The Download Link has been successfully sent to your Mobile Number. Please Download the App.
You are welcome to the world of inspiring, thrilling and motivating stories written in your own language by the young and aspiring authors on Matrubharti. You will get a life time experience of falling in love with stories.
कमरा — हल्की-सी अंधेरी रोशनी…श्राव्या बेहोश कृषांत की बाँहों में…और सामने हवा मे...
मेरे लिए दरवाज़ा बहन ने...
एपिसोड 10: नई सुबह, कामयाबी की नई धुन"सदियों बाद इतिहास गवाह बना है कि इस बार ही...
शहद क़ी गुड़िया - प्रकरण 53 " एक रात मुझे ते...
आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसा रिश्ता, एहसास, भावना जिसे हर किसी ने महसूस किया...
पुनर्वा अपनें पिता सुखवासी राम की इकलौती बेटी थी, सुखवासी राम की आर्थिक स्थिति स...
“हम रोज़ चिल्लाते हैं कि दुनिया बहुत बुरी है, लेकिन क्या कभी सोचा है कि इसे बुरा...
समीक्षा -**पुस्तक -* जनपद बिजनौर (अशोक मधुप के लेखों का संग्रह)*प्रकाशक -* अमर उ...
यह सुनते ही पूरे गाँव में सन्नाटा पसर गया। बुजुर्गों ने अपने सिर पकड़ लिए। यह मह...
होटल मालिक के इस तरह से कहने पर एकांश को गुस्सा आ जाता है एकांश गुस्से से होटल म...
आज वैजयंती की शादी की आठवीं सालगिरह थी। उन्नीस वर्ष की छोटी सी उम्र में ग्रेजुएशन पूरा होते ही उसका विवाह हो गया था। वह आगे पढ़ना चाहती थी, कुछ बनना चाहती थी लेकिन उसके पिता का तो...
"अरे वर्मा जी कुछ लीजिए ना, और आपकी ग्लास और प्लेट तो दोनों खाली हैं, क्या वर्मा जी आप तो ना ही शरमायें" । मिसेज़ शर्मा ने वर्मा जी से दोस्ताना अंदाज में कहा | "नह...
नवलकथा के बारे में: दोस्तों हमारे आसपास या फिर हमारे साथ कई सारी घटनाएं बनती रहती है। कुछ अच्छी घटनाएं बनती है तो कुछ बुरी घटनाएं। कुछ घटनाएं आंख में आंसू ले आती है, कुछ होंठों पे...
"तुम्हारा कार्ड।" पोस्टमेन की आवाज सुनकर मनीष बाहर गया था।पोस्टमेन ने उसे लिफाफा पकड़ाया था।मनीष ने खोलकर देखा।शादी का कार्ड था।वह श्रेया के कमरे में कार्ड देने गया।श्रेया...
अदिति और विजय के विवाह को नौ वर्ष पूरे हो चुके थे लेकिन अब तक भी घर में बच्चों की किलकारियाँ नहीं गूँजी थीं। विजय के माता-पिता तो बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे कि वे कब दादा-दादी बन...
खून से सने हाथ,, जिनसे उसने अपना मुंह छुपाया हुआ था,, बाल बिखरे हुए,, घूटनों तक आता सफेद रंग का फ्रोक,, जो खून से लथपथ था,, चौदह साल कि आशा बुरी तरह से कांप रही थी,, खबर थी,, आशा न...
कभी किसी नें कहा था मुझसे कि हर एक अंत एक नई शुरुआत का सूचक होता है मगर ये कितना सच है और कितना झूठ,ये तो मैं स्वयं भी नहीं जानती ! अब आपका अगला सवाल कि आखिर ये मुझसे किसने कहा था...
"मारो क्या सोच सरला के आदेश पर रमन ने गोली चलायी लेकिन भागते हुए आतंकी पर नही लगी।तब वह गुस्से में बोली,"ऐसे निshana लगाओगे।अगर तुम्हारा निसाना चूक गया तो आतंकी तुम्हे ग...
व्यक्ति को अपने जीवन में माता-पिता,भाई -बहन का ध्यान रखना चाहिए; जब शादी हो जाये तो जीवन पर्यंत जीवन साथी का पूरा ध्यान और भरणपोषण करना चाहिए।जब बच्चे हों तो उनकी पूरी ज़िम्मेदारी...
ये कहानी एक ऐसे मजदूर की है,जो अपने परिवार के साथ घर से बहुत दूर काम की तलाश में जाता है,अचानक से लॉकडाउन होने की वजह से कमाई और आवागमन के सारे रास्ते बंद हो जाने के कारण कुछ दिनों...
लॉग इन करें
लॉगिन से आप मातृभारती के "उपयोग के नियम" और "गोपनीयता नीति" से अपनी सहमती प्रकट करते हैं.
वेरिफिकेशन
ऐप डाउनलोड करें
ऐप डाउनलोड करने के लिए लिंक प्राप्त करें
Copyright © 2026, Matrubharti Technologies Pvt. Ltd. All Rights Reserved | Powered by Custom Web Development Company India.
Please enable javascript on your browser