लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


Categories
Featured Books
  • गोदान भाग 10

    गोदान हिंदी के उपन्यास-साहित्य के विकास का उज्वलतम प्रकाशस्तंभ है। गोदान के नायक...

  • Oraang Utaang

    कहानी औरांग उटांग धीरेन्द्र अस्थाना यह तो वह समय था न, जब आप दौड़ना छोड़ चुके होते...

  • आसान राह की मुश्किल

    गरीब के लिये पड़ाव क्या और मंजिल क्या रास्ता आसान क्या और कठिन क्या उसे तो जब...

गोदान भाग 10 By Munshi Premchand

गोदान हिंदी के उपन्यास-साहित्य के विकास का उज्वलतम प्रकाशस्तंभ है। गोदान के नायक और नायिका होरी और धनिया के परिवार के रूप में हम भारत की एक विशेष संस्कृति को सजीव और साकार पाते हैं...

Read Free

Oraang Utaang By dhirendraasthana

कहानी औरांग उटांग धीरेन्द्र अस्थाना यह तो वह समय था न, जब आप दौड़ना छोड़ चुके होते हैं। तो फिर? मैं सोच रहा हूं और दौड़ रहा हूं, एक द्वार से दूसरे द्वार तक। लेकिन आश्चर्य कि हर द्वार...

Read Free

आसान राह की मुश्किल By Kavita Verma

गरीब के लिये पड़ाव क्या और मंजिल क्या रास्ता आसान क्या और कठिन क्या उसे तो जब तक सांस है तब तक चलते जाना है अपनी मजबूरियों के साथ। इसी रास्ते में कहीं आम की छाँव मिल जाये तो सु...

Read Free

परीक्षा-गुरु - प्रकरण-23 By Lala Shrinivas Das

ब्रजकिशोर कौन् हैं ? मदनमोहन की क्‍यों इतनी सहानुभूति (हमदर्दी) करते हैं ?
अच्‍छा ! अब थोड़ी देर और कुछ काम नहीं है जितनें थोड़ा सा हाल इन्‍का सुनिये.
लाला ब्रजकिशोर गरीब माँ बाप...

Read Free

savitri ka prem aur vishwas By Ved Prakash Tyagi

savitri ne kaise apni sujh bujh aur mehnat se swapan me yamraj se liye gaye vachan ko sach kar dikhaya

Read Free

अमिट स्मृति By Jayshankar Prasad

जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ अमिट स्मृति जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusive digital...

Read Free

wo ladki By Ved Prakash Tyagi

a man s story who misunderstood a male voice as female voice and got disappointed at end

Read Free

डाॅ सन्ध्या की लघुकथाये By Sandhya Tiwari

देखन मे छोटे लगें घाव करें गम्भीर।

Read Free

Mrugtrushna By Subhash Neerav

पंजाबी कहानी मृगतृष्णा एस. बलवन्त अनुवाद : सुभाष नीरव उसका नाम तो मिस्टर बसरा था, पर लोग उसे प्यार से बसु पुकारते थे। कई दिनों से बसु दफ्तर नहीं आया था। रमाकांत हर रोज उसका इंतजार...

Read Free

Mary farnandies kya tum tak meri aawaz pahunchti h By dhirendraasthana

कहानी मेरी फर्नांडिस क्या तुम तक मेरी आवाज पहुंचती है ? धीरेन्द्र अस्थाना बोरीवली... कांदिवली...मालाड...गोरेगांव... मेरी फर्नांडिस। मेरी फर्नांडिस? हड़बड़ा कर मेरी आंख खुल गई। गाड़ी ज...

Read Free

जातियों का बनना By MB (Official)

मैंने पिछले खतों में तुम्हें बतलाया है कि शुरू में जब आदमी पैदा हुआ तो वह बहुत कुछ जानवरों से मिलता था। धीरे-धीरे हजारों वर्षों में उसने तरक्‍की की और पहले से ज्यादा होशियार हो गया...

Read Free

कड़वाहट !! By Shweta Misra

मैं हमेशा की तरह दरवाजे की सीढियों पर बैठी दोनों बेटों को सीने से लगाये अपने भाग्य को कोसते हुए आंसू बहाए जा रही थी कि मैंने देखा पिताजी और भैया मेरे सामने खड़े हैं मैं अचकचा सी गयी...

Read Free

सब्जीश्री By Omprakash Kshatriya

सभी सब्जिया अपने को श्रेष्ट बताने लगाती है. उन के बीच बहस छिड़ जाती है . तब सब्जियों में से किसे यह ख़िताब मिलाता है. पढिए इस कहानी में.

Read Free

डर By Kavita Verma

लेकिन....मन यूँ ही तो हार नहीं मानता , जब उसके डर पर प्रहार होता है तो उसके अपने तर्क शुरू हो जाते है। संभल कर चलना और दूसरों की गलतियों से सीख लेना कोई बुरी बात तो नहीं है। रोज़ इ...

Read Free

डायन - कहानी By Shobha Rastogi

ग्रामीण अंचलों में औरत को डायन बना देने के अंधविश्वास पर आधारित संवेदनात्मक कहानी एक अलग कलेवर में ---

Read Free

bhikhari ka beta By Ved Prakash Tyagi

begger s son became an IAS who popularise his father also

Read Free

यादो के झरोखे से By Sandhya Tiwari

यह एक संस्मरण है आशा है आप सबको पसन्द आयेगा।

Read Free

Khushbu By Subhash Neerav

पंजाबी कहानी खुशबू तलविन्दर सिंह अनुवाद : सुभाष नीरव कान्फ्रेंस के दौरान मुझे किसी ने बताया कि हनीफा बीबी मुझे खोजती घूम रही है। मैं भी उसे ढूंढ़ रहा था। सोच रहा था कि अब दोपहर के ख...

Read Free

Kissa ek trasad fantashi ka By dhirendraasthana

कहानी किस्सा एक त्रासद फंतासी का धीरेन्द्र अस्थाना वह एक निर्जन जगह थी, जहां तूफान की तरह उन्मत्त दौड़ती राजधानी एक्सप्रेस एकाएक रुकी थी। रात के दो बजे थे। चारों ओर अंधेरा और सन्नाट...

Read Free

जमीन कैसे बनी By MB (Official)

तुम जानती हो कि जमीन सूरज के चारों तरफ घूमती है और चाँद जमीन के चारों तरफ घूमता है। शायद तुम्हें यह भी याद है कि ऐसे और भी कई गोले हैं, जो जमीन की तरह सूरज का चक्कर लगाते हैं। ये स...

Read Free

दलित ग्रंथि By Kavita Verma

कहानी दलित ग्रंथि घर घर की कहानी है। ये हमारी सामाजिक व्यवस्था है कि हम एक दूसरे से अपनी जिंदगी के निजी फैसलों तक के लिए जुड़े हुए हैं जो कुछ मामलों में सही हो सकता है जब तक कि वह क...

Read Free

लघुकथाये By Sandhya Tiwari

आज के समय में समय की बहुत कमी है इसलिये मैने भावाभिव्यक्ति के लिये लघुकथाओ का माध्यम चुना है।इन नन्ही मुन्नी कहानियों को पढने में समय नही लगता लेकिन असर काफी समय तक रहता है।
मै इन...

Read Free

Jinn By Subhash Neerav

पंजाबी कहानी जिन्न हरजीत अटवाल अनुवाद :सुभाष नीरव “हमारे दामाद—सा कोई दामाद नहीं हो सकता। कइयों से बात की है मैंने। दामाद के घर रहकर लोग नरक भोगते हैं, पर हमारी बात और है जी... हम...

Read Free

रेणु और रिपोर्ताज By Anant

उपन्यास की तरह ही रिपोर्ताज भी यूरोपीय साहित्य की दें है उपन्यास का उदभव रेनेशा काल में हुआ है.

Read Free

बख्शीश By Bhagwati Prasad Dwivedi

बख्शीश जाड़े की साँय—साँय करती रात । श्मशान—सी सुनसान सड़कें । पूरे शहर में जैसे कफ्रर्यू लगा हुआ हो और दहशतजदा नर—नारी बाल—बच्चों के साथ अपने—अपने घरों में जा छिपे हों । पुलिस—सी नि...

Read Free

Guphayen By dhirendraasthana

कहानी गुफाएं धीरेन्द्र अस्थाना चीजें या तो अपना अर्थ खो बैठी थीं या अपने मूल में ही निरर्थक हो गयी थीं। जीप में, ड्राइवर की बगलवाली सीट पर बैठा वह, अपने जीवन में पसर गयी जड़ता की टो...

Read Free

जबानो का आपस में रिश्ता By MB (Official)

हम बतला चुके हैं कि आर्य बहुत-से मुल्कों में फैल गए और जो कुछ भी उनकी जबान थी उसे अपने साथ लेते गए। लेकिन तरह-तरह की आबोहवा और तरह-तरह की हालतों ने आर्यों की बड़ी-बड़ी जातियों में...

Read Free

Dand By Pushpendra Singh Gautam

राकेश के पिता का गतवर्ष देहांत हो गया, माताजी तो पहले ही स्वर्ग सिधार चुकी थीं। पिता के देहांत के बाद घर में राकेश के अलावा उसकी पत्नी, पांच बेटियां, और तेरह वर्ष का छोटा भाई रंजीत...

Read Free

अप्रासंगिक By Manish Kumar Singh

अच्‍छे और ईमानदार लोग अगर दुनिया के छल-कपट से दूर रहते हैं तो उन्‍हें हाशिए पर धकेलने में समाज देर नहीं लगाता है। लेकिन इसके बावजूद ऐसे ईमानदार लोगों का महत्‍व रहता है।

Read Free

लव-सव ...प्रेम-व्रेम By Mukesh Kumar Sinha

एनएसयूआई द्वारा कॉलेज में आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप !

पतले दुबले एनीमिक से विज्ञानं के एक छात्र ने भी जोश जोश में अपना नाम रजिस्टर किया ! आखिर इतनी सारी कॉलेज की लड़कियों से पीछे क...

Read Free

आपने ये क्या किया दादा! By Dinesh Tripathi 'Shams'

और मैं जा पहुंचा जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में . पहुँचते ही मैनें मेडिकोलीगल रजिस्टर के पन्ने पलटे. एक बड़े दैनिक समाचार – पत्र के जिला संवाददाता के रूप में यह मेरा रोज का काम...

Read Free

BAHADUR TIKDAM BELA By kantilal jain

one of the best story book, must read

Read Free

मैं चोर नहीं हूं By Asha Gupta Ashu

कुछ देर बाद स्कूल की छुट्टी हुी तो मैं अपना बैग लेने कक्षा में गई, वहाँ से सभी बच्चे जा चुके थे, बस तुलसी खड़ी थी। मैं चुपचाप अपना बैग लेकर चलने को हुई तो तुलसी ने कहा, मीनू मैं ज...

Read Free

Jit By Subhash Neerav

पंजाबी कहानी जीत जिन्दर अनुवाद : सुभाष नीरव नींद मेरे वश में नहीं रही। मेरे सामने तो प्रश्नों की विशाल दुनिया खड़ी है। मसलन — औरत को मौत से डर क्यों नहीं लगा ? क्या वह पागल थी ? क्य...

Read Free

गोदान भाग 10 By Munshi Premchand

गोदान हिंदी के उपन्यास-साहित्य के विकास का उज्वलतम प्रकाशस्तंभ है। गोदान के नायक और नायिका होरी और धनिया के परिवार के रूप में हम भारत की एक विशेष संस्कृति को सजीव और साकार पाते हैं...

Read Free

Oraang Utaang By dhirendraasthana

कहानी औरांग उटांग धीरेन्द्र अस्थाना यह तो वह समय था न, जब आप दौड़ना छोड़ चुके होते हैं। तो फिर? मैं सोच रहा हूं और दौड़ रहा हूं, एक द्वार से दूसरे द्वार तक। लेकिन आश्चर्य कि हर द्वार...

Read Free

आसान राह की मुश्किल By Kavita Verma

गरीब के लिये पड़ाव क्या और मंजिल क्या रास्ता आसान क्या और कठिन क्या उसे तो जब तक सांस है तब तक चलते जाना है अपनी मजबूरियों के साथ। इसी रास्ते में कहीं आम की छाँव मिल जाये तो सु...

Read Free

परीक्षा-गुरु - प्रकरण-23 By Lala Shrinivas Das

ब्रजकिशोर कौन् हैं ? मदनमोहन की क्‍यों इतनी सहानुभूति (हमदर्दी) करते हैं ?
अच्‍छा ! अब थोड़ी देर और कुछ काम नहीं है जितनें थोड़ा सा हाल इन्‍का सुनिये.
लाला ब्रजकिशोर गरीब माँ बाप...

Read Free

savitri ka prem aur vishwas By Ved Prakash Tyagi

savitri ne kaise apni sujh bujh aur mehnat se swapan me yamraj se liye gaye vachan ko sach kar dikhaya

Read Free

अमिट स्मृति By Jayshankar Prasad

जयशंकर प्रसाद की कहानियाँ अमिट स्मृति जयशंकर प्रसाद © COPYRIGHTS This book is copyrighted content of the concerned author as well as Matrubharti. Matrubharti has exclusive digital...

Read Free

wo ladki By Ved Prakash Tyagi

a man s story who misunderstood a male voice as female voice and got disappointed at end

Read Free

डाॅ सन्ध्या की लघुकथाये By Sandhya Tiwari

देखन मे छोटे लगें घाव करें गम्भीर।

Read Free

Mrugtrushna By Subhash Neerav

पंजाबी कहानी मृगतृष्णा एस. बलवन्त अनुवाद : सुभाष नीरव उसका नाम तो मिस्टर बसरा था, पर लोग उसे प्यार से बसु पुकारते थे। कई दिनों से बसु दफ्तर नहीं आया था। रमाकांत हर रोज उसका इंतजार...

Read Free

Mary farnandies kya tum tak meri aawaz pahunchti h By dhirendraasthana

कहानी मेरी फर्नांडिस क्या तुम तक मेरी आवाज पहुंचती है ? धीरेन्द्र अस्थाना बोरीवली... कांदिवली...मालाड...गोरेगांव... मेरी फर्नांडिस। मेरी फर्नांडिस? हड़बड़ा कर मेरी आंख खुल गई। गाड़ी ज...

Read Free

जातियों का बनना By MB (Official)

मैंने पिछले खतों में तुम्हें बतलाया है कि शुरू में जब आदमी पैदा हुआ तो वह बहुत कुछ जानवरों से मिलता था। धीरे-धीरे हजारों वर्षों में उसने तरक्‍की की और पहले से ज्यादा होशियार हो गया...

Read Free

कड़वाहट !! By Shweta Misra

मैं हमेशा की तरह दरवाजे की सीढियों पर बैठी दोनों बेटों को सीने से लगाये अपने भाग्य को कोसते हुए आंसू बहाए जा रही थी कि मैंने देखा पिताजी और भैया मेरे सामने खड़े हैं मैं अचकचा सी गयी...

Read Free

सब्जीश्री By Omprakash Kshatriya

सभी सब्जिया अपने को श्रेष्ट बताने लगाती है. उन के बीच बहस छिड़ जाती है . तब सब्जियों में से किसे यह ख़िताब मिलाता है. पढिए इस कहानी में.

Read Free

डर By Kavita Verma

लेकिन....मन यूँ ही तो हार नहीं मानता , जब उसके डर पर प्रहार होता है तो उसके अपने तर्क शुरू हो जाते है। संभल कर चलना और दूसरों की गलतियों से सीख लेना कोई बुरी बात तो नहीं है। रोज़ इ...

Read Free

डायन - कहानी By Shobha Rastogi

ग्रामीण अंचलों में औरत को डायन बना देने के अंधविश्वास पर आधारित संवेदनात्मक कहानी एक अलग कलेवर में ---

Read Free

bhikhari ka beta By Ved Prakash Tyagi

begger s son became an IAS who popularise his father also

Read Free

यादो के झरोखे से By Sandhya Tiwari

यह एक संस्मरण है आशा है आप सबको पसन्द आयेगा।

Read Free

Khushbu By Subhash Neerav

पंजाबी कहानी खुशबू तलविन्दर सिंह अनुवाद : सुभाष नीरव कान्फ्रेंस के दौरान मुझे किसी ने बताया कि हनीफा बीबी मुझे खोजती घूम रही है। मैं भी उसे ढूंढ़ रहा था। सोच रहा था कि अब दोपहर के ख...

Read Free

Kissa ek trasad fantashi ka By dhirendraasthana

कहानी किस्सा एक त्रासद फंतासी का धीरेन्द्र अस्थाना वह एक निर्जन जगह थी, जहां तूफान की तरह उन्मत्त दौड़ती राजधानी एक्सप्रेस एकाएक रुकी थी। रात के दो बजे थे। चारों ओर अंधेरा और सन्नाट...

Read Free

जमीन कैसे बनी By MB (Official)

तुम जानती हो कि जमीन सूरज के चारों तरफ घूमती है और चाँद जमीन के चारों तरफ घूमता है। शायद तुम्हें यह भी याद है कि ऐसे और भी कई गोले हैं, जो जमीन की तरह सूरज का चक्कर लगाते हैं। ये स...

Read Free

दलित ग्रंथि By Kavita Verma

कहानी दलित ग्रंथि घर घर की कहानी है। ये हमारी सामाजिक व्यवस्था है कि हम एक दूसरे से अपनी जिंदगी के निजी फैसलों तक के लिए जुड़े हुए हैं जो कुछ मामलों में सही हो सकता है जब तक कि वह क...

Read Free

लघुकथाये By Sandhya Tiwari

आज के समय में समय की बहुत कमी है इसलिये मैने भावाभिव्यक्ति के लिये लघुकथाओ का माध्यम चुना है।इन नन्ही मुन्नी कहानियों को पढने में समय नही लगता लेकिन असर काफी समय तक रहता है।
मै इन...

Read Free

Jinn By Subhash Neerav

पंजाबी कहानी जिन्न हरजीत अटवाल अनुवाद :सुभाष नीरव “हमारे दामाद—सा कोई दामाद नहीं हो सकता। कइयों से बात की है मैंने। दामाद के घर रहकर लोग नरक भोगते हैं, पर हमारी बात और है जी... हम...

Read Free

रेणु और रिपोर्ताज By Anant

उपन्यास की तरह ही रिपोर्ताज भी यूरोपीय साहित्य की दें है उपन्यास का उदभव रेनेशा काल में हुआ है.

Read Free

बख्शीश By Bhagwati Prasad Dwivedi

बख्शीश जाड़े की साँय—साँय करती रात । श्मशान—सी सुनसान सड़कें । पूरे शहर में जैसे कफ्रर्यू लगा हुआ हो और दहशतजदा नर—नारी बाल—बच्चों के साथ अपने—अपने घरों में जा छिपे हों । पुलिस—सी नि...

Read Free

Guphayen By dhirendraasthana

कहानी गुफाएं धीरेन्द्र अस्थाना चीजें या तो अपना अर्थ खो बैठी थीं या अपने मूल में ही निरर्थक हो गयी थीं। जीप में, ड्राइवर की बगलवाली सीट पर बैठा वह, अपने जीवन में पसर गयी जड़ता की टो...

Read Free

जबानो का आपस में रिश्ता By MB (Official)

हम बतला चुके हैं कि आर्य बहुत-से मुल्कों में फैल गए और जो कुछ भी उनकी जबान थी उसे अपने साथ लेते गए। लेकिन तरह-तरह की आबोहवा और तरह-तरह की हालतों ने आर्यों की बड़ी-बड़ी जातियों में...

Read Free

Dand By Pushpendra Singh Gautam

राकेश के पिता का गतवर्ष देहांत हो गया, माताजी तो पहले ही स्वर्ग सिधार चुकी थीं। पिता के देहांत के बाद घर में राकेश के अलावा उसकी पत्नी, पांच बेटियां, और तेरह वर्ष का छोटा भाई रंजीत...

Read Free

अप्रासंगिक By Manish Kumar Singh

अच्‍छे और ईमानदार लोग अगर दुनिया के छल-कपट से दूर रहते हैं तो उन्‍हें हाशिए पर धकेलने में समाज देर नहीं लगाता है। लेकिन इसके बावजूद ऐसे ईमानदार लोगों का महत्‍व रहता है।

Read Free

लव-सव ...प्रेम-व्रेम By Mukesh Kumar Sinha

एनएसयूआई द्वारा कॉलेज में आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप !

पतले दुबले एनीमिक से विज्ञानं के एक छात्र ने भी जोश जोश में अपना नाम रजिस्टर किया ! आखिर इतनी सारी कॉलेज की लड़कियों से पीछे क...

Read Free

आपने ये क्या किया दादा! By Dinesh Tripathi 'Shams'

और मैं जा पहुंचा जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में . पहुँचते ही मैनें मेडिकोलीगल रजिस्टर के पन्ने पलटे. एक बड़े दैनिक समाचार – पत्र के जिला संवाददाता के रूप में यह मेरा रोज का काम...

Read Free

BAHADUR TIKDAM BELA By kantilal jain

one of the best story book, must read

Read Free

मैं चोर नहीं हूं By Asha Gupta Ashu

कुछ देर बाद स्कूल की छुट्टी हुी तो मैं अपना बैग लेने कक्षा में गई, वहाँ से सभी बच्चे जा चुके थे, बस तुलसी खड़ी थी। मैं चुपचाप अपना बैग लेकर चलने को हुई तो तुलसी ने कहा, मीनू मैं ज...

Read Free

Jit By Subhash Neerav

पंजाबी कहानी जीत जिन्दर अनुवाद : सुभाष नीरव नींद मेरे वश में नहीं रही। मेरे सामने तो प्रश्नों की विशाल दुनिया खड़ी है। मसलन — औरत को मौत से डर क्यों नहीं लगा ? क्या वह पागल थी ? क्य...

Read Free