लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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Featured Books
  • रक्षाबंधन

    रक्षाबंधन मेरी इंदिरा...

  • खट्टी कैरी

    खट्टी कैरी “आज मैं बिलकुल भी नहीं रुकूँगी, सीधे घर जाऊँगी, रोजाना माँ से डांट खा...

  • लाल बत्ती

    लाल बत्ती आइ सी यू में अपने जीवन से संघर्ष कर रही स्नेहा के बारे में सोचते हुए व...

फाहा By Saadat Hasan Manto

गोपाल की रान पर जब ये बड़ा फोड़ा निकला तो इस के औसान ख़ता हो गए।

गरमियों का मौसम था। आम ख़ूब हुए थे। बाज़ारों में, गलियों में, दुकानदारों के पास, फेरी वालों के पास, जिधर देखो, आम ह...

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चक्का जाम By ARUN SINGH

                                   (1) दिपेश अपनी मोबाइल में कुछ देखने के बाद पत्नी स...

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फ़ातो By Saadat Hasan Manto

तेज़ बुख़ार की हालत में उसे अपनी छाती पर कोई ठंडी चीज़ रेंगती महसूस हुई। उस के ख़्यालात का सिलसिला टूट गया। जब वो मुकम्मल तौर पर बेदार हुआ तो उस का चेहरा बुख़ार की शिद्दत के बाइस तिमतिम...

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कुलदीपक By Rajesh Maheshwari

कुलदीपक रामसिंह शहर के एक उद्योगपति है। जिनका छः वर्षीय बेटा रमेश है। रामसिंह प्रायः प्रतिदिन अपने बेटे को प्रेरणादायक कहानियाँ व संस्मरण सुनाते...

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सच बोले By H M Writter0

एक राजा था उसे चित्र बनाने का बहुत शौक था वह चित्र बनाने का बहुत प्रयास करता था लेकिन वह सही तरीके से चित्र नहीं बना पाता था सुबह सुबह राजा रोज एक चित्र बनाता और दोपहर के टाइम...

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रक्षाबंधन By Rajesh Maheshwari

रक्षाबंधन मेरी इंदिरा नाम की एकमात्र बहन के स्वास्थ्य में अचानक गिरावट आने लगी थी और वह दिनोदिन कमजोर होती जा रही थी। चिकि...

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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ By Asha Rautela

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ रविवार का दिन था। सुबह वेफ लगभग 10 बजे होंगे। बच्चे पार्क में खेल रहे थे और मम्मी धूप सेक रही थीं। तभी उन्हें ढोल की आवाज सुनाई दी। बच्चो ने देखा कि उनके म...

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खट्टी कैरी By Ved Prakash Tyagi

खट्टी कैरी “आज मैं बिलकुल भी नहीं रुकूँगी, सीधे घर जाऊँगी, रोजाना माँ से डांट खानी पड़ती है सब बच्चे तो स्कूल से जल्दी आ जाते हैं, तू कहाँ रह जाती है इतनी देर तक” योगेश को इतना कहकर...

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Papa aap kaha chale gye By zeba Praveen

त्यौहारों की ख़ुशी सबसे ज़्यादा बच्चो में होती हैं,या यूँ कह्ने बच्चो की वजह से ही त्यौहार अच्छे लगते हैं,दोनों शब्द अलग हैं और थोड़े बहुत मायने भी लेकिन सच तो यह हैं कि बच्चे ही त्यौ...

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बातों बातों में By c P Hariharan

बातों बातों में करण और किरण की पहली मुलाकात कालेज आते जाते मेट्रो में ही हुई थी I उन्होंने प्लस टू पास...

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चेहरे पर चेहरा By Rajesh Maheshwari

चेहरे पर चेहरा रामसिंह नाम का एक व्यक्ति था, वह पेशे से डाक्टर था। वह बहुत से लोगों को नौकरी पर रखे था। उसने यह प्रचारित किया था कि वह जनता...

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मुन्नी और विन्नी By Asha Rautela

मुन्नी और विन्नी मुन्नी अपने मम्मी-पापा की इकलौती सन्तान थी इसलिए वह बहुत जिददी हो गई थी। जब उसके दादा जी उन लोंगों के साथ रहने लगे तो मुन्नी को यह बात बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगी। व...

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लाल बत्ती By Ved Prakash Tyagi

लाल बत्ती आइ सी यू में अपने जीवन से संघर्ष कर रही स्नेहा के बारे में सोचते हुए वहीं कुर्सी पर बैठे बैठे डॉ रमन को नींद की झपकी आ गयी। पूरे चौबीस घंटे की ड्यूटि लोक नायक अस्पताल के...

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पूजा By Ajay Amitabh Suman

पूजा राकेश अपने दोस्तों के साथ खेल के मैदान में फुटबॉल खेल रहा था। शाम का समय था और हवा धीरे धीरे बह रही थी। फुटबॉल के खेल में सारे बच्चे मशगूल थे। वह कोशिश कर रहे थे कि जितनी जल्द...

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बेगुनाह गुनेहगार 19 By Monika Verma

सुहानी की सच्चाई ब्रिजेश के सामने आ चुकी है। के सवालों के जवाब है जो आज सुहानी को मिलने वाले है। ब्रिजेश सुहानी को एक के बाद एक सारे राज बता रहा है। सुहानी को ये पता चल गया कि शोगत...

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हीर की मज़ार By Sushank Patil

हीर की मज़ार“वकिल साहब आपके लिए चिठ्ठी आयी है” – रवि ने वकील बिशन सिंह को नीचे से आवाज़ लगाई। वकील साहब की ओर से जवाब न आता देख रवि ने उपर की मंज़िल पर जाना ही ठिक समझा। रवि ने वकिल स...

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नाविक By Rajesh Maheshwari

नाविक जबलपुर में नर्मदा के तट पर एक नाविक रहता है। उसका नाम है, राजन। वह एक कुशल और अनुभवी नाविक व गोताखोर है। उसने अनेक लोगों की जान डूबने...

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श्रृंगार भक्त By Ajay Amitabh Suman

(१) श्रृंगार रस इस कथा के दो पात्र है . एक भक्ति रस का उपासक तो दूजा श्रृंगार रस का उपासक है. दोनों के बीच द...

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स्वाभिमान By Rajesh Maheshwari

स्वाभिमान रागिनी एक संभ्रांत परिवार की पढी लिखी, सुंदर एवं सुशील लडकी थी। उसका विवाह एक कुलीन परिवार के लडके राजीव के साथ संप...

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बेनाम रिश्ता By kavita jayant Srivastava

बेनाम रिश्ता "काया ..! अब मैं तुम्हारे साथ फ्लैट शेयर नही कर पाऊंगा , मै कहीं और शिफ्ट कर रहा हूँ..!" रणवीर ने बेबाक होकर कहा"मैं जानती थी रणवीर..! कि एक दिन तुम यही बोलोगे .....

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पानी का धर्म By Ved Prakash Tyagi

पानी का धर्म तब भारत का बंटवारा नहीं हुआ था, अंग्रेजों का शासन था, आजादी की लड़ाई में सभी अपनी अपनी तरह से योगदान कर रहे थे, कुछ दिन पहले ही शहीदे आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव...

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चाँदनी रात By Rupal Mehta

बहुत ही सुन्दर चाँदनी रात थी। चाँद भी जैसे इन्तजार करता हो। वही से शुरू हूई एक कहानी। कोलेेज के छाात्रों सब दो दिन  के लिए trip पेे आए थे।सब लोग लकडी जला के केम्प फायर कर...

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हर सहरा के नखलिस्तान जरूर हैं By Prabodh Kumar Govil

कई फिल्मवालों ने रेगिस्तान को अपनी फिल्मों में बड़ी खूबसूरती से फिल्माया है। पीले-नारंगी रंग की यह नयनाभिराम रेत देखने में जितनी मनोरम लगती है, वहां के जीवन को उतना ही उजाड़ और बेबस...

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ढोलक की थाप By SURENDRA ARORA

लघुकथा ढोलक की थाप " आय - हाय . बेटा बन गया दूल्हा . ले आया दुल्हन . दूधों नहाओ - पूतो फलों ." खुले हाथों से जोर - जोर से तालिओं कि गड़गड़ाहट होने लगी . साथ ही एक - दो थाप ढोलक के...

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सरिता By Ved Prakash Tyagi

सरिता माँ की आवाज सुनकर भी सरिता फेस बुक पर अपने नए फेसबुकिए मित्र पवन से चैट करने मे लगी रही, बीच में माँ से इतना ही कहा, “हाँ माँ, मैं अभी आई बस थोड़ी सी पढ़ाई और है, इसको पूरा करक...

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उगते नहीं उजाले By Prabodh Kumar Govil

लाजो आज सुबह से ही बहुत उदास थी। उसका मन किसी भी काम में न लग रहा था। वह चाहती थी कि अपने दिल की बात किसी न किसी को बताये, तो उसका बोझ कुछ हल्का हो। लाजो लाजवंती लोमड़ी का नाम था।...

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गुलाल By Avinash Sharma

गुलाल सुबह से ही पूरी सोसाईटी होली के रंग में रंगने लगी थी कहीं पानी में घुले हुए रंग की टंकिया रखी...

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फाहा By Saadat Hasan Manto

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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ रविवार का दिन था। सुबह वेफ लगभग 10 बजे होंगे। बच्चे पार्क में खेल रहे थे और मम्मी धूप सेक रही थीं। तभी उन्हें ढोल की आवाज सुनाई दी। बच्चो ने देखा कि उनके म...

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Papa aap kaha chale gye By zeba Praveen

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चेहरे पर चेहरा By Rajesh Maheshwari

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लाल बत्ती आइ सी यू में अपने जीवन से संघर्ष कर रही स्नेहा के बारे में सोचते हुए वहीं कुर्सी पर बैठे बैठे डॉ रमन को नींद की झपकी आ गयी। पूरे चौबीस घंटे की ड्यूटि लोक नायक अस्पताल के...

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नाविक By Rajesh Maheshwari

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स्वाभिमान By Rajesh Maheshwari

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ढोलक की थाप By SURENDRA ARORA

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गुलाल By Avinash Sharma

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