लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • हरे रंग का खरगोश

    मैं प्रभुनाथ की बगीची से पैदल पैदल वापस लौट रहा था. मैंने वहां करीब ढाई घंटे बित...

  • Dukham Sharanam Gachchhami

    दुक्खम्‌ शरणम गच्छामि! धीरेन्द्र अस्थाना अंधेरा पूरा था और सन्नाटा संगदिल। उस वि...

  • neem hakim dr pyare

    this is a real story of a doctor practising without any degree

हरे रंग का खरगोश By Ashok Gupta

मैं प्रभुनाथ की बगीची से पैदल पैदल वापस लौट रहा था. मैंने वहां करीब ढाई घंटे बिताये थे. यहाँ आते समय मैं जितना झुंझलाया हुआ और अपने आप पर खीझ में था, वापसी में मैं उतना ही पुलकित औ...

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Bahadur beti Chapter - 5 By Anand Vishvas

निश्चित समय से पहले ही अनेक लोकों के बाल-प्रतिनिधि और बाल-मित्र आरती के घर पर पहुँच चुके थे। बड़ा ही सुन्दर और मनुहारी वातावरण था आरती के घर का। भिन्न-भिन्न लोकों के तरह-तरह के रंग...

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दीपक शर्मा कौन है By Ratan Chand Ratnesh

एक ऐसी कहानी जिसका अंत न सिर्फ आपको चौंकाएगा बल्कि आपके मन में कई प्रश्न खड़ा करेगा। अलबत्ता आप उस प्रश्न का उत्तर भी तत्काल अपने मन में गढ़ लेंगे। वह उत्तर क्या है, कहानीकार भी जा...

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mod ke aage By Pramila Verma

एक युवा लड़के की कहानी जो अपनी जिम्मेदारियों से बचता रहा.

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Pratishodh By Bhagwati Prasad Dwivedi

प्रतिशोध ‘आइसक्रीम..... मलाईबरपफ.... ले लो बाबू.... दूध् वाली.... मलाई वाली.... आइसक्रीम..... !' पूरे गाँव में पेफरी लगाता हुआ बहिरा आइसक्रीम बेच रहा था । साँवली काया, माथे पर...

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Dukham Sharanam Gachchhami By dhirendraasthana

दुक्खम्‌ शरणम गच्छामि! धीरेन्द्र अस्थाना अंधेरा पूरा था और सन्नाटा संगदिल। उस विशाल कैफे के ठंडे हॉल में मेरे कदम इस तरह पड़े जैसे आश्चर्य लोक में एलिस। हॉल सिरे से खाली था और मैं न...

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neem hakim dr pyare By Ved Prakash Tyagi

this is a real story of a doctor practising without any degree

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भिखारिन By Rabindranath Tagore

अन्धी प्रतिदिन मन्दिर के दरवाजे पर जाकर खड़ी होती, दर्शन करने वाले बाहर निकलते तो वह अपना हाथ फैला देती और नम्रता से कहती- बाबूजी, अन्धी पर दया हो जाए।
वह जानती थी कि मन्दिर में आन...

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Sahyog By Jayshankar Prasad

सहयोग जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusive digital publi...

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Savita Singh ki Laghukathaye : Part-1 By Savita Singh

जीवन के सच को रेखांकित करती लघुकथाएं...

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टीस By Sanjay Kumar

कहानी टीस .......आस-पास की घटना है ...........
सुबह का समय। कुसुम ने ज्योंही पेस्ट ब्रश पर लगाया और ब्रश करने के लिए दांतों पर रखा ही था कि दरवाजे पर थाप के साथ चिरपरिचित राय जी...

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वे न होते By Manju Gupta

अगर वे न होते कहानी में पढ़ी लिखी जानकी की स्त्री सशक्तिकरण की मिसाल है । शादी के
बाद प्रतिकूलताओं को अपनाने की कोशिश करती है ।
रूढ़ि वादी सास , ससुर उसे नोकरी नहीं...

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सबका उजाला By Ashok Gupta

' हबीब चिक वाला '
सामने बोर्ड देख कर अनीस ने रिक्शा रुकवा लिया.उस कस्बे में सुबह बस अंगडाई ले ही रही थी.सर्दी ज़बरदस्त तो नहीं थी, लेकिन उसकी हाजिरी बखूबी साफ़ थी. धूप फैलन...

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खेत में कणक By Ratan Chand Ratnesh

संयुक्त परिवारों में मिल बाँटकर सब हो जाया करता है। जमाने की हवा में जहाँ स्वयं बँट गए, वहाँ काम भी बँट गए। कुछ काम अभी, कुछ बाद में। जरूरी पहले, गैरजरूरी समय हाथ में रहा तब। सुबह...

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संक्षेप में By Arunendra Nath Verma

कितना भी प्रयत्न करूँ कि कहीं काम से जाते समय उनसे सामना न हो, पर हो ही जाता है. वे अपने घर के सामने आसन जमाकर बैठे ही रहते हैं –सर्दियों में छोटे से लॉन के बीचोंबीच बैठ कर धूप में...

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बदहवास By Neelima Sharrma Nivia

बलात्कार शब्द ही भयावह हैं | जिसे लफ्जों में बयां नही किया जा सकता | स्त्री देह एक बार गुजरती पुरुष देह टेल लेकिन उसका मन लाखो बार सोचो में बलात्कार का शिकार होता | बलात्कार क...

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मुट्ठी भर शब्द (निविया की लघुकथाये ) By Neelima Sharrma Nivia

मुट्ठी भर अक्षर शब्द लेकर कुछ लघुकथाये लिखी . जो जीवन के करीबी पहुलुओ को छू रही हैं . लघुकथाये हमेशा कम शब्दों में ज्यादा कह जाती हैं .जो गहरे तलक तक असर करती हैं .

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ईश्वर By Ambalika Sharma

जीवन मैं माँ का महत्त्व कितना होता है

इश्वर से भी ऊँचा होता है माँ का स्थान

यह बात को बखूबी समजा रही कहानी पढ़िए इश्वर

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जटायु By Manish Kumar Singh

समाज में कुछ ऐसे इंसान भी होते हैं जो शायद लोगों को सनकी लगे लेकिन वे बिना किसी भय और लालच के बुराई का विरोध करते हैं।

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Seraj Band Baja By Jaynandan

माघी खलको का वह पहला दिन था जब बारात में अपने सिर पर ट्यूब लाइट का गमला ढोनेवाली रेजा का काम शुरू कर रही थी। प्रथम ग्रासे मक्षिका पातः वाली कहावत चरितार्थ हो गई थी। बारात चली ही थी...

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Jeeney ki Raah By Kavita Raizada

nari ki peeda aur har paristithi ka samna kayse karna hai daarshata kahani sangrah jeeney ki Raah

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प्रेम का मूल्य By Rabindranath Tagore

बृहस्पति छोटे देवतओं का गुरु था। उसने अपने बेटे कच को संसार में भेजा कि शंकराचार्य से अमर-जीवन का रहस्य मालूम करे। कच शिक्षा प्राप्त करके स्वर्ग-लोक को जाने के लिए तैयार था। उस समय...

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शोक वंचिता By Ashok Gupta

उस समय रात के डेढ़ बज रहे थे...
कमरे की लाईट अचानक जली और रौशनी का एक टुकड़ा खिड़की से कूद कर नीचे आँगन में आ गिरा.
लाईट दमयंती नें जलाई थी. वह बिस्तर से उठी और खिड़की के पास आ क...

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दुर्घटना पर्यटन By Arunendra Nath Verma

पत्नी के उलाहनों से तंग आकर अंत में गुप्ताजी ने निश्चय कर ही लिया कि शनिवार की संध्या को उसके प्रिय हीरो परेशान खान की वह पिक्चर उसे दिखा दें जिसके लिए पत्नी ने उनका जीना मुश्...

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आग में तपा हुआ सोना By Ratan Chand Ratnesh

एक संघर्षशील महिला की जीजिविषा को वयां करती प्रेरक व संवेदनशील कहानी सुप्रसिद्ध कथाकार रतन चंद रत्नेश की कलम से।

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दैनिक कार्ड By Manju Gupta

दैनिक कार्ड प्रकृति की महत्ता से प्रेरित कहानी है ।
जिसके सानिध्य से पर्यावरण को बचा सकते है।
महाराष्ट्र में प्रकृति की गोद मे बसा महाबलेश्वर प्रकृति की अनुपम छटा बिखेरत...

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दंगलोत्सव By Sonu Kasana

दंगलोत्सव यूं तो हरयाणा के हर गांव —शहर में लड़कों को कुश्ती का षेक होता है लेकिन दानपुर में शयद ही ऐसा कोई घर बचा हो जिसमें कोई पहलवान न हो। दानपुर में हर वर्ष एक मेले के दौरान एक...

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सर्वश्रेष्ठ लघुकथा By Omprakash Kshatriya

लघुकथा- १- गंगा, २-अँधा, ३- वापसी, ४- आग, ५- इच्छा, ६- उडान - ये लघुकथा यहाँ प्रस्तुत की गई है. सभी संक्षिप्त व सटीक है,. एक बार पढ़ कर अपनी प्रतिक्रिया जरुर दे. ये आप को उद्द्वेलीत...

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पिंजर By Rabindranath Tagore

जब मैं पढ़ाई की पुस्तकें समाप्त कर चुका तो मेरे पिता ने मुझे वैद्यक सिखानी चाही और इस काम के लिए एक जगत के अनुभवी गुरु को नियुक्त कर दिया। मेरा नवीन गुरु केवल देशी वैद्यक में ही चत...

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छाया By Manish Kumar Singh

शहर के अजनबी माहौल में हर किसी को एक हमदर्द की तलाश होती है। कभी-कभी ऐसा हमदर्द हमें अनजान आदमी के रुप में मिलता है।

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हरे रंग का खरगोश By Ashok Gupta

मैं प्रभुनाथ की बगीची से पैदल पैदल वापस लौट रहा था. मैंने वहां करीब ढाई घंटे बिताये थे. यहाँ आते समय मैं जितना झुंझलाया हुआ और अपने आप पर खीझ में था, वापसी में मैं उतना ही पुलकित औ...

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Bahadur beti Chapter - 5 By Anand Vishvas

निश्चित समय से पहले ही अनेक लोकों के बाल-प्रतिनिधि और बाल-मित्र आरती के घर पर पहुँच चुके थे। बड़ा ही सुन्दर और मनुहारी वातावरण था आरती के घर का। भिन्न-भिन्न लोकों के तरह-तरह के रंग...

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दीपक शर्मा कौन है By Ratan Chand Ratnesh

एक ऐसी कहानी जिसका अंत न सिर्फ आपको चौंकाएगा बल्कि आपके मन में कई प्रश्न खड़ा करेगा। अलबत्ता आप उस प्रश्न का उत्तर भी तत्काल अपने मन में गढ़ लेंगे। वह उत्तर क्या है, कहानीकार भी जा...

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Pratishodh By Bhagwati Prasad Dwivedi

प्रतिशोध ‘आइसक्रीम..... मलाईबरपफ.... ले लो बाबू.... दूध् वाली.... मलाई वाली.... आइसक्रीम..... !' पूरे गाँव में पेफरी लगाता हुआ बहिरा आइसक्रीम बेच रहा था । साँवली काया, माथे पर...

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Dukham Sharanam Gachchhami By dhirendraasthana

दुक्खम्‌ शरणम गच्छामि! धीरेन्द्र अस्थाना अंधेरा पूरा था और सन्नाटा संगदिल। उस विशाल कैफे के ठंडे हॉल में मेरे कदम इस तरह पड़े जैसे आश्चर्य लोक में एलिस। हॉल सिरे से खाली था और मैं न...

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भिखारिन By Rabindranath Tagore

अन्धी प्रतिदिन मन्दिर के दरवाजे पर जाकर खड़ी होती, दर्शन करने वाले बाहर निकलते तो वह अपना हाथ फैला देती और नम्रता से कहती- बाबूजी, अन्धी पर दया हो जाए।
वह जानती थी कि मन्दिर में आन...

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Sahyog By Jayshankar Prasad

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Savita Singh ki Laghukathaye : Part-1 By Savita Singh

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कहानी टीस .......आस-पास की घटना है ...........
सुबह का समय। कुसुम ने ज्योंही पेस्ट ब्रश पर लगाया और ब्रश करने के लिए दांतों पर रखा ही था कि दरवाजे पर थाप के साथ चिरपरिचित राय जी...

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वे न होते By Manju Gupta

अगर वे न होते कहानी में पढ़ी लिखी जानकी की स्त्री सशक्तिकरण की मिसाल है । शादी के
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सबका उजाला By Ashok Gupta

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खेत में कणक By Ratan Chand Ratnesh

संयुक्त परिवारों में मिल बाँटकर सब हो जाया करता है। जमाने की हवा में जहाँ स्वयं बँट गए, वहाँ काम भी बँट गए। कुछ काम अभी, कुछ बाद में। जरूरी पहले, गैरजरूरी समय हाथ में रहा तब। सुबह...

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संक्षेप में By Arunendra Nath Verma

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बदहवास By Neelima Sharrma Nivia

बलात्कार शब्द ही भयावह हैं | जिसे लफ्जों में बयां नही किया जा सकता | स्त्री देह एक बार गुजरती पुरुष देह टेल लेकिन उसका मन लाखो बार सोचो में बलात्कार का शिकार होता | बलात्कार क...

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मुट्ठी भर शब्द (निविया की लघुकथाये ) By Neelima Sharrma Nivia

मुट्ठी भर अक्षर शब्द लेकर कुछ लघुकथाये लिखी . जो जीवन के करीबी पहुलुओ को छू रही हैं . लघुकथाये हमेशा कम शब्दों में ज्यादा कह जाती हैं .जो गहरे तलक तक असर करती हैं .

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ईश्वर By Ambalika Sharma

जीवन मैं माँ का महत्त्व कितना होता है

इश्वर से भी ऊँचा होता है माँ का स्थान

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जटायु By Manish Kumar Singh

समाज में कुछ ऐसे इंसान भी होते हैं जो शायद लोगों को सनकी लगे लेकिन वे बिना किसी भय और लालच के बुराई का विरोध करते हैं।

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माघी खलको का वह पहला दिन था जब बारात में अपने सिर पर ट्यूब लाइट का गमला ढोनेवाली रेजा का काम शुरू कर रही थी। प्रथम ग्रासे मक्षिका पातः वाली कहावत चरितार्थ हो गई थी। बारात चली ही थी...

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Jeeney ki Raah By Kavita Raizada

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प्रेम का मूल्य By Rabindranath Tagore

बृहस्पति छोटे देवतओं का गुरु था। उसने अपने बेटे कच को संसार में भेजा कि शंकराचार्य से अमर-जीवन का रहस्य मालूम करे। कच शिक्षा प्राप्त करके स्वर्ग-लोक को जाने के लिए तैयार था। उस समय...

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शोक वंचिता By Ashok Gupta

उस समय रात के डेढ़ बज रहे थे...
कमरे की लाईट अचानक जली और रौशनी का एक टुकड़ा खिड़की से कूद कर नीचे आँगन में आ गिरा.
लाईट दमयंती नें जलाई थी. वह बिस्तर से उठी और खिड़की के पास आ क...

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दुर्घटना पर्यटन By Arunendra Nath Verma

पत्नी के उलाहनों से तंग आकर अंत में गुप्ताजी ने निश्चय कर ही लिया कि शनिवार की संध्या को उसके प्रिय हीरो परेशान खान की वह पिक्चर उसे दिखा दें जिसके लिए पत्नी ने उनका जीना मुश्...

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आग में तपा हुआ सोना By Ratan Chand Ratnesh

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दैनिक कार्ड By Manju Gupta

दैनिक कार्ड प्रकृति की महत्ता से प्रेरित कहानी है ।
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दंगलोत्सव By Sonu Kasana

दंगलोत्सव यूं तो हरयाणा के हर गांव —शहर में लड़कों को कुश्ती का षेक होता है लेकिन दानपुर में शयद ही ऐसा कोई घर बचा हो जिसमें कोई पहलवान न हो। दानपुर में हर वर्ष एक मेले के दौरान एक...

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सर्वश्रेष्ठ लघुकथा By Omprakash Kshatriya

लघुकथा- १- गंगा, २-अँधा, ३- वापसी, ४- आग, ५- इच्छा, ६- उडान - ये लघुकथा यहाँ प्रस्तुत की गई है. सभी संक्षिप्त व सटीक है,. एक बार पढ़ कर अपनी प्रतिक्रिया जरुर दे. ये आप को उद्द्वेलीत...

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पिंजर By Rabindranath Tagore

जब मैं पढ़ाई की पुस्तकें समाप्त कर चुका तो मेरे पिता ने मुझे वैद्यक सिखानी चाही और इस काम के लिए एक जगत के अनुभवी गुरु को नियुक्त कर दिया। मेरा नवीन गुरु केवल देशी वैद्यक में ही चत...

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छाया By Manish Kumar Singh

शहर के अजनबी माहौल में हर किसी को एक हमदर्द की तलाश होती है। कभी-कभी ऐसा हमदर्द हमें अनजान आदमी के रुप में मिलता है।

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