हिंदी पुस्तक समीक्षाएं कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

राजनटनी- गीताश्री
द्वारा राजीव तनेजा

बचपन से ही आमतौर पर ऐसे किस्से या कहानियाँ हमारे आकर्षण, उत्सुकता एवं जिज्ञासा का सदा से ही केंद्र बनते रहे हैं जिनमें किसी राजा की अद्वितीय प्रेम कहानी ...

जुहू चौपाटी- साधना जैन
द्वारा राजीव तनेजा

मायानगरी बॉलीवुड और उससे जुड़ी कहानियाँ सदा से ही हमारे चेतन/अवचेतन में आकर्षण का केंद्र रही हैं। फिल्मी सितारों का लक्ज़रियस जीवन, लैविश रहनसहन, लंबी चौड़ी गाड़ियाँ, उनकी मस्ती, ...

एकलव्य - पुस्तक समीक्षा
द्वारा Kumar Ajit

पुस्तक का नाम: एकलव्य लेखक: रामगोपाल भावुक ASIN B077BYR6Y3   कुल पृष्ठ: 88   भाषा: हिंदी   श्रेणी: उपन्यास   समीक्षक: कुमार अजित   लेखक के बारे में: रामगोपाल ...

लाइफ आजकल- आलोक कुमार
द्वारा राजीव तनेजा

कहते हैं कि किसी भी चीज़ के होने ना होने का पहले से तय एक मुक़र्रर वक्त होता है। किताबों के संदर्भ में भी यही बात लागू होती है। ...

हिंदी कथा साहित्य में पाश्चात्य प्रभाव
द्वारा कृष्ण विहारी लाल पांडेय

कथा साहित्य में पाश्चात्य प्रभावभारतीय समाज पश्चिम के संपर्क में यूं तो पहले ही आ गया था पर उसकी जीवन शैली, उसकी विचारधारा, उसकी कला और उसके साहित्य पर ...

काली धूप- सुभाष नीरव (अनुवाद)
द्वारा राजीव तनेजा

जब किसी दुख भरी कहानी को पढ़ कर आप उस दुःख.. उस दर्द..उस वेदना को स्वयं महसूस करने लगें। पढ़ते वक्त चल रहे हालातों को ना बदल पाने की ...

साँझी छत- छाया सिंह
द्वारा राजीव तनेजा

आमतौर पर किसी का शुरुआती लेखन अगर पढ़ने को मिले तो उसमें से उसकी अनगढ़ता या सोंधी महक लिए कच्चापन स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। मगर सुखद आश्चर्य ...

यह सड़क मेरे गांव को नही जाती
द्वारा डॉ0 व्योमेश चित्रवंश, एडवोकेट

यह सड़क मेरे गांव को नही जाती : बदलते ग्रामीण परिवेश पर व्योमेश चित्रवंश की एक बेहतरीन किताब          एक लंबे अंतराल के बाद एक किताब पढ़ने को मिली जिसने ...

ठरकी- मुकेश गाते
द्वारा राजीव तनेजा

ज़्यादातर कहानियों के प्लॉट..किस्से  या किरदार हमारे ही आसपास के माहौल में..हमारे ही इर्दगिर्द जाने कब से बिखरे पड़े होते हैं मगर हमें उनका पता तक नहीं चलता। उन्हें ...

3020 ई.- राकेश शंकर भारती
द्वारा राजीव तनेजा

खगोल विज्ञान शुरू से ही हमारी उत्सुकता, जिज्ञासा, दिलचस्पी एवं उत्कंठा का विषय रहा है। बचपन में खुले आसमान में चाँद तारों को देख उन दिनों हम कई तरह ...

राजनारायण बोहरे - आलोचना की अदालत
द्वारा कृष्ण विहारी लाल पांडेय

राजनारायण बोहरे की कहानियां यानी हमारी आत्म कथाएं केबीएल पांडे विगत दशकों में कहानी ने जितने रूप गढे हैं वे रचना शीलता का आह्लाद उत्पन्न करते हैं पर इसके ...

अवध बिहारी पाठक-समीक्षा-आलोचना एक और पाठ
द्वारा कृष्ण विहारी लाल पांडेय

आलोचना की जड़ता को तोड़ता विमर्श -अवध बिहारी पाठक प्रसिद्ध आलोचक शंभुनाथ ने एक जगह कहा है कि "आलोचना का पहला काम पीछे लौटती सभ्यताओं के छली बिम्बों पर ...

कविता की ओर कुछ कदम-रमाशंकर राय
द्वारा ramgopal bhavuk

कविता की ओर कुछ कदम के आइने में          रमाशंकर राय जी का व्यक्तित्व                                                                 रामगोपाल भावुक                                                               मो0 9425715707        समर्पण में ही साहित्य

भवभूति का साक्षात्कार -प्रभुदयाल मिश्र
द्वारा ramgopal bhavuk

पुस्तक – महाकवि भवभूति’   लेखक- रामगोपाल भावुक प्रकाशक- कालिदास संस्कृत अकादमी, उज्जैन मूल्य – रुपये – 250/             भवभूति का साक्षात्कार             -प्रभुदयाल मिश्र रत्नावली, एकलव्य,शम्बूक ,भवभूति आदि ...

कहानियों में कथ्य और कलात्मक संतुलन
द्वारा ramgopal bhavuk

   कहानियों में कथ्य और कलात्मक संतुलन   प्रश्नोत्तर- महावीर अग्रवाल कीं रामगोपाल भावुक  से वार्ता-   1 महावीर अग्रवाल- अब तक छपी कहानियों में कौन सी कहानी आपको अधिक ...

बुन्देलखण्ड के लोकाख्यानों के सामाजिक अभिप्राय
द्वारा कृष्ण विहारी लाल पांडेय

बुन्देलखण्ड के लोकाख्यानों के सामाजिक अभिप्राय -के.बी.एल. पाण्डेय संस्कृति जीवन के परिष्कार के उद्देश्य से मानवीय रचनाशीलता की वह निष्पत्ति है जिसमें जीवन के व्यापक आयतन में निर्मित मूल्यबोध ...

पंचमहल के साहित्यकारों का रचना संसार
द्वारा ramgopal bhavuk

        पंचमहल के साहित्यकारों का रचना संसार                                                                                                                      रामगोपाल भावुक                                                  मो0 09425715707        वर्तमा

मेरी लघुकथाएँ- उमेश मोहन धवन
द्वारा राजीव तनेजा

यूँ तो परिचय के नाम पर उमेश मोहन धवन जी से मेरा बस इतना परिचय है कि हम दोनों कई सालों से फेसबुक पर एक दूसरे की चुहलबाज़ीयों का ...

राजा मीरेन्द्र सिंह जू देव‘ प्रेमानन्द’
द्वारा ramgopal bhavuk

    राजा मीरेन्द्र सिंह जू देव‘ प्रेमानन्द’ चर्चित कवि के साथ कथाकार                      रामगोपाल भावुक          राजा मीरेन्द्रसिंह जू देव ‘प्रेमानन्द’- वे इस क्षेत्र की मगरौरा गढ़ी के ...

रामधारीसिंह 'दिनकर' की सांस्कृतिक चेतना
द्वारा कृष्ण विहारी लाल पांडेय

संस्कृति के चार अध्यायः रामधारीसिंह 'दिनकर' की सांस्कृतिक चेतना डॉ. के0वी०एल० पाण्डेय ओज, राष्ट्रीयता और निर्भीक वैचारिकता के कवि दिनकर अपनी कविता में भावपरकरता के आधार पर जिस सांस्कृतिक ...

स्वतंत्र सक्सैना -सरल नहीं था यह काम
द्वारा ramgopal bhavuk

सरल नहीं था यह काम जो डॉ. स्वतंत्र ने कर दिखया। समीक्षक-रामगोपाल भावुक सरल नहीं था यह काम जो डॉ. स्वतंत्र सक्सैना ने इस काव्य संकलन के माध्यम से ...

तक़दीर का तोहफ़ा- सुरेन्द्र मोहन पाठक
द्वारा राजीव तनेजा

यूँ तो अब तक के जीवन में कई तरह की किताबें पढ़ने का मौका मिलता रहा है मगर वो कहते हैं कि वक्त से पहले और किस्मत से ज़्यादा ...

पं0 जवाहर लाल नेहरू का लेखन
द्वारा कृष्ण विहारी लाल पांडेय

पं0 जवाहर लाल नेहरू का लेखन, ज्ञान और संवेदना का रचनात्मक संयोग डा0 के0बी०एल० पाण्डेय आधुनिक भारत के प्रमुख शिल्पी युग पुरुष पं० जवाहर लाल नेहरू अन्तर्राष्ट्रीय जगत् के ...

अक्टूबर जंक्शन- दिव्य प्रकाश दुबे
द्वारा राजीव तनेजा

कई बार हमारे द्वारा कुछ काम बिना किसी खास मकसद या उद्देश्य के खामखाह भी कर लिए जाते हैं। आमतौर पर ऐसा हम बिना किसी के प्रभाव या दबाव ...

मिथिलेश कुमारी मिश्रा-उपन्यास के कबीर
द्वारा कृष्ण विहारी लाल पांडेय

मिथिलेश कुमारी मिश्रा के उपन्यास के कबीर -डॉ के.बी.एल. पाण्डेय हिन्दी के जीवनीपरक उपन्यासों में एक उपविधा यह विकसित हुई है जिसमें कवियों की जीवनी को आधार बनाया गया ...

प्रेम नाम है मेरा..प्रेम चोपड़ा- रकिता नंदा
द्वारा राजीव तनेजा

"प्रेम नाम है मेरा..प्रेम चोपड़ा।"इस संवाद के ज़हन में आते ही जिस अभिनेता का नाम हमारे दिलोदिमाग में आता है..वह एक घने बालों वाला..हीरो माफ़िक सुन्दर कदकाठी लिए हुए ...

महेश कटारे सुगम की कविता
द्वारा कृष्ण विहारी लाल पांडेय

महेश कटारे सुगम की कविता : हमारे समय का यथार्थ के0बी0एल0 पाण्डेय कहानी, गीत, नवगीत, गजल और समकालीन कविता के अन्यतम रचनाकार महेश कटारे सुगम की रचनाओं के साथ ...

जहीर कुरैशी का गजल संसार
द्वारा कृष्ण विहारी लाल पांडेय

जहीर कुरैशी का गजल संसार किस्से नहीं हैं ये किसी विरहन की पीर के। ये शेर हैं अँधेरों से लड़ते जहीर के।चिन्तन ने कोई गीत लिखा या ग़ज़ल कही ...

भली लड़कियाँ.. बुरी लड़कियाँ - अनु सिंह चौधरी
द्वारा राजीव तनेजा

कहते हैं कि दुनिया गोल है और संयोगों से भरी इस अजब ग़ज़ब दुनिया में अगर एक तरफ़ भले लोग हैं तो वहीं दूसरी तरफ़ बुरे भी कम नहीं ...

मदन मोहन दानिश-शुभकामनाओं का विनम्र पाठ
द्वारा कृष्ण विहारी लाल पांडेय

मदन मोहन यानि की कविताः शुभकामनाओं का विनम्र पाठ के.बी.एल.पाण्डेय मैक्सिको के ऑक्टागवियो पाज की एक कविता की पंक्तियाँ है.. हमें तब तक गाना है जब हमारा गीत जड़ों ...

ख़्वाहिशों का खाण्डववन- योगिता यादव
द्वारा राजीव तनेजा

कहते हैं कि हर चीज़ का कभी ना कभी अंत हो जाता है लेकिन ख्वाहिशों..इच्छाओं का कोई अंत नहीं है। एक इच्छा के पूरी होने से पहले ही दूसरी ...

काली बकसिया- आभा श्रीवास्तव
द्वारा राजीव तनेजा

ऐसा बहुत कम होता है कि किसी का लिखा आप पहली बार पढ़ें और पहली बार में ही उसके लेखन के इस हद तक मुरीद हो जाएँ कि लव ...