लघुकथा कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Short Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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Featured Books

प्यारालंपिक By Harish Kumar Amit

प्यारालंपिक : हरीश कुमार ‘अमित’ ‘पापा, मैंने टॉप कर लिया है. अब आपकी बारी है.’ मेरी बेटी, जिया, के फोन पर मुझसे कहे गए यही शब्द बार-बार मेरे दिमाग़ में गूँज रहे थे,...

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दलदल By Mamta shukla

 नाम  - ममता शुक्लाव्यवसाय-   गृहिणी,स्थान -     अहमदाबाद,शिक्षा- स्नातक(बी.ए)रुचि  - नए एवं पुराने लेखकों की रचनाएँ    ...

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जाओ हनीफ़ जाओ... By Saadat Hasan Manto

चौधरी ग़ुलाम अब्बास की ताज़ा तरीन तक़रीर-ओ-तबादल-ए-ख़यालात हो रहा था। टी हाउस की फ़ज़ा वहां की चाय की तरह गर्म थी। सब इस बात पर मुत्तफ़िक़ थे कि हम कश्मीर ले कर रहें गे, और ये कि डोगरा...

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अधूरा प्रण By Tejas Poonia

उसके फ़ोन का इंतज़ार करते-करते कब टोनी की आँखों में नींद आकर चुपचाप समा गई उसे पता ही न चला। ऐसा केवल एक बार नहीं हुआ था टोनी के साथ। अमूमन हर बार वह किसी न किसी के फ़ोन का इंतजार करत...

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जब किसान ने जहर खाया By Ved Prakash Tyagi

सात साल का रिशु दौड़ते हुए दादी के पास जाकर ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगा, दादी, दादी जल्दी चलो, बैठक में दादाजी फर्श पर गिरे पड़े हैं, जल्दी चलो, वो बोल भी नहीं रहे हैं।

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पुरस्कार By Ravi Ranjan Goswami

अगले दिन शशांक का पाँचवी कक्षा की आन्तिम परीक्षा का परिणाम आने वाला था । प्रेमा ऐसे घबराई हुई थी मानो उसका अपना परिणाम आने वाला हो । इस बार प्रेमा ने मेहनत भी खूब की थी । ट्यूटर...

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दो मुँहवाला साँप By Neetu Singh Renuka

धीरे-धीरे शाम पसर रही थी और ठंड ने फैलना शुरु कर दिया था। सूरज ने अपना सुनहरा आँचल वापस खींच लिया था मगर रात ने अभी भी अपनी काली चादर नहीं ओढ़ाई थी।सिंक में अपने हाथ धोते हुए उर्मिल...

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द्रढ संकल्प By Rajesh Maheshwari

दृढ़ संकल्प ठंड से ठिठुरती हुयी, घने कोहरे से आच्छादित रात्रि के अंतिम प्रहर में एक मोटरसाइकिल पर सवार नवयुवक अपने घर वापिस जा रहा था, उसे एक चैीराहे पर कचरे के ढ़ेर में से किसी नवजा...

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माया एक प्रेम कहानी By Ved Prakash Tyagi

प्रणय ने दरवाजा खोलकर साक्षात्कार के लिए जैसे ही अंदर प्रवेश किया, माया उसको देखती ही रह गयी, छः फ़ुटा सांवला युवक प्रथम दृष्टि में ही माया को ऐसा भाया कि वह अपनी भावना के विमान पर...

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अरमान By Ashish Kumar Trivedi

उस युवक की बात सुन कर नीलिमा को दुविधा समाप्त हो गई। वह सेकेंड हैंड कार खरीदने नहीं आया था। बल्कि उसके पति के सपने को अपना अरमान बनाने आया था। नीलिमा ने उसे शादी के लिए शुभ कामनाएं...

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चोर By Saadat Hasan Manto

मुझे बेशुमार लोगों का क़र्ज़ अदा करना था और ये सब शराब-नोशी की बदौलत था। रात को जब मैं सोने के लिए चारपाई पर लेटता तो मेरा हर क़र्ज़ ख्वाह मेरे सिरहाने मौजूद होता...... कहते हैं कि श...

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अमीरी का नशा (विश्व के महान दार्शनिकों की कहानियाँ) By MB (Official)

अमीरी का नशा (विश्व के महान दार्शनिकों की कहानियाँ)

1. अमीरी का नशा
2. वनमानुस की चुप्पी
3. चाँदनी की बाँहें
4. तीन पैगम्बर
5. नाश्ते के बाद
6. किस्सा पनचक्कीवाले का...

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क्या खोया क्या पाया By Renu Gupta

मेरी यह कहानी राजस्थान पत्रिका में 13 दिसंबर, 2017 को प्रकाशित हो चुकी है। कहानी..........‘ क्या खोया, क्या पाया?’अमेरिका के लिए उड़ान भरने को तैयार पुरवा का हवाईजहाज रनवे पर तीव्...

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सीख By Neetu Singh Renuka

"अगर आपका सेलेक्शन हो जाता है तो आपको यहाँ मुंबई आना पड़ेगा। तब आप अपनी फैमली लाइफ कैसे मैनेज करेंगे, मि. सैनी?""सॉरी सर.....मैं कुछ समझा नहीं?""आई मीन टू से ....कि आपकी वाइफ तो दिल...

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अकेला By Vrishali Gotkhindikar

एक सपना देखा था ,लगता था जिन्दगी खुशहाल होगी ..मगर जाने क्या हुआ देखते देखते सपना चूर चूर हो गया शायद भगवान् की मर्जी नही थी ,इसलिए ये अकेलापन आ गया

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माता पिता और बच्चे By Monika Verma

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। हर इंसान किसी न किसी समाज से जुड़ा हुआ है। और यह समाज मिलकर बनता है एक देश।बिल्कुल इसी में से एक समाज में एक 28 साल का युवक समीर अपने मात पिता कमल लाल औ...

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छलावा By Ved Prakash Tyagi

जज साहब, ना तो जूली मुझे धोखा देती, ना मैं चोर बनता और ना ही नई नई लड़कियों से मित्रता करता, बस मैं वही सीधा सादा लड़का रहता जिसे उसके माँ बाप बहुत प्यार करते थे और वही सब सच था, बाक...

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खिंचाव By Ashish Kumar Trivedi

यह सही है कि आज प्रतियोगिता का स्तर बहुत बढ़ गया है। लेकिन इसके लिए बच्चों पर अनावश्यक दबाव बनाना भी ठीक नहीं।
शाज़िया अपने बेटे अमान पर बेवजह बोझ डाल रही थी। जबकी वह स्वयं एक ज़ि...

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काली By Ashish Kumar Trivedi

यह कहानी है एक सशक्त महिला की। जिसे तीन तरफा संघर्ष करना पड़ा।
स्त्री होते हुए अपनी पहचान पाने का
पोलियोग्रस्त होते हुए अपनी मंज़िल तक पहुँचने का
समाज के पिछड़े वर्ग में जन्म ले...

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तोहफा By Namita Gupta

It s a great book
You all will love to read it
I will not open the secret of this book
Let you discover what s so special about it
I will tell you its just about a man who go...

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फ्रंट By Ashish Kumar Trivedi

यह कहानी एक शहीद मेजर की पत्नी की है। जैसे सेना का सिपाही पूरी मुस्तैदी से सरहद पर डटा रहता है वैसे ही उसकी पत्नी सामाजिक व पारिवारिक फ्रंट पर डटी रहती है। यह पूरी हिम्मत के साथ जी...

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धुंवे की लकीर By Ved Prakash Tyagi

अनुज अनुज! देखो तुम्हारे गाँव से आसमान की तरफ धुंवे की कितनी मोटी लकीर बन गयी है। रीना ने अनुज को आवाज लगाकर बताया तो अनुज बोला, रीना तुम गाँव देखने आई थीं न, अब तुम्ही देखो, मैं...

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एक अपवित्र रात (विश्वकथाएं) By MB (Official)

एक अपवित्र रात (विश्वकथाएं)

1. एक अपवित्र रात
2. प्रेमिका को सलाह
3. स्वागत-रोमन शैली
4. आत्मस्वीकृति
5. तीन दिलचस्प किस्से
6. नंगा लड़का
7. मुकाबला

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ईदन और बानो By Ved Prakash Tyagi

ईदन एक संभ्रांत परिवार की उच्च शिक्षित लड़की थी जिसे उसके प्रेमी ने धोखा दिया और एक कोठे पर बेच कर चला गया। वहीं पर उसने गाना बजाना सीखा, महापुरुषों की जीवनियाँ पढ़ी, शहीदों के बारे...

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दूसरी दुनिया By Ashish Kumar Trivedi

हमारे आस पास एक ऐसी दुनिया है जिसे देख कर भी हम नज़रअंदाज़ करते हैं। यह दुनिया है सड़क पर रहने वाले गरीब अनाथ बच्चों की। एक ऐसी दुनिया जहाँ बचपन भी जाने से कतराता है।

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रिअलिटी ऑफ़ इंनर लाइफ ! By zeba Praveen

यह कहानी रियलिटी पर आधारित हैं,इसमें ब्लाइंड स्टूडेंट्स का ज़िक्र किया गया हैं जो कि हर साल हमारे दिल्ली में अलग-अलग स्टेट्स से ब्लाइंड स्टूडेंट्स एक्साम्स देने आते हैं,उनके एक्साम्...

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ठहरा हुआ रिस्ता By Sanjay Nayka

कुछ रिस्ते होते है जो जताये नही जाते पर उस बस निभाने पडते है प्रस्तुत कहानी ‘ठहरा हुआ रिस्ता’ में लेखक ने सोतेली माँ और बेटे के रिस्ते को मजबुत बंधन से बांधने की कोशीश की है
ज...

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बगिया By Ashish Kumar Trivedi

मुझे वहाँ का माहौल बहुत अच्छा लग रहा था। सबसे मिल कर तथा स्कूल का भली भांति मुआयना करने के बाद मैं घर के लिए चल दिया।

कार चलाते हुए पहली बार मैं व्योम के भविष्य को लेकर आशान्वित...

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वृद्ध जन आश्रम By Ved Prakash Tyagi

आज नेहा वृद्ध जन आश्रम का सही मतलब समझ गयी थी और सोच रही थी कि परिवार बढ्ने पर घर छोटा पड़ जाए तो रामेश्वर काका की तरह खुशी ढूंढ लेनी चाहिए। शायद यही कारण रहा होगा कि हमारे पूर्वजों...

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ठेकेदारनी By Ved Prakash Tyagi

प्रैस में यह बात आते ही चेयरमैन ने सभी संबन्धित अधिकारियों को आनन फानन सस्पैंड कर दिया और इस सब की जांच के लिए जांच आयोग बना दिया। सुनीता को जब इस बात का पता चला तो वह जांच आयोग के...

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सौदागर By Mirza Hafiz Baig

उसे कौन नही पहचानता ।
इतना बङा आदमी और मेरे दरवाजे पर ठीक है । बात यकीन करने की नही है, लेकिन है तो सच । इतना बङा आदमी और इतनी विनम्रता । किसी को यकीन होगा क्या । ………… शेष कहा...

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अधूरी बाज़ी By Ashish Kumar Trivedi

अक्सर शतरंज खेलते हुए जतिन दा कुछ दार्शनिक भाव से कहते थे।
ये जीवन भी शतरंज की बिसात है जिस पर हम सब नियति के साथ खेल रहे हैं। नियति अपने मोहरे इस प्रकार चलती है कि कभी कभी हम उस...

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सतर्क By Sanjay Nayka

एक सतर्क देशवासी देश की सुरक्शा में अपना योगदान दे सकता है सतर्कता से दुर्धटना से बचा जा सकता है एक सतर्क देशवासी देश की सुरक्शा में अपना योगदान दे सकता है सतर्कता से दुर्धटन...

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अचानक By Vrishali Gotkhindikar

जिंदगी का सफ़र बड़ा ही अजीब होता है कभी कभी हम सोचते कुछ है और हकीकत में कुछ और ही होता है एक जवान लड़की जिसके कुछ अरमान थे ,सपने थे ..लगता था की अब सब कुछ अच्छा चल रहा है ,अचानक ज...

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निक्की और छोलेवाला By Ved Prakash Tyagi

रात बहुत हो चुकी थी, प्लेटफार्म सुनसान था, निक्की ट्रेन से उतरकर अपनी झुग्गी की तरफ बढ़ रही थी कि अचानक राका ने उसको कसकर पकड़ लिया, वह शोर मचाने ही वाली थी कि अलताफ़ ने उसके मुंह पर...

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माँगे मिले न भीख By Neetu Singh Renuka

कुछ लोग इतने आलसी होते हैं कि आलस्य की पराकाष्ठा को भी पार कर जाते हैं। ऐसे में अगर आजीविका चलाने के लिए उन्हें भीख भी माँगनी पड़े तो क्या उनसे यह संभव हो पाएगा भीख माँगना क्या इतन...

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प्यारालंपिक By Harish Kumar Amit

प्यारालंपिक : हरीश कुमार ‘अमित’ ‘पापा, मैंने टॉप कर लिया है. अब आपकी बारी है.’ मेरी बेटी, जिया, के फोन पर मुझसे कहे गए यही शब्द बार-बार मेरे दिमाग़ में गूँज रहे थे,...

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दलदल By Mamta shukla

 नाम  - ममता शुक्लाव्यवसाय-   गृहिणी,स्थान -     अहमदाबाद,शिक्षा- स्नातक(बी.ए)रुचि  - नए एवं पुराने लेखकों की रचनाएँ    ...

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जाओ हनीफ़ जाओ... By Saadat Hasan Manto

चौधरी ग़ुलाम अब्बास की ताज़ा तरीन तक़रीर-ओ-तबादल-ए-ख़यालात हो रहा था। टी हाउस की फ़ज़ा वहां की चाय की तरह गर्म थी। सब इस बात पर मुत्तफ़िक़ थे कि हम कश्मीर ले कर रहें गे, और ये कि डोगरा...

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अधूरा प्रण By Tejas Poonia

उसके फ़ोन का इंतज़ार करते-करते कब टोनी की आँखों में नींद आकर चुपचाप समा गई उसे पता ही न चला। ऐसा केवल एक बार नहीं हुआ था टोनी के साथ। अमूमन हर बार वह किसी न किसी के फ़ोन का इंतजार करत...

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जब किसान ने जहर खाया By Ved Prakash Tyagi

सात साल का रिशु दौड़ते हुए दादी के पास जाकर ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगा, दादी, दादी जल्दी चलो, बैठक में दादाजी फर्श पर गिरे पड़े हैं, जल्दी चलो, वो बोल भी नहीं रहे हैं।

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पुरस्कार By Ravi Ranjan Goswami

अगले दिन शशांक का पाँचवी कक्षा की आन्तिम परीक्षा का परिणाम आने वाला था । प्रेमा ऐसे घबराई हुई थी मानो उसका अपना परिणाम आने वाला हो । इस बार प्रेमा ने मेहनत भी खूब की थी । ट्यूटर...

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दो मुँहवाला साँप By Neetu Singh Renuka

धीरे-धीरे शाम पसर रही थी और ठंड ने फैलना शुरु कर दिया था। सूरज ने अपना सुनहरा आँचल वापस खींच लिया था मगर रात ने अभी भी अपनी काली चादर नहीं ओढ़ाई थी।सिंक में अपने हाथ धोते हुए उर्मिल...

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द्रढ संकल्प By Rajesh Maheshwari

दृढ़ संकल्प ठंड से ठिठुरती हुयी, घने कोहरे से आच्छादित रात्रि के अंतिम प्रहर में एक मोटरसाइकिल पर सवार नवयुवक अपने घर वापिस जा रहा था, उसे एक चैीराहे पर कचरे के ढ़ेर में से किसी नवजा...

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माया एक प्रेम कहानी By Ved Prakash Tyagi

प्रणय ने दरवाजा खोलकर साक्षात्कार के लिए जैसे ही अंदर प्रवेश किया, माया उसको देखती ही रह गयी, छः फ़ुटा सांवला युवक प्रथम दृष्टि में ही माया को ऐसा भाया कि वह अपनी भावना के विमान पर...

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अरमान By Ashish Kumar Trivedi

उस युवक की बात सुन कर नीलिमा को दुविधा समाप्त हो गई। वह सेकेंड हैंड कार खरीदने नहीं आया था। बल्कि उसके पति के सपने को अपना अरमान बनाने आया था। नीलिमा ने उसे शादी के लिए शुभ कामनाएं...

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चोर By Saadat Hasan Manto

मुझे बेशुमार लोगों का क़र्ज़ अदा करना था और ये सब शराब-नोशी की बदौलत था। रात को जब मैं सोने के लिए चारपाई पर लेटता तो मेरा हर क़र्ज़ ख्वाह मेरे सिरहाने मौजूद होता...... कहते हैं कि श...

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अमीरी का नशा (विश्व के महान दार्शनिकों की कहानियाँ) By MB (Official)

अमीरी का नशा (विश्व के महान दार्शनिकों की कहानियाँ)

1. अमीरी का नशा
2. वनमानुस की चुप्पी
3. चाँदनी की बाँहें
4. तीन पैगम्बर
5. नाश्ते के बाद
6. किस्सा पनचक्कीवाले का...

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क्या खोया क्या पाया By Renu Gupta

मेरी यह कहानी राजस्थान पत्रिका में 13 दिसंबर, 2017 को प्रकाशित हो चुकी है। कहानी..........‘ क्या खोया, क्या पाया?’अमेरिका के लिए उड़ान भरने को तैयार पुरवा का हवाईजहाज रनवे पर तीव्...

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सीख By Neetu Singh Renuka

"अगर आपका सेलेक्शन हो जाता है तो आपको यहाँ मुंबई आना पड़ेगा। तब आप अपनी फैमली लाइफ कैसे मैनेज करेंगे, मि. सैनी?""सॉरी सर.....मैं कुछ समझा नहीं?""आई मीन टू से ....कि आपकी वाइफ तो दिल...

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अकेला By Vrishali Gotkhindikar

एक सपना देखा था ,लगता था जिन्दगी खुशहाल होगी ..मगर जाने क्या हुआ देखते देखते सपना चूर चूर हो गया शायद भगवान् की मर्जी नही थी ,इसलिए ये अकेलापन आ गया

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माता पिता और बच्चे By Monika Verma

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। हर इंसान किसी न किसी समाज से जुड़ा हुआ है। और यह समाज मिलकर बनता है एक देश।बिल्कुल इसी में से एक समाज में एक 28 साल का युवक समीर अपने मात पिता कमल लाल औ...

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छलावा By Ved Prakash Tyagi

जज साहब, ना तो जूली मुझे धोखा देती, ना मैं चोर बनता और ना ही नई नई लड़कियों से मित्रता करता, बस मैं वही सीधा सादा लड़का रहता जिसे उसके माँ बाप बहुत प्यार करते थे और वही सब सच था, बाक...

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खिंचाव By Ashish Kumar Trivedi

यह सही है कि आज प्रतियोगिता का स्तर बहुत बढ़ गया है। लेकिन इसके लिए बच्चों पर अनावश्यक दबाव बनाना भी ठीक नहीं।
शाज़िया अपने बेटे अमान पर बेवजह बोझ डाल रही थी। जबकी वह स्वयं एक ज़ि...

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काली By Ashish Kumar Trivedi

यह कहानी है एक सशक्त महिला की। जिसे तीन तरफा संघर्ष करना पड़ा।
स्त्री होते हुए अपनी पहचान पाने का
पोलियोग्रस्त होते हुए अपनी मंज़िल तक पहुँचने का
समाज के पिछड़े वर्ग में जन्म ले...

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तोहफा By Namita Gupta

It s a great book
You all will love to read it
I will not open the secret of this book
Let you discover what s so special about it
I will tell you its just about a man who go...

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फ्रंट By Ashish Kumar Trivedi

यह कहानी एक शहीद मेजर की पत्नी की है। जैसे सेना का सिपाही पूरी मुस्तैदी से सरहद पर डटा रहता है वैसे ही उसकी पत्नी सामाजिक व पारिवारिक फ्रंट पर डटी रहती है। यह पूरी हिम्मत के साथ जी...

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धुंवे की लकीर By Ved Prakash Tyagi

अनुज अनुज! देखो तुम्हारे गाँव से आसमान की तरफ धुंवे की कितनी मोटी लकीर बन गयी है। रीना ने अनुज को आवाज लगाकर बताया तो अनुज बोला, रीना तुम गाँव देखने आई थीं न, अब तुम्ही देखो, मैं...

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एक अपवित्र रात (विश्वकथाएं) By MB (Official)

एक अपवित्र रात (विश्वकथाएं)

1. एक अपवित्र रात
2. प्रेमिका को सलाह
3. स्वागत-रोमन शैली
4. आत्मस्वीकृति
5. तीन दिलचस्प किस्से
6. नंगा लड़का
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ईदन और बानो By Ved Prakash Tyagi

ईदन एक संभ्रांत परिवार की उच्च शिक्षित लड़की थी जिसे उसके प्रेमी ने धोखा दिया और एक कोठे पर बेच कर चला गया। वहीं पर उसने गाना बजाना सीखा, महापुरुषों की जीवनियाँ पढ़ी, शहीदों के बारे...

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दूसरी दुनिया By Ashish Kumar Trivedi

हमारे आस पास एक ऐसी दुनिया है जिसे देख कर भी हम नज़रअंदाज़ करते हैं। यह दुनिया है सड़क पर रहने वाले गरीब अनाथ बच्चों की। एक ऐसी दुनिया जहाँ बचपन भी जाने से कतराता है।

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रिअलिटी ऑफ़ इंनर लाइफ ! By zeba Praveen

यह कहानी रियलिटी पर आधारित हैं,इसमें ब्लाइंड स्टूडेंट्स का ज़िक्र किया गया हैं जो कि हर साल हमारे दिल्ली में अलग-अलग स्टेट्स से ब्लाइंड स्टूडेंट्स एक्साम्स देने आते हैं,उनके एक्साम्...

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ठहरा हुआ रिस्ता By Sanjay Nayka

कुछ रिस्ते होते है जो जताये नही जाते पर उस बस निभाने पडते है प्रस्तुत कहानी ‘ठहरा हुआ रिस्ता’ में लेखक ने सोतेली माँ और बेटे के रिस्ते को मजबुत बंधन से बांधने की कोशीश की है
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बगिया By Ashish Kumar Trivedi

मुझे वहाँ का माहौल बहुत अच्छा लग रहा था। सबसे मिल कर तथा स्कूल का भली भांति मुआयना करने के बाद मैं घर के लिए चल दिया।

कार चलाते हुए पहली बार मैं व्योम के भविष्य को लेकर आशान्वित...

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वृद्ध जन आश्रम By Ved Prakash Tyagi

आज नेहा वृद्ध जन आश्रम का सही मतलब समझ गयी थी और सोच रही थी कि परिवार बढ्ने पर घर छोटा पड़ जाए तो रामेश्वर काका की तरह खुशी ढूंढ लेनी चाहिए। शायद यही कारण रहा होगा कि हमारे पूर्वजों...

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ठेकेदारनी By Ved Prakash Tyagi

प्रैस में यह बात आते ही चेयरमैन ने सभी संबन्धित अधिकारियों को आनन फानन सस्पैंड कर दिया और इस सब की जांच के लिए जांच आयोग बना दिया। सुनीता को जब इस बात का पता चला तो वह जांच आयोग के...

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सौदागर By Mirza Hafiz Baig

उसे कौन नही पहचानता ।
इतना बङा आदमी और मेरे दरवाजे पर ठीक है । बात यकीन करने की नही है, लेकिन है तो सच । इतना बङा आदमी और इतनी विनम्रता । किसी को यकीन होगा क्या । ………… शेष कहा...

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अधूरी बाज़ी By Ashish Kumar Trivedi

अक्सर शतरंज खेलते हुए जतिन दा कुछ दार्शनिक भाव से कहते थे।
ये जीवन भी शतरंज की बिसात है जिस पर हम सब नियति के साथ खेल रहे हैं। नियति अपने मोहरे इस प्रकार चलती है कि कभी कभी हम उस...

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सतर्क By Sanjay Nayka

एक सतर्क देशवासी देश की सुरक्शा में अपना योगदान दे सकता है सतर्कता से दुर्धटना से बचा जा सकता है एक सतर्क देशवासी देश की सुरक्शा में अपना योगदान दे सकता है सतर्कता से दुर्धटन...

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अचानक By Vrishali Gotkhindikar

जिंदगी का सफ़र बड़ा ही अजीब होता है कभी कभी हम सोचते कुछ है और हकीकत में कुछ और ही होता है एक जवान लड़की जिसके कुछ अरमान थे ,सपने थे ..लगता था की अब सब कुछ अच्छा चल रहा है ,अचानक ज...

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निक्की और छोलेवाला By Ved Prakash Tyagi

रात बहुत हो चुकी थी, प्लेटफार्म सुनसान था, निक्की ट्रेन से उतरकर अपनी झुग्गी की तरफ बढ़ रही थी कि अचानक राका ने उसको कसकर पकड़ लिया, वह शोर मचाने ही वाली थी कि अलताफ़ ने उसके मुंह पर...

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माँगे मिले न भीख By Neetu Singh Renuka

कुछ लोग इतने आलसी होते हैं कि आलस्य की पराकाष्ठा को भी पार कर जाते हैं। ऐसे में अगर आजीविका चलाने के लिए उन्हें भीख भी माँगनी पड़े तो क्या उनसे यह संभव हो पाएगा भीख माँगना क्या इतन...

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