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सपनों का शहर - सेनफ्रांसिस्को- जयश्री पुरवार
द्वारा राजीव तनेजा

अपने रोज़मर्रा के जीवन से जब भी कभी थकान..बेचैनी..उकताहट या फिर बोरियत उत्पन्न होने लगे तो हम सब आमतौर पर अपना मूड रिफ्रेश करने के लिए बोरिया बिस्तर संभाल.. ...

मणि मोहन मेहता-भेड़िया ने कहा शुभ रात्रि
द्वारा राजनारायण बोहरे

गंभीर और प्रभावी कविताएं राजनारायण बोहरेमणि मोहन मेहता का नया कविता संग्रह ‘भेड़ियों ने कहा शुभरात्रि’ अभी बोधि प्रकाशन से छप कर आया है । इसमें मणि भाई की ...

Tej@ज़िंदगी यू टर्न- तेजराज गहलोत
द्वारा राजीव तनेजा

किसी भी देश..राज्य..संस्कृति अथवा अलग अलग इलाकों में बसने वाले वहाँ के बाशिंदों का जब भी आपस में किसी ना किसी बहाने से मेल मिलाप होता है तो यकीनन ...

आर्त्तनाद : मानवता का प्रश्न
द्वारा Neelam Kulshreshtha

चर्चा के बहाने आर्त्तनाद : मानवता का प्रश्न डॉ. रेनू यादव , ग्रेटर नोएडा किसी भी कहानी का प्लॉट उठाने के लिए लेखक का अनुभव जितना नजदीक से होगा ...

स्त्री- विमर्श के मौजूदा दौर का भविष्य
द्वारा Neelam Kulshreshtha

स्त्री- विमर्श के मौजूदा दौर का भविष्य [ समीक्षाकार -श्री प्रबोध गोविल जी व डॉ प्रणव भारती  जी ] `तर्णेतर ने रे अमे मेड़े ग्याता` शीर्षक से आप ये ...

मौं ढांकेँ फरिया में-राज गोस्वामी
द्वारा राजनारायण बोहरे

मौं ढांकेँ फरिया में राज गोस्वामीबुन्देली की आधुनिक कवितासमीक्षक- राज बोहरेराज गोस्वामी बुंदेली की रस भीनी कविताओं के सृजक हैं । श्रंगार उनका विशेष प्रिय विषय है। बीच-बीच में ...

क्षण भर का स्पर्श-सुनीता डी.प्रसाद
द्वारा राजनारायण बोहरे

क्षण भर का स्पर्श -सुनीता डी. प्रसादप्रेम में डूबी अच्छी कविताओं का संग्रहसमीक्षक-राज बोहरेवर्तमान समय में जब चारों ओर नफरत औऱ दुश्मनी की आग बरस रही हो, तब प्रेम ...

तू दुर्गा है दुर्गा सी लग - सलमान फराज
द्वारा ramgopal bhavuk

‘तू दुर्गा है दुर्गा सी लग’ में भारतीयता की पड़ताल रामगोपाल भावुक विज्ञान के नये- नये प्रयोगों की तरह ही साहित्य के क्षेत्र में भी नये नये प्रयोग किये ...

जीवन के टेढ़े मेढ़े रास्ते पार करता :स्त्री सशक्तिकरण
द्वारा Neelam Kulshreshtha

समीक्षा लाइफ @ ट्विस्ट एण्ड टर्न .कॉम -जीवन के टेढ़े मेढ़े रास्ते पार करता :स्त्री सशक्तिकरण डॉ. आशा सिंह सिकरवार, अहमदाबाद  ''लाइफ़ @ ट्विस्ट एण्ड टर्न . कॉम " ...

ग़द्दार- राकेश अचल
द्वारा राजीव तनेजा

किसी भी काम को करने या ना करने के पीछे हर एक की अपनी अपनी वजहें..अपने अपने तर्क..कुतर्क हो सकते हैं। साथ ही यह भी ज़रूरी नहीं कि हमारे ...

धमनियों के देश में-भगवान स्वरूप चैतन्य
द्वारा ramgopal bhavuk

धमनियों के देश में’ परमाणु प्रकाशन ग्वालियर कर्मशील व्यक्तित्व डॉ भगवान स्वरूप चैतन्य रामगोपाल भावुक डॉ चैतन्य कृति ‘‘ धमनियों के देश में’ परमाणु प्रकाशन ग्वालियर से प्रकाशित हो ...

सूर्यपाल सिंह का साहित्य-एक धरोहर
द्वारा ramgopal bhavuk

सूर्यपाल सिंह का साहित्य-एक धरोहर रामगोपाल भावुक प्रसिद्ध समालोचक बजरंग बिहारी तिवारी के सौजन्य से अपनी रत्नावली उपन्यास का विमोचन कराने गौंडा जाने का अवसर मिला। किस्साकोताह के सम्पादक ...

शोमैन राज कपूर- रितु नंदा
द्वारा राजीव तनेजा

कहा जाता है कि किसी को हँसाना सबसे मुश्किल काम है और वही लोग सबको हँसा पाते है जो स्वयं भीतर से बहुत दुखी होते है। सबको हँसा हँसा ...

लक्ष्मी शर्मा-स्वर्ग का अंतिम उतार
द्वारा राजनारायण बोहरे

स्वर्ग का अन्तिम उतार: रोचक उपन्यास लक्ष्मी शर्मासमीक्षाराजनारायण बोहरेएक जमाने में भारतीय ग्रामीण समाज के पुरुष गाय दान की हसरत करते थे, उपन्यास गोदान में प्रेमचंद ने होरी की ...

ठौर- दिव्या शुक्ला
द्वारा राजीव तनेजा

पिछले लगभग तीन- सवा तीन वर्षों में 300 किताबों के पठन पाठन के दौरान मेरा सरल अथवा कठिन..याने के हर तरह के लेखन से परिचय हुआ। जहाँ एक तरफ़ ...

वायरस मारेगा- अंकित वर्मा
द्वारा राजीव तनेजा

किसी ने भी नहीं सोचा था कोरोना महामारी के कहर से भयभीत हो..हम सब इसके मकड़जाल में इस कदर घिर जाएँगे कि हमें आपस में ही एक दूसरे से ...

कैलाश बनवासी-कविता, पेंटिंग, पेड़ कुछ नहीं
द्वारा राज बोहरे

पुस्तक समीक्षा कविता, पेंटिंग, पेड़ कुछ नहीं राजनारायण बोहरे पुस्तक -कहानी संग्रह % कविता, पेंटिंग, पेड़ कुछ नहीं लेखक- कैलाश बनवासी प्रकाशक सेतु प्रकाशन नई दिल्ली मूल्य -200 रूपये ...

कुछ इस तरह- पूनम अहमद
द्वारा राजीव तनेजा

कई बार हमें कहीं कुछ ऐसा पढ़ने को मिल जाता है कि पढ़ते वक्त ही ये महसूस होने लगता है कि..अरे!..ऐसा तो हमारे फलाने रिश्तेदार..फलाने पड़ौसी या फिर फलाने ...

और प्राण- बन्नी रुबेन (अजीत बच्छावत- अनुवाद)
द्वारा राजीव तनेजा

किसी भी फ़िल्म में नायक के व्यक्तित्व को उभारने में खलनायक की भूमिका का बड़ा हाथ होता है। जितना बड़ा..ताकतवर खलनायक होगा, उतनी ही उसे हराने पर..पीटने पर..नायक के ...

अनमेल विवाह और प्रेमचंद
द्वारा Ranjana Jaiswal

अनमेल विवाह और प्रेमचंदस्त्री विमर्श के इस दौर में स्त्री की इच्छा ,भावना,कल्पना और कार्यदक्षता के साथ ही उसकी यौनिकता[व्यापक अर्थ में जीवनेच्छा]पर भी विचार -विमर्श किया जाता है|स्त्री ...

मैंने गांधीजी को क्यों मारा?
द्वारा Sangeeta Choudhary

गोडसे का पूरा बयानएक धार्मिक ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने के कारण मैं हिन्दू धर्म, हिन्दू इतिहास और हिन्दू संस्कृति की पूजा करता हूं. इसलिए मैं सम्पूर्ण हिन्दुत्व पर ...

काव्या कटारे का संग्रह काली लड़की
द्वारा राजनारायण बोहरे

पिछले दिनों व्हाट्सएप के एक साहित्यिक ग्रुप पर कहानीकार के बिना नाम के पोस्ट की गई कहानी "काली लड़की" पढ़कर मुझ जैसे पढ़ाकू को अहसास हुआ कि इस कहानी ...

मुंबई मोर्निंग्स- पूनम ए चावला (अनुवाद- आनंद कृष्ण)
द्वारा राजीव तनेजा

ऊपरी तौर पर मानव बेशक़ खुद को जितना भी प्रगतिशील.. सभ्य समझता..मानता एवं दर्शाता रहे लेकिन अगर ध्यान से देखा.. सोचा एवं समझा जाए तो हम इन्सानों और जानवरों ...

कांता रॉय-अस्तित्व की यात्रा
द्वारा राजनारायण बोहरे

कांता रॉय-अस्तित्व की यात्रासमीक्षापुस्तक पखवाड़े के इस मंच पर श्री अशोक भाटिया जी और बलराम अग्रवाल,जिजी व बी एल आच्छा जिजी जैसे लघुकथा के सुधी विचारक और शास्त्रीय समीक्षक ...

वहां लाल गुलाब नहीं थे
द्वारा Neelam Kulshreshtha

मौत और मौत के आसपास - ‘वहां लाल गुलाब नहीं थे’ डॉ. [श्रीमती] विजय शर्मा, जमशेदपुर मौत के कई कारण हो सकते हैं। उम्र, हारी-बीमारी, दुर्घटना, हत्या-आत्महत्या। मगर सबसे ...

महिला चटपटी बतकहियां
द्वारा Neelam Kulshreshtha

शिखर चंद जैन, कोलकत्ता गुजरात की जानीमानी पत्रकार नीलम कुलश्रेष्ठ का यह व्यंग्य संग्रह अपने नाम के मुताबिक ही महिलाओं की गप्प गोष्ठी से निकली बातों को आधार बना ...

अम्बपाली(एक उत्तरगाथा)- गीताश्री
द्वारा राजीव तनेजा

बचपन में एक समय ऐसा भी था जब मैं फंतासी चरित्रों एवं राजा महाराजाओं की काल्पनिक कहानियों से लैस बॉलीवुडीय फिल्मों का दीवाना हुआ करता था। कुछ बड़ा हुआ ...

मैं पाकिस्तान में भारत का जासूस था- मोहनलाल भास्कर
द्वारा राजीव तनेजा

किसी भी देश की सुरक्षा के लिए यह बेहद ज़रूरी हो जाता है कि सेना के साथ साथ उसकी गुप्तचर संस्थाएँ और देश विदेश में फैला उनका नेटवर्क भी ...

स्त्री भावनाओं को मूर्त करते अनूठे प्रतीक
द्वारा Neelam Kulshreshtha

[ गुजरात की व कुछ अन्य कवयित्रियों का काव्य संग्रह ] डॉ. रेनू यादव घर घर होता है फिर भी स्त्रियों के लिए घर एक सपना क्यों होता है ...

धर्म की बेड़ियाँ खोल रही है औरत - खण्ड 2
द्वारा Neelam Kulshreshtha

- साहस भरा सार्थक प्रयास सुषमा मुनीन्द्र सुपरिचित रचनाकार नीलम कुलश्रेष्ठ के साहस, श्रम, जोखिम वृत्ति, एकाग्रता को धन्यवाद देना चाहिये कि इन्होंने धर्म जैसे सर्वाधिक संवेदनशील मसले पर ...

कुछ अनकहा सा- कुसुम पालीवाल
द्वारा राजीव तनेजा

जब भी कभी किसी लेखक या कवि को अपनी बात को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के सामने व्यक्त करना होता है तो वह अपनी जरूरत..काबिलियत एवं साहूलियात के हिसाब ...

हैशटैग- सुबोध भारतीय
द्वारा राजीव तनेजा

आमतौर पर जब भी किसी कहानी या उपन्यास में मुझे थोड़े अलग विषय के साथ एक उत्सुकता जगाती कहानी, जिसका ट्रीटमेंट भी आम कहानियों से थोड़ा अलग हट कर ...