लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • जिंदगी की कशिश

    अरे ओ बेटा उठजा देख दिन सर पर आगया है और बगल के भैया आफिस जा रहे है सब अपना काम...

  • हाईजेनिक हेबिट

    हाईजेनिक आदतें आजकल कई तरह की बीमारियों ने लोगों को घेरा हुआ है जो गंभीर समस्या...

  • गुलाबी ईद

    वर्ष - 2018 प्रोफेसर रंगनाथ अपने कमरे में पड़े एक सोफे में में सर को पीछे की तरफ...

तलाक By B M

सुबह ने अपना अस्तित्व जमा लिया था। शरदीकी खुशनुमा मौसम चारो ओर छाई हुई थी। रहमत जब अपनी निंद से उठा तो अपनेआप को घर में अकेला पाया। उसने शबाना को आवाज लगाई और अपने बेटे को भी आवाज...

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उम्मीद By SARWAT FATMI

ज़ख़्म ज़ख़्म दिल की किसे दिखाऊ में जो मेरा था वो मेरा हुआ नहीं और लोगों ने तो युही मेरा मज़ाक बनाते चले गये सोचा कभी होंगी उन्हें मेरी कमी का एहसास पर ये एहसास भी अजीब चीज हैं ना ?...

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जिंदगी की कशिश By Durgesh Tiwari

अरे ओ बेटा उठजा देख दिन सर पर आगया है और बगल के भैया आफिस जा रहे है सब अपना काम कर रहे है तू अभी तक सोया है क्यों ऐसा कर रहा है चल उठजा ।तू ऐसे नही मानेगा माँ कम्बल खीचते हुवे । र...

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नव्या का प्यार By Kirti chavda

   ठंडी हवा का जौंका नव्या के बालो को छु रहा था। कशमीर की उस सुनहरी सुबह मे नव्या खिडकी के पास बेठी हुइ थी। कुछ गहरी सोच मे थी। कीसीसे ज्यादा बात नही करती थी बस अपने ही स...

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बेगुनाह गुनेहगार 11 By Monika Verma

अब तक हमने देखा कि सुहानी की जिंदगी से खेलने के लोग आए। शायद इसीलिए क्योकि सुहानी ने उनको अपनी जिंदगी तबाह करने दी। सुहानी को सोचना चाहिए था। लेकिन अगर सोच समझ कर करती तो ये गलतिया...

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नफ़्सियाती मुताला By Saadat Hasan Manto

मुझे चाय के लिए कह कर, वह उन के दोस्त फिर अपनी बातों में ग़र्क़ हो गए।

गुफ़्तुगू का मौज़ू, तरक़्क़ी पसंद अदब और तरक़्क़ी पसंद अदीब था। शुरू शुरू में तो ये लोग उर्दू के अफ़सानवी...

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हाईजेनिक हेबिट By Luxmi Nautiyal

हाईजेनिक आदतें आजकल कई तरह की बीमारियों ने लोगों को घेरा हुआ है जो गंभीर समस्या की तरह है । पुराने जमाने में लोग बहुत सी हाईजेनिक आदतें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाते थे जिससे...

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हाफ इंग्लिश फैमिली By Vimal Sharma

बेटा हॉट वाटर से हेंड वाश करके टॉवल से क्लीन कर लो , रचना ने अपनी पांच साल के बेटी से घर में घुसते ही कहा , छोटी सी विन्नी ने लव यू मॉम कहा और पंजों के बल खड़ी हो कर बामुश्किल वा...

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इरा By Niyati Kapadia Nirjhar

ठंडी ठंडी हवा चल रही थी। में और मेरी तनहाई दोनों चुपचाप चले जा रहे थे। लगा जैसे किसी ने पुकारा। पिंछे से। मैने मूड कर देखा कोई भी नहीं था। में फिर से चलने लगी। थोड़े आगे जाते ही लग...

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जीवन के रंग... By Vinita Shukla

आकाश में, कोई छुपा प्रिज्म हो शायद...जिसने प्रकाश को, सात रंगों में छितराया था. अम्बर के सीने को मथकर, रंगीन धाराएँ फूट पड़ीं! वर्षा ने गगन को धो- पोंछकर चमकाया और रंग इन्द्रधनुषी व...

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पिकनिक पर कत्ल By Ashish Kumar Trivedi

कह कर रंजन काम के लिए चला गया। सरवर केस के बारे में सोंचने लगे। पंद्रह सोलह साल के आठ लड़के पिकनिक पर जाते हैं। उनमें से एक की मौत रहस्यमय तरीके से हो जाती है। आखिर क्या हुआ होगा ?...

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धूप छाँव By Vinita Shukla

खुशियों को पंख मिले और जीवन को नवल संभावनाएं. गोपेश को उसने पसंद किया था. लगन के पहले, वरपक्ष की जांच- पड़ताल की गई थी. होने वाले वर को, जांच- परखकर, ठोंक- बजाकर, ‘फाइनल’ किया था. स...

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सलीब By Namita Gupta

                 विशंभर दयाल के बड़े बेटे की शादी के 8 साल के बाद जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ तो उन्होंने सोचा की बहू - को इतने वर्षों के...

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गुलाबी ईद By Avinash Sharma

वर्ष - 2018 प्रोफेसर रंगनाथ अपने कमरे में पड़े एक सोफे में में सर को पीछे की तरफ झुकाए आराम कर रहे थे तभी उनके बगल में बजते हुए मोबाईल ने उनका ध्यान अपनी तरफ खींचा प्रोफेसर ने मोबा...

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अधूरी कहानी... By Dharmendra Kumar Pandey

यह उन दिनों की बात है जब वीरू 8 वीं के बाद 9 वीं की पढ़ाई करने के लिए शहर गया और उसका ऐडमिशन एक प्राइवेट स्कूल में कराया गया। वह शहर की जिंदगी से पूरी तरह से अंजान था। उसे स्कूल के...

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अनकही By Vinita Shukla

बैलगाड़ी नहरिया पार जा रही थी- हिचकोले पर हिचकोले खाती हुई...कच्चे मिट्टी के पुल से, धूल के गुबार उठकर, घेराबंदी करते हुए. मंगला ने घूंघट की ओट से, झांककर देखा. नहर से लगी,...

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आस्था के रंग By VIRENDER VEER MEHTA

एक ही पेशा था हम दोनों का, और अक्सर किसी बड़े काम में दोनों साथ मिलकर काम को अंजाम दिया करते थे। इस बार भी ऐसा काम हाथ में आया तो पूरे योजनाबद्ध तरीके से हमने उसे अंजाम दिया और मंदि...

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तिरोहित By Vinita Shukla

स्वरा एकटक उस विशालकाय बोर्ड को देख रही थी, जिस पर लिखा था, “रोहिणी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल”. नये पेंट की तहें, अभी सूखी ना थीं. मन में कुछ भरभराकर टूट गया. औचक ही यादों के...

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यमराज और मेरा सपना By Author Pawan Singh

मेरा नाम विरुद्ध सेन है मेरी मृत्यु हो चुकी है आपके मन में उठ रहा होगा की ये मुझे कैसे पता? तो मै आपको बता दू की मै अब एक आत्मा हूँ जो अपनी लाश को घूर रहा है। मेरी लाश बिलकुल पीली...

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मुखौटे By Vinita Shukla

यामिनी की उड़ती हुई नज़र अपने पति सुदेश पर पड़ी. सुदेश को अपना बनाने के लिए, उसे ऐसे ही तमाम हथकंडे अपनाने पड़े थे. वे मल्टीनेशनल कम्पनी में नियुक्त, फाइव- फिगर सैलरी पाने वाले, आकर्षक...

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सम्बोधन By Krishna manu

आज वह तीन दिनो से चल रहे 'चैट चैट' के खेल का अंत कर देना चाहता था। बहुत हुआ मजाक। उसकी सोच दो दिनो पूर्व की घटना पर केंद्रित हो गई। उस दिन भी रात कुछ गहरी हो चली थी। वह ए...

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कच्चा कहानीकार - अणु कथा By Deepak Shah

अगले दिन संयोजक ने ये कह कर कि, “लेखकों, कवियों को एक अच्छा मंच चाहिए। और समाज को अच्छे लेखक, अच्छे कवि। जो समाज को सही रास्ता दिखा सकें। हम वही मंच हैं।” और सभा शुरू हुई। रमता ने...

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बेईमान - परवेज़ इक़बाल की लघु कथाएं By Parvez Iqbal

भय भूख और भ्रष्टाचार को मुद्दा बना कर चुनाव लड़ रही पार्टी के मुखिया वातानुकूलित मंच से भाषण झाड़ रहे थे और चिलमिलाती धुप में पसीना पोंछते हुवे सोच में डूबा था की काली वर्दीधारी दर्...

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रस्म By Anita Lalit

बर्तन गिरने की आवाज़ से शिखा की आँख खुल गयी। घडी देखी तो आठ बज रहे थे , वह हड़बड़ा कर उठी। "उफ़्फ़ ! मम्मी जी ने कहा था कल सुबह जल्दी उठना है , 'रसोई' की रस्म करनी है, हलवा-पूरी बनाना...

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उसकी मौत By Ashok Pruthi Matwala

सहसा, सभा में मौजूद एक सज्जन ने मौत का कारण जानते हुये भी अपने पास बैठे दूसरे सज्जन से औपचारिकतावश अपनी सहानुभूति दर्शाते हुये वार्तालाप शुरू किया, वाकई ही बड़ा ज़ुल्म हुआ है भाई सा...

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प्रकृति मैम By Prabodh Kumar Govil

अरे सर, रुटना रुटना ...अविनाश दौड़ता-चिल्लाता आया।
-क्या हुआ? मैं पीछे देख कर चौंका।
-सर, टन्सेसन मिलेडा।
-अरे कन्सेशन ऐसे नहीं मिलता। मैंने लापरवाही से कहा।
-तो टेसे मिलटा है?...

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रुही By Ved Prakash Tyagi

पाकिस्तान के मुसलमान किसी भी हिन्दू को जिंदा नहीं छोड़ रहे थे, बच्चों और बूढ़ों को निर्दयता से मार रहे थे, जवान औरतों के साथ समूहिक बलात्कार करके उनको बड़े ही घिनौने ढंग से मौत के घाट...

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तलाक By B M

सुबह ने अपना अस्तित्व जमा लिया था। शरदीकी खुशनुमा मौसम चारो ओर छाई हुई थी। रहमत जब अपनी निंद से उठा तो अपनेआप को घर में अकेला पाया। उसने शबाना को आवाज लगाई और अपने बेटे को भी आवाज...

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ज़ख़्म ज़ख़्म दिल की किसे दिखाऊ में जो मेरा था वो मेरा हुआ नहीं और लोगों ने तो युही मेरा मज़ाक बनाते चले गये सोचा कभी होंगी उन्हें मेरी कमी का एहसास पर ये एहसास भी अजीब चीज हैं ना ?...

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जिंदगी की कशिश By Durgesh Tiwari

अरे ओ बेटा उठजा देख दिन सर पर आगया है और बगल के भैया आफिस जा रहे है सब अपना काम कर रहे है तू अभी तक सोया है क्यों ऐसा कर रहा है चल उठजा ।तू ऐसे नही मानेगा माँ कम्बल खीचते हुवे । र...

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नव्या का प्यार By Kirti chavda

   ठंडी हवा का जौंका नव्या के बालो को छु रहा था। कशमीर की उस सुनहरी सुबह मे नव्या खिडकी के पास बेठी हुइ थी। कुछ गहरी सोच मे थी। कीसीसे ज्यादा बात नही करती थी बस अपने ही स...

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हाईजेनिक आदतें आजकल कई तरह की बीमारियों ने लोगों को घेरा हुआ है जो गंभीर समस्या की तरह है । पुराने जमाने में लोग बहुत सी हाईजेनिक आदतें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाते थे जिससे...

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हाफ इंग्लिश फैमिली By Vimal Sharma

बेटा हॉट वाटर से हेंड वाश करके टॉवल से क्लीन कर लो , रचना ने अपनी पांच साल के बेटी से घर में घुसते ही कहा , छोटी सी विन्नी ने लव यू मॉम कहा और पंजों के बल खड़ी हो कर बामुश्किल वा...

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इरा By Niyati Kapadia Nirjhar

ठंडी ठंडी हवा चल रही थी। में और मेरी तनहाई दोनों चुपचाप चले जा रहे थे। लगा जैसे किसी ने पुकारा। पिंछे से। मैने मूड कर देखा कोई भी नहीं था। में फिर से चलने लगी। थोड़े आगे जाते ही लग...

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जीवन के रंग... By Vinita Shukla

आकाश में, कोई छुपा प्रिज्म हो शायद...जिसने प्रकाश को, सात रंगों में छितराया था. अम्बर के सीने को मथकर, रंगीन धाराएँ फूट पड़ीं! वर्षा ने गगन को धो- पोंछकर चमकाया और रंग इन्द्रधनुषी व...

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पिकनिक पर कत्ल By Ashish Kumar Trivedi

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धूप छाँव By Vinita Shukla

खुशियों को पंख मिले और जीवन को नवल संभावनाएं. गोपेश को उसने पसंद किया था. लगन के पहले, वरपक्ष की जांच- पड़ताल की गई थी. होने वाले वर को, जांच- परखकर, ठोंक- बजाकर, ‘फाइनल’ किया था. स...

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आस्था के रंग By VIRENDER VEER MEHTA

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तिरोहित By Vinita Shukla

स्वरा एकटक उस विशालकाय बोर्ड को देख रही थी, जिस पर लिखा था, “रोहिणी देवी मेमोरियल हॉस्पिटल”. नये पेंट की तहें, अभी सूखी ना थीं. मन में कुछ भरभराकर टूट गया. औचक ही यादों के...

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मुखौटे By Vinita Shukla

यामिनी की उड़ती हुई नज़र अपने पति सुदेश पर पड़ी. सुदेश को अपना बनाने के लिए, उसे ऐसे ही तमाम हथकंडे अपनाने पड़े थे. वे मल्टीनेशनल कम्पनी में नियुक्त, फाइव- फिगर सैलरी पाने वाले, आकर्षक...

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कच्चा कहानीकार - अणु कथा By Deepak Shah

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भय भूख और भ्रष्टाचार को मुद्दा बना कर चुनाव लड़ रही पार्टी के मुखिया वातानुकूलित मंच से भाषण झाड़ रहे थे और चिलमिलाती धुप में पसीना पोंछते हुवे सोच में डूबा था की काली वर्दीधारी दर्...

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रस्म By Anita Lalit

बर्तन गिरने की आवाज़ से शिखा की आँख खुल गयी। घडी देखी तो आठ बज रहे थे , वह हड़बड़ा कर उठी। "उफ़्फ़ ! मम्मी जी ने कहा था कल सुबह जल्दी उठना है , 'रसोई' की रस्म करनी है, हलवा-पूरी बनाना...

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सहसा, सभा में मौजूद एक सज्जन ने मौत का कारण जानते हुये भी अपने पास बैठे दूसरे सज्जन से औपचारिकतावश अपनी सहानुभूति दर्शाते हुये वार्तालाप शुरू किया, वाकई ही बड़ा ज़ुल्म हुआ है भाई सा...

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प्रकृति मैम By Prabodh Kumar Govil

अरे सर, रुटना रुटना ...अविनाश दौड़ता-चिल्लाता आया।
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रुही By Ved Prakash Tyagi

पाकिस्तान के मुसलमान किसी भी हिन्दू को जिंदा नहीं छोड़ रहे थे, बच्चों और बूढ़ों को निर्दयता से मार रहे थे, जवान औरतों के साथ समूहिक बलात्कार करके उनको बड़े ही घिनौने ढंग से मौत के घाट...

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