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मेरा नाम दीपांशु यादव है। मैं उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के हैरिंग्टनगंज मार्क...
अध्याय 6: बुख़ारअक्टूबर की शुरुआत थी जब आरव को पहली बार बुख़ार...
सितंबर की शुरुआत थी।वर्ष का वह समय जब पेड़ हरे तो रहते हैं, लेकिन उनकी हरियाली म...
एक पार्टी की रात हैं । जिसमें डीम लाइट में मिस राठौड़ ने अजय को पैसे दिए और बोला...
नया दुश्मन, नई साज़िश**रुद्र की बाहों के घेरे में मुझे दुनिया का सबसे बड़ा सुकू...
वर्तमान दौर के सच को उजागर करती पुस्तक - अंधी दौड़ ।कभी कभी कुछ ऐसी बातें घटित...
---### अध्याय 1 : छोटा सा सपनाओडिशा के एक छोटे से गाँव में आरव नाम का एक लड़का र...
ये कहानी है ऐसी लड़की की जो पहली नज़र में किसी से प्यार कर बैठती है, जिसके बाद उ...
अधूरी किताब – सीजन 2एपिसोड 9 : आखिरी पन्ने का रहस्यपूरा पुस्तकालय अंधेरे में डूब...
37. जलती धरती, सोता इंसानधरती की छाती सुलग रही,नदियों का पानी सूख रहा,तेरी वासना...
"थप। थप-------दरवाजे पर पड़ने वाली दस्तको ने राधा की नींद में विघ्न डाला था।कौन हो सकता है इतनी रात को? यह सोचती हुई वह दरवाजे तक आयी थी।दरवाजा खोलने से पहले उसने पूछा था,"कौन...
कन्हैया रोज की तरह तेज चाल से चला जा रहा था।चारो तरफ गहरा अंधेरा छाया था और बारिश रुकने का नाम नहीं ले रहा था उस दिन,पर कन्हैया को इससे कहा मतलब ,वो तो मस्त अपनी ही दुनिया में और म...
“कुबेर का ख़जाना नहीं है मेरे पास जो हर वक़्त पैसे माँगते रहते हो।” माँ की इस डाँट से चुप हो गया वह, कह नहीं पाया कि वह क्यों पैसे माँग रहा है। उसे तो कॉपी-पेंसिल के लिए कुछ पैस...
भाग १ - दरबार २०२० की आपातकालीन बैठक अबकी बार अचानक बुलाई गयी। मुख्य न्यायाधीश बीच में तथा चार दायीं ओर एवं चार बायीं ओर विराजित थे। बाहर करोड़ों की तादाद में धरती से आये हुए सितारे...
हर जिंदगी में सुख-दुःख, प्रेम घृणा, द्वेष-दया इत्यादि समस्त भावों से परिपूर्ण अनगिनत कहानियां सन्निहित होती हैं, जो वृहद ग्रन्थ का रूप ले सकती हैं।आसपास के जीवन की कहानियों को श...
किसी ने नहीं सुना -प्रदीप श्रीवास्तव भाग 1 रक्षा-बंधन का वह दिन मेरे जीवन का सबसे बड़ा अभिशप्त दिन है। जो मुझे तिल-तिल कर मार रहा है। आठ साल हो गए जेल की इस कोठरी में घुट-घुटकर मरते...
सुबह की पहली किरण के साथ कामिनी की नींद खुल गई उसने आंखें मिचमिचाकर उन्हें श्यामल उजाले में देखने को अभ्यस्त किया। बाहों को सिर के ऊपर तानकर पैरों को लंबा खींच शरीर की जकड़न को दूर...
इस पुस्तक में उपयोग सभी किरदार सिर्फ शब्दो को बया करने के लिए उपयोग किये गए है उपयोगी किरदार का तालुख किन्ही मतभेदों को उत्पन्न करने के लिए नही किया गया है उपयोगी जानकारी काल्पनिक...
"बिजली घर-बिजली घर---ऑटोवाला ज़ोर ज़ोर से आवाज लगा रहा था।उमेश को देखते ही ऑटो वाले ने पूछा था।"कमलानगर जाना है।""कमलानगर के लिए बिजलीघर से बस मिलेगी,"ऑटोवाला बोला,"आइये।आपकेे बैठते...
उदासियों का वसंत हृषीकेश सुलभ (1) वे चले जा रहे थे। श्लथ पाँव। छोटी-सी मूठवाली काले रंग की छड़ी के सहारे। यह छड़ी कुछ ही दिनों पहले, ......कल ही, उनकी ज़िन्दगी में जबरन शामिल हुई थी,...
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