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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Poems in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. Th...Read More


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लहरें (गीतों का संकलन) By Rakesh Kumar Pandey Sagar

गीत-1 "कहूँ क्या प्रिये याद आने लगी हो" नई सुबह आयी, नया है सवेरा, नई टहनियों पर नया है बसेरा, मेरे मन को तुम गुदगुदाने लगी हो, कहूँ क्या प्रिये याद आने लगी...

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फरवरी २०१९ की कविताएं By महेश रौतेला

१.प्रिय विद्यालय:जब उदास होता हूँया यादों की सैर करता हूँतो नैनीताल के कोहरे में खो जाता हूँ।स्नो व्ये, नैना शिखर, टिफिन टोप सेखिसने लगता हूँ, ताल की तरफ,आकाश को छू तो नहीं पातापर...

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हर बलिदान हमारा इंक़लाब लाएगा By Rudra

E-Book 8 Title - “हर बलिदान हमारा इंक़लाब लाएगा” Author – Rudra Presented by – IMRudra – The Life Coach Content Writer – Rudra About The Author – Rudra is widely recogn...

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मेरे अनकहे जज्बात। By Mr Un Logical

अक्सर हम चाह कर भी जो कह नही पाते उन अनकहे शब्दों मैं सबके सामने लाने की कोशिश कर रहा हूँ।ये दिल गहराईयों से निकले हैं उम्मीद है आपके दिलों को छू जाएँगे।

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શરૂઆત આપણી (કાવ્ય) - दिल कि बात By Heena katariya

समय की बात तो सुनिए कभी दिल कि बात तो कहिए कभी मेरी प्यार की कहानी सुनिए कभी अपनी दर्द कि कहानी कहिए दीदार से बढी धड़कन को तो सुनिए कभी उस मेहबुब को भी तो...

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प्यार का सफर - भाग २ By Shaimee oza Lafj

मेरे खयालात को तुने पढा तो तुने क्यों ए दिन दिखाया मुझे? जब हमको तुम चाहिए थे तब तुम क्यों नहीं थे?.......हमने तुमे अपने जसबात मैं समाया,तुमे  ही अपना दिल माना तो क्यों हमारी...

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शायद मैं बड़ा हो गया हूँ, By Prakharpurvanchal Dainik

1..... मौत दरवाजे पर खड़ी इंतजार कर रही थी,दर्द के दिये को गुलजार कर रही थी,सभी गमजदा थे मंजरे मौत को देख,जो कभी किसी से हारा नहीं ,आखिर वो मौत से हारकर बेजान पड़ा था। 2.....मंजरे...

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जनवरी २०१९ की कविताएं By महेश रौतेला

जनवरी २०१९ की कविताएं१.मैं भटका-भटका रहता थातुम मौन-मौन से रहते थे,धूप ,धूप सी होती थीमन अपना ही प्रतियोगी था।तुम आकाश से बन जाते थेआकाश से क्या कहना था?धरती के फूलों सेमुझे रिश्ता...

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माँ... By Ajay Amitabh Suman

आओ एक किस्सा बतलाऊँ,एक माता की कथा सुनाऊँ,कैसे करुणा क्षीरसागर से, ईह लोक में आती है?धरती पे माँ कहलाती है। स्वर्गलोक में प्रेम की काया,ममता, करुणा की वो छाया,ईश्वर की प्रतिमूर्ति...

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जाने क्यों ये रातें मुझसे ख़फ़ा ख़फ़ा सी रहती हैं By Rudra

Poetry Author – Rudra Presented by – IMRudra – The Life Coach Content Writer – Rudra Book Title – Heart Touching Sad Potry - जाने क्यों ये रातें मुझसे ख़फ़ा ख़फ़ा सी रहती हैं –...

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मैं भारत का वीर भगत सिंह By Surya Rawat

✍By:-  surya rawat-: वीर भगत सिंह :-☆07- २८ ▪ B-19१-मैं भारत का वीर भगत सिंह हे भारत ! तुम्हें जगाने आया हूँ ।बारूद बिछाकर सीने में शत्रु मिटाने आया हूँ ।लहू  ज...

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શરૂઆત આપણી (કાવ્ય) By Heena katariya

કઇક એવી છે શરૂઆત આપણીજેમા બસ તારી યાદો રહી છે બાકી કઇક એવી છે મુલાકાત આપણી જેમા બસ વાતો જ રહી છે બાકીકઈક એવો છે પ્રેમ આપણોજેને નામ આપવાનુ છે બાકીકઈક એવો છે વિરહ છે આપણોજે...

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सचमुच इस जहाँ में तुम-सा कोई नहीं By राहुल मौर्य पेनरॉक नाथन

सचमुच  हम  ही  तेरी  दुनियाँ  में  ,ऐसे  आशिक - दिवाने  होंगे  ,जिसके  इश्क़  को  देखकर तेरा  तो  पता&nbs...

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बचपन में एक बार दबा था दरवाजे में हाथ कभी By Rudra

बचपन में एक बार दबा था By IMRudra Author – Rudra Presented by – IMRudra – The Life Coach Content Writer – Rudra About The Author – Rudra is widely recognized for his thou...

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कुछ बाते मै भी कर लू.... By Kali Raja

Some Poems & Shayari Of "KALI RAJA"
One Gazal (Aaena) Of "Qamar Azaz"

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तेरे इंतजार मे सब बेठे है By Yash Thakor

तेरे इंतजार मे सब बेठे है ।तु चल आगेेहिन्दुुुस्तान चलेगा तु दौद लगा सब दौड़ेगे तेरी बंद मुठ्ठी एक हिम्मत है तु राह बना सब दौदेंंगेतु हि है वो एक ही उम्मीद तरे इंतजार मे सब बेठे है...

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लेखनी By Ajay Amitabh Suman

1.वो आँख हीं क्या कि जिसमे ना हो कोई ख्वाब ,वो लेखन हीं क्या कि जिसमे ना हो कोई आग। 2.मेहनत के सारे फुल ऐसे हीं नही फल गए,गिरे तो हम भी थे मगर गिरकर संभल गए। 3.जिस प्यार और जंग में...

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मेरीकविताएं - मेरी कविताएं By H M Writter0

*आधुनिक युग की देन है यह मोबाइल:*आधुनिक युग की देन है यह मोबाइलइस  युग में सबके पास है यह मोबाइल ।सबकी ज़िन्दगी शामिल है यह मोबाइल। देखने में छोटा है यह मोबाइल। लेकिन...

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शामिल By Ajay Amitabh Suman

1.शामिल तो हो तुम मेरे दश्त-ए-तसव्वुर ,फ़क़त कमी यही कि नसीब में नहीं हो। दश्त-ए-तसव्वुर:ख्वाब[Desert of imagination] 2.मैंने कब चाहा फरिश्ता हो जाओ,ये भी कम है क्या इंसान हीं हो पान...

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अरमान. By Ajay Amitabh Suman

1.जाने कितने अरमानों को खंगाला मैंने,बड़ी मुश्किल से खुद को संभाला मैंने.। 2.अगर मस्जिद में तू है , मंदिर में तू है ,मंदिर में मस्जिद में नफरत फिर क्यूँ है? 3.रौशनी में भी उजाला ठहर...

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कविता संग्रह २... By Harshad Molishree

अक्सर..."यूँ अक्सर जिंदगी सताती है.... कभी हसाती है, कभी रुलाती है...यूँ अक्सर जिंदगी सताती है...ये कुछ सिखाती... कुछ यह कहना चाहती है...कभी बनाती है, कभी बिगाड़ती है...यूँ अक्स...

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मिथ्या By Ajay Amitabh Suman

1.मन हीं मन मे युद्ध छिड़ा है,मैं मेरे विरुद्ध खड़ा है। 2.अँधेरा में फैला सबेरा जहाँ पे,खुदा होता तेरा बसेरा वहां पे। 3.रेत के समंदर सी दुनिया में हम हैं,पता भी चले कैसे ये कैसा भ...

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वहम By Ajay Amitabh Suman

1.रेत के समंदर सी दुनिया में हम हैं,पता भी चले कैसे ये कैसा भरम है? 2.जब भी आते हो , कहर लाते हो।गाँव मे मेरे क्यों, शहर लाते हो? 3.मीलों की सफर न तूफानों ने मारा ,मुझको तो मेरे अ...

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जनजीवन भाग ४ By Rajesh Maheshwari

अहा जिन्दगी मानव की चाहत जीवन सुख-शान्ति से व्यतीत हो इसी तमन्ना को भौतिकता में खोजता समय को खो रहा है। वह प्राप्त करना चाहता है सुख, शान्ति और आनन्द वह अनभिज्ञ है सुख और शान्ति...

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कंगाल By Ajay Amitabh Suman

1.सुखी अँतड़ी सूखे पेट क्षुधा व्यथित कंगाल, तुम्हीं कहो सजाये कैसे वो पूजा की थाल? 2.उगता हुआ सूरज , बना सबब अंधियारे का,ये देश उल्लुओं का है तो दोष सूरज का क्या ? 3.काश ये टेक्नो...

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बाल गीत - Series 3 By Tara Gupta

                                 बाल गीत   चिड़िया रानी  देखो चिड़िया डाल प...

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जनजीवन भाग ३ By Rajesh Maheshwari

जय जवान जय किसान देश की सुरक्षा और हरित क्रान्ति का प्रतीक है जय जवान जय किसान! यह हमारी सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों का प्रणेता है जितना कल था उतना ही आज भी है उद्देश्यपूर्ण और...

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जनजीवन भाग २ By Rajesh Maheshwari

अंत से प्रारंभ। माँ का स्नेह देता था स्वर्ग की अनुभूति, उसका आशीष भरता था जीवन में स्फूर्ति। एक दिन उसकी सांसों में हो रहा था सूर्यास्त हम थे स्तब्ध और विवके शून्य देख रहे थे जीव...

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वकील By Ajay Amitabh Suman

१.ये वकील दुनिया में नाम कर जाएगा ये वकील दुनिया में नाम कर जाएगा:हास्य व्ययंग: कविता: अजय अमिताभ सुमन जो कर न सके कोई...

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मेरी समाज सुधारक, प्रेरणा दायक काव्य रचनाएँ। - वीरो का संघर्ष स्वतंत्रता के लिए By Rudra S. Sharma

मेरा इन दोनों रचनाओं का निर्माण करने का लक्ष्य आपके अंतःकरण में राष्ट्र प्रेम की भावना को जन्म देना है।

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नवंबर २०१८ की कविताएं By महेश रौतेला

नवम्बर २०१८ की कविताएं१.पेड़ों की तरह उगते हैं हम,घने भी होते जाते हैं,धीरे-धीरे छायादार बनते हैं।कालान्तर में आकाश की तरफ बढ़ते,बहुत ऊँचे हो जाते हैं।जड़ों से मजबूत हों तो,किसी तूफान...

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मेरी समाज सुधारक, प्रेरणा दायक काव्य रचनाएँ। By Rudra S. Sharma

(१)रचना-मेरी व्यथा
रचनाकार- रूद्र संजय शर्मा
।।केन्द्रीय भाव।।
कृपया पूर्णतः पढ़े तत्पश्चाय ही समीक्षा करें।


तो अपनी भिन्न विचारधारा होने के कारण जिन-जिन समस्याओं का...

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अक्टूबर २०१८ की कविताएं By महेश रौतेला

अक्टूबर २०१८ की कविताएं:१.जिन्दगी अभी बाकी हैवृक्ष बड़ रहे हैं,फूल खिल रहे हैं,लम्हे गुजर रहे हैंराहों पर धूप-छाँव है।जनसंख्या दौड़ रही हैबच्चे उछल-कूद रहे हैं,सदियां मिलजुल रही हैंज...

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प्रेम, रिश्ता, दोस्त, भावनाएं By Rajan Singh

कभी कचौड़ी गली गुजरता, तो कहती रंगबाज है।
अगर तुम्हारे काँधों पे सिर रखता पूछती क्या? राज है।।
मेरे सीनें पर जो घूमें, अँगुली सी सहचर थी तुम।
गाये थे जो नग़में मिलके, बैठी'...

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आज के नये विचार By प्रिन्शु लोकेश तिवारी

वही कृष्ण है वही अंग है
अंतर केवल इत्ता है ।
प्रेम को त्यागा अब उसने
अब तो केवल सत्ता है।
प्रेम को त्याग दिया है अब वो...

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फ़र्ज़ - काव्य शिर्षक By Rudra S. Sharma

केन्द्रीय भाव-प्रस्तुत कविता की रचना मैंने यानी रूद्र संजय शर्मा ने की है। जब बच्चा छोटा रहता है तब माता-पिता उसके पालन-पोषण के लिए सफल सफल प्रयास करते हैं परंतु जब बच्चा बड़ा होता...

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दिल से दिल की बात By Shaimee oza Lafj

  1.                           तुटा दिल ?एक वादे पे हमारी दुनिया उजड गई हम अब 'तुटा दिल' बन के रह...

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याद (कविता संग्रह ) By Ravi kumar bhatt

१-याद:-जब नेत्र खुलते है मेरे जब मधुर भोर हो जाती है तब याद तुम्हारी आती है!प्रिये याद तुम्हारी आती है!फूल खील उठते है बागों मैं भंवरे गाने लगते है सात सुरों के रागो...

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कविताए By Nagendra Dutt Sharma

!!! व्यक्ति और संस्था !!! एक व्यक्ति जहाँ पा लेता है अपना रोजगारवह संस्था उसके लिए होती है जैसे घर-बारलेकिन क्या सारे लोग करते हैं ऐसा व्यवहारसौ में नब्बे नहीं रखते हैं कर्त्तव्य स...

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कविता संग्रह... By Harshad Molishree

ऐतराज़...एक दौर है ये जहाँ तन्हां रात में वक़्त कट्टा नही...वो भी एक दौर था जहाँ वक़्त की सुईयों को पकड़ू तो वक़्त ठहरता नही...एक दौर है ये जहाँ नजर अंदाज शौक से कर दिए जाते है...वो भी...

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जनजीवन By Rajesh Maheshwari

जनजीवन ( काव्य संग्रह ) राजेश माहेश्वरी राजेश माहेश्वरी की सृजन सरिता श...

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प्यार का पडाव By Shaimee oza Lafj

              मुझको बरसाद बना लो...... मुझको बरसाद बना लो...... ??मुझको अपने दिल मे समा लो..... मुझको अपना गुरुर बना लो...... मुझक...

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सितंबर २०१८ की कविताएं By महेश रौतेला

सितंबर २०१८ की कविताएं१.जीवन में कम से कम एक बार प्यार कीजिए,ठंड हो या न हो, उजाला हो या न हो,अनुभूतियां शिखर तक जाएं या नहीं,रास्ता उबड़-खाबड़ हो या सरल,हवायें सुल्टी बहें या उल्टी...

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बेटी घर के आंगन का पंछी ?? By Shaimee oza Lafj

1.                                    बेटी बेटी एक भगवान का दिया हुआ वरदान होती हे.&n...

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जिए तो ज़रा बस एक पल - By Vandna Sharma

जिए तो ज़रा बस एक पल - { पहाड़ी स्त्रियों को समर्पित }इचक दाना -विचक दाना सुनो क्या कहता है मीठा दाना रंग लाई अपनी मेहनत देंगी गवाही गेंहू की ये कलियाँ लहलहाती फसल हमारी सींचा इसे हम...

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अगस्त २०१८ की कविताएं और दिनचर्या By महेश रौतेला

अगस्त 2018 की कविताएं१.पुरानी बातें आज भी दोहरा सकता हूँ,जैसे आकाश साफ दिखता थामूसलाधार बारिश होती थीपढ़ाई पर सपना लिखा रहता थाकिताबों की प्रशंसा होती थी, शिक्षित होना अनिवार्य...

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प्यार का सफर By Shaimee oza Lafj

1.क्या से क्या हो गए देखते देखते..... एक पल मे हसा गए एक पल मे रुला गए अेसे ही हमके अपने पीछे घायल कर गए क्या से क्या हो गए देखते देखते,मेने पथ्थर से बनाया वो खुदा बन गए देखते...

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प्रतीक्षा By Tara Gupta

इस पुस्तक में सभी रचनाएं मेरी बहुत पहले की लिखी है। कविताओं में प्रेम के भावों के साथ आस एवं विश्वास का भी सामंजस्य है।आशा करती हूं , पाठकों को मेरी रचनाएं पसंद आयेगी। धन्...

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उन नयनों से By Anand Gurjar

मेरी इन कविताओं में सतरंगी छटा है इनमें व्यंग भी है वर्तमान के प्रति संवेदनाएं भी हैं देश के प्रति प्रेम भी है । अलग-अलग रंग और आकृति की इन कविताओं को एक बार अवश्य पढ़ें ।...

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मानवता का अक्षयवट By Anand Gurjar

मानवता का अक्षयवट कविता संग्रह है जिसमें कुल सोलह कविताएं हैं , इन कविताओं के माध्यम से वर्तमान परिदृश्य के प्रति गहरी चिंता जताई गई है ।

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लहरें (गीतों का संकलन) By Rakesh Kumar Pandey Sagar

गीत-1 "कहूँ क्या प्रिये याद आने लगी हो" नई सुबह आयी, नया है सवेरा, नई टहनियों पर नया है बसेरा, मेरे मन को तुम गुदगुदाने लगी हो, कहूँ क्या प्रिये याद आने लगी...

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फरवरी २०१९ की कविताएं By महेश रौतेला

१.प्रिय विद्यालय:जब उदास होता हूँया यादों की सैर करता हूँतो नैनीताल के कोहरे में खो जाता हूँ।स्नो व्ये, नैना शिखर, टिफिन टोप सेखिसने लगता हूँ, ताल की तरफ,आकाश को छू तो नहीं पातापर...

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हर बलिदान हमारा इंक़लाब लाएगा By Rudra

E-Book 8 Title - “हर बलिदान हमारा इंक़लाब लाएगा” Author – Rudra Presented by – IMRudra – The Life Coach Content Writer – Rudra About The Author – Rudra is widely recogn...

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मेरे अनकहे जज्बात। By Mr Un Logical

अक्सर हम चाह कर भी जो कह नही पाते उन अनकहे शब्दों मैं सबके सामने लाने की कोशिश कर रहा हूँ।ये दिल गहराईयों से निकले हैं उम्मीद है आपके दिलों को छू जाएँगे।

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શરૂઆત આપણી (કાવ્ય) - दिल कि बात By Heena katariya

समय की बात तो सुनिए कभी दिल कि बात तो कहिए कभी मेरी प्यार की कहानी सुनिए कभी अपनी दर्द कि कहानी कहिए दीदार से बढी धड़कन को तो सुनिए कभी उस मेहबुब को भी तो...

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प्यार का सफर - भाग २ By Shaimee oza Lafj

मेरे खयालात को तुने पढा तो तुने क्यों ए दिन दिखाया मुझे? जब हमको तुम चाहिए थे तब तुम क्यों नहीं थे?.......हमने तुमे अपने जसबात मैं समाया,तुमे  ही अपना दिल माना तो क्यों हमारी...

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शायद मैं बड़ा हो गया हूँ, By Prakharpurvanchal Dainik

1..... मौत दरवाजे पर खड़ी इंतजार कर रही थी,दर्द के दिये को गुलजार कर रही थी,सभी गमजदा थे मंजरे मौत को देख,जो कभी किसी से हारा नहीं ,आखिर वो मौत से हारकर बेजान पड़ा था। 2.....मंजरे...

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जनवरी २०१९ की कविताएं By महेश रौतेला

जनवरी २०१९ की कविताएं१.मैं भटका-भटका रहता थातुम मौन-मौन से रहते थे,धूप ,धूप सी होती थीमन अपना ही प्रतियोगी था।तुम आकाश से बन जाते थेआकाश से क्या कहना था?धरती के फूलों सेमुझे रिश्ता...

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माँ... By Ajay Amitabh Suman

आओ एक किस्सा बतलाऊँ,एक माता की कथा सुनाऊँ,कैसे करुणा क्षीरसागर से, ईह लोक में आती है?धरती पे माँ कहलाती है। स्वर्गलोक में प्रेम की काया,ममता, करुणा की वो छाया,ईश्वर की प्रतिमूर्ति...

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जाने क्यों ये रातें मुझसे ख़फ़ा ख़फ़ा सी रहती हैं By Rudra

Poetry Author – Rudra Presented by – IMRudra – The Life Coach Content Writer – Rudra Book Title – Heart Touching Sad Potry - जाने क्यों ये रातें मुझसे ख़फ़ा ख़फ़ा सी रहती हैं –...

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मैं भारत का वीर भगत सिंह By Surya Rawat

✍By:-  surya rawat-: वीर भगत सिंह :-☆07- २८ ▪ B-19१-मैं भारत का वीर भगत सिंह हे भारत ! तुम्हें जगाने आया हूँ ।बारूद बिछाकर सीने में शत्रु मिटाने आया हूँ ।लहू  ज...

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શરૂઆત આપણી (કાવ્ય) By Heena katariya

કઇક એવી છે શરૂઆત આપણીજેમા બસ તારી યાદો રહી છે બાકી કઇક એવી છે મુલાકાત આપણી જેમા બસ વાતો જ રહી છે બાકીકઈક એવો છે પ્રેમ આપણોજેને નામ આપવાનુ છે બાકીકઈક એવો છે વિરહ છે આપણોજે...

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सचमुच इस जहाँ में तुम-सा कोई नहीं By राहुल मौर्य पेनरॉक नाथन

सचमुच  हम  ही  तेरी  दुनियाँ  में  ,ऐसे  आशिक - दिवाने  होंगे  ,जिसके  इश्क़  को  देखकर तेरा  तो  पता&nbs...

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बचपन में एक बार दबा था दरवाजे में हाथ कभी By Rudra

बचपन में एक बार दबा था By IMRudra Author – Rudra Presented by – IMRudra – The Life Coach Content Writer – Rudra About The Author – Rudra is widely recognized for his thou...

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कुछ बाते मै भी कर लू.... By Kali Raja

Some Poems & Shayari Of "KALI RAJA"
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तेरे इंतजार मे सब बेठे है By Yash Thakor

तेरे इंतजार मे सब बेठे है ।तु चल आगेेहिन्दुुुस्तान चलेगा तु दौद लगा सब दौड़ेगे तेरी बंद मुठ्ठी एक हिम्मत है तु राह बना सब दौदेंंगेतु हि है वो एक ही उम्मीद तरे इंतजार मे सब बेठे है...

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लेखनी By Ajay Amitabh Suman

1.वो आँख हीं क्या कि जिसमे ना हो कोई ख्वाब ,वो लेखन हीं क्या कि जिसमे ना हो कोई आग। 2.मेहनत के सारे फुल ऐसे हीं नही फल गए,गिरे तो हम भी थे मगर गिरकर संभल गए। 3.जिस प्यार और जंग में...

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मेरीकविताएं - मेरी कविताएं By H M Writter0

*आधुनिक युग की देन है यह मोबाइल:*आधुनिक युग की देन है यह मोबाइलइस  युग में सबके पास है यह मोबाइल ।सबकी ज़िन्दगी शामिल है यह मोबाइल। देखने में छोटा है यह मोबाइल। लेकिन...

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शामिल By Ajay Amitabh Suman

1.शामिल तो हो तुम मेरे दश्त-ए-तसव्वुर ,फ़क़त कमी यही कि नसीब में नहीं हो। दश्त-ए-तसव्वुर:ख्वाब[Desert of imagination] 2.मैंने कब चाहा फरिश्ता हो जाओ,ये भी कम है क्या इंसान हीं हो पान...

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अरमान. By Ajay Amitabh Suman

1.जाने कितने अरमानों को खंगाला मैंने,बड़ी मुश्किल से खुद को संभाला मैंने.। 2.अगर मस्जिद में तू है , मंदिर में तू है ,मंदिर में मस्जिद में नफरत फिर क्यूँ है? 3.रौशनी में भी उजाला ठहर...

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कविता संग्रह २... By Harshad Molishree

अक्सर..."यूँ अक्सर जिंदगी सताती है.... कभी हसाती है, कभी रुलाती है...यूँ अक्सर जिंदगी सताती है...ये कुछ सिखाती... कुछ यह कहना चाहती है...कभी बनाती है, कभी बिगाड़ती है...यूँ अक्स...

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मिथ्या By Ajay Amitabh Suman

1.मन हीं मन मे युद्ध छिड़ा है,मैं मेरे विरुद्ध खड़ा है। 2.अँधेरा में फैला सबेरा जहाँ पे,खुदा होता तेरा बसेरा वहां पे। 3.रेत के समंदर सी दुनिया में हम हैं,पता भी चले कैसे ये कैसा भ...

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वहम By Ajay Amitabh Suman

1.रेत के समंदर सी दुनिया में हम हैं,पता भी चले कैसे ये कैसा भरम है? 2.जब भी आते हो , कहर लाते हो।गाँव मे मेरे क्यों, शहर लाते हो? 3.मीलों की सफर न तूफानों ने मारा ,मुझको तो मेरे अ...

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जनजीवन भाग ४ By Rajesh Maheshwari

अहा जिन्दगी मानव की चाहत जीवन सुख-शान्ति से व्यतीत हो इसी तमन्ना को भौतिकता में खोजता समय को खो रहा है। वह प्राप्त करना चाहता है सुख, शान्ति और आनन्द वह अनभिज्ञ है सुख और शान्ति...

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कंगाल By Ajay Amitabh Suman

1.सुखी अँतड़ी सूखे पेट क्षुधा व्यथित कंगाल, तुम्हीं कहो सजाये कैसे वो पूजा की थाल? 2.उगता हुआ सूरज , बना सबब अंधियारे का,ये देश उल्लुओं का है तो दोष सूरज का क्या ? 3.काश ये टेक्नो...

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बाल गीत - Series 3 By Tara Gupta

                                 बाल गीत   चिड़िया रानी  देखो चिड़िया डाल प...

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जनजीवन भाग ३ By Rajesh Maheshwari

जय जवान जय किसान देश की सुरक्षा और हरित क्रान्ति का प्रतीक है जय जवान जय किसान! यह हमारी सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों का प्रणेता है जितना कल था उतना ही आज भी है उद्देश्यपूर्ण और...

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जनजीवन भाग २ By Rajesh Maheshwari

अंत से प्रारंभ। माँ का स्नेह देता था स्वर्ग की अनुभूति, उसका आशीष भरता था जीवन में स्फूर्ति। एक दिन उसकी सांसों में हो रहा था सूर्यास्त हम थे स्तब्ध और विवके शून्य देख रहे थे जीव...

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वकील By Ajay Amitabh Suman

१.ये वकील दुनिया में नाम कर जाएगा ये वकील दुनिया में नाम कर जाएगा:हास्य व्ययंग: कविता: अजय अमिताभ सुमन जो कर न सके कोई...

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मेरी समाज सुधारक, प्रेरणा दायक काव्य रचनाएँ। - वीरो का संघर्ष स्वतंत्रता के लिए By Rudra S. Sharma

मेरा इन दोनों रचनाओं का निर्माण करने का लक्ष्य आपके अंतःकरण में राष्ट्र प्रेम की भावना को जन्म देना है।

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नवंबर २०१८ की कविताएं By महेश रौतेला

नवम्बर २०१८ की कविताएं१.पेड़ों की तरह उगते हैं हम,घने भी होते जाते हैं,धीरे-धीरे छायादार बनते हैं।कालान्तर में आकाश की तरफ बढ़ते,बहुत ऊँचे हो जाते हैं।जड़ों से मजबूत हों तो,किसी तूफान...

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मेरी समाज सुधारक, प्रेरणा दायक काव्य रचनाएँ। By Rudra S. Sharma

(१)रचना-मेरी व्यथा
रचनाकार- रूद्र संजय शर्मा
।।केन्द्रीय भाव।।
कृपया पूर्णतः पढ़े तत्पश्चाय ही समीक्षा करें।


तो अपनी भिन्न विचारधारा होने के कारण जिन-जिन समस्याओं का...

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अक्टूबर २०१८ की कविताएं By महेश रौतेला

अक्टूबर २०१८ की कविताएं:१.जिन्दगी अभी बाकी हैवृक्ष बड़ रहे हैं,फूल खिल रहे हैं,लम्हे गुजर रहे हैंराहों पर धूप-छाँव है।जनसंख्या दौड़ रही हैबच्चे उछल-कूद रहे हैं,सदियां मिलजुल रही हैंज...

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प्रेम, रिश्ता, दोस्त, भावनाएं By Rajan Singh

कभी कचौड़ी गली गुजरता, तो कहती रंगबाज है।
अगर तुम्हारे काँधों पे सिर रखता पूछती क्या? राज है।।
मेरे सीनें पर जो घूमें, अँगुली सी सहचर थी तुम।
गाये थे जो नग़में मिलके, बैठी'...

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आज के नये विचार By प्रिन्शु लोकेश तिवारी

वही कृष्ण है वही अंग है
अंतर केवल इत्ता है ।
प्रेम को त्यागा अब उसने
अब तो केवल सत्ता है।
प्रेम को त्याग दिया है अब वो...

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फ़र्ज़ - काव्य शिर्षक By Rudra S. Sharma

केन्द्रीय भाव-प्रस्तुत कविता की रचना मैंने यानी रूद्र संजय शर्मा ने की है। जब बच्चा छोटा रहता है तब माता-पिता उसके पालन-पोषण के लिए सफल सफल प्रयास करते हैं परंतु जब बच्चा बड़ा होता...

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दिल से दिल की बात By Shaimee oza Lafj

  1.                           तुटा दिल ?एक वादे पे हमारी दुनिया उजड गई हम अब 'तुटा दिल' बन के रह...

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याद (कविता संग्रह ) By Ravi kumar bhatt

१-याद:-जब नेत्र खुलते है मेरे जब मधुर भोर हो जाती है तब याद तुम्हारी आती है!प्रिये याद तुम्हारी आती है!फूल खील उठते है बागों मैं भंवरे गाने लगते है सात सुरों के रागो...

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कविताए By Nagendra Dutt Sharma

!!! व्यक्ति और संस्था !!! एक व्यक्ति जहाँ पा लेता है अपना रोजगारवह संस्था उसके लिए होती है जैसे घर-बारलेकिन क्या सारे लोग करते हैं ऐसा व्यवहारसौ में नब्बे नहीं रखते हैं कर्त्तव्य स...

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कविता संग्रह... By Harshad Molishree

ऐतराज़...एक दौर है ये जहाँ तन्हां रात में वक़्त कट्टा नही...वो भी एक दौर था जहाँ वक़्त की सुईयों को पकड़ू तो वक़्त ठहरता नही...एक दौर है ये जहाँ नजर अंदाज शौक से कर दिए जाते है...वो भी...

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जनजीवन By Rajesh Maheshwari

जनजीवन ( काव्य संग्रह ) राजेश माहेश्वरी राजेश माहेश्वरी की सृजन सरिता श...

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प्यार का पडाव By Shaimee oza Lafj

              मुझको बरसाद बना लो...... मुझको बरसाद बना लो...... ??मुझको अपने दिल मे समा लो..... मुझको अपना गुरुर बना लो...... मुझक...

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सितंबर २०१८ की कविताएं By महेश रौतेला

सितंबर २०१८ की कविताएं१.जीवन में कम से कम एक बार प्यार कीजिए,ठंड हो या न हो, उजाला हो या न हो,अनुभूतियां शिखर तक जाएं या नहीं,रास्ता उबड़-खाबड़ हो या सरल,हवायें सुल्टी बहें या उल्टी...

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बेटी घर के आंगन का पंछी ?? By Shaimee oza Lafj

1.                                    बेटी बेटी एक भगवान का दिया हुआ वरदान होती हे.&n...

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जिए तो ज़रा बस एक पल - By Vandna Sharma

जिए तो ज़रा बस एक पल - { पहाड़ी स्त्रियों को समर्पित }इचक दाना -विचक दाना सुनो क्या कहता है मीठा दाना रंग लाई अपनी मेहनत देंगी गवाही गेंहू की ये कलियाँ लहलहाती फसल हमारी सींचा इसे हम...

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अगस्त २०१८ की कविताएं और दिनचर्या By महेश रौतेला

अगस्त 2018 की कविताएं१.पुरानी बातें आज भी दोहरा सकता हूँ,जैसे आकाश साफ दिखता थामूसलाधार बारिश होती थीपढ़ाई पर सपना लिखा रहता थाकिताबों की प्रशंसा होती थी, शिक्षित होना अनिवार्य...

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प्यार का सफर By Shaimee oza Lafj

1.क्या से क्या हो गए देखते देखते..... एक पल मे हसा गए एक पल मे रुला गए अेसे ही हमके अपने पीछे घायल कर गए क्या से क्या हो गए देखते देखते,मेने पथ्थर से बनाया वो खुदा बन गए देखते...

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प्रतीक्षा By Tara Gupta

इस पुस्तक में सभी रचनाएं मेरी बहुत पहले की लिखी है। कविताओं में प्रेम के भावों के साथ आस एवं विश्वास का भी सामंजस्य है।आशा करती हूं , पाठकों को मेरी रचनाएं पसंद आयेगी। धन्...

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उन नयनों से By Anand Gurjar

मेरी इन कविताओं में सतरंगी छटा है इनमें व्यंग भी है वर्तमान के प्रति संवेदनाएं भी हैं देश के प्रति प्रेम भी है । अलग-अलग रंग और आकृति की इन कविताओं को एक बार अवश्य पढ़ें ।...

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मानवता का अक्षयवट By Anand Gurjar

मानवता का अक्षयवट कविता संग्रह है जिसमें कुल सोलह कविताएं हैं , इन कविताओं के माध्यम से वर्तमान परिदृश्य के प्रति गहरी चिंता जताई गई है ।

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