सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


Categories
Featured Books
  • अम्मा

    "आओ आओ अम्मा! इस बार बहुत दिनों बाद दर्शन दिए तुमने। कहीं चली गई थी क्या!" "अरे,...

  • कर्तव्य - 8

    कर्तव्य—(8) स्कूल से आने के बाद , जब घर में प्रवेश किया तो माहौल क...

  • रिमझिम गिरे सावन - 3 - अन्तिम भाग

    (अन्तिम भाग) जब झुम्पा घर आई तो उसके बाबा ने उससे पूछा.....    क्या जत...

अम्मा By Saroj Prajapati

"आओ आओ अम्मा! इस बार बहुत दिनों बाद दर्शन दिए तुमने। कहीं चली गई थी क्या!" "अरे, मैं कहां जाऊंगी बहुरिया! वो बहु बीमार थी। बस इसलिए निकलना ना हुआ और सुना बाल बच्चे सब सही!" "हां अम...

Read Free

दयालु By amit kumar mall

रामेश्वर जी की दयालुता के चर्चे सारी तरफ थे । मैं भी नौकरी में हूँ , लेकिन रिश्तेदारों की नजर में देखे - तो कहाँ रामेश्वर दयाल जी और कहाँ मैं। अब तो मुझे भी लगता है कि कहाँ रामेश्व...

Read Free

कर्तव्य - 8 By Asha Saraswat

कर्तव्य—(8) स्कूल से आने के बाद , जब घर में प्रवेश किया तो माहौल कुछ बोझिल सा लग रहा था । “भैया क्या बात है ?””मैंने अपूर्व भैया से पूछा ।“पता नहीं , मैं अभी अपने स्क...

Read Free

आजादी का अमृत महोत्सव तथा शिक्षकों की स्थिति By Anand M Mishra

‘सा विद्या या विमुक्तये’ यह उक्ति तो दिन-रात सामने आती है। बच्चों के बिल्ले पर लिखा रहता है। देख कर मन को सुकून मिलता है। हमारे बच्चे उपरोक्त उक्ति का अर्थ भी अच्छी तरह से जानते...

Read Free

रिश्ते तिज़ारत नहीं होते - 2 By Ranjana Jaiswal

(2) जिंदगी चल रही थी कि एक दिन विशद का मैसेज आया। यह मेरा बहुत ही पुराना विद्यार्थी है। करीब 6-7 वर्ष पहले फेसबुक पर मुझे देखकर उसने मुझसे संपर्क साधा था और मुझसे मिलने मेरे घर आया...

Read Free

इंस्पेक्शन (अंतिम भाग) By Kishanlal Sharma

चार बजे शंटिंग इंजन सैलून को प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ले आया था।सैलून के पीछे एक फर्स्ट क्लास का कीच भी था।सैलून लगने के कुछ देर बाद इंजन आकर अटैच हो गया था।इंजन में ड्राइवर के साथ ल...

Read Free

रिमझिम गिरे सावन - 3 - अन्तिम भाग By Saroj Verma

(अन्तिम भाग) जब झुम्पा घर आई तो उसके बाबा ने उससे पूछा.....    क्या जतिन्दर तुझे पसंद करता है?झुम्पा पलकें झुकाए और गरदन नीचे करके खड़ी हो गई लेकिन बोली कुछ नहीं... ...

Read Free

अक्टूबर महीने की गर्मी: नयी चुनौतियाँ By Anand M Mishra

अक्टूबर महीने की गर्मी की विभीषिका को देखकर ऐसा लगा कि मानव अभी भी प्रकृति से बहुत पीछे है। पसीने से शरीर लगभग नहा ही गया था। उफ़ यह जानलेवा गर्मी! मनुष्य अभी बेहतर पूर्वानुमान लगा...

Read Free

गैस लाइटिंग By Rama Sharma Manavi

गैस लाइटिंग आखिर है क्या?सर्वप्रथम यह जानना आवश्यक है।यह एक ऐसा दुर्व्यवहार है, जिसमें इस तरह से ब्रेन वाशिंग की जाती है कि आपको अपनी काबिलियत एवं फैसलों पर शक होने लगता है।पीड़ि...

Read Free

इन्तजार एक हद तक (महामारी) - 17 By RACHNA ROY

काफी मुश्किल के बाद शायद यही एक घर बचा है यार। अमित ने कहा। रमेश ने कहा हां मुझे भरोसा है अम्मा जी पर। यहा तो शादी का माहौल लग रहा है। ये अमित ने कहा। रमेश ने कहा हां यही कोठी है।...

Read Free

चुड़ैल कहीं की By Ranjana Jaiswal

हमारे समाज में लड़की को कभी प्यार तो कभी तिरस्कार से चुड़ैल कह देने की परंपरा है पर इसका अर्थ कदापि नहीं होता कि लड़की के पैर पीछे की ओर मुड़े होते हैं या वह किसी पर सवार होकर सताती...

Read Free

अन्जानी सी दोस्त... By Saroj Verma

कल शाम को अपनी पत्नी के संग बाज़ार से लौट ही रहा था कि अचानक ही सोसायटी के गेट पर कार पार्किंग के समय वो मिल गई,उसने हाथ हिलाकर हैलो बोला तो मैंने भी मुस्कुराते हुए हाथ हिला दिया फ...

Read Free

बोलती गुड़िया - 3 - अंतिम भाग By Asha Saraswat

भाग (3) शीतल अपने घर चली गई कभी-कभी लैंडलाइन नंबर पर उससे बात हो जाती । वह अपनी ससुराल में बड़ी बहू होने के कारण सभी की लाड़ली थी। वह अपनी गृहस्थी में बहुत ख़ुश थी । उसके पति इंजीन...

Read Free

मृग मरीचिका - 3 - अंतिम भाग By श्रुत कीर्ति अग्रवाल

- खंड-3 - यह सब शायद यूँ ही चलता रहता यदि उन दिनों मैं अपनी चचेरी नन्द के घर एक शादी के उत्सव में न जाती, जहाँ एकाएक अनुसुइया भाभी से भेंट हो गई। वैसे उन्हें पहचानना थोड़ा मुश्किल...

Read Free

आइडेंटिटी क्राईसिस - 3 - अंतिम भाग By Manish Gode

एपिसोड ३. ‘मुँबई-मिरर’ का नया अंक बुक स्टॉल पर आ चुका था। उसने पुरे मुँबई में धुम मचा दी थी। हर तरफ उसकी वाह-वाही हो रही थी। हर तरफ उसके आर्टिकल ने लोगों को सोचने पर मज...

Read Free

मेज़बान - 3 - अंतिम भाग By Ashish Kumar Trivedi

(3) बुक शेल्फ के बाद किशोर की नज़र एक दीवार पर पड़ी। उसमें कुछ फ्रेम टंगे हुए थे। वह उन्हें देखने लगा। सभी तस्वीरों में प्रोफेसर पवन कुमार एक औरत के साथ थे। वह औरत बहुत सुंदर थी। त...

Read Free

भूलना By S Bhagyam Sharma

तमिल लेखिका वासंती की मूल तमिल कहानी का हिन्दी अनुवाद एस भाग्यम शर्मा छोटू आज बहुत जल्दबाजी में था। आज उसके अध्यापक ने कहा था कि रात को जल्दी सो जाना क्योंकि कल सुबह 7:00 बजे तुम्ह...

Read Free

कर्मफल By Saroj Prajapati

" मैं भी तो तेरी भाभी हूं! आज रात रूक जा यही!" अपनी बड़ी भाभी की बीमारी का सुनकर उनसे मिलने आई मैं उन्हें मना ना कर सकी और रुक गई।हर दम चुस्त-दुरुस्त रहने वाली और अपने इशारों पर प...

Read Free

विदेश में अपना देस By Arun Singla

“दीदी में मरना चाहती हूँ “ फातिमा ने दुखी हो कर कहा .फातिमा की उम्र लगभग 42 साल कद 5.5 रंग गेहुआ, चोडा माथा, भूरी आँखे, तीखी नाक शरीर भरा भरा था. वह बंगलादेश भारत के 4,156 किलोमीटर...

Read Free

पापा की अनकही By S Bhagyam Sharma

इस तमिल कहानी की लेखिका वासंती है | अनुवादक एस. भाग्यम शर्मा | लिफ्ट के अंदर कोई नहीं था। उसको इसके अंदर अकेले रहना पसंद है। किसी की निगाह में आए बिना अकेले रहना ऊपर पंखे का चलना उ...

Read Free

अनुभव अपने-अपने By Rama Sharma Manavi

विवाह के चार माह पश्चात अनिका दौज पर मायके आई थी।छोटी बुआ यामिनी को देखकर अनिका खुशी से बुआ के गले से लिपट गई।छोटी बुआ से उसकी हमेशा से खूब पटरी खाती थी, बुआ कम मित्रता का रिश्त...

Read Free

बीवी और टीवी By नन्दलाल सुथार राही

हर कोई रमेश की तारीफ़ करता फिरता था। कुछ लोगो ने तो उसे कलयुग का श्रवण कुमार का दर्जा भी दे दिया। ऐसा संस्कारी पुत्र बड़े नसीब वालो को ही मिलता है। माता पिता और छोटे भाई का पेट वही...

Read Free

उबड़-खाबड़ जिंदगी By Rama Sharma Manavi

अभी दो दिन पहले खबर मिली कि हर्षिता के पति का देहांत हो गया।यह तो नहीं कह सकती कि यह खबर सुनकर मैं सकते में आ गई क्योंकि यह तो सम्भावित ही था।बल्कि कटु सत्य तो यही है कि उसके सं...

Read Free

सिमॉन का पापा By Lajpat Rai Garg

गाई द मोपासां की कहानी ‘सिमॉन’स पापा’ का हिन्दी अनुवाद बारह बजे थे। स्कूल का दरवाजा खुला और जल्दी से बाहर निकलने की फ़िराक़ में एक-दूसरे को  धकियाते बच्चे बा...

Read Free

एक झोंका हवा का By Rama Sharma Manavi

उम्र के सातवें दशक का प्रारंभ, एकसार उबाऊ दिनचर्या, न उत्साह,न उमंग,बस जीवन गुजारा जाता है।जीना किसे कहते हैं काफ़ी पहले ही भूल जाते हैं हम जिंदगी की जद्दोजहद में।कुछ ऐसी ही हमार...

Read Free

मातृभाषा हिंदी By Anant Dhish Aman

हिंदी का इतिहास भारत में 1000 साल पुराना है यह भारत के सिर्फ भाषा ही नहीं बल्कि इसमें झलकती है हमारी कृती प्रकृति और संस्कृति। इस भाषा के द्वारा संस्कृत भाषा को जीवंत रखते आए हैं स...

Read Free

अम्मा By Saroj Prajapati

"आओ आओ अम्मा! इस बार बहुत दिनों बाद दर्शन दिए तुमने। कहीं चली गई थी क्या!" "अरे, मैं कहां जाऊंगी बहुरिया! वो बहु बीमार थी। बस इसलिए निकलना ना हुआ और सुना बाल बच्चे सब सही!" "हां अम...

Read Free

दयालु By amit kumar mall

रामेश्वर जी की दयालुता के चर्चे सारी तरफ थे । मैं भी नौकरी में हूँ , लेकिन रिश्तेदारों की नजर में देखे - तो कहाँ रामेश्वर दयाल जी और कहाँ मैं। अब तो मुझे भी लगता है कि कहाँ रामेश्व...

Read Free

कर्तव्य - 8 By Asha Saraswat

कर्तव्य—(8) स्कूल से आने के बाद , जब घर में प्रवेश किया तो माहौल कुछ बोझिल सा लग रहा था । “भैया क्या बात है ?””मैंने अपूर्व भैया से पूछा ।“पता नहीं , मैं अभी अपने स्क...

Read Free

आजादी का अमृत महोत्सव तथा शिक्षकों की स्थिति By Anand M Mishra

‘सा विद्या या विमुक्तये’ यह उक्ति तो दिन-रात सामने आती है। बच्चों के बिल्ले पर लिखा रहता है। देख कर मन को सुकून मिलता है। हमारे बच्चे उपरोक्त उक्ति का अर्थ भी अच्छी तरह से जानते...

Read Free

रिश्ते तिज़ारत नहीं होते - 2 By Ranjana Jaiswal

(2) जिंदगी चल रही थी कि एक दिन विशद का मैसेज आया। यह मेरा बहुत ही पुराना विद्यार्थी है। करीब 6-7 वर्ष पहले फेसबुक पर मुझे देखकर उसने मुझसे संपर्क साधा था और मुझसे मिलने मेरे घर आया...

Read Free

इंस्पेक्शन (अंतिम भाग) By Kishanlal Sharma

चार बजे शंटिंग इंजन सैलून को प्लेटफॉर्म नंबर एक पर ले आया था।सैलून के पीछे एक फर्स्ट क्लास का कीच भी था।सैलून लगने के कुछ देर बाद इंजन आकर अटैच हो गया था।इंजन में ड्राइवर के साथ ल...

Read Free

रिमझिम गिरे सावन - 3 - अन्तिम भाग By Saroj Verma

(अन्तिम भाग) जब झुम्पा घर आई तो उसके बाबा ने उससे पूछा.....    क्या जतिन्दर तुझे पसंद करता है?झुम्पा पलकें झुकाए और गरदन नीचे करके खड़ी हो गई लेकिन बोली कुछ नहीं... ...

Read Free

अक्टूबर महीने की गर्मी: नयी चुनौतियाँ By Anand M Mishra

अक्टूबर महीने की गर्मी की विभीषिका को देखकर ऐसा लगा कि मानव अभी भी प्रकृति से बहुत पीछे है। पसीने से शरीर लगभग नहा ही गया था। उफ़ यह जानलेवा गर्मी! मनुष्य अभी बेहतर पूर्वानुमान लगा...

Read Free

गैस लाइटिंग By Rama Sharma Manavi

गैस लाइटिंग आखिर है क्या?सर्वप्रथम यह जानना आवश्यक है।यह एक ऐसा दुर्व्यवहार है, जिसमें इस तरह से ब्रेन वाशिंग की जाती है कि आपको अपनी काबिलियत एवं फैसलों पर शक होने लगता है।पीड़ि...

Read Free

इन्तजार एक हद तक (महामारी) - 17 By RACHNA ROY

काफी मुश्किल के बाद शायद यही एक घर बचा है यार। अमित ने कहा। रमेश ने कहा हां मुझे भरोसा है अम्मा जी पर। यहा तो शादी का माहौल लग रहा है। ये अमित ने कहा। रमेश ने कहा हां यही कोठी है।...

Read Free

चुड़ैल कहीं की By Ranjana Jaiswal

हमारे समाज में लड़की को कभी प्यार तो कभी तिरस्कार से चुड़ैल कह देने की परंपरा है पर इसका अर्थ कदापि नहीं होता कि लड़की के पैर पीछे की ओर मुड़े होते हैं या वह किसी पर सवार होकर सताती...

Read Free

अन्जानी सी दोस्त... By Saroj Verma

कल शाम को अपनी पत्नी के संग बाज़ार से लौट ही रहा था कि अचानक ही सोसायटी के गेट पर कार पार्किंग के समय वो मिल गई,उसने हाथ हिलाकर हैलो बोला तो मैंने भी मुस्कुराते हुए हाथ हिला दिया फ...

Read Free

बोलती गुड़िया - 3 - अंतिम भाग By Asha Saraswat

भाग (3) शीतल अपने घर चली गई कभी-कभी लैंडलाइन नंबर पर उससे बात हो जाती । वह अपनी ससुराल में बड़ी बहू होने के कारण सभी की लाड़ली थी। वह अपनी गृहस्थी में बहुत ख़ुश थी । उसके पति इंजीन...

Read Free

मृग मरीचिका - 3 - अंतिम भाग By श्रुत कीर्ति अग्रवाल

- खंड-3 - यह सब शायद यूँ ही चलता रहता यदि उन दिनों मैं अपनी चचेरी नन्द के घर एक शादी के उत्सव में न जाती, जहाँ एकाएक अनुसुइया भाभी से भेंट हो गई। वैसे उन्हें पहचानना थोड़ा मुश्किल...

Read Free

आइडेंटिटी क्राईसिस - 3 - अंतिम भाग By Manish Gode

एपिसोड ३. ‘मुँबई-मिरर’ का नया अंक बुक स्टॉल पर आ चुका था। उसने पुरे मुँबई में धुम मचा दी थी। हर तरफ उसकी वाह-वाही हो रही थी। हर तरफ उसके आर्टिकल ने लोगों को सोचने पर मज...

Read Free

मेज़बान - 3 - अंतिम भाग By Ashish Kumar Trivedi

(3) बुक शेल्फ के बाद किशोर की नज़र एक दीवार पर पड़ी। उसमें कुछ फ्रेम टंगे हुए थे। वह उन्हें देखने लगा। सभी तस्वीरों में प्रोफेसर पवन कुमार एक औरत के साथ थे। वह औरत बहुत सुंदर थी। त...

Read Free

भूलना By S Bhagyam Sharma

तमिल लेखिका वासंती की मूल तमिल कहानी का हिन्दी अनुवाद एस भाग्यम शर्मा छोटू आज बहुत जल्दबाजी में था। आज उसके अध्यापक ने कहा था कि रात को जल्दी सो जाना क्योंकि कल सुबह 7:00 बजे तुम्ह...

Read Free

कर्मफल By Saroj Prajapati

" मैं भी तो तेरी भाभी हूं! आज रात रूक जा यही!" अपनी बड़ी भाभी की बीमारी का सुनकर उनसे मिलने आई मैं उन्हें मना ना कर सकी और रुक गई।हर दम चुस्त-दुरुस्त रहने वाली और अपने इशारों पर प...

Read Free

विदेश में अपना देस By Arun Singla

“दीदी में मरना चाहती हूँ “ फातिमा ने दुखी हो कर कहा .फातिमा की उम्र लगभग 42 साल कद 5.5 रंग गेहुआ, चोडा माथा, भूरी आँखे, तीखी नाक शरीर भरा भरा था. वह बंगलादेश भारत के 4,156 किलोमीटर...

Read Free

पापा की अनकही By S Bhagyam Sharma

इस तमिल कहानी की लेखिका वासंती है | अनुवादक एस. भाग्यम शर्मा | लिफ्ट के अंदर कोई नहीं था। उसको इसके अंदर अकेले रहना पसंद है। किसी की निगाह में आए बिना अकेले रहना ऊपर पंखे का चलना उ...

Read Free

अनुभव अपने-अपने By Rama Sharma Manavi

विवाह के चार माह पश्चात अनिका दौज पर मायके आई थी।छोटी बुआ यामिनी को देखकर अनिका खुशी से बुआ के गले से लिपट गई।छोटी बुआ से उसकी हमेशा से खूब पटरी खाती थी, बुआ कम मित्रता का रिश्त...

Read Free

बीवी और टीवी By नन्दलाल सुथार राही

हर कोई रमेश की तारीफ़ करता फिरता था। कुछ लोगो ने तो उसे कलयुग का श्रवण कुमार का दर्जा भी दे दिया। ऐसा संस्कारी पुत्र बड़े नसीब वालो को ही मिलता है। माता पिता और छोटे भाई का पेट वही...

Read Free

उबड़-खाबड़ जिंदगी By Rama Sharma Manavi

अभी दो दिन पहले खबर मिली कि हर्षिता के पति का देहांत हो गया।यह तो नहीं कह सकती कि यह खबर सुनकर मैं सकते में आ गई क्योंकि यह तो सम्भावित ही था।बल्कि कटु सत्य तो यही है कि उसके सं...

Read Free

सिमॉन का पापा By Lajpat Rai Garg

गाई द मोपासां की कहानी ‘सिमॉन’स पापा’ का हिन्दी अनुवाद बारह बजे थे। स्कूल का दरवाजा खुला और जल्दी से बाहर निकलने की फ़िराक़ में एक-दूसरे को  धकियाते बच्चे बा...

Read Free

एक झोंका हवा का By Rama Sharma Manavi

उम्र के सातवें दशक का प्रारंभ, एकसार उबाऊ दिनचर्या, न उत्साह,न उमंग,बस जीवन गुजारा जाता है।जीना किसे कहते हैं काफ़ी पहले ही भूल जाते हैं हम जिंदगी की जद्दोजहद में।कुछ ऐसी ही हमार...

Read Free

मातृभाषा हिंदी By Anant Dhish Aman

हिंदी का इतिहास भारत में 1000 साल पुराना है यह भारत के सिर्फ भाषा ही नहीं बल्कि इसमें झलकती है हमारी कृती प्रकृति और संस्कृति। इस भाषा के द्वारा संस्कृत भाषा को जीवंत रखते आए हैं स...

Read Free