The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
टाइटन मेड इन इंडिया वेबसीरीज रिव्यूभारत की उत्पादन गुणवत्ता और तकनीक पर हमेशा से...
अब तक आपने पढ़ा ..... वो लड़की उन बड़ी बड़ी आंखों के साथ तो वो ओर भी प्यारी...
एपिसोड 1 : सुबह का वक्त, 'हेवेन डेल' इंटरनेशनल स्कूल का कॉरिडोर।लॉकर रूम...
*बर्फ का जादू - नमक वाला खिलौना*सर्दी की सुबह थी। बेटा आरव किचन में आया और बोला,...
शहर की सबसे ऊँची इमारत की 12वीं मंज़िल पर मेरा कमरा था। खिड़की से सिर्फ़ कंक्रीट...
परिदृश्य: जयपुर की हलचल भरी सड़कें और शिवानी का संघर्ष।जयपुर की दोपहर अपनी पूरी र...
एपिसोड 23 अंधेरे का असली चेहरा---शहर की बेचैनीहवेली से लौटने के बाद रोहन को लगा...
अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 23: अंतिम अध्याय की कीमतगुफा पूरी तरह अंधेर...
*'बहु-पुराण' - ये कहानी नहीं, हर उस औरत का दस्तावेज है जिसने गाँव की मिट...
अध्याय 9 राजगद्दी का विश्वासघातआचार्य विदुर द्वारा कही गई बात अब सत्य होने लगी थ...
नश्तर खामोशियों के शैलेंद्र शर्मा 1. बार-बार उमड़ आते उफान से मेरी आँखें गीली हो जाती थीं. और सच, मैं इतने दिनों बाद महसूस कर रही थी कि मैं अभी भी पत्थर नहीं हुई हूँ...मगर कैसी अजीब...
यारबाज़ विक्रम सिंह (1) उन तमाम बेरोजगार वह कलाकार साथियों को जो अपनी मंजिल ना पा सके जिसके वे हकदार थे युवा कथाकार विक्रम सिंह ने हाल के वर्षों में हिंदी कहानी लेखन में अपनी एक स...
उस साल ऋतुएं थोड़ा पहले आ गयीं थीं। इतना पहले कि वसंत अभी कोहरे में ही था। इसकी सफेदी और ठंडी नमी ने पेड़ों के पीले पत्तों को गिरने से रोक रखा था। बुलबुलों के गलों के रंग भी अभी सुर्...
घटना सिर्फ एक बार घटती है जब अपनी प्रामाणिकता में वस्तुतः घट रही होती है। वही घटना स्मृति में बार-बार घटती है। विचारों में भिन्न तरह से घटती है। विचारों के अनुसार घटना को महसूस करन...
कुछ गाँव गाँव कुछ शहर शहर तेजेंद्र शर्मा को समर्पित प्रेरणा "नीना आज कल क्या लिख रही हैं।" "एक उपन्यास लिखने का मन है। दो तीन विषय दिमाग में घूम भी रहे हैं किंतु कुछ सम...
यह काल की असीम निरन्तरता से दुत्कारे और तोड़ कर फेंके गए समय का एक निरर्थक टुकड़ा था। समय के कुछ टुकड़े अक्सर निरर्थक होते हैं। यह इस लिए निरर्थक था कि इसमें फिर से कुछ नए देवता जन...
देश विभाजन भारतीय उपमहाद्वीप की एक ऐसी त्रासदी है, जिसकी पीड़ा पीढ़ियों तक महसूस की जायेगी। इस विभाजन ने सिर्फ सरहदें ही नहीं खींचीं, बल्कि सामाजिक समरसता और साझा संस्कृति की विरासत...
बरिश न भी होती तो भी, वे दोनों नीले रंग की दो अलग अलग, लम्बी, पतली खिड़कियों से सर निकाल कर बाहर देखा करते। वे हमेशा, इसी तरह, बाहर देखते हुए, बाहर से देखने पर अलग अलग तरह से दिखते।...
चांद के पार एक कहानी अवधेश प्रीत 1 जब वह मुझे पहली बार मिला था, तब हमारी दुनिया में मोबाइल का आगमन नहीं हुआ था। जब वह दूसरी बार मिला, तब हमारी जिन्दगियों में मोबाइल हवा, धूप,, पानी...
ज्योत्स्ना ‘ कपिल ‘ कृत - ( उर्वशी -1) यह क्या कर डाला तुमने उसने एक बार विस्फारित नेत्रों से भूमि पर पड़ा भाई का मृत शरीर देखा और एक बार छोटी बहन की ओर दृष्टि डाली तुमने उसे मार...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Nichetech.
Please enable javascript on your browser