सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


Categories
Featured Books
  • अतीत बनाम वर्तमान

    आज अनुज अपनी भावी जीवनसाथी रेवा को हमसे मिलाने लेकर आ रहा था।दोनों ने एक साथ...

  • तेरे बिना क्या जीना

    तेरे बिना क्या जीना राहुल और करीना कार से खजुराहो जा रहे थे। करीना के पति र...

  • छल - Story of love and betrayal - 1

    "अरे वर्मा जी कुछ लीजिए ना, और आपकी ग्लास और प्लेट तो दोनों खाली हैं, क्या वर्मा...

अतीत बनाम वर्तमान By Rama Sharma Manavi

आज अनुज अपनी भावी जीवनसाथी रेवा को हमसे मिलाने लेकर आ रहा था।दोनों ने एक साथ MBA करने के पश्चात एक ही कम्पनी में जॉब प्रारंभ किया था, वे एक-दूसरे के साथ लगभग चार वर्षों से थे,अब...

Read Free

तेरे बिना क्या जीना By Manish Sidana

तेरे बिना क्या जीना राहुल और करीना कार से खजुराहो जा रहे थे। करीना के पति राहुल की रेलवे में नौकरी थी। उसका ट्रांसफर मध्यप्रदेश के खजुराहो के छोटे से स्टेशन पर हुआ था। राहुल औ...

Read Free

अंत... एक नई शुरुआत - 12 By निशा शर्मा

गर्मियों की छुट्टियाँ खत्म हुईं और आज मैं अपने बेटे और मेरे स्कूल के नये स्टूडेंट,सनी के साथ स्कूल जा रही हूँ । इतनी लम्बी छुट्टियों के बाद स्कूल का पहला दिन सचमुच बहुत ही अच्छा लग...

Read Free

छल - Story of love and betrayal - 1 By Sarvesh Saxena

"अरे वर्मा जी कुछ लीजिए ना, और आपकी ग्लास और प्लेट तो दोनों खाली हैं, क्या वर्मा जी आप तो ना ही शरमायें" ।मिसेज़ शर्मा ने वर्मा जी से दोस्ताना अंदाज में कहा | "नहीं मिसेज शर्मा जी,...

Read Free

कर्तव्य - 13 By Asha Saraswat

कर्तव्य (13) “बहुत दिनों तक भैया घर पर नहीं आये पिताजी को भी चिंता है और मेरा भी मन नहीं लग रहा है”अपूर्व भैया ने अपने दोस्त से कहा । तभी अपूर्व भ...

Read Free

औकात  By Ratna Pandey

विमला और शांता गरीब होने के कारण अपनी औकात तो जानती थीं लेकिन एक पढ़े लिखे दौलतमंद डॉक्टर की औकात उन्हें तब पता चली जब . . . पढ़िए मेरी कहानी औकात में.

Read Free

अंतर  By Ratna Pandey

गरीब परिवार में पलने वाले भोला को जब यह पता चलता है कि पाँच भाई बहन होने के कारण ही उन्हें इस तरह अत्यधिक गरीबी में गुजारा करना पड़ रहा है तब उसकी मानसिकता कैसी हो जाती है और वह क्य...

Read Free

बुनियाद (पार्ट 4) By Kishanlal Sharma

उन दोनों की उम्र में पच्चीस साल का अंतर था।तो क्या हुआ?कुछ ने कुछ बात तो की ही जा सकती थी।पहले मारिया को हर पल अकेलेपन का एहसास सताता रहता था।लेकिन अब ऐसा नही था।अब वह अकेली नही,...

Read Free

दिल्ली में नहीं रहना By prema

दिल्ली में नही रहना मार्च 2020 अचानक एक दिन रात को 10:00 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा घोषणा होती है कि कल से भारतवर्ष में लॉकडाउन लग जाएगा. स्कूल,कॉलेज,सरकारी,अर्ध-सरका...

Read Free

उसूलों और संघर्षों की कशमकश  By Ratna Pandey

विष्णु प्रसाद एक किसान था, अपनी पत्नी और तीन बेटों के साथ अपने खेत में ही एक झोपड़ी बनाकर रहता था। विष्णु प्रसाद की पत्नी उमा हर काम में अपने पति का हाथ बटाती थी। विष्णु सुबह से शा...

Read Free

सोशल मीडिया इम्पैक्ट... By Shrikar Dixit

कितना बेहतर था ना पुराने लोग,पुरानी परंपराएं,पुरानी लाइफ,हर रिश्ते में एक मिठास हुआ करती थी,यदि आप किसी से कुछ बात करते थे तो उसका संपूर्ण ध्यान आपकी बात पर केंद्रित होता था,मगर आज...

Read Free

काश मेरी भी एक बेटी होती By Ratna Pandey

अपनी व्यस्ततम ज़िंदगी से कुछ वक़्त निकालकर यशोदा बगीचे में शाम को टहलने अवश्य ही जाती थी। बगीचे में नियमित रूप से आने वाले अधिकतर लोग यशोदा को जानने लगे थे। आस पास में रहने वाले बच्च...

Read Free

असली अपराधी (भाग-3) By Ruchika Khanna

जब जगन टीम के सदस्यों को पता चला कि पुलिस भी उस मामले में शामिल है। उन्होंने पूछा, बॉस, आप यह कैसे कह सकते हैं? जगन ने अपने सदस्यों से कहा, मैंने देखा कि रिवॉल्वर पर खून के निशान थ...

Read Free

पतिव्रता By amit kumar mall

रमिया एक अच्छी व कुशल गृहणी थी । वह पूरे मनोयोग से अपने परिवार का देख भाल कर रही थी। उसका मरद - रामजीत ,खेतो में खूब मेहनत करता था , जिससे उसकी फसल , पूरे गांव में सबसे अच्छी हो...

Read Free

प्रस्थान से पूर्व By Rama Sharma Manavi

हालांकि बहुत सी घरेलू महिलाएं ऐसी हैं, जिनका अपने गृह राज्य पर पूर्ण वर्चस्व स्थापित रहता है।फिलहाल मैं उन गृहणी महिलाओं का प्रतिनिधित्व कर रही हूँ जो आजीवन अपने मन की बात या व्...

Read Free

स्वीकृति - 10 By GAYATRI THAKUR

स्वीकृति 10 निरंजन संदीप को अपने साथ चलने के लिए कहता है परंतु संदीप उसके साथ चलने से इनकार कर देता है. तब निरंजन उससे जोर देते हुए कहता है, "अगर तुम्हें सच में काम चाहिए ..तो, त...

Read Free

बदलता परिवेश By Ratna Pandey

इस बदलते हुए परिवेश में हर इंसान बदल जाए, यह ज़रूरी नहीं। जो बात सही ना लगे उसे स्वीकार कर पाना भी संभव नहीं । कुछ ऐसा ही था गांव में रहने वाले मध्यम वर्ग के पुण्य और पवित्रा का मन...

Read Free

एक सच्ची कहानी - 1 By Aastha Rawat

एक सच्ची कहानी आस्था रावतयार इतने टाइम बाद कॉलेज फ्रेंड्स का मिलना वाउ 7 साल हो गए कॉलेज फेयरवेल। सब व्यस्त थे अपनी लाइफ म...

Read Free

मजबूर (भाग 6) By Shrikar Dixit

Hey guys this is 6th part of majboor storyif you had not read old 5 partso pleaseread all of them and continuedwith this one...

Read Free

नौकरी का असली चरित्र By Ruchika Khanna

यह मेरे रचनात्मक विचारों की कहानी है जो किसी भी प्रकार की सच्ची घटना से संबंधित नहीं है:- राखी नौकरी के प्रति एक अच्छी समर्पित लड़की थी। लेकिन वह स्वाभिमानी व्यक्ति से भरा हुआ था ज...

Read Free

आवारा हूँ - (अन्तिम भाग) By Saroj Verma

रानी के जाने के बाद आवारा बिल्कुल बिखर सा गया,उसे अपनी कोई ख़बर ना रहती ,उसे कुछ पता नहीं था कि अब वो क्या करेंगा?उसने अपना कमरा और गैराज भी छोड़ दिया था,बस सड़कों पर भटकता रहता,उसने...

Read Free

मैं भी इंसान हूँ By राज कुमार कांदु

दिसंबर की एक और सर्द रात गुजर चुकी थी। कोहरे की झीनी चादर ने सूर्य की किरणों के धरा पर आगमन को सीमित कर दिया था।अमर ने लिहाफ से हाथ बाहर निकालकर बेड के नजदीक पड़े मोबाइल को उठाया और...

Read Free

हम उन्हें जाते हुए देखते रह गए By Ratna Pandey

सुबोध इनकम टैक्स में कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे। उनकी पत्नी सुप्रिया हाउस वाइफ थी। उनका एक ही बेटा था वरुण, जिसे पति पत्नी ने पढ़ा लिखा कर अपने पैरों पर खड़ा कर दिया था। सुबोध और...

Read Free

ऐसा तो सोचा ना था  By Ratna Pandey

साठ वर्ष की आयु पार कर चुकी सुनीता सुंदर होने के साथ ही आकर्षक व्यक्तित्व की भी धनी थी। सुंदर छवि के कारण नारी को कठिनाइयों का सामना करना ही पड़ता है। जवानी की दहलीज़ पर क़दम रखने...

Read Free

अकेले ही आना - अंतिम भाग By Ratna Pandey

अकेले ही आना, एक ऐसी कहानी है जिसमें गांव के लोग आस्था और अंध विश्वास के कारण किस तरह पाखंडी स्वामी के चक्रव्यूह में फंस जाते हैं. आशीर्वाद के नाम पर वह किस तरह गांव की बेटियों का...

Read Free

काश  By Ratna Pandey

प्यार था, ख़्याल था, चिंता भी थी किंतु यदि कुछ नहीं था तो समय नहीं था, जो कभी किसी के लिए नहीं रुकता। साहिल के पिता आकाश अपनी पत्नी को खो चुके थे इसलिए वह अपने पिता को अकेला छोड़कर...

Read Free

कैसी है ये मजबूरी   By Ratna Pandey

पूरी जिंदगी हमारा साथ देने वाले हमारे बुजुर्ग माता पिता अपने अंतिम वक्त में बिलकुल तन्हा रह जाते हैं और हम आंसू बहाते हुए यह सोचते रह जाते हैं कि काश अपनी व्यस्ततम जिंदगी से थोड़ा...

Read Free

पलायन (अंतिम किश्त) By Kishanlal Sharma

"क्या करोगे नाम जानकर""जिसके साथ सोना हो उसका नाम तो पता होना चाहिए""शबनम,"हल्की सी मुस्कराहट उसके होठो पर छलकी थी।"बुरा न मानो तो एक बात---"क्या?'"कब से यह पेशा कर रही हो?""खा...

Read Free

अंतिम इच्छा (अंतिम किश्त) By Kishanlal Sharma

राजेश ने सब बाते सुन ली थी लेकिन उसने अपनी पत्नी कविता को यह नही बताया था।असलियत का पता चलने पर वह अपने आपको कविता का गुनहगार समझने लगा।वह कविता को चाहता था।प्यार करता था।लेकिन उ...

Read Free

अतीत बनाम वर्तमान By Rama Sharma Manavi

आज अनुज अपनी भावी जीवनसाथी रेवा को हमसे मिलाने लेकर आ रहा था।दोनों ने एक साथ MBA करने के पश्चात एक ही कम्पनी में जॉब प्रारंभ किया था, वे एक-दूसरे के साथ लगभग चार वर्षों से थे,अब...

Read Free

तेरे बिना क्या जीना By Manish Sidana

तेरे बिना क्या जीना राहुल और करीना कार से खजुराहो जा रहे थे। करीना के पति राहुल की रेलवे में नौकरी थी। उसका ट्रांसफर मध्यप्रदेश के खजुराहो के छोटे से स्टेशन पर हुआ था। राहुल औ...

Read Free

अंत... एक नई शुरुआत - 12 By निशा शर्मा

गर्मियों की छुट्टियाँ खत्म हुईं और आज मैं अपने बेटे और मेरे स्कूल के नये स्टूडेंट,सनी के साथ स्कूल जा रही हूँ । इतनी लम्बी छुट्टियों के बाद स्कूल का पहला दिन सचमुच बहुत ही अच्छा लग...

Read Free

छल - Story of love and betrayal - 1 By Sarvesh Saxena

"अरे वर्मा जी कुछ लीजिए ना, और आपकी ग्लास और प्लेट तो दोनों खाली हैं, क्या वर्मा जी आप तो ना ही शरमायें" ।मिसेज़ शर्मा ने वर्मा जी से दोस्ताना अंदाज में कहा | "नहीं मिसेज शर्मा जी,...

Read Free

कर्तव्य - 13 By Asha Saraswat

कर्तव्य (13) “बहुत दिनों तक भैया घर पर नहीं आये पिताजी को भी चिंता है और मेरा भी मन नहीं लग रहा है”अपूर्व भैया ने अपने दोस्त से कहा । तभी अपूर्व भ...

Read Free

औकात  By Ratna Pandey

विमला और शांता गरीब होने के कारण अपनी औकात तो जानती थीं लेकिन एक पढ़े लिखे दौलतमंद डॉक्टर की औकात उन्हें तब पता चली जब . . . पढ़िए मेरी कहानी औकात में.

Read Free

अंतर  By Ratna Pandey

गरीब परिवार में पलने वाले भोला को जब यह पता चलता है कि पाँच भाई बहन होने के कारण ही उन्हें इस तरह अत्यधिक गरीबी में गुजारा करना पड़ रहा है तब उसकी मानसिकता कैसी हो जाती है और वह क्य...

Read Free

बुनियाद (पार्ट 4) By Kishanlal Sharma

उन दोनों की उम्र में पच्चीस साल का अंतर था।तो क्या हुआ?कुछ ने कुछ बात तो की ही जा सकती थी।पहले मारिया को हर पल अकेलेपन का एहसास सताता रहता था।लेकिन अब ऐसा नही था।अब वह अकेली नही,...

Read Free

दिल्ली में नहीं रहना By prema

दिल्ली में नही रहना मार्च 2020 अचानक एक दिन रात को 10:00 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा घोषणा होती है कि कल से भारतवर्ष में लॉकडाउन लग जाएगा. स्कूल,कॉलेज,सरकारी,अर्ध-सरका...

Read Free

उसूलों और संघर्षों की कशमकश  By Ratna Pandey

विष्णु प्रसाद एक किसान था, अपनी पत्नी और तीन बेटों के साथ अपने खेत में ही एक झोपड़ी बनाकर रहता था। विष्णु प्रसाद की पत्नी उमा हर काम में अपने पति का हाथ बटाती थी। विष्णु सुबह से शा...

Read Free

सोशल मीडिया इम्पैक्ट... By Shrikar Dixit

कितना बेहतर था ना पुराने लोग,पुरानी परंपराएं,पुरानी लाइफ,हर रिश्ते में एक मिठास हुआ करती थी,यदि आप किसी से कुछ बात करते थे तो उसका संपूर्ण ध्यान आपकी बात पर केंद्रित होता था,मगर आज...

Read Free

काश मेरी भी एक बेटी होती By Ratna Pandey

अपनी व्यस्ततम ज़िंदगी से कुछ वक़्त निकालकर यशोदा बगीचे में शाम को टहलने अवश्य ही जाती थी। बगीचे में नियमित रूप से आने वाले अधिकतर लोग यशोदा को जानने लगे थे। आस पास में रहने वाले बच्च...

Read Free

असली अपराधी (भाग-3) By Ruchika Khanna

जब जगन टीम के सदस्यों को पता चला कि पुलिस भी उस मामले में शामिल है। उन्होंने पूछा, बॉस, आप यह कैसे कह सकते हैं? जगन ने अपने सदस्यों से कहा, मैंने देखा कि रिवॉल्वर पर खून के निशान थ...

Read Free

पतिव्रता By amit kumar mall

रमिया एक अच्छी व कुशल गृहणी थी । वह पूरे मनोयोग से अपने परिवार का देख भाल कर रही थी। उसका मरद - रामजीत ,खेतो में खूब मेहनत करता था , जिससे उसकी फसल , पूरे गांव में सबसे अच्छी हो...

Read Free

प्रस्थान से पूर्व By Rama Sharma Manavi

हालांकि बहुत सी घरेलू महिलाएं ऐसी हैं, जिनका अपने गृह राज्य पर पूर्ण वर्चस्व स्थापित रहता है।फिलहाल मैं उन गृहणी महिलाओं का प्रतिनिधित्व कर रही हूँ जो आजीवन अपने मन की बात या व्...

Read Free

स्वीकृति - 10 By GAYATRI THAKUR

स्वीकृति 10 निरंजन संदीप को अपने साथ चलने के लिए कहता है परंतु संदीप उसके साथ चलने से इनकार कर देता है. तब निरंजन उससे जोर देते हुए कहता है, "अगर तुम्हें सच में काम चाहिए ..तो, त...

Read Free

बदलता परिवेश By Ratna Pandey

इस बदलते हुए परिवेश में हर इंसान बदल जाए, यह ज़रूरी नहीं। जो बात सही ना लगे उसे स्वीकार कर पाना भी संभव नहीं । कुछ ऐसा ही था गांव में रहने वाले मध्यम वर्ग के पुण्य और पवित्रा का मन...

Read Free

एक सच्ची कहानी - 1 By Aastha Rawat

एक सच्ची कहानी आस्था रावतयार इतने टाइम बाद कॉलेज फ्रेंड्स का मिलना वाउ 7 साल हो गए कॉलेज फेयरवेल। सब व्यस्त थे अपनी लाइफ म...

Read Free

मजबूर (भाग 6) By Shrikar Dixit

Hey guys this is 6th part of majboor storyif you had not read old 5 partso pleaseread all of them and continuedwith this one...

Read Free

नौकरी का असली चरित्र By Ruchika Khanna

यह मेरे रचनात्मक विचारों की कहानी है जो किसी भी प्रकार की सच्ची घटना से संबंधित नहीं है:- राखी नौकरी के प्रति एक अच्छी समर्पित लड़की थी। लेकिन वह स्वाभिमानी व्यक्ति से भरा हुआ था ज...

Read Free

आवारा हूँ - (अन्तिम भाग) By Saroj Verma

रानी के जाने के बाद आवारा बिल्कुल बिखर सा गया,उसे अपनी कोई ख़बर ना रहती ,उसे कुछ पता नहीं था कि अब वो क्या करेंगा?उसने अपना कमरा और गैराज भी छोड़ दिया था,बस सड़कों पर भटकता रहता,उसने...

Read Free

मैं भी इंसान हूँ By राज कुमार कांदु

दिसंबर की एक और सर्द रात गुजर चुकी थी। कोहरे की झीनी चादर ने सूर्य की किरणों के धरा पर आगमन को सीमित कर दिया था।अमर ने लिहाफ से हाथ बाहर निकालकर बेड के नजदीक पड़े मोबाइल को उठाया और...

Read Free

हम उन्हें जाते हुए देखते रह गए By Ratna Pandey

सुबोध इनकम टैक्स में कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे। उनकी पत्नी सुप्रिया हाउस वाइफ थी। उनका एक ही बेटा था वरुण, जिसे पति पत्नी ने पढ़ा लिखा कर अपने पैरों पर खड़ा कर दिया था। सुबोध और...

Read Free

ऐसा तो सोचा ना था  By Ratna Pandey

साठ वर्ष की आयु पार कर चुकी सुनीता सुंदर होने के साथ ही आकर्षक व्यक्तित्व की भी धनी थी। सुंदर छवि के कारण नारी को कठिनाइयों का सामना करना ही पड़ता है। जवानी की दहलीज़ पर क़दम रखने...

Read Free

अकेले ही आना - अंतिम भाग By Ratna Pandey

अकेले ही आना, एक ऐसी कहानी है जिसमें गांव के लोग आस्था और अंध विश्वास के कारण किस तरह पाखंडी स्वामी के चक्रव्यूह में फंस जाते हैं. आशीर्वाद के नाम पर वह किस तरह गांव की बेटियों का...

Read Free

काश  By Ratna Pandey

प्यार था, ख़्याल था, चिंता भी थी किंतु यदि कुछ नहीं था तो समय नहीं था, जो कभी किसी के लिए नहीं रुकता। साहिल के पिता आकाश अपनी पत्नी को खो चुके थे इसलिए वह अपने पिता को अकेला छोड़कर...

Read Free

कैसी है ये मजबूरी   By Ratna Pandey

पूरी जिंदगी हमारा साथ देने वाले हमारे बुजुर्ग माता पिता अपने अंतिम वक्त में बिलकुल तन्हा रह जाते हैं और हम आंसू बहाते हुए यह सोचते रह जाते हैं कि काश अपनी व्यस्ततम जिंदगी से थोड़ा...

Read Free

पलायन (अंतिम किश्त) By Kishanlal Sharma

"क्या करोगे नाम जानकर""जिसके साथ सोना हो उसका नाम तो पता होना चाहिए""शबनम,"हल्की सी मुस्कराहट उसके होठो पर छलकी थी।"बुरा न मानो तो एक बात---"क्या?'"कब से यह पेशा कर रही हो?""खा...

Read Free

अंतिम इच्छा (अंतिम किश्त) By Kishanlal Sharma

राजेश ने सब बाते सुन ली थी लेकिन उसने अपनी पत्नी कविता को यह नही बताया था।असलियत का पता चलने पर वह अपने आपको कविता का गुनहगार समझने लगा।वह कविता को चाहता था।प्यार करता था।लेकिन उ...

Read Free