सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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आपकी आराधना - 19 By Pushpendra Kumar Patel

अमित ने आराधना को गले से लगा लिया और मुस्कुराते हुए कहा- " ये हुई न बात आराधना, अब कमला आंटी का जिक्र भी मत करना। चलो अब अच्छी सी चाय मिल जाये तो क्या बात हो? " " आज आपके हाथों से...

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मुरमुरा के लड्डू By रामगोपाल तिवारी

इन कहानियों की कहानी कहानी को समझने के लिए जीवन को समझना आवश्यक है। जीवन जितना कोमल और सख्त होता है, कहानी का रूप-स्वरूप भी करीब-करीब ऐसा ही होता है। कहानी पाठक को अपने...

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मिशन सिफर - 10 By Ramakant Sharma

10. आइएसआइ की निगरानी में राशिद के सफर की तैयारी पूरी हो चुकी थी। अपने काम को अंजाम देने के लिए उसे हर तरह से लैस किया जा चुका था। फिर वह पल भी आया जब उसे नेपाल के लिए रवाना कर दिय...

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इमली की चटनी में गुड़ की मिठास - 4 By Shivani Jaipur

भाग-4 गुत्थी सुलझाने की जितनी कोशिश करती उतनी ही उसमें उलझती चली जाती! थक हार कर नींद कब उसे अपने कब्जे में लेकर सुबह कर गई पता ही नहीं चला!रवि की खटर-पटर से उसकी आँख खुली तो कमरे...

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बेनज़ीर - दरिया किनारे का ख्वाब - 7 By Pradeep Shrivastava

भाग - ७ वही ज़ाहिदा-रियाज़, फिर अपने कपड़ों के साथ जंग । उतार-उतार कर उन्हें दीवारों पर रात भर के लिए दे मारना। फिर अपने ही तन बदन को देख-देख कर इतराना। और आखिर में मायूसी के दरिया मे...

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एक कदम आगे By Akhilesh Srivastava

कहानी एक कदम आगे...

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करवा चौथ By Anil jaiswal

‘नाम बताओ।’‘जी, राम रूप शाह।’‘उम्र क्या है?’‘चालीस साल।’‘पहले क्या करते थे?’‘जी, फौज में था।’कंवल सिक्यरिटीज की रिसेप्सनिस्ट रीना ने सिर उठाकर उसे फिर से ध्यान से देखा, कुछ-कुछ नजर...

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तीसरे लोग - 3 By Geetanjali Chatterjee

3. डॉ. स्मारक कोठी की छत की मुंडेर पे बैठा एक के बाद एक सिगरेट फूंकता चला जा रहा था। पूर्णिमा का चांद समुंदर की लहरों पर चांदी-सी छटा बिखेर रहा था और उन्मादिनी लहरें किसी जहरीले भु...

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टूटा कप By Sudha Adesh

टूटा कप ‘‘विनी, दिव्या का विवाह पास आ गया है, पहले सोच रही थी सब काम समय से निबट जाएंगे पर ऐसा नहीं हो पा रहा है । थोड़ा जल्दी आ सको तो अच्छा है. बहुत काम है, समझ नहीं पा रही हूँ क...

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कल के रक्षक By Ramnarayan Sungariya

कहानी कल के रक्षक आर. एन. सुनगरया,...

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मृगचर्म By रामगोपाल तिवारी

कहानी मृगचर्म विपिन के पिता रामनाथ वर्मा ऑफिस से लौटते समय एक कलेन्डर लेकर आये। विपिन ने चित्र देखने की उत्सुकता में वह उनके हाथ से ल...

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मिश्री धोबी फागों में By रामगोपाल तिवारी

कहानी , मिश्री धोबी फागों में राम गोपाल भावुक...

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अपने-अपने कारागृह - 8 By Sudha Adesh

अपने-अपने कारागृह-7एक दिन मम्मी जी नन्ही परी को तेल लगा रही थीं कि देवयानी आंटी का फोन आया । उन्होंने मम्मी जी से बात करने की इच्छा जाहिर की । उषा ने फोन मम्मी जी को दे दिया । मम्...

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BOYS school WASHROOM - 9 By Akash Saxena "Ansh"

"ओ! हो! यश!....ये क्या शोर मचा रखा है।" प्रज्ञा दरवाज़े खोलते ही यश पर चिल्ला पडती है। लेकिन यश अपना हाथ फिर भी डोर बैल से नहीं हटाता... .शायद प्रज्ञा की आवाज़ को वो सुन ही नहीं पात...

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सौतेली मां By राजनारायण बोहरे

क्हानी- छप्पर में से पड़ रहे टपके से एक बूंद और शरीर पर गिरी। उसके सारे शरीर में सिहरन आ गई। कमरे में नजर फेंकी तो सारा कमरा टप टप के शोर से भरा हुआ था, तिल रखने को भी जगह न थी। अ...

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लता सांध्य-गृह - 6 By Rama Sharma Manavi

पूर्व कथा जानने के लिए पिछले अध्याय अवश्य पढ़ें। छठा अध्याय-----------------गतांक से आगे….--------------- छठें कमरे के निवासी थे विभव सक्सेना एवं उनकी पत्नी अंजू देवी।विद्यु...

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सुलझे...अनसुलझे - 18 By Pragati Gupta

सुलझे...अनसुलझे भावनात्मक स्पर्श ------------------ आज मेरी मुलाक़ात एक अरसे बाद अपनी बचपन की मित्र लेखा से हुई। सुना था कि उसकी शादी एक बहुत ही धनाढ्य परिवार में हुई थी। उसके विवाह...

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लहराता चाँद - 29 By Lata tejeswar renuka

लहराता चाँद लता तेजेश्वर 'रेणुका' 29 महुआ की स्टेटमेंट से गैंग के कई बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरोहे के कुछ बदमाश लोग भाग निकले। महुआ को कई दिन तक पुलिस प्रोटे...

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एक दुनिया अजनबी - 12 By DrPranava Bharti

एक दुनिया अजनबी 12 - मृदुला को विभा तबसे जानती है जब से प्रखर का जन्म हुआ था | उन दिनों शर्मा-परिवार किराए पर रहता था | प्रखर के जन्म पर वह उससे एक हज़ार रूपये व सिल्क की ज़री के बॉर...

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राजकाज By रामगोपाल तिवारी

कहानी राजकाज रामगोपाल भावुक ग्रीश्म अवकाश के बाद विद्यालय खुल गए हैं। विद्यालय में भर्ती चालू हो गई है। पिछली वर्श पढ़ाई सेन्...

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उजालों की बारिश By Akhilesh Srivastava

कहानी उजालों की बारिश...

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Broken with you... - 2 By Alone Soul

एक सन्नाटा छा जाता है चुप चाप सब हो जाता है ये सड़क तक ना थरतगराती है चुप चाप सब हो जाता है कई जिश्मो में मुर्दे दफनाता है चुप चाप सब हो जाता है ...........एक सन्नाटा सा छा गया था...

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जिंदगी रुकती नहीं By Alka Agrawal

मुनिया ने सुबह उठकर देखा, उसके दादाजी बालकनी में बैठे अकेले चाय पी रहे हैं। उनको देखने से लग रहा था कि वे बहुत उदास और दु:खी है । मम्मी रसोई में काम कर रही थी, पापा भी अपने काम में...

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आपकी आराधना - 19 By Pushpendra Kumar Patel

अमित ने आराधना को गले से लगा लिया और मुस्कुराते हुए कहा- " ये हुई न बात आराधना, अब कमला आंटी का जिक्र भी मत करना। चलो अब अच्छी सी चाय मिल जाये तो क्या बात हो? " " आज आपके हाथों से...

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मुरमुरा के लड्डू By रामगोपाल तिवारी

इन कहानियों की कहानी कहानी को समझने के लिए जीवन को समझना आवश्यक है। जीवन जितना कोमल और सख्त होता है, कहानी का रूप-स्वरूप भी करीब-करीब ऐसा ही होता है। कहानी पाठक को अपने...

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मिशन सिफर - 10 By Ramakant Sharma

10. आइएसआइ की निगरानी में राशिद के सफर की तैयारी पूरी हो चुकी थी। अपने काम को अंजाम देने के लिए उसे हर तरह से लैस किया जा चुका था। फिर वह पल भी आया जब उसे नेपाल के लिए रवाना कर दिय...

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इमली की चटनी में गुड़ की मिठास - 4 By Shivani Jaipur

भाग-4 गुत्थी सुलझाने की जितनी कोशिश करती उतनी ही उसमें उलझती चली जाती! थक हार कर नींद कब उसे अपने कब्जे में लेकर सुबह कर गई पता ही नहीं चला!रवि की खटर-पटर से उसकी आँख खुली तो कमरे...

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बेनज़ीर - दरिया किनारे का ख्वाब - 7 By Pradeep Shrivastava

भाग - ७ वही ज़ाहिदा-रियाज़, फिर अपने कपड़ों के साथ जंग । उतार-उतार कर उन्हें दीवारों पर रात भर के लिए दे मारना। फिर अपने ही तन बदन को देख-देख कर इतराना। और आखिर में मायूसी के दरिया मे...

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एक कदम आगे By Akhilesh Srivastava

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‘नाम बताओ।’‘जी, राम रूप शाह।’‘उम्र क्या है?’‘चालीस साल।’‘पहले क्या करते थे?’‘जी, फौज में था।’कंवल सिक्यरिटीज की रिसेप्सनिस्ट रीना ने सिर उठाकर उसे फिर से ध्यान से देखा, कुछ-कुछ नजर...

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3. डॉ. स्मारक कोठी की छत की मुंडेर पे बैठा एक के बाद एक सिगरेट फूंकता चला जा रहा था। पूर्णिमा का चांद समुंदर की लहरों पर चांदी-सी छटा बिखेर रहा था और उन्मादिनी लहरें किसी जहरीले भु...

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टूटा कप By Sudha Adesh

टूटा कप ‘‘विनी, दिव्या का विवाह पास आ गया है, पहले सोच रही थी सब काम समय से निबट जाएंगे पर ऐसा नहीं हो पा रहा है । थोड़ा जल्दी आ सको तो अच्छा है. बहुत काम है, समझ नहीं पा रही हूँ क...

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मृगचर्म By रामगोपाल तिवारी

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मिश्री धोबी फागों में By रामगोपाल तिवारी

कहानी , मिश्री धोबी फागों में राम गोपाल भावुक...

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अपने-अपने कारागृह - 8 By Sudha Adesh

अपने-अपने कारागृह-7एक दिन मम्मी जी नन्ही परी को तेल लगा रही थीं कि देवयानी आंटी का फोन आया । उन्होंने मम्मी जी से बात करने की इच्छा जाहिर की । उषा ने फोन मम्मी जी को दे दिया । मम्...

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लहराता चाँद - 29 By Lata tejeswar renuka

लहराता चाँद लता तेजेश्वर 'रेणुका' 29 महुआ की स्टेटमेंट से गैंग के कई बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरोहे के कुछ बदमाश लोग भाग निकले। महुआ को कई दिन तक पुलिस प्रोटे...

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राजकाज By रामगोपाल तिवारी

कहानी राजकाज रामगोपाल भावुक ग्रीश्म अवकाश के बाद विद्यालय खुल गए हैं। विद्यालय में भर्ती चालू हो गई है। पिछली वर्श पढ़ाई सेन्...

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उजालों की बारिश By Akhilesh Srivastava

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एक सन्नाटा छा जाता है चुप चाप सब हो जाता है ये सड़क तक ना थरतगराती है चुप चाप सब हो जाता है कई जिश्मो में मुर्दे दफनाता है चुप चाप सब हो जाता है ...........एक सन्नाटा सा छा गया था...

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जिंदगी रुकती नहीं By Alka Agrawal

मुनिया ने सुबह उठकर देखा, उसके दादाजी बालकनी में बैठे अकेले चाय पी रहे हैं। उनको देखने से लग रहा था कि वे बहुत उदास और दु:खी है । मम्मी रसोई में काम कर रही थी, पापा भी अपने काम में...

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