हिंदी पुस्तक समीक्षाएं कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

अपने अपने मेघदूत- पूनम अहमद
द्वारा राजीव तनेजा

किसी भी कहानी या उपन्यास के लेखन का मकसद अगर ज़्यादा से ज़्यादा पाठकों तक उसकी पहुँच.. उसकी पकड़ को बनाना हो तो ये लाज़मी हो जाता है कि ...

रमणिका गुप्ता: अनुवाद की श्रंखला - भाग 5
द्वारा Neelam Kulshreshtha

रमणिका गुप्ता - श्रंखला -5 तेलुगु की स्त्री विमर्श कहानियां दिल्ली की दामिनी के केस ने सारे देश को जगा दिया था. गुजरात की सरकार ने फ़रवरी 2014 में ...

बारिश और अन्य लघुकथाएं
द्वारा Sandeep Tomar

“रचनाओ की रिमझिम”  पुस्तक-“ बारिश तथा अन्य लघुकथाएँ” रचनाकार- सुभाष नीरव  प्रकाशक: किताबगंज प्रकाशन प्रकाशन वर्ष: २०१९ आलोचक भले ही लघुकथाओं को तवज्जो न देते हो भले ही वो ...

रमणिका गुप्ता: अनुवाद की श्रंखला - भाग 4
द्वारा Neelam Kulshreshtha

रमणिका गुप्ता - श्रंखला -4 पंजाबी स्त्री विमर्श कहानियां [ नीलम कुलश्रेष्ठ ] इसी नारी अस्मिता की सुरक्षा का अभियान है रमणिका गुप्ता जी द्वारा संपादित 'हाशिये उलांघती औरत ...

रमणिका गुप्ता: अनुवाद की श्रंखला - भाग 3
द्वारा Neelam Kulshreshtha

रमणिका गुप्ता - श्रंखला -3 मराठी स्त्री विमर्श कहानियां महाराष्ट्र की स्त्री के लिए मशहूर है कि वह जब बाज़ार जाती है तो पुस्तकें खरीद कर लौटती है. इस ...

धर्मस्य छ्द्म उच्छेदक : नमो अरिहंता
द्वारा अशोक असफल

जाने-माने कथाकार और उपन्यासकार श्री अशोक असफल द्वारा .रचित उपन्यास ‘णमो अरिहंता‘ लगभग पाँच-छः वर्षो की शोध साधना का प्रतिफल है। जैन धर्म व दर्शन की स्थापित मान्यताओं एवं ...

श्री श्री श्री विष्णुसहस्रनाम
द्वारा king offear

1 विश्वम् जो स्वयं ही ब्रह्माण्ड है2 विष्णुः सर्वत्र विद्यमान3 वषट्कारः जिसका यज्ञ में आह्वान किया जाता है4 भूतभव्यभवत्प्रभुः अतीत, वर्तमान और भविष्य के भगवान5 भूतकृत् सभी प्राणियों के ...

रमणिका गुप्ता: अनुवाद की श्रंखला - भाग 2
द्वारा Neelam Kulshreshtha

रमणिका गुप्ता श्रंखला -2 “गुजराती स्त्री विमर्श कहानियां” सारे विश्व की औरतों के पुरुष व्यवस्था के कारण दुःख के सामांतर कारण हैं सिर्फ़ परिस्थितियां भिन्न हैं. इसी बात को ...

रमणिका गुप्ता: अनुवाद की श्रंखला
द्वारा Neelam Kulshreshtha

रमणिका गुप्ता जी और स्त्री विमर्श कहानियों के अनुवाद की श्रंखला रमणिका गुप्ता---1 [नीलम कुलश्रेष्ठ ] स्त्रियों की जागृति का इतिहास सवा सौ साल पुराना है जिस पर कुछ ...

पिशाच- संजीव पालीवाल
द्वारा राजीव तनेजा

बचपन में बतौर पाठक मेरी पढ़ने की शुरुआत कब कॉमिक्स से होती हुई वेदप्रकाश शर्मा के थ्रिलर उपन्यासों तक जा पहुँची.. मुझे खुद ही नहीं पता चला। उन दिनों ...

माफ़ कीजिए श्रीमान- सुभाष चन्दर
द्वारा राजीव तनेजा

व्यंग्य..साहित्य की एक ऐसी विधा है जिसमें आमतौर पर सरकार या समाज के उन ग़लत कृत्यों को इस प्रकार से इंगित किया जाता है की वह उस कृत्य के ...

Money कथा अनंता- कुशल सिंह
द्वारा राजीव तनेजा

पिछले कुछ सालों में हमारे देश में नोटबंदी.. जी.एस.टी..किसान आंदोलन से ले कर कोरोना महामारी तक की वजह से ऐसे-ऐसे बदलाव हुए कि मज़दूर या मध्यमवर्गीय तबके के आम ...

आड़ा वक्त- राजनारायण बोहरे
द्वारा राजीव तनेजा

आम इनसान की भांति हर लेखक..कवि भी हर वक्त किसी ना किसी सोच..विचार अथवा उधेड़बुन में खोया रहता है। बस फ़र्क इतना है कि जहाँ आम व्यक्ति इस सोच ...

गुजरात में सबसे सफ़ल नारी अदालत : महिला सामाख्या योजना - 2
द्वारा Neelam Kulshreshtha

एपीसोड -2 पुरुषों के विरोध के उत्तर में वे कहतीं हैं "ज़ाहिर है पुरानी मान्यताएं टूट रहीं हैं. पहले पंचायत में स्वयं निर्णय लेकर सरपंच ग्राम पंचायत की सद्स्यायों ...

गुजरात में सबसे सफ़ल नारी अदालत : महिला सामाख्या योजना - 1
द्वारा Neelam Kulshreshtha

नीलम कुलश्रेष्ठ एपिसोड -1 जैसे चाँद, सूरज, ज़मीन, और समुद्र एक बड़ा सच है ऐसे ही स्त्री प्रताड़ना भी एक बड़ा सच है., कुछ अपवादों को छोड़कर. सन ११९९ ...

महाकवि भवभूति रामगोपाल भावुक
द्वारा ramgopal bhavuk

महाकवि भवभूति  रामगोपाल भावुक डॉ. नौनिहाल गौतम   (ग्रन्थ-महाकवि भवभूति, लेखक-रामगोपाल भावुक, विधा-उपन्यास, भाषा-हिन्दी, प्रकाशक-कालिदास संस्कृत अकादमी, उज्जैन, म.प्र., प्रथम संस्करण 2018, पृष्ठ-134, मूल्य 250/- रू.) ‘महाकवि भवभूति’ उपन्यास ...

कुम्हलाई कलियाँ- सीमा शर्मा (संपादन)
द्वारा राजीव तनेजा

यह कोई गर्व या खुशी की नहीं बल्कि लानत..मलामत और शर्म की बात है कि भारत जैसे जनसँख्या बहुल देश में, जो कि आबादी के मामले में पूरे विश्व ...

भोर की किरणों सी सकारात्मक - ’खुसुर पुसुर’
द्वारा Neelam Kulshreshtha

[ नीलम कुलश्रेष्ठ ] आदरणीय कन्हैया लाल पांडेय जी से वड़ोदरा में उनका सन 2006 में उनका उसी शहर में वहीं लिखा, शिल्पायन प्रकाशन, देल्ही से प्रकाशित काव्य संग्रह ...

फागुन वाली धूप रामलखन शर्मा
द्वारा ramgopal bhavuk

समीक्षा                       फागन वाली धूप की संवेदना                                      रामगोपाल भावुक          दोहे लिखने की परम्परा हिन्दी साहित्य में हिन्दी के विकास के साथ ही आ ...

उत्कृष्ट कलात्मक सांकेतिकता से किर्च किर्च होते मानव मन की व्यथा
द्वारा Neelam Kulshreshtha

नीलम कुलश्रेष्ठ 'सिलवटें 'विकेश निझावन जी के कहानी संग्रह की एक एक सिलवट मैं पलट क्या रहीं हूँ एक तीखे दर्द से गुज़र रहीं हूँ या उस साँकेतिक भाषा ...

आम औरत की दैहिक या मानसिक यातना के लिए दहकते सवाल
द्वारा Neelam Kulshreshtha

नीलम कुलश्रेष्ठ आदरणीय सुधा अरोड़ा जी की पुस्तक मंगाने से पहले उसकी समीक्षा लिखने के अपने निर्णय से पहले मैंने सोचा भी नहीं था कि मैं एक जटिल चुनौती ...

आशा पाण्डेय का गीत संग्रह बाबा के गाँव में
द्वारा ramgopal bhavuk

 आशा पाण्डेय का गीत संग्रह बाबा के गाँव में                                  रामगोपाल भावुक   जब जब गाँव की बात सामने आती है , मुझे मेरा गाँव, वहाँ की संस्कृति, ...

रेत समाधि याने टोम्ब ऑफ़ सेंड
द्वारा Yashvant Kothari

मातृशक्ति की महागाथा --एक पाठकीय प्रतिक्रिया  यशवंत कोठारी कुछ समय पहले तक गीतांजलि श्री के नाम से परिचित नहीं था. अचानक टाइम्स ऑफ़ इंडिया में उनकी पुस्तक को अंतर ...

संगीत व साहित्य के सुरूर से मचलकर पटरी से उत्तर गई मालगाड़ी
द्वारा Neelam Kulshreshtha

विश्व संगीत दिवस 21 जून पर विशेष [ संस्मरण --सन 2006 ] [नीलम कुलश्रेष्ठ] ‘ऐसे हैं सुख-सुपन हमारे, बन-बन कर मिट जाएं जैसे बालू के घर नदी किनारे ।’ ...

महेश कटारे-छछिया भर छाछ की धडकनें
द्वारा ramgopal bhavuk

महेश कटारे-छछिया भर छाछ की धडकनें रामगोपाल भावुक हमारा देश कृषि प्रधान है। हिन्दी कहानी में मुंशी प्रेमचन्द्र ने सबसे पहले किसानों की व्यथा कथा कहना शुरू की थी। ...

अधूरा..अव्यक्त किंतु शाश्वत- पराग डिमरी
द्वारा राजीव तनेजा

किसी भी देश..राज्य..संस्कृति अथवा अलग अलग इलाकों में बसने वाले वहाँ के बाशिंदों का जब भी आपस में किसी ना किसी बहाने से मेल मिलाप होता है तो यकीनन ...

विश्व का प्रथम सबसे बड़ा गुजरात पुस्तकालय सहायक सहकारी मंडल
द्वारा Neelam Kulshreshtha

[ नीलम कुलश्रेष्ठ ]  समस्त विश्व की प्रथम व लगभग एक मात्र संस्था है वड़ोदरा की 'गुजरात पुस्तकालय सहकारी मंडल 'जिसकी शहर के मध्य में एक अपनी निजी इमारत ...

कोस कोस शब्दकोश- राकेश कायस्थ
द्वारा राजीव तनेजा

जब भी हम समाज में कुछ अच्छा या बुरा घटते हुए देखते हैं तो उस पर..उस कार्य के हिसाब से हम अपनी अच्छी-बुरी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं या फिर ...

गुजरात का अनूठा पावागढ़ -जहाँ महाकाली मंदिर के ऊपर मजार है
द्वारा Neelam Kulshreshtha

क्या आप उत्तरप्रदेश व कश्मीर के पहाड़ देख चुके हैं ? उन के सौंदर्य से हट कर कुछ अलग देखना चाहते हैं ? अगर आप किसी शांत, छोटी सी ...

बाक़ी सफ़ा 5 पर- रूप सिंह - सुभाष नीरव (अनुवाद)
द्वारा राजीव तनेजा

कई बार राजनीति में अपने लाभ..वर्चस्व इत्यादि को स्थापित करने के उद्देश्य से अपने पिट्ठू के रूप में आलाकमान अथवा अन्य राजनैतिक पार्टियों द्वारा ऐसे मोहरों को फिट कर ...

धूप के गुलमोहर- ऋता शेखर 'मधु'
द्वारा राजीव तनेजा

आमतौर पर अपने भावों को अभिव्यक्त करने के लिए सब एक दूसरे से बोल बतिया कर अपने मनोभावों को प्रकट करते हैं। मगर जब अपने मन की बात को ...

सपनों का शहर- जयश्री पुरवार
द्वारा राजीव तनेजा

अपने रोज़मर्रा के जीवन से जब भी कभी थकान..बेचैनी..उकताहट या फिर बोरियत उत्पन्न होने लगे तो हम सब आमतौर पर अपना मूड रिफ्रेश करने के लिए बोरिया बिस्तर संभाल.. ...