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11 साल बाद ....सुबह के सात बज चुके थे।महक ने धीरे से करवट ली और बिस्तर से उठकर ज...
अध्याय 5: उम्मीदों का कांचसमय बीतने के साथ भार्गव की स्थिति उस प्यासे की तरह हो...
"कियान।" विशंभर ने कुछ ही दूरी पर एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति को इशारा किया। कियान...
एपिसोड 10: अंधेरे की किताबकिताब का रहस्यखंडहर से मिली पुरानी किताब अयान के हाथों...
सुबह की पहली किरण के साथ ही अवनी के सर में एक अजीब सा दर्द था। भारी मन से उसने...
भाग 2(लास्ट पार्ट) :दोनों का प्यार अगले एक साल में और गहरा हो गया। कबीर अवनि के...
कुछ हफ्ते बीत चुके थे। संस्कृति का पेट थोड़ा-सा दिखने लगा था।कार्तिक अब पहले से...
(साउंड इफेक्ट: बाथरूम के अंदर से पानी के गिरने की धीमी आवाज। एक ठंडी हवा का झोंक...
शहद की गुड़िया - प्रकरण - 41 " दुसरे दिन रा...
ऋगुवेद सूक्ति-(१६)-की व्याख्या"मान्तः स्थूर्नो अरातयः" — १०/५७/१भावार्थ --हमारे...
नेहा को मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल गया था। वह और घर के लोग फूले न समा रहे थे। अच्छा रैंक पाने के लिए उसने दो वर्षों तक इन्तज़ार किया था। नेहा इसलिये भी खुश थी कि अब स्कूल ड्रेस से...
यह कहानी उस समय की है जब अंधेरे रहस्यमय घटनाओं का दौर छाया हुआ था। एक छोटे से गांव में रहने वाले रामनाथ अपने पुराने घर में अकेले रहते थे। उनका घर, जो किसी पुरानी देहलीज पर बना हुआ...
पालमपुर, हिमांचल प्रदेश के कांगड़ा जिले का एक छोटा सा रेलवे स्टेशन। दिसम्बर की इस सर्द रात में ढेड़ बजे मेरे लिए पूरी तरह अनजान था यह स्टेशन और फिर ऊपर से कड़कड़ाने वाली ठंड के साथ क...
शंकर, जब से शहर आया था, बहुत बदल गया था, छोटे से गांव से आया एक सीधा सादा युवक शंकर, वहां के सम्मानीय गिरिजा पंडित जी की पहली औलाद, बड़े सपनों से पाल पास के शहर पढ़ने भेजा था उन्होंन...
6...7...8...9...10... रेडी???? मेरे 8 साल के भाई ने अपनी तुतलाती सी आवाज में पूछा. "नहीं आशु ...मैंने कहा था न कम से कम 20 तक काउंट करो." आशीष - ओके दी...11..12......
ये कहानी जो मै आज आपके लिये लिख रहा हूँ, ये मैंने अपनी कल्पना से लिख रहा हूँ। ये कहानी पूरी तरह से है। कहानी की सुरुवात होती है उत्तराखंड से, जहाँ अचानक कई ऐसे हादसे होने लगे...
शरद ऋतु के उस मौसम में भी माउंट एवरेस्ट पर कड़ाके की ठंड पड़ रही थी चारों तरफ बर्फ ही बर्फ छाया हुआ था तापमान शून्य से बहुत नीचे चला गया था। कहीं कहीं लोगों की लाशे बर्फ में दबी पड...
"हां मेरी प्यारी मम्मी आ रहा हूं यार आप इतना जोर देकर बार-बार क्यों बोल रहे हो" मनोज ने अपनी मम्मी से कहा। "बार-बार इसलिए बोलना पड़ रहा है क्योंकि तुम पिछले 2 साल से...
आज से 2 साल पहले मैं अपने दोस्त की शादी में गया था जब मैं वहां पहुंचा तो मैने देखा मेरे दोस्त वहां पहले से ही मौजूद थे जब हम कॉलेज में थे तो हम बहुत शरारत किया करते थे उन्हें देखकर...
हेल्लो!!! कुछ राज सुलजे हुए होते है तो कुछ राज उतने ही उल्जे हुए होते हैं । जिसको शायद उल्जे हुए ही रहने देने चाहिए, क्योंकि वैसे राज को सुलजाने का कोई फायदा नही हैं। आज की हमारी क...
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