटी सी कहानी आशा की कहानी।

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यात्रा, मदारी, सँपेरे और साँप By BALRAM AGARWAL

अभिजात्य वर्ग के कुछ लोगों में पसरे अस्पृश्यता के छद्म को निहायत खिलंदड़े अंदाज में उतारकर सामने रखती कहानी। इस कहानी का नायक शर्मा स्वयं सवर्ण होने के बावजूद ट्रेन की सीट पर फैलक...

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अनमोल क्षण By Bhupendra Kumar Dave

This one is a short story written while observing the passengers waiting at the airport. They had to wait for three long hours and everyone appeared restless. But there was an Indi...

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कहानी सरहद की By Bhupendra Kumar Dave

It is a short story on a jawan who was fighting on border. His friend who was also fighting on the border was mortally wounded, requests this jawan to visit his sister on rakshabha...

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मानसिक अशांति और उपवास By Rajan Dwivedi

व्यवस्था से दुखी शहरी मध्यमवर्गीय परिवार के ऐसे दंपत्ती की कथा जो मानसिक अशांति का हल उपवास में तलाशता है पर उसे धर्म के ठेकेदारों के रवैये से निराशा ही हाथ लगती है ।

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कहानियाँ अपनी सी By Sangeeta Gandhi

जीवनके अलग अलग सन्दर्भों से जुड़ीं तीन कहानियाँ ।कुछ सपने देखती ,बुनती ।कुछ टूटते सपनें चुनतीं परछाइयां । समय के बदलते आयाम और व्यक्ति के जीवन के संघर्ष संजोती कहानियाँ।

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रोशनी बुझे दिये की By Bhupendra Kumar Dave

The story is about the illuminating heart that leads one and all from darkness to light. It radiates, diffuses, reflects light in all directions and even a person standing under a...

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कहानी - ज़रूरतें By Lovelesh Dutt

“अब फैसला आपको करना है। मेरी बात मानेंगे तो दोनों की ज़रूरतें पूरी हो जाएँगी, वरना...” कहकर स्मृति चली गयी। विवेक अभी तक मुँह नीचे किये बैठा था। उसकी समझ में नहीं आ रहा था क...

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कहानी - रांग नम्बर By Lovelesh Dutt

“हैलो...हैलो...अंकित बेटा...हम पहुँचने वाले हैं...ट्रेन आउटर पर खड़ी है।” “अच्छा पापा, मैं भी निकलता हूँ ऑफिस से, बस दस मिनट में स्टेशन पहुँच जाऊँगा। आप वेटिंग रूम में बैठ जाइएगा”...

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अलीबाबा - Starup Success Stories By Jahnavi Suman

KFC ने चीन में अपने कदम्म ही रखे थे। 24 उम्मीदवारों ने वहां भगय आजमाया 23 उम्मीदवार नियुक्त हो गए। 24 वां जो उम्मीदवार असफल रहा वो जैक मा थे।

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ट्रेन लेट होगी By Rajan Dwivedi

हमारे लिए ट्रेन का लेट हो जाना कोई असामान्य घटना नहीं है। प्रायः लंबी दूरी की ट्रेन लेट हो ही जाती है। आजकल तो 20-25 घंटों तक। ऐसे में यात्रियों को कई प्रकार की समस्या का सामना करन...

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परी और जादुई फूल By महेश रौतेला

परी और जादुई फूल नैनीताल की ठंडी सड़क पर धीरे-धीरे चल रहा हूँ।सड़क के किनारे बर्फ अभी भी जमी है। इस सड़क पर बहुत बार अकेले और कुछ बार साथियों के साथ आना-जाना हुआ था।इस पर बोलता हूँ ,...

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बबूल के काँटे By Bhupendra Kumar Dave

This is a children s story based on pure imagination of an old grand mother. She is trying to tell the children how the God intended to disign the human being and how a devil tried...

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पापा आ गए... - पापा आ गए.... By Abhijeet Yadav

कभी कभी जब हम इस जिंदगी की भाग दौड़ को पीछे छोड़ एकांत में कुछ पल बिताते है तो बहुत से सुलझे अनसुलझे सवालों से हमारा सामना होता है।जैसे की जब भी हम कभी बीती बातों को गौर करते है, तो...

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Babuk ke kante By Bhupendra kumar Dave

बबूल के काँटे दादी के पान का पसारा देखकर बड़ी खुशी होती --- हम दौड़कर दादी के पास पहुँच जाते। हमें मालूम है कि बच्चों से घिरी दादी बड़े करीने से पान लगायेगी। धीरे धीरे --- चूना लगा...

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ज़ेबा By Ravi

ज़ेबा की कहानी जो एक आम लड़की से बनती है एक स्टार। ज़िन्दगी के कुछ मोड़ो पर खुद से हारती और जीतती ज़ेबा की कहानी। एक सस्पेंस में डूबा लघु उपन्यास।

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गलीज़ ज़िंदगी By Dr Ria Sharma

औघड़ तू भी मेरा भला नहीं कर सका। बेकार रही तेरी भक्ति। जिन्दगी भर न तो तन को नया कपड़ा दिया, न पेट भर खाना। न घर न घरवाली। देख तेरे भक्त की हालात। है कोई इसे सँभालने वाली बनाकर दो र...

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वचनबद्ध By Rajan Dwivedi

स्लेटी पैंट-शर्ट और सफ़ेद शलवार-स्लेटी कुर्ता वाले उस क्लास में सबसे अलग... जैसे सूखे हुए बाग़ में सुर्ख गुलाब का फूल. उसके आने से न सिर्फ चलता हुआ लेक्चर रुका बल्कि कईयों की सांसे भ...

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ड्रेक्युला 10-10 By Mohd Siknandar

This story strated with a small state, Romania in Italy. The ruler of the state, Dracula, was blood thirsty. The country side people was panicked from his terror. He was blessed wi...

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भलाई By Rajesh Mehra

यदि आदमी का मन और कर्म सच्चे हो तो कोई भी उसका कुछ नही बिगाड़ सकता यदि उसपर कोई विपत्ति भी आने वाली होगी तो वह भी ताल जायेगी उसकी भलाई उसकी नही अपितु उसके पूर्वजो का भी उद्दार कर स...

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बीमार By Sonu Dwivedi

शहर के नामी अस्पताल में इलाज के लिए आये एक आम शहरी का अनुभव। वी आई पी कल्चर को समाप्त करने का दावा करते जनप्रतिनिधियों के कथनी और करनी को उजागर करती कहानी।

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होना नारी का… By Rajesh Mehra

नारी जीवन कितना कठिन है उस देश में जहाँ पर नारी को केवल खिलौना ही समझा जाता है, किन्तु वह अपने लिय कभी नही जीती अपना जीवन देकर भी वह अपना वह स्थान नही बना पाती जो उसे मिलना चाहिए

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पड़ोस - National Story Competition-jan By Rajan Dwivedi

यह कहानी एक माध्यम वर्गीय परिवार के उस व्यक्ति से सम्बंधित है जो अपने पड़ोस में होने वाले नकारात्मक परिवर्तन को से बहुत व्यथित है किन्तु लगातार कई दिनों तक अपने पडोसी को न पाकर उ...

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समझौता - National story competition jan By Sonu Dwivedi

ठाकुरों के घर काम करने वाली गरीब लड़की सन्नो का जीवन मे आने वाली कठिनाइयों के साथ संघर्ष, ठाकुरों का उग्र स्वभाव तथा सन्नो का आत्मसम्मान एवम परिस्थितियों के बीच समझौते की कहानी

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समझ... By Pawnesh Dixit

it s the story based upon child vikki who is irritated feels discomfort in company of others. how this goes on in story what happens in his life and he he becomes flexible and int...

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लालच - national story competition jan By Pradeep Mishra

ऐसे निरीह , पीड़ित लोगो को अस्पतालों में इधर-उधर रिरियाते दुत्कारे जाते देख न जाने क्यों भीतर एक टीस सी उठती है .....जो लोग कभी अपनी जिंदगी को गंभीरता से ले पाने की स्थिति में नहीं...

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उसे वचन निभाना था By Bhupendra Kumar Dave

The story is about two brave explorers in Antartica who try to save each other in order to keep the promise made by them, keeping aside their earlier selfish desire to save themsel...

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रेस का घोड़ा - National Story Competition By Alka Pramod

story for ‘National Story Competition-Jan’2018.this is story about a child psychology and modern days parenting.its the social matter and warning for the parents ,wh are over ambit...

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बुआ By महेश रौतेला

अल्मोड़ा में स्थित गांव के परिवेश में उपजी कथा का वर्णन है। बुआ का अपने मैके से असीम प्यार इस कहानी में व्यक्त होता है। साथ हीअन्य जुड़ी घटनाओं से भी कहानी जुड़ी है।

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लिफाफा By महेश रौतेला

लिफाफा:
अच्छी खासी ठंड है।शब्द उड़ते पंछी की तरह आ रहे हैं। इतने में सुधांशु आकर मेरे बगल में बैठ जाता है। कहता है क्या लिख रहे हो मैं उसे कागज थमा देता ।उसके हाथ में तीन लिफाफे ह...

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एक कहानी ऐसी भी By Shruti Mehrotra

मेरा नाम श्रुति मेहरोत्रा है। जब मैं कक्षा 4 में थी तब से ही मुझे पुस्तक पढ़ना बहुत अच्छा लगने लगा और आज मैंने अपनी खुद की पुस्तक लिखीं हैं। मुझे पुस्तक में रुचि दिलाने वालीं मेरी...

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कुंए को बुखार By Omprakash Kshatriya

कमल शहर से गाँव आया हुआ था. उस का दोस्त रोहन गाँव में रहता था. जब उसे पता चला कि रोहन के कुंए को बुखार है. आज उस की जाँच की जाना है तब रोहन और कमल ने क्या किया वे इस के लिया कहाँ...

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ब्‍लू व्‍हेल By Dr Lalit Singh Rajpurohit

मॉं... मॉं... मुझे बचा लों… यह मछली मुझे निगल जाएगी… मॉंSSS...। मयंक समुद्र के पानी में हाथ-पॉंव मारता हुआ किनारे की तरफ तैरता हुआ अपनी मॉं को पुकार रहा था। मेनका किनारे पर बेबस खड...

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इमारत मेरी है By Shobha Rastogi

माँ के लिए बेटी का दर्द

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शराबी पटवारी By Omprakash Kshatriya

पटवारी के बारे में आम धारणा है कि वह बिना पैसे कोई काम नहीं करता है. किसी की हिम्मत नहीं है कि कोई उस की शिकायत करे . अन्यथा उसे ऐसा हथियार मिला हुआ है जिस से वह शिकायतकर्ता को चित...

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चित्रमाला का शीर्षक By Manish Kumar Singh

छ्ल-कपट के द्वारा स्त्री को हासिल करने वाले तथाकथित अक्लमंद लोगों का दाँव कभी-कभी उलटा पड़ जाता है। समाज के नैतिक नियमों को धता बताने वाला अंत में मुँह की खाता है।

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सठिया गयी हो By Savita Mishra

घर मोहल्ले की घुटन भरे वातावरण से निकलकर व्यक्ति पार्क में जाकर कुछ ताज़ी हवा खाता है लेकिन कुछ लोग अपनी प्रवृत्ति के वशीभूत होकर ताज़ी हवा में भी अपने मन मुताबिक दूषित वातावरण अना...

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बेकसूर By Omprakash Kshatriya

उस का कोई कसूर नहीं था फिर उसे सजा क्यों मिली वह समझ नहीं पाई . तभी एक हादसा हो गया. जिस की जिम्मेदार भी वह नहीं थी. आखिर उस ने कौन सा अपराध किया था जिस की सजा वह भुगत रही थी. ज...

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कपूर साहब की फैमिली By Manish Kumar Singh

दुनिया के लिए विज्ञान और नवीन प्रविधियॉ चाहे कितनी भी जरुरी हो, विकास-दर और औद्योगिक विकास कितना भी अहम स्थान रखता हो, इनकी न कोई विचारधारा होती है और न ही मानवीय संवेदना। यह दुनिय...

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सुनैना By Jahnavi Suman

हम अपनी रीतियों और परम्पराओं को आँखें मूंद कर निभाते चले जाते हैं। उसके पीछे छिपे उद्देश्य को नहीं समझ पाते है। कहानी का उद्देश्य सामाजिक परंपराओं के भीतर छिपे मुख्य उद्देश्य को सा...

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आशा By Ravi

आशा, एक आम लड़की जो उम्र के 27वे पड़ाव पर है।
छोटी लगने वाली बातें अक्सर बड़ी होती है। इन्ही बातों तंग आकर वो...आखिर क्या करती है आशा। पढ़िए एक छोटी सी कहानी आशा की कहानी।

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यात्रा, मदारी, सँपेरे और साँप By BALRAM AGARWAL

अभिजात्य वर्ग के कुछ लोगों में पसरे अस्पृश्यता के छद्म को निहायत खिलंदड़े अंदाज में उतारकर सामने रखती कहानी। इस कहानी का नायक शर्मा स्वयं सवर्ण होने के बावजूद ट्रेन की सीट पर फैलक...

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अनमोल क्षण By Bhupendra Kumar Dave

This one is a short story written while observing the passengers waiting at the airport. They had to wait for three long hours and everyone appeared restless. But there was an Indi...

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कहानी सरहद की By Bhupendra Kumar Dave

It is a short story on a jawan who was fighting on border. His friend who was also fighting on the border was mortally wounded, requests this jawan to visit his sister on rakshabha...

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मानसिक अशांति और उपवास By Rajan Dwivedi

व्यवस्था से दुखी शहरी मध्यमवर्गीय परिवार के ऐसे दंपत्ती की कथा जो मानसिक अशांति का हल उपवास में तलाशता है पर उसे धर्म के ठेकेदारों के रवैये से निराशा ही हाथ लगती है ।

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कहानियाँ अपनी सी By Sangeeta Gandhi

जीवनके अलग अलग सन्दर्भों से जुड़ीं तीन कहानियाँ ।कुछ सपने देखती ,बुनती ।कुछ टूटते सपनें चुनतीं परछाइयां । समय के बदलते आयाम और व्यक्ति के जीवन के संघर्ष संजोती कहानियाँ।

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