सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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अकेले ही आना - भाग ४ By Ratna Pandey

"अकेले ही आना", एक ऐसी कहानी है जिसमें गाँव के लोग आस्था और अंध विश्वास के कारण किस तरह पाखंडी स्वामी के चक्रव्यूह में फँस जाते हैं। आशीर्वाद के नाम पर वह किस तरह गाँव की ब...

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अंतिम इच्छा (अंतिम किश्त) By Kishanlal Sharma

राजेश ने सब बाते सुन ली थी लेकिन उसने अपनी पत्नी कविता को यह नही बताया था।असलियत का पता चलने पर वह अपने आपको कविता का गुनहगार समझने लगा।वह कविता को चाहता था।प्यार करता था।लेकिन उ...

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जिजीविषा By amit kumar mall

बेडरूम से निकलते समय बीरेन्द्र ने कहा , - जाकर नहाकर , अपने कपड़े पहन कर चली जाओ । बाथरूम में जाकर , उसने साबुन से अपने शरीर को रगड़कर साफ करने लगी ताकि उसके शरीर और मन का मैल साफ ह...

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जन कवि मुकुट विहारी सरोज By ramgopal bhavuk

चर्चित कवि मुकुट विहारी सरोज जी के सानिध्य में रामगोपाल भावुक मुझे डॉ. भगवान स्वरूप चैतन्य जी चर्चित कवि मुकुट विहारी सरोज जी के निवा...

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मीना कुमारी...एक दर्द भरी दास्तां - 8 - अंतिम भाग By Sarvesh Saxena

पाक़ीज़ा फिल्म में एक गाना है जिसकी शूटिंग के दौरान मीना कुमारी की हालत इतनी खराब हो गई कि वह खड़ी भी नहीं हो सकती थी, इसलिए उनकी बॉडी डबल का इस्तेमाल किया गया, फिल्म को इस बखूबी स...

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पलायन (पार्ट3) By Kishanlal Sharma

फुटपाथ पर चल रहा था।चौराहे पर आकर वह रुका।दो रास्ते थे.गोमती नगर के एक लंबा दूसरा छोटा।उसने छोटा रास्ता चुना।इस रास्ते मे मीट की दुकानें पड़ती थी।दिन में इधर से निकलते हुए मुँह पर क...

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लौट आईं ख़ुशियाँ By Ratna Pandey

सरिता अपने दोनों बेटे करण और वरुण तथा दोनों बहुओं आशा और प्रीति से हमेशा नाराज़ रहती थी, कारण था ज़रूरत से अधिक अपेक्षा रखना। सरिता को ख़ुश रखने की वे चारों चाहे जितनी भी कोशिश करें...

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सामुदायिक रसोई योजना By Anand M Mishra

अपने देश में प्राचीन काल से ही देश में मंदिरों के माध्यम से सामुदायिक रसोई की भावना रही है। कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रह जाए, इसके लिए समाज में ‘भंडारे’ की योजना काम करती थी। दुनि...

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बधाई हो.... By Saroj Verma

अभी पिछले रविवार की बात है,मैं अपने दोस्त के घर गया था,मेरे दोस्त बैंक में मैनेजर हैं और उनकी पत्नी भी घरेलू महिला हैं,उनका बड़ा बेटा मेडिकल का स्टूडेंट हैं और छोटा इन्जीनियरिंग कर...

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अंत... एक नई शुरुआत - 5 By निशा शर्मा

कभी-कभी न जाने क्यों कोई पराया हमारे लिए हमारे अपनों से भी ज्यादा खास बन जाता है?जिससे हमारा न तो खून का रिश्ता होता है और न ही जाति या धर्म का मगर फिर भी उसके लिए हमारे दिल में एक...

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पाणिग्रहण संस्कार-बदलता स्वरुप By Anand M Mishra

पाणिग्रहण संस्कार के बाद पुरुष तथा स्त्री समाज के समक्ष युगल रूप में रह सकते हैं। यह सामाजिक स्वीकृति के साथ जीवन-यापन करने की व्यवस्था है। यह व्यवस्था सभ्यता के विकास के साथ अस्...

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माँ का प्रसाद By Shwet Kumar Sinha

एक महीने की छुट्टी पर अर्जुन अपने गृह शहर पटना आया था। भारतीय सेना का वह एक जांबाज सिपाही था और उसकी पोस्टिंग लेह लद्दाख में थी। संयुक्त परिवार वाला उसका घर, जिसमें पत्‍‌नी, दो बेट...

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फ़ेसबुकिया लव - (अंतिम भाग) By Kishanlal Sharma

"ऐसा करने की क्या जरूरत है"" जरूरत है।लड़का यहां होता तो भी छानबीन करनी पड़ती।वह ऑस्ट्रेलिया में है तो और भी ज्यादा जरूरत है।जो वो बता रहा है वो सही भी है या नही?"बेटी की वात सुनकर...

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ग़लतफ़हमी - अंतिम भाग By Ratna Pandey

अभी तक आपने पढ़ा माया को दीपा और राहुल के बारे में सब कुछ पता चल गया। अब माया बहुत ख़ुश थी। क्या होगा राहुल और दीपा का पढ़िए इस अंतिम भाग में: - दीपा के कमरे में आते ही उसने प्यार से...

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पश्चाताप  By Ratna Pandey

यह एक ऐसे भाई के पश्चाताप की कहानी है जो अपनी बहन की रक्षा नहीं कर पाया, उसके बाद क्या हुआ ? कैसा हो गया उसका जीवन ? उसने किस तरह से अपने मन में उठे तूफ़ान के साथ संघर्ष किया और किस...

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रक्षाबंधन By Shwet Kumar Sinha

बात इसी रक्षाबंधन की है। एक तो रविवार का दिन और ऊपर से रक्षाबंधन का त्योहार। मन मसोस कर सुबह सुबह उठा और "हमनशी" का अगला भाग अपलोड करके करीब सत्तर किलोमीटर दूर रहने वाली छोटी बहन स...

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वही होगा मेरा पति  By Ratna Pandey

कड़कड़ाती धूप में मेहनत करती यमुना पसीने से तरबतर हो रही थी। तभी खाना खाने की छुट्टी हुई। इतने शरीर तोड़ परिश्रम के बाद उसे जोरों की भूख लगी थी। आज माँई ने क्या साग भेजा होगा, सोचत...

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बसेरा By Deepak sharma

दीपक शर्मा शाम सात बजे बाबू जी अपने दफ्तर से लौटे तो उन्होंने मीना और मनोज को रोते हुए पाया- 'माँ अभी तक घर नहीं पहुँची हैं।राकेश जरूर बाबू जी की स्कूटी की आवाज सुनते ही घर के...

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औघड़ किस्से और कविताएँ-सन्त हरिओम तीर्थ - 15 - अंतिम भाग By ramgopal bhavuk

औघड़ किस्से और कविताएँ-सन्त हरिओम तीर्थ 15 एक अजनबी जो अपना सा लगा परम पूज्य स्वामी हरिओम तीर्थ जी महाराज...

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स्वीकृति - 9 By GAYATRI THAKUR

स्वीकृति 9 श्रीकांत के कमरे से निकल कर विनीता किचन में रात के खाने की तैयारी में जुट जाती है परंतु उसका मन श्रीकांत की स्थिति को लेकर चिंतित था वह उसकी स्थिति के विषय में रमन से...

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प्यार की जीत   By Ratna Pandey

एक अत्यंत ही मध्यम वर्गीय शिक्षक की बेटी अंजलि विवाह के बाद अपने साथ दहेज में कुछ ज़्यादा ना ला पाई, यदि कुछ लाई थी तो वह था उसका प्यारा सा मन और विनम्र स्वभाव। अंजलि और अजय का प्रे...

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मुझे तुमसे यह उम्मीद नहीं थी By Ratna Pandey

पुत्र का इंतज़ार करते-करते रुदाली ने चार बेटियों को जन्म दे दिया। हर बार बेटे की उम्मीद रहती, किंतु अभी तक उनकी यह इच्छा पूरी ना हो पाई थी। वह  बेटे की लालसा में हर बार 20-22 घंटे क...

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पुत्र दान By Ratna Pandey

सरोज और राकेश ख़ुशी और ग़म के सागर में गोते लगा रहे थे। उनकी आंखों में बेटी की शादी की अगर खुशी थी तो विदाई की बेला का दुःख भी नज़र आ रहा था। कन्या दान करते वक्त उनके हाथ कांप रहे थे...

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संपोले By Ranjana Jaiswal

माँ कहती थी संपोले साँप से कम खतरनाक नहीं होते |हालांकि उनमें विष साँप से थोड़ा कम होता है पर उनके काटने से भी लहर आती है |संपोले इस मायने में साँप से ज्यादा खतरनाक होते हैं कि छोटे...

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अकेले ही आना - भाग ४ By Ratna Pandey

"अकेले ही आना", एक ऐसी कहानी है जिसमें गाँव के लोग आस्था और अंध विश्वास के कारण किस तरह पाखंडी स्वामी के चक्रव्यूह में फँस जाते हैं। आशीर्वाद के नाम पर वह किस तरह गाँव की ब...

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अंतिम इच्छा (अंतिम किश्त) By Kishanlal Sharma

राजेश ने सब बाते सुन ली थी लेकिन उसने अपनी पत्नी कविता को यह नही बताया था।असलियत का पता चलने पर वह अपने आपको कविता का गुनहगार समझने लगा।वह कविता को चाहता था।प्यार करता था।लेकिन उ...

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जिजीविषा By amit kumar mall

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जन कवि मुकुट विहारी सरोज By ramgopal bhavuk

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मीना कुमारी...एक दर्द भरी दास्तां - 8 - अंतिम भाग By Sarvesh Saxena

पाक़ीज़ा फिल्म में एक गाना है जिसकी शूटिंग के दौरान मीना कुमारी की हालत इतनी खराब हो गई कि वह खड़ी भी नहीं हो सकती थी, इसलिए उनकी बॉडी डबल का इस्तेमाल किया गया, फिल्म को इस बखूबी स...

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पलायन (पार्ट3) By Kishanlal Sharma

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लौट आईं ख़ुशियाँ By Ratna Pandey

सरिता अपने दोनों बेटे करण और वरुण तथा दोनों बहुओं आशा और प्रीति से हमेशा नाराज़ रहती थी, कारण था ज़रूरत से अधिक अपेक्षा रखना। सरिता को ख़ुश रखने की वे चारों चाहे जितनी भी कोशिश करें...

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सामुदायिक रसोई योजना By Anand M Mishra

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पश्चाताप  By Ratna Pandey

यह एक ऐसे भाई के पश्चाताप की कहानी है जो अपनी बहन की रक्षा नहीं कर पाया, उसके बाद क्या हुआ ? कैसा हो गया उसका जीवन ? उसने किस तरह से अपने मन में उठे तूफ़ान के साथ संघर्ष किया और किस...

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वही होगा मेरा पति  By Ratna Pandey

कड़कड़ाती धूप में मेहनत करती यमुना पसीने से तरबतर हो रही थी। तभी खाना खाने की छुट्टी हुई। इतने शरीर तोड़ परिश्रम के बाद उसे जोरों की भूख लगी थी। आज माँई ने क्या साग भेजा होगा, सोचत...

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औघड़ किस्से और कविताएँ-सन्त हरिओम तीर्थ - 15 - अंतिम भाग By ramgopal bhavuk

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स्वीकृति - 9 By GAYATRI THAKUR

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प्यार की जीत   By Ratna Pandey

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मुझे तुमसे यह उम्मीद नहीं थी By Ratna Pandey

पुत्र का इंतज़ार करते-करते रुदाली ने चार बेटियों को जन्म दे दिया। हर बार बेटे की उम्मीद रहती, किंतु अभी तक उनकी यह इच्छा पूरी ना हो पाई थी। वह  बेटे की लालसा में हर बार 20-22 घंटे क...

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पुत्र दान By Ratna Pandey

सरोज और राकेश ख़ुशी और ग़म के सागर में गोते लगा रहे थे। उनकी आंखों में बेटी की शादी की अगर खुशी थी तो विदाई की बेला का दुःख भी नज़र आ रहा था। कन्या दान करते वक्त उनके हाथ कांप रहे थे...

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संपोले By Ranjana Jaiswal

माँ कहती थी संपोले साँप से कम खतरनाक नहीं होते |हालांकि उनमें विष साँप से थोड़ा कम होता है पर उनके काटने से भी लहर आती है |संपोले इस मायने में साँप से ज्यादा खतरनाक होते हैं कि छोटे...

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