सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • सूना आँगन- भाग 11

    अभी तक आपने पढ़ा एक दिन ऊषा जब वैजयंती के साथ मंदिर जा रही थी तब उसने देखा कि कुछ...

  • छल - Story of love and betrayal - 35

    ये सुनकर प्रेरित की आत्मा अपने बेटे के लिए तड़प उठी तभी प्रेरणा फिर बोली, " उसके...

  • Real Incidents - Incident 9: Columnist

    राहुल जैन आज बहुत नर्वस था। आज उसे चैनल के लिए एक बहुत ही खास इंसान का इंटरव्यू...

क़ीमे की बजाय बोटियाँ--(सहादत हसन मंटो की कहानी) By Saroj Verma

स्टोरीलाइन एक मद्रासी डॉक्टर के दूसरे प्रेम-विवाह की त्रासदी पर आधारित कहानी। वह डॉक्टर बेहद बेतकल्लुफ़ था। अपने दोस्तों पर बेहिसाब ख़र्च किया करता था। तभी उसकी एक औरत से दोस्ती हो...

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सूना आँगन- भाग 11 By Ratna Pandey

अभी तक आपने पढ़ा एक दिन ऊषा जब वैजयंती के साथ मंदिर जा रही थी तब उसने देखा कि कुछ गुंडे वैजयंती को तंग कर रहे हैं। ऊषा चिंतातुर हो गई वह सोचने लगी कि एक जवान विधवा का जीवन कितना मुश...

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भोला राम द्वितीय By BALDEV RAJ BHARTIYA

भोला राम द्वितीयबलदेव राज भारतीयभोलाराम द्वितीय इक्कीसवीं सदी के विलक्षण व्यक्ति हैं। भोलाराम अपने नाम के अनुरूप भोले भाले हैं। इनसे पहले एक और भोलाराम हुए हैं जिनका जीव यमदूतों को...

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छल - Story of love and betrayal - 35 By Sarvesh Saxena

ये सुनकर प्रेरित की आत्मा अपने बेटे के लिए तड़प उठी तभी प्रेरणा फिर बोली, " उसके बाद मैं और नितेश उठे, मैं तुम्हें मार डालना चाहती थी पर नीतेश ने कहा अब हमें गायब होना पड़ेगा, इस द...

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एक विवाह ऐसा भी By Jatin Tyagi

दहेज की मांग पूरी न होने, बारातियों की खातिरदारी पसंद के मुताबिक न होने या फिर लड़की और उसके परिवार में कोई कमी होने पर अक्सर लोग मंडप में पहुंचने और जयमाल होने के बावजूद शादियां तो...

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Real Incidents - Incident 9: Columnist By Anil Patel_Bunny

राहुल जैन आज बहुत नर्वस था। आज उसे चैनल के लिए एक बहुत ही खास इंसान का इंटरव्यू लेना था। वो खास इंसान और कोई नहीं बल्कि डॉक्टर अरमान मेहरा थे। डॉक्टर अरमान मेहरा शहर के नामी गायनेक...

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दोज़खी By Husn Tabassum nihan

हुस्न तबस्सुम निहाँ रहमत के घर फिर अचानक तोड़-फोड़ शुरू हो गई थी। लोग बाग दौड़ पड़े थे और बाहर-बाहर से ही जायजा लेने की कोशिश कर रहे थे। कुछ एक शरारती बच्चे एक कुतुहल लिए भीतर के बरामद...

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बात उस रात की By Neerja Pandey

नीरजा पांडे हॉस्टल से बाहर निकल बाउंड्री की दीवाल को पेड़ के सहारे फांद कर अक्षत ने एक लंबी सांस ली। बड़ी ही जद्दो जहद के बाद आखिर कार अक्षत आज फिर एक बार अपने वार्डन को चकमा देने...

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मधुप दंश By Aastha Rawat

मधुप दंश – आस्था रावतसुबह के साढ़े छह होने से पहले ही मेरी आंख अब खुल जाती थी।पर सुबह की गहरी नींद को छोड़ कर सैर के लिए जानामेरे लिए हमेशा से चुनौती पूर्ण रहा है।पर आजकल इस चुनौती...

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तिरिछ - (उदय प्रकाश की कहानी) By Saroj Verma

तिरिछ —उदय प्रकाश इस घटना का संबंध पिताजी से है। मेरे सपने से है और शहर से भी है। शहर के प्रति जो एक जन्म-जात भय होता है, उससे भी है। पिताजी तब पचपन साल के हुए थे। दुबला शरीर। बाल...

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मुक्ति By Saroj Prajapati

"चल यार आज तुझे दिल्ली की रंगीनियों दिखाते हैं ।" अमित के दोस्त ने हंसते हुए कहा। "मतलब!" "तू चल तो सही हमारे साथ। आज तू जिंदगी के भरपूर मजे लेना।" " मैं समझा नहीं !" अमित हैरानी स...

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अंतर्द्वंद्व By Rama Sharma Manavi

अक्सर एकांत पलों में जब मैं अपने लक्ष्य विहीन विगत जीवन का विश्लेषण करने लगती हूँ तो मन को एक अन्तर्द्वन्द से घिरा हुआ पाती हूँ।वैसे अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार तो व्यक्ति स्वयं ह...

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कर्मनाशा की हार--(शिवप्रसाद सिंह की कहानी) By Saroj Verma

काले सांप का काटा आदमी बच सकता है, हलाहल ज़हर पीने वाले की मौत रुक सकती है, किंतु जिस पौधे को एक बार कर्मनाशा का पानी छू ले, वह फिर हरा नहीं हो सकता. कर्मनाशा के बारे में किनारे के...

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तुम्हारा नाम (अंतिम भाग) By Kishanlal Sharma

और उनकी पढ़ाई पूरी हो गयी।कालेज की पढ़ाई पूरी होते ही मनीषा की शादी की बात होने लगी।तब वह पवन से मिली और बोली,"पवन घर मे मेरे रिश्ते की बात चल रही है।""एक ने एक दिन तो यह बात चलनी ही...

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प्रवासी पुत्र By BALDEV RAJ BHARTIYA

कहानीप्रवासी पुत्रबलदेव राज भारतीय*******************1*****************लंदन में रहते हुए शिवम का मन अब उठ चुका था। उसने घर वापसी का मन बना लिया। मगर वह शैली को कैसे मनाए? शैली के स...

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ब्लैकलिस्टर By Ranjana Jaiswal

लगभग बीस वर्ष बाद नीलम ने अनिकेत को फेसबुक पर देखा |उसने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी |चेहरा थोड़ा पहचाना लगा तो नीलम ने उसकी प्रोफाइल फोटो को जूम करके देखा |हाँ,वही था ,पर काफी बदल गया...

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जैसी करनी वैसी भरनी By सीमा बी.

जैसी करनी वैसी भरनी---- कहानी भोलाराम, बंसत कुमार और घनश्याम दास तीनो ही दिल्ली के सदर बाजार में एक ही लाइन में अपनी अपनी दुकान संभाल रहे थे। तीनो पड़ोसी होने के नाते एक दूसरे की इ...

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समुद्र की लहरें... By Saroj Verma

शाम का वक्त,मुम्बई शहर के एक घर में.... बता के तो जा कि कहाँ जा रहा है?लक्ष्य की माँ ने पूछा।। वहाँ जा रहा हूँ जहाँ थोड़ी देर शान्ति मिल सकें,मैं छुट्टियाँ बिताने घर क्या आ जाता हूँ...

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स्वीकृति - 12 By GAYATRI THAKUR

" दुनिया जिसे कहते हैं जादू का खिलौना है.. मिल जाए तो मिट्टी है खो जाए तो सोना है.. बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है " टैक्सी के अंदर निद...

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सरपँच जी By Rama Sharma Manavi

मेरी एक परिचिता राधा जी के पिताजी थे सरपँच भगवान जी।आज से लगभग 55-60 वर्ष पूर्व की कथा है यह,जो मैंने राधा जी की जुबानी सुनी थी,प्रस्तुत कर रही हूँ।वैसे,कहानी भले ही इतने पहले की ह...

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इसको भी चाँद छूने दो By prabhat samir

चुटपुटी आज चली गई। किसी ने उसे रोकने का प्रयत्न भी नहीं किया। अपने स्वार्थ के लिए उसके अबोध मन को झूठे वायदों और आश्वासनों की चाशनी में हमने लपेटा, अपने सुख और आराम के लिए अपनी, चि...

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आत्मनिर्भर भारत पर मेरे विचार By Jatin Tyagi

प्रस्तावना:आत्मनिर्भर होना एक युवा के साथ साथ एक देश और राज्य के लिए भी होना बहुत ही जरूरी है। क्योंकि जब देश आत्मनिर्भर होगा तो वह हमेशा ही अपने विकास के रास्ते पर नये कदम लेता रह...

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यादें.. By Saroj Verma

कितने साल बीत गए, आज मैं इतने सालों बाद गांव जा रहा हूं। इतने में बस रूकी और कंडक्टर की आवाज सुनाई दी_ चंदननगर की सवारी नीचे उतरो भाई!! सबके साथ मैं भी उतर पड़ा, नीचे उतर कर बसस्टै...

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देखी जमाने की यारी By Saroj Verma

भरभराते हुए इमरती बुआ(नाम पर मत जाइए बिल्कुल भी चासनी जैसी मीठी नहीं है,जहर का प्याला है.. ज़हर का प्याला), दरवाजे से भीतर घुसी और घुसते ही बोल पड़ी__ "ई का हुई गवा लल्ला, कौन ठोक...

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मां By kirti chaturvedi

यह मर्मस्पर्शी संस्मरणात्मक कहानी मेरी मां श्रीमती सुमन चतुर्वेदी द्वारा एक सत्य घटना पर लिखी गई थी। तब यह कहानी दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित हुई थी। शासकीय हाईस्कूल में हिंदी की...

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किलकारी - अंतिम भाग By Ratna Pandey

अभी तक आपने पढ़ा विजय के लाख समझाने के बाद भी पारस ने अपना फ़ैसला नहीं बदला। उसके इस फ़ैसले और बातें सुनकर अब विमला, अदिति और छोटी बहुत ख़ुश थे। अदिति ने कहा, "तुम सच कह रहे हो विजय। प...

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सहारा By Pushp Saini

लघुकथा ( सहारा )--------------------------------किशोर ने दफ़्तर से आते ही ब्रिफकेश सोफे पर रखा, हाथ मुँह धोयें इतनी देर में पल्लवी उसके लिए चाय बना लायी ।किशोर ---- सच तुम्हारे हाथ...

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सोच की ऊँचाइयाँ... By Saroj Verma

अम्बर ने अपने घर पर फोन किया.... उधर से उसकी पत्नी सुप्रिया ने फोन उठाकर हैलों बोला और पूछा... जी कहिए.... हाँ,सुप्रिया ! मैने इसलिए फोन किया था कि आज शाम कुछ जरूरी मीटिंग है और मी...

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क़ीमे की बजाय बोटियाँ--(सहादत हसन मंटो की कहानी) By Saroj Verma

स्टोरीलाइन एक मद्रासी डॉक्टर के दूसरे प्रेम-विवाह की त्रासदी पर आधारित कहानी। वह डॉक्टर बेहद बेतकल्लुफ़ था। अपने दोस्तों पर बेहिसाब ख़र्च किया करता था। तभी उसकी एक औरत से दोस्ती हो...

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सूना आँगन- भाग 11 By Ratna Pandey

अभी तक आपने पढ़ा एक दिन ऊषा जब वैजयंती के साथ मंदिर जा रही थी तब उसने देखा कि कुछ गुंडे वैजयंती को तंग कर रहे हैं। ऊषा चिंतातुर हो गई वह सोचने लगी कि एक जवान विधवा का जीवन कितना मुश...

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भोला राम द्वितीय By BALDEV RAJ BHARTIYA

भोला राम द्वितीयबलदेव राज भारतीयभोलाराम द्वितीय इक्कीसवीं सदी के विलक्षण व्यक्ति हैं। भोलाराम अपने नाम के अनुरूप भोले भाले हैं। इनसे पहले एक और भोलाराम हुए हैं जिनका जीव यमदूतों को...

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छल - Story of love and betrayal - 35 By Sarvesh Saxena

ये सुनकर प्रेरित की आत्मा अपने बेटे के लिए तड़प उठी तभी प्रेरणा फिर बोली, " उसके बाद मैं और नितेश उठे, मैं तुम्हें मार डालना चाहती थी पर नीतेश ने कहा अब हमें गायब होना पड़ेगा, इस द...

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एक विवाह ऐसा भी By Jatin Tyagi

दहेज की मांग पूरी न होने, बारातियों की खातिरदारी पसंद के मुताबिक न होने या फिर लड़की और उसके परिवार में कोई कमी होने पर अक्सर लोग मंडप में पहुंचने और जयमाल होने के बावजूद शादियां तो...

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Real Incidents - Incident 9: Columnist By Anil Patel_Bunny

राहुल जैन आज बहुत नर्वस था। आज उसे चैनल के लिए एक बहुत ही खास इंसान का इंटरव्यू लेना था। वो खास इंसान और कोई नहीं बल्कि डॉक्टर अरमान मेहरा थे। डॉक्टर अरमान मेहरा शहर के नामी गायनेक...

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दोज़खी By Husn Tabassum nihan

हुस्न तबस्सुम निहाँ रहमत के घर फिर अचानक तोड़-फोड़ शुरू हो गई थी। लोग बाग दौड़ पड़े थे और बाहर-बाहर से ही जायजा लेने की कोशिश कर रहे थे। कुछ एक शरारती बच्चे एक कुतुहल लिए भीतर के बरामद...

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बात उस रात की By Neerja Pandey

नीरजा पांडे हॉस्टल से बाहर निकल बाउंड्री की दीवाल को पेड़ के सहारे फांद कर अक्षत ने एक लंबी सांस ली। बड़ी ही जद्दो जहद के बाद आखिर कार अक्षत आज फिर एक बार अपने वार्डन को चकमा देने...

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मधुप दंश By Aastha Rawat

मधुप दंश – आस्था रावतसुबह के साढ़े छह होने से पहले ही मेरी आंख अब खुल जाती थी।पर सुबह की गहरी नींद को छोड़ कर सैर के लिए जानामेरे लिए हमेशा से चुनौती पूर्ण रहा है।पर आजकल इस चुनौती...

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तिरिछ - (उदय प्रकाश की कहानी) By Saroj Verma

तिरिछ —उदय प्रकाश इस घटना का संबंध पिताजी से है। मेरे सपने से है और शहर से भी है। शहर के प्रति जो एक जन्म-जात भय होता है, उससे भी है। पिताजी तब पचपन साल के हुए थे। दुबला शरीर। बाल...

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"चल यार आज तुझे दिल्ली की रंगीनियों दिखाते हैं ।" अमित के दोस्त ने हंसते हुए कहा। "मतलब!" "तू चल तो सही हमारे साथ। आज तू जिंदगी के भरपूर मजे लेना।" " मैं समझा नहीं !" अमित हैरानी स...

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अक्सर एकांत पलों में जब मैं अपने लक्ष्य विहीन विगत जीवन का विश्लेषण करने लगती हूँ तो मन को एक अन्तर्द्वन्द से घिरा हुआ पाती हूँ।वैसे अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार तो व्यक्ति स्वयं ह...

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कर्मनाशा की हार--(शिवप्रसाद सिंह की कहानी) By Saroj Verma

काले सांप का काटा आदमी बच सकता है, हलाहल ज़हर पीने वाले की मौत रुक सकती है, किंतु जिस पौधे को एक बार कर्मनाशा का पानी छू ले, वह फिर हरा नहीं हो सकता. कर्मनाशा के बारे में किनारे के...

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तुम्हारा नाम (अंतिम भाग) By Kishanlal Sharma

और उनकी पढ़ाई पूरी हो गयी।कालेज की पढ़ाई पूरी होते ही मनीषा की शादी की बात होने लगी।तब वह पवन से मिली और बोली,"पवन घर मे मेरे रिश्ते की बात चल रही है।""एक ने एक दिन तो यह बात चलनी ही...

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प्रवासी पुत्र By BALDEV RAJ BHARTIYA

कहानीप्रवासी पुत्रबलदेव राज भारतीय*******************1*****************लंदन में रहते हुए शिवम का मन अब उठ चुका था। उसने घर वापसी का मन बना लिया। मगर वह शैली को कैसे मनाए? शैली के स...

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लगभग बीस वर्ष बाद नीलम ने अनिकेत को फेसबुक पर देखा |उसने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी |चेहरा थोड़ा पहचाना लगा तो नीलम ने उसकी प्रोफाइल फोटो को जूम करके देखा |हाँ,वही था ,पर काफी बदल गया...

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जैसी करनी वैसी भरनी By सीमा बी.

जैसी करनी वैसी भरनी---- कहानी भोलाराम, बंसत कुमार और घनश्याम दास तीनो ही दिल्ली के सदर बाजार में एक ही लाइन में अपनी अपनी दुकान संभाल रहे थे। तीनो पड़ोसी होने के नाते एक दूसरे की इ...

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समुद्र की लहरें... By Saroj Verma

शाम का वक्त,मुम्बई शहर के एक घर में.... बता के तो जा कि कहाँ जा रहा है?लक्ष्य की माँ ने पूछा।। वहाँ जा रहा हूँ जहाँ थोड़ी देर शान्ति मिल सकें,मैं छुट्टियाँ बिताने घर क्या आ जाता हूँ...

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सरपँच जी By Rama Sharma Manavi

मेरी एक परिचिता राधा जी के पिताजी थे सरपँच भगवान जी।आज से लगभग 55-60 वर्ष पूर्व की कथा है यह,जो मैंने राधा जी की जुबानी सुनी थी,प्रस्तुत कर रही हूँ।वैसे,कहानी भले ही इतने पहले की ह...

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आत्मनिर्भर भारत पर मेरे विचार By Jatin Tyagi

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कितने साल बीत गए, आज मैं इतने सालों बाद गांव जा रहा हूं। इतने में बस रूकी और कंडक्टर की आवाज सुनाई दी_ चंदननगर की सवारी नीचे उतरो भाई!! सबके साथ मैं भी उतर पड़ा, नीचे उतर कर बसस्टै...

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देखी जमाने की यारी By Saroj Verma

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मां By kirti chaturvedi

यह मर्मस्पर्शी संस्मरणात्मक कहानी मेरी मां श्रीमती सुमन चतुर्वेदी द्वारा एक सत्य घटना पर लिखी गई थी। तब यह कहानी दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित हुई थी। शासकीय हाईस्कूल में हिंदी की...

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किलकारी - अंतिम भाग By Ratna Pandey

अभी तक आपने पढ़ा विजय के लाख समझाने के बाद भी पारस ने अपना फ़ैसला नहीं बदला। उसके इस फ़ैसले और बातें सुनकर अब विमला, अदिति और छोटी बहुत ख़ुश थे। अदिति ने कहा, "तुम सच कह रहे हो विजय। प...

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सहारा By Pushp Saini

लघुकथा ( सहारा )--------------------------------किशोर ने दफ़्तर से आते ही ब्रिफकेश सोफे पर रखा, हाथ मुँह धोयें इतनी देर में पल्लवी उसके लिए चाय बना लायी ।किशोर ---- सच तुम्हारे हाथ...

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सोच की ऊँचाइयाँ... By Saroj Verma

अम्बर ने अपने घर पर फोन किया.... उधर से उसकी पत्नी सुप्रिया ने फोन उठाकर हैलों बोला और पूछा... जी कहिए.... हाँ,सुप्रिया ! मैने इसलिए फोन किया था कि आज शाम कुछ जरूरी मीटिंग है और मी...

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