लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • दुर्गादास अध्याय 1

    दुर्गादास एक उपन्यास है जो एक वीर व्यक्ति दुर्गादास राठौड़ के जीवन पर मुंशी प्रे...

  • Gharana

    घराना रतन वर्मा ratanvermahazaribag@gmail.com | M.9430347051 © COPYRIGHTS This b...

  • एक रास्ता समाज दूरस्ती का

    एन्जिनियरींग का अभ्यास करने के लिए सुरभी को उसी शहर में आना हुआ जहां पर उसकी सहे...

परीक्षा-गुरु - प्रकरण-8 By Lala Shrinivas Das

लाला ब्रजकिशोर बातें बनानेंमैं बड़े होशियार हैं परन्तु आपनें भी इस्‍समय तो उन्‍को ऐसा मंत्र सुनाया कि वह बंद ही होगए मुन्शी चुन्‍नीलालनें कहा.
मुझको तो उन्‍की लंबी चोड़ी बातोंपर...

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बूकमार्क By Ajay Oza

‘कहाँ जा रही हो किस के पास जायेगी ’ –न जाने क्युं, मेरे अपने खुद के दिल से भी मुझे ऐसे सवाल आज ऊठे ही नहि ! आज जब कि मै धैर्य के पास जा रही हूँ तो भी नहि ! मैं तो पहले से ही ऐ...

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दुर्गादास अध्याय 1 By Munshi Premchand

दुर्गादास एक उपन्यास है जो एक वीर व्यक्ति दुर्गादास राठौड़ के जीवन पर मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित है। इसे एक वीर गाथा भी कह सकते हैं जिससे हमें कई सीख मिलती है। यह बाल साहित्य के अ...

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बहुरुपिए By Bhagwati Prasad Dwivedi

बहुरूपिये दोनों कुलियों ने माथे पर लदे माल—असबाब उतारे और गमछे से अपने—अपने चेहरे का पसीना पोंछने लगे, ‘‘बड़ा जानलेवा उमस है, बाबू साहिब !'' बाबूजी मुझे देखते ही हड़बड़ा कर उठ...

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Sukha By dhirendraasthana

कहानी सूखा धीरेन्द्र अस्थाना राजधानी की सबसे महंगी और व्यस्त सड़क पर विश्वविजेता सिकंदर की तरह सिर ताने खड़े विशालकाय, कई मंजिला भवन के चौथे माले पर था, देश के उस सबसे बड़े और प्रतिष्...

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Mamma z boy By Neelima Sharrma Nivia

माँ के सब काम करना उसके साथ रहना आजकल के कूल डूड नही करते लेकिन माँ के साथ रहने से क्या कूल डूड नही हो सकते , माँ के लिय बच्चा प्यारा, बच्चे के लिये माँ. ... आगे आप...

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आत्मा का दंश By Nirmala Barwar

बदलते परिवेश के आत्मा को दंश लगाती एक सुंदर कहानी.. जो एक दुर्घटना में आत्मा के स्वरूप को बदल देती है

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आत्मग्लानि By Deepak Rousa

मित्रता जीवन का वो अमूल्य रिश्ता है जो इंसान बनता भी है और निभाता भी है। मगर जीवन की भाग दौड़ में और निजता में अति लिप्त होकर हम इस रिश्ते को भूल जाते है। अंजाने में एक दोस्त की अपन...

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अलंकार अध्याय 5 By Munshi Premchand

पापनाशी ने एक नौका पर बैठकर, जो सिरापियन के धमार्श्रम के लिए खाद्यपदार्थ लिये जा रही थी, अपनी यात्रा समाप्त की और निज स्थान को लौट आया। जब वह किश्ती पर से उतरा तो उसके शिष्य उसका स...

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चरित्रहीन वनाम् प्रायश्चित (दो कहानी) By Pradeep Kumar sah

श्याम ध्वनिस्वादन करते हुए बोला, वह तो कोकिला है.यह तो वही कुलटा है जिसने साज़िश कर झूठे मुकदमें में फंसाकर तुम्हें सजा भुगतवाये.इसे बचाने के क्या फायदे चलो वापस चलते हैं.
नही म...

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ढोंग By Sonu Kasana

ढ़ोंग रबिन एक सुन्दर लड़की थी । उसकी उम्र लगभग 17 — 18 रही होगी पर उसमें अभी भी बचपन , और शरारत बाकी थे । तीन भाई — बहनों में सबसे छोटी थी तो सबकी लाडली भी थी । दो बड़े भाई थे जिनकी ष...

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अाँधी By Jayshankar Prasad

आँधी जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusive digital publis...

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Gharana By Ratan Verma

घराना रतन वर्मा ratanvermahazaribag@gmail.com | M.9430347051 © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusiv...

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एक रास्ता समाज दूरस्ती का By Ajay Oza

एन्जिनियरींग का अभ्यास करने के लिए सुरभी को उसी शहर में आना हुआ जहां पर उसकी सहेली मयुरिका पढने आई थी । शहर में आई सुरभी को बड़ी मुश्किल से एक एपार्टमेंट के सातवें माले पर एक पुरान...

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ढिबरी By Bhagwati Prasad Dwivedi

ढिबरी खटिया पर पड़े—पड़े माँ को झपकी आ गयी थी । उनकी सूनी—सपाट आँखों के कपाट अचानक बन्द हो गये थे । मगर खर्राटों के मध्य भी कभी—कभार उनकी दर्दीली कराह पूफट ही पड़ती थी । चित लेटी माँ...

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आदमियों के अलग-अलग दरजे By MB (Official)

लड़के, लड़कियों और सयानों को भी इतिहास अकसर एक अजीब ढंग से पढ़ाया जाता है। उन्हें राजाओं और दूसरे आदमियों के नाम और लड़ाइयों की तारीखें याद करनी पड़ती हैं। लेकिन दरअसल इतिहास लड़ाइ...

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शरारती दोस्त By Dr Sunita

चंदन और युथुंग दोनों युवक बहुत अच्छे दोस्त थे। वे जो भी काम करते, साथ-साथ ही करते थे। दोनों बड़े जिंदादिल थे और छोटी-मोटी बदमाशियाँ करते रहते थे। लोग भले ही उनसे थोड़े परेशान भी रह...

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धूल के गुबार में एक एहसास By Pramila Verma

संवेदनाओं से भरी एक मार्मिक कहानी.. बच्चो ने देखा... बाबू धूल के गुबार में एक एहसास बन चुकें हैं.

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रहस्य By Ratan Chand Ratnesh

आज छः माह से ऊपर हो गए हैं पर वह अब तक इस पुस्तक के बीस पृष्ठ ही पढ़ पाया है। जब भी इसे पढ़ने की कोशिश की है, एक-दो पृष्ठ पढ़ते ही उसे मन-मस्तिष्क और शरीर के रसायन में उथल-पुथल होन...

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VIHAAN The Dawn By Sonu Kasana

1 ,,, विहान कुछ गाड़ियां आ रही थीं तो कुछ जा रही थीं हर व्यक्ति अपनी धुन में व्यस्त था । कुछ — कुछ समय के अन्तराल पर अलाउंसमेंट हो रहे थे । कुछ व्यक्ति कुर्सियों पर बैठकर तो कुछ खड़े...

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लौटते हुए By Bhagwati Prasad Dwivedi

लौटते हुए ‘बंगला' खचाखच भरा हुआ था । सभी लोग आ—आकर बैठते जा रहे थे । कहते हैं, बहुत पहले यहाँ दूसरा बंगला बना हुआ था । तब विदेशी हुकूमत थी । गाँव के मुखिया थे राम टहल बाबा । उन...

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बालकहानी- श्रेष्ट कौन By Omprakash Kshatriya

श्रेष्ट कौन - एक बालकहानी है. इस कहानी में प्रकृति की चीजों को लड़ाई के जरिए सुलझाने क प्रयास किया है. इस में रोचकता के साथ यह बताया गया है की श्रेष्ट कौन होता है
चूँकि कहानी सुन...

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Gopirampura ki Holi By Dr Sunita

पाँच बरस की नन्ही सी नीना। उसे गोपीरामपुरा कस्बे के कमलाकुंज मुहल्ले में अपने मम्मी-पापा के साथ आए अभी कुल जमा दो महीने ही तो हुए थे। इतने में आ गई होली। बस, नन्ही सी नीना तो मुश्क...

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Bahadur beti Chapter - 12 By Anand Vishvas

आज आरती के सामने दो ज्वलन्त समस्याऐं मुँहबाँऐं खड़ीं थीं और उनका हल खोजने के लिए उसके अन्तःमन में अविरल धर्म-युद्ध चल रहा था। इस धर्म-संकट में एक ओर तो था, उसका आका हिज़बुल रब्बानी...

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इस बूढ़े को कहीं देखा है By Ratan Chand Ratnesh

इस बूढ़े को आपने भी कहीं देखा होगा। आपके आसपास ही तो रहता है वह जिसके प्रति आप न सिर्फ आंखें मूंदे हुए हैं बल्कि उनके आदर्शों को भी भूलाते जा रहे हैं। ज़रा फिर से पहचानिए उसे, रतन...

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Andher Nagri Chaupat Raja By Bhartendu Harishchandra

( शहरका एक इलाका)

(महन्त जी दो चेलों के साथ गाते हुए आते हैं)

सब : राम भजो राम भजो राम भजो भाई।।

राम के भजे से गनिका तर गई,
राम के भजे से गीध गति पाई।
राम के नाम से काम...

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दुरिया By Bhagwati Prasad Dwivedi

दूरियाँ उससे मिलने के लिए मेरी बेचैनी बढ़ती जा रही थी । आज ज्यों ही उस पर नजर पड़ी थी, मेरा मन बेताब हो उठा था । आश्चर्य और उल्लास से भर उठा था । चाहता तो उसी वक्त मिल सकता था, पर वह...

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we din jo kabhi dhale naheen By Shyam Bihari Shyamal

पलामू ( पहले बिहार और अब झारखंड का पिछड़ा जिला ) में बीते लेखकीय जीवन के शुरुआती दिनों की स्‍मृति व उन लोगों की यादें, जो मन-मिजाज पर हमेशा छायी-सी रहती हैं और जिनकी छाया हर रचना...

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sarvajanik vahan se yatra By Ved Prakash Tyagi

this is my personal experience travelled by a public conveyance leaving my own car at home

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विदा By Rabindranath Tagore

गांव की किसी एक अभागिनी के अत्याचारी पति के तिरस्कृत कर्मों की पूरी व्याख्या करने के बाद पड़ोसिन तारामती ने अपनी राय संक्षेप में प्रकट करते हुए कहा- 'आग लगे ऐसे पति के मुंह में।...

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Log Haashie Par By dhirendraasthana

कहानी लोग/हाशिए पर धीरेन्द्र अस्थाना ‘प्रेस तो एक प्रतीक है‘, बन्धु ने कहा था, ‘लोग समान्तर तकलीफों से गुजर रहे हैं और मैं या तुम भी उन्हीं की एक इकाई हैं। देश के अधिकांश लोग कगार...

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राधा के संजोग में श्यामसुन्दर By Manju Gupta

विधवा राधा का पुनर्विवाह की कहानी है. शांत , गंभीर शिक्षित राधा को शादी के बाद वैवाहिक जीवन का सुख नहीं मिला . ससुराल की दकियानूसी विचारधारा सास ननदों के ताने , पति की उपेक्षा स...

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परीक्षा-गुरु - प्रकरण-8 By Lala Shrinivas Das

लाला ब्रजकिशोर बातें बनानेंमैं बड़े होशियार हैं परन्तु आपनें भी इस्‍समय तो उन्‍को ऐसा मंत्र सुनाया कि वह बंद ही होगए मुन्शी चुन्‍नीलालनें कहा.
मुझको तो उन्‍की लंबी चोड़ी बातोंपर...

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‘कहाँ जा रही हो किस के पास जायेगी ’ –न जाने क्युं, मेरे अपने खुद के दिल से भी मुझे ऐसे सवाल आज ऊठे ही नहि ! आज जब कि मै धैर्य के पास जा रही हूँ तो भी नहि ! मैं तो पहले से ही ऐ...

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दुर्गादास अध्याय 1 By Munshi Premchand

दुर्गादास एक उपन्यास है जो एक वीर व्यक्ति दुर्गादास राठौड़ के जीवन पर मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित है। इसे एक वीर गाथा भी कह सकते हैं जिससे हमें कई सीख मिलती है। यह बाल साहित्य के अ...

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बहुरुपिए By Bhagwati Prasad Dwivedi

बहुरूपिये दोनों कुलियों ने माथे पर लदे माल—असबाब उतारे और गमछे से अपने—अपने चेहरे का पसीना पोंछने लगे, ‘‘बड़ा जानलेवा उमस है, बाबू साहिब !'' बाबूजी मुझे देखते ही हड़बड़ा कर उठ...

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Sukha By dhirendraasthana

कहानी सूखा धीरेन्द्र अस्थाना राजधानी की सबसे महंगी और व्यस्त सड़क पर विश्वविजेता सिकंदर की तरह सिर ताने खड़े विशालकाय, कई मंजिला भवन के चौथे माले पर था, देश के उस सबसे बड़े और प्रतिष्...

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Mamma z boy By Neelima Sharrma Nivia

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आत्मा का दंश By Nirmala Barwar

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मित्रता जीवन का वो अमूल्य रिश्ता है जो इंसान बनता भी है और निभाता भी है। मगर जीवन की भाग दौड़ में और निजता में अति लिप्त होकर हम इस रिश्ते को भूल जाते है। अंजाने में एक दोस्त की अपन...

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अलंकार अध्याय 5 By Munshi Premchand

पापनाशी ने एक नौका पर बैठकर, जो सिरापियन के धमार्श्रम के लिए खाद्यपदार्थ लिये जा रही थी, अपनी यात्रा समाप्त की और निज स्थान को लौट आया। जब वह किश्ती पर से उतरा तो उसके शिष्य उसका स...

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श्याम ध्वनिस्वादन करते हुए बोला, वह तो कोकिला है.यह तो वही कुलटा है जिसने साज़िश कर झूठे मुकदमें में फंसाकर तुम्हें सजा भुगतवाये.इसे बचाने के क्या फायदे चलो वापस चलते हैं.
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ढोंग By Sonu Kasana

ढ़ोंग रबिन एक सुन्दर लड़की थी । उसकी उम्र लगभग 17 — 18 रही होगी पर उसमें अभी भी बचपन , और शरारत बाकी थे । तीन भाई — बहनों में सबसे छोटी थी तो सबकी लाडली भी थी । दो बड़े भाई थे जिनकी ष...

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अाँधी By Jayshankar Prasad

आँधी जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusive digital publis...

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Gharana By Ratan Verma

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एक रास्ता समाज दूरस्ती का By Ajay Oza

एन्जिनियरींग का अभ्यास करने के लिए सुरभी को उसी शहर में आना हुआ जहां पर उसकी सहेली मयुरिका पढने आई थी । शहर में आई सुरभी को बड़ी मुश्किल से एक एपार्टमेंट के सातवें माले पर एक पुरान...

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ढिबरी By Bhagwati Prasad Dwivedi

ढिबरी खटिया पर पड़े—पड़े माँ को झपकी आ गयी थी । उनकी सूनी—सपाट आँखों के कपाट अचानक बन्द हो गये थे । मगर खर्राटों के मध्य भी कभी—कभार उनकी दर्दीली कराह पूफट ही पड़ती थी । चित लेटी माँ...

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आदमियों के अलग-अलग दरजे By MB (Official)

लड़के, लड़कियों और सयानों को भी इतिहास अकसर एक अजीब ढंग से पढ़ाया जाता है। उन्हें राजाओं और दूसरे आदमियों के नाम और लड़ाइयों की तारीखें याद करनी पड़ती हैं। लेकिन दरअसल इतिहास लड़ाइ...

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शरारती दोस्त By Dr Sunita

चंदन और युथुंग दोनों युवक बहुत अच्छे दोस्त थे। वे जो भी काम करते, साथ-साथ ही करते थे। दोनों बड़े जिंदादिल थे और छोटी-मोटी बदमाशियाँ करते रहते थे। लोग भले ही उनसे थोड़े परेशान भी रह...

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VIHAAN The Dawn By Sonu Kasana

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बालकहानी- श्रेष्ट कौन By Omprakash Kshatriya

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इस बूढ़े को कहीं देखा है By Ratan Chand Ratnesh

इस बूढ़े को आपने भी कहीं देखा होगा। आपके आसपास ही तो रहता है वह जिसके प्रति आप न सिर्फ आंखें मूंदे हुए हैं बल्कि उनके आदर्शों को भी भूलाते जा रहे हैं। ज़रा फिर से पहचानिए उसे, रतन...

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पलामू ( पहले बिहार और अब झारखंड का पिछड़ा जिला ) में बीते लेखकीय जीवन के शुरुआती दिनों की स्‍मृति व उन लोगों की यादें, जो मन-मिजाज पर हमेशा छायी-सी रहती हैं और जिनकी छाया हर रचना...

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विदा By Rabindranath Tagore

गांव की किसी एक अभागिनी के अत्याचारी पति के तिरस्कृत कर्मों की पूरी व्याख्या करने के बाद पड़ोसिन तारामती ने अपनी राय संक्षेप में प्रकट करते हुए कहा- 'आग लगे ऐसे पति के मुंह में।...

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Log Haashie Par By dhirendraasthana

कहानी लोग/हाशिए पर धीरेन्द्र अस्थाना ‘प्रेस तो एक प्रतीक है‘, बन्धु ने कहा था, ‘लोग समान्तर तकलीफों से गुजर रहे हैं और मैं या तुम भी उन्हीं की एक इकाई हैं। देश के अधिकांश लोग कगार...

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राधा के संजोग में श्यामसुन्दर By Manju Gupta

विधवा राधा का पुनर्विवाह की कहानी है. शांत , गंभीर शिक्षित राधा को शादी के बाद वैवाहिक जीवन का सुख नहीं मिला . ससुराल की दकियानूसी विचारधारा सास ननदों के ताने , पति की उपेक्षा स...

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