हिंदी मनोविज्ञान कहानियाँ मुफ्त में पढ़ेंंऔर PDF डाउनलोड करें

कामसूत्र प्रेम या पोर्न
द्वारा Amanat Malik

आचार्य वात्स्यायन रचित कामसूत्र भारतीय ज्ञान संपदा की एक ऐसी अनमोल और अनूठी विरासत है, जिसकी प्रासंगिकता और उपयोगिता इसके सृजन के शताब्दियों बाद भी बनी हुई है। इसकी ...

युथनेसिया - (द प्रोसेस ऑफ डाईंग फ्रॉम सेल्फ विल)
द्वारा गायत्री शर्मा गुँजन

युथनेसिया (द प्रोसेस ऑफ डाइंग फ्रॉम सेल्फ विल ) स्वैच्छिक मृत्यु अर्थात मैं समाधिष्ट प्राण त्यागने के आध्यात्मिक प्रक्रिया की बात नहीं कर रही हूं यहां मसला है कानूनी ...

प्रकाण्ड विद्वान थे अष्टावक्र
द्वारा Jatin Tyagi

प्रकाण्ड विद्वान #अष्टावक्र#अष्टावक्र इतने प्रकाण्ड विद्वान थे कि माँ के गर्भ से ही अपने पिताजी "कहोड़" को अशुद्ध वेद पाठ करने के लिये टोंक दिए जिससे क्रुद्ध होकर पिताजी ...

दहेज प्रथा और दार्शनिक दृष्टि
द्वारा आचार्य जिज्ञासु चौहान

जुगाड़ू: दार्शनिक! यहां अकेले खड़े क्या सोच रहे हो ?वो भी इतनी रात गए !?दार्शनिक: देख रहा हूं।जुगाड़ू: क्या ?दार्शनिक: शादी के वक्त दहेज वाले हालात।जुगाड़ू: अच्छा !? एसा ...

त्रिशूल
द्वारा મહેશ ઠાકર

#त्रिशूलजिसे पश्चिम में कहा गया '#ट्राइडेंट'। ग्रीक पौराणिक इतिहास के अनुसार यह ग्रीक देवता '#पोसाइडन' का हथियार है जो हिंदुओं के वरुण देव के तुल्य देवता है। लेकिन #वरुणदेव ...

THOUGHTS OF APR. 2022
द्वारा Rudra S. Sharma

22 FEB. 2022 AT 15:21“मेरी अभिव्यक्ति केवल मेरे लियें हैं यानी मेरी जितनी समझ के स्तर के लियें और यह मेरे अतिरिक्त उनके लियें भी हो सकती हैं जो ...

THOUGHTS OF MAR. 2022
द्वारा Rudra S. Sharma

01 MAR. 2022 AT 13:24“ जब चैतन्य के द्वारा तर्क कर्ता मन से न कोई विचार होगा और भावनात्मक मन से न कोई भाव होगा यानी कल्पना पर लेश ...

THOUGHTS OF FEB. 2022
द्वारा Rudra S. Sharma

1 FEB. 2022 AT 01:35“एक समय था जब मैं आत्म अनुभूति नहीं होने पर परमात्मा को जानता नहीं था वरन इसके उसे मानता ही था क्योंकि यह सिद्ध नहीं ...

समानता  
द्वारा amit kumar mall

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से समाज शास्त्र से एम 0 ए 0 करते करते इतना आत्म विश्वास आ गया कि अब हमने समाज के बारे में , बहुत कुछ ...

THOUGHTS OF JAN. 2022
द्वारा Rudra S. Sharma

3 JAN. 2022 AT 11:32 कोई किसी अन्य के महत्व की पूर्ति नहीं कर सकता। यदि अपना कोई प्रियजन भौतिक शरीर छोड़ देता हैं तो इस बात की तो ...

THOUGHTS OF DEC. 2021
द्वारा Rudra S. Sharma

1 DEC. 2021 AT 19/20 परम् या सर्वश्रेष्ठ मस्तिष्क वही हैं या उसी आत्मा का हैं जो सभी मस्तिष्क को समान महत्व दें; वह आत्मा का मस्तिष्क अपना कर्म करें, ...

दिव्य पुरुष कैसे बने ? - 2
द्वारा Mohit Rajak

दोस्तों दिव्य पुरुष कैसे बने ? एक बहुत ही रहस्यमय पुस्तक है इसका भाग 1 अगर आपने नहीं पढ़ा है तो वह जरूर पढ़ें अन्यथा आपको यह पुस्तक समझ ...

राम के सहारे-पं. बद्री नारायण तिवारी
द्वारा ramgopal bhavuk

राम के सहारे हिन्दी को विश्व में स्थान दिलाते पं. ...

दिव्य पुरुष कैसे बने ? - 1
द्वारा Mohit Rajak

दोस्तों आपने कोई ऐसे व्यक्ति के बारे में सुना है, जो सभी चीजों में माहिर हो जिसे सब काम बहुत अच्छे से करना आता हो। शायद ही ऐसे व्यक्ति ...

क्वांटम भौतिकी
द्वारा Shamad Ansari

#. क्वांटम भौतिकीसूक्ष्म यात्रा के बारे में आपने हिंदी में ध्यान के शब्द में तो सुना ही होगा। इसे "शरीर से बाहर का अनुभव" भी कहा जाता है। यानी ...

प्रेम धुणी
द्वारा Yayawargi (Divangi Joshi)

प्रेम – धुणीइस से पहले मैंने धूनी का पार्ट लिखा था उसका दूसरा पार्ट है प्रेम धूनीमतलब कोई कहानी नहीं है फिलोसोफी है जो एक लड़की जो अभी जीवन ...

गाँव की लोक कहानियां - 2 - राक्षस का भाई भाक्षस
द्वारा निखिल ठाकुर

गतांक से आगें:- जब वे दोनों अर्थात साहूकार का लड़का और ब्रह्माण का लड़का विश्राम करने के बाद उठते है तो फिर वे दोनों शहर के तरफ ...

सोच - कुछ अनकही बातें अपनों के साथ - 1
द्वारा निखिल ठाकुर

1. रिश्ते =========================== कभी -कभी मन बहुत व्यथित हो जाता है रिश्तों की बिगड़ती तकदीर को ...समझ ही नहीं आता है कि क्या करना ...

अवसान की बेला में - भाग ७
द्वारा Rajesh Maheshwari

56. मानवीयता श्रेष्ठ धर्म जबलपुर ...

अवसान की बेला में - भाग ५
द्वारा Rajesh Maheshwari

36. उत्तराधिकारी मुंबई में एक प्रसिद्ध उद्योगपति जो कि कई कारखानों के मालिक थे, अपने उत्तराधिकारी ...

गाँवों की लोक कहानियां - 1
द्वारा निखिल ठाकुर

1. राक्षस का भाई भाक्षस ---------------------------------------------- ये सारी लोक कहानियां हमारे गाँव के बजुर्ग हमें सुनाया ...

अवसान की बेला में - भाग १
द्वारा Rajesh Maheshwari

अवसान की बेला में लेखक एवं संग्रहक:- राजेष माहेष्वरी ...

स्वतंत्रनिर्भरता का महत्व
द्वारा Rudra S. Sharma

"स्वतंत्रनिर्भरता का महत्व"आत्मा को परमात्मा से मिलन कर, परम् यानी सर्वश्रेष्ठ आत्मा बनने के लियें स्वयं के ही तंत्र पर निर्भर होकर आत्म निर्भर स्वतंत्र बनना अनिवार्य हैं।वह आत्मा ...

मुँह को बंद रखना, मौन अब जरुरी है
द्वारा Kamal Bhansali

शीर्षक: मुँह को बंद रखना, मौन अब जरुरी है जीवन के क्षेत्र में मौन” और “खामोशी” दो शब्द ऐसे है, जिनका मतलब प्रायः एक जैसा होते हुए भी हटकर ...

मित्रता (दोस्ती) , दुश्मनी और झगड़ा
द्वारा Rajesh Sheth

मित्रता (दोस्ती)१. दैनिक जीवन में, व्यवहार करते समय, हम बहुत से व्यक्तियों के संपर्क में आते हैं। यह संपर्क शायद हर रोज होता है या कभी कभी और ...

उपलब्धि
द्वारा Dr Mrs Lalit Kishori Sharma

मनोविज्ञान के अनुसार मानव का जीवन मन द्वारा ही संचालित होता है । मन की शक्ति द्वारा ही हमारी समस्त इंद्रियां सक्रिय होती हैं इसीलिए मन को इंद्रियों ...