सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • एक वार्तालाप

    गंगा, यमुना और सरस्वती तीनों बहनें सदियों से धरा पर अपना सौंदर्य बिखेर रही हैं।...

  • वो कौन था--अन्तिम भाग

    इधर कभी लोग रहमत माई को भड़काते और वो ख़ुदा का कहर बन जाती। न अच्छी तरह सुन न दे...

  • खुली खिड़की...

    मैं अभी पिछले हफ्ते ही इस फ्लैट में रहने आया हूँ,रोड के किनारे ही पहली मंजिल पर...

युगांतर - भाग 1 By Dr Dilbagh Virk

शहर से दूर, गाँव से बाहर, महलनुमा हवेली यादवेन्द्र की है। यह सिर्फ भूगौलिक रूप से ही गाँव व शहर से अलग नहीं है, बल्कि सामाजिक रूप से भी यह गाँव और शहर से कटी हुई है। क्यों कटी हुई...

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एक नया रास्ता - 2 By Kishanlal Sharma

कल्पना बोली,"मैं जानती हूँ तुम मुझे नही मिलोगे।पर मैं गर्भपात नही करूंगी""फिर क्या करोगी?""मैं गर्भपात कराने से बेहतर कुंवारी माँ बनना पसन्द करूंगी।"कल्पना अपनी बात कहकर चली गयी थी...

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एक वार्तालाप By Ratna Pandey

गंगा, यमुना और सरस्वती तीनों बहनें सदियों से धरा पर अपना सौंदर्य बिखेर रही हैं। इंसानों, पशु-पक्षियों, जीव-जंतुओं, सभी को जीवन दान दे रही हैं। हर रोज़ तीनों बहनें एक स्थान पर ज़रूर...

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पकडौवा - थोपी गयी दुल्हन - 12 - अंतिम भाग By Kishanlal Sharma

"मैं नही मानता"""अनुपम यह तुम्हारे मानने का सवाल नही है।यह हमारी संस्कृति है,रीति रिवाज है,परंपराएं है।""रानी तुम जानती हो।मैं तुमसे प्यार करता हूँ।तुम्हे अपनी बनाना चाहता हूँ।""अन...

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काल चक्र By Narendra Rajput

काल चक्र यह एक छोटी सी कहानी लिखने का बस एक ही उद्देश्य है की इसे पढ़ने के बाद शायद कोई आत्महत्या न करे। आप सब से बिनती है की ज्यादा से ज्यादा लोगो तक इस कहानी को पहुंचाए।  किसी एक...

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वो कौन था--अन्तिम भाग By Saroj Verma

इधर कभी लोग रहमत माई को भड़काते और वो ख़ुदा का कहर बन जाती। न अच्छी तरह सुन न देख पाए, न हाथ-पैरों पर काबू। एकदम गाली-गलौच पर उतर आई कि बौखला कर ठाकुर साहब उसे एक के बजाय दोनों बच्...

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खुली खिड़की... By Saroj Verma

मैं अभी पिछले हफ्ते ही इस फ्लैट में रहने आया हूँ,रोड के किनारे ही पहली मंजिल पर मुझे फ्लैट मिला है,चूँकि मैं अकेला हूँ इसलिए वन बी.एच.के. पर्याप्त था मेरे रहने के लिए,बड़ी मुश्किलों...

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प्रतीक्षा (अंतिम भाग) By Kishanlal Sharma

माया का पति रमन चंडीगढ़ में इंजीनियर था।और शादी के बाद माया अपने ससुराल चली गई",सही कह रहे हो।लेकिन वह सब अतीत की बात है।अधूरा सपना। रुंंंधध गले से माया बोली।दुख और अवसाद की रेखाएं...

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लोग क्या कहेंगे ? By Praveen Kumrawat

ऋषि एक रेस्टोरेंट में एंटर होता है?फ्रेंड्स : ओह! ऋषि तुम आ गए। हमे लगा कि तुम नही आओगे।ऋषि : मम्मी से बहाना बना कर आया हूं। उन्हें पता चला कि मैं हुक्का बार में हूं तो..तुषार : कम...

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आंसु पश्चाताप के - भाग 10 By Deepak Singh

आंसु पश्चाताप के, भाग 10समय बीतता गया दिन निकलते गये राहुल और निकी का आपसी प्रेम बढ़ता गया और ईसी बीच राहुल का जन्मदिन भी नजदीक आ गया । राहुल की मम्मी का माँ का फोन आया , " हैलो रा...

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अपाहिज़ By Shrikar Dixit

सबको सब कुछ वो खुदा नहीं देता है,हर इंसान को कुछ ना कुछ कमी देता है।इंसान ने दुनिया में काफी तरक्की कर ली, धरती से आसमान का सफ़र कर लिया,चांद पर पहुंच गया,मगर इंसान की मानसिकता नही...

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अनोखा प्रस्ताव - 2 (अंतिम) By Kishanlal Sharma

शेखर के उतेजित होने पर भी वर्षा ने उसकी बात का जवाब शांत स्वर में दिया था"क्या कह रही हो डार्लिंग?"गिरगिट की तरह रंग बदलते हुए वर्षा की तरफ खिसकते हुए प्यार से बोला।"सच कह रही हूँ।...

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पेज 3 समाज सेवा By prabhat samir

डाॅ प्रभात समीर ' जीवन विहार ' नाम की इस कॉलोनी में जाने के लिए पक्की सड़क से मुड़कर थोड़ा सा कच्चा रास्ता पार करना पड़ता था । इस कॉलोनी में एक ही ऑफिस के लगभग 30-40 घर बने...

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धर्म युद्ध By Dinesh Tripathi

विजया दशमी का शुभ दिन, सभी लोग जवारा निकालने की तैयारी में जुटने लगे।ढोल,नगारे, शंख,घण्टा आदि सभी संगीत के आयाम मौजूद थे।माँ दुर्गे की प्रतिमा सुसज्जित रथ पर खड़ी जैसे अपने भक्तों प...

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बिटिया By Sharovan

बिटिया कहानी / शरोवन *** ‘जीवन के रास्ते चलने वालों को कहॉ से कहॉ पहुंचा सकते हैं? इसकी पहले से कोई कल्पना भी नहीं कर पाता है। बदले की भावना में अंगार बना-बैठा मानव जब खुद एक दिन प...

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लोग क्या सोचेंगे? By Praveen Kumrawat

दोस्तो! जीवन में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घट जाती हैं जो हमें दुविधा में डाल देती हैं और मन में कई प्रकार के प्रश्न उठने लगते हैं। जैसे कि जो मैं कर रहा हूँ वह सही तो है ना? मैंने जो फील...

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शेष जीवन (कहानियां पार्ट 29) By Kishanlal Sharma

सायरा अपना कप उठाते हुए बोली,"आजकल तुम कहाँ हो?""तीस साल पहले पोर्ट ब्लेयर गया था।वही हूँ।""तो क्या इधर आने का इरादा नही है?""नही सायरा।अब तो मै वहाँ का होकर ही रह गया हूँ,"चाय पीत...

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अनीश निकेतन (एक प्यारा सा घर) By धरमा

अनीश निकेतन (एक प्यारा सा घर) हम दो भाई बचे थे एक ही मकान में रहते हैं, मैं पहली मंजिल पर और भैया निचली मंजिल पर। पता नही हम दोनों भाई कब एक दूसरे से दूर होते गए, एक ही मकान में रह...

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राणा हरराय चौहान By दिनू

हरियाणा के संस्थापक क्षत्रिय राजपूत सम्राट राणा हरराय चौहान जी ।। मित्रों आज हम आपको चौहान वंश के ऐसे वीर यौद्धा की गाथा सुनाएंगे जिनके बारे आज बहुत कम लोग जानते हैं,एक समय हरियाणा...

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हिंदी भाषा की विडंबना By RICHA TIWARI

एक दिन में भोपाल के बहुत ही प्रसिद्ध और जाने-माने निजी विश्वविद्यालय में इतिहास के सहायक प्राध्यापक का इंटरव्यू देने गई । जैसे ही मैंने वहां पर इंटरव्यू के लिए अंदर प्रवेश किया, वह...

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फोस्टर चाइल्ड By Sharovan

फोस्टर चाइल्ड- 'क्या नाम है तुम्हारा?''आपको मालुम है कि मेरा नाम क्या है?''फिर भी मैं तुमसे पूछता हूँ?''क्यों?''यह इस कोर्ट का नियम है कि आरोपी...

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निर्मलधारा By Sharovan

निर्मलधारा कहानी / शरोवन वर्षों के बाद जब एक बार फिर से मुझे दंदियाबाड़ा कि भीषण गर्मी और कानों की कनपटियों को अपनी तमतमाती गर्म और पसीने से परेशान करती हुई लू से वास्ता करना पड़ा तो...

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बहुत करीब मंजिल - भाग 12 - अंतिम भाग By Sunita Bishnolia

नन्नू का इस तरह दादी के कमरे में जाकर तारा को बुलाना माँ-पिताजी और चंदा की धकड़ने बढ़ा रहा था। वो एक-दूसरे को प्रश्नवाचक दृष्टि से देख रहे थे कि क्या जवाब दें नन्नू को, कहाँ है इसकी...

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युगांतर - भाग 1 By Dr Dilbagh Virk

शहर से दूर, गाँव से बाहर, महलनुमा हवेली यादवेन्द्र की है। यह सिर्फ भूगौलिक रूप से ही गाँव व शहर से अलग नहीं है, बल्कि सामाजिक रूप से भी यह गाँव और शहर से कटी हुई है। क्यों कटी हुई...

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एक नया रास्ता - 2 By Kishanlal Sharma

कल्पना बोली,"मैं जानती हूँ तुम मुझे नही मिलोगे।पर मैं गर्भपात नही करूंगी""फिर क्या करोगी?""मैं गर्भपात कराने से बेहतर कुंवारी माँ बनना पसन्द करूंगी।"कल्पना अपनी बात कहकर चली गयी थी...

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एक वार्तालाप By Ratna Pandey

गंगा, यमुना और सरस्वती तीनों बहनें सदियों से धरा पर अपना सौंदर्य बिखेर रही हैं। इंसानों, पशु-पक्षियों, जीव-जंतुओं, सभी को जीवन दान दे रही हैं। हर रोज़ तीनों बहनें एक स्थान पर ज़रूर...

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पकडौवा - थोपी गयी दुल्हन - 12 - अंतिम भाग By Kishanlal Sharma

"मैं नही मानता"""अनुपम यह तुम्हारे मानने का सवाल नही है।यह हमारी संस्कृति है,रीति रिवाज है,परंपराएं है।""रानी तुम जानती हो।मैं तुमसे प्यार करता हूँ।तुम्हे अपनी बनाना चाहता हूँ।""अन...

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काल चक्र By Narendra Rajput

काल चक्र यह एक छोटी सी कहानी लिखने का बस एक ही उद्देश्य है की इसे पढ़ने के बाद शायद कोई आत्महत्या न करे। आप सब से बिनती है की ज्यादा से ज्यादा लोगो तक इस कहानी को पहुंचाए।  किसी एक...

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वो कौन था--अन्तिम भाग By Saroj Verma

इधर कभी लोग रहमत माई को भड़काते और वो ख़ुदा का कहर बन जाती। न अच्छी तरह सुन न देख पाए, न हाथ-पैरों पर काबू। एकदम गाली-गलौच पर उतर आई कि बौखला कर ठाकुर साहब उसे एक के बजाय दोनों बच्...

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खुली खिड़की... By Saroj Verma

मैं अभी पिछले हफ्ते ही इस फ्लैट में रहने आया हूँ,रोड के किनारे ही पहली मंजिल पर मुझे फ्लैट मिला है,चूँकि मैं अकेला हूँ इसलिए वन बी.एच.के. पर्याप्त था मेरे रहने के लिए,बड़ी मुश्किलों...

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माया का पति रमन चंडीगढ़ में इंजीनियर था।और शादी के बाद माया अपने ससुराल चली गई",सही कह रहे हो।लेकिन वह सब अतीत की बात है।अधूरा सपना। रुंंंधध गले से माया बोली।दुख और अवसाद की रेखाएं...

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ऋषि एक रेस्टोरेंट में एंटर होता है?फ्रेंड्स : ओह! ऋषि तुम आ गए। हमे लगा कि तुम नही आओगे।ऋषि : मम्मी से बहाना बना कर आया हूं। उन्हें पता चला कि मैं हुक्का बार में हूं तो..तुषार : कम...

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आंसु पश्चाताप के - भाग 10 By Deepak Singh

आंसु पश्चाताप के, भाग 10समय बीतता गया दिन निकलते गये राहुल और निकी का आपसी प्रेम बढ़ता गया और ईसी बीच राहुल का जन्मदिन भी नजदीक आ गया । राहुल की मम्मी का माँ का फोन आया , " हैलो रा...

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अपाहिज़ By Shrikar Dixit

सबको सब कुछ वो खुदा नहीं देता है,हर इंसान को कुछ ना कुछ कमी देता है।इंसान ने दुनिया में काफी तरक्की कर ली, धरती से आसमान का सफ़र कर लिया,चांद पर पहुंच गया,मगर इंसान की मानसिकता नही...

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अनोखा प्रस्ताव - 2 (अंतिम) By Kishanlal Sharma

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बिटिया By Sharovan

बिटिया कहानी / शरोवन *** ‘जीवन के रास्ते चलने वालों को कहॉ से कहॉ पहुंचा सकते हैं? इसकी पहले से कोई कल्पना भी नहीं कर पाता है। बदले की भावना में अंगार बना-बैठा मानव जब खुद एक दिन प...

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दोस्तो! जीवन में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घट जाती हैं जो हमें दुविधा में डाल देती हैं और मन में कई प्रकार के प्रश्न उठने लगते हैं। जैसे कि जो मैं कर रहा हूँ वह सही तो है ना? मैंने जो फील...

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शेष जीवन (कहानियां पार्ट 29) By Kishanlal Sharma

सायरा अपना कप उठाते हुए बोली,"आजकल तुम कहाँ हो?""तीस साल पहले पोर्ट ब्लेयर गया था।वही हूँ।""तो क्या इधर आने का इरादा नही है?""नही सायरा।अब तो मै वहाँ का होकर ही रह गया हूँ,"चाय पीत...

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अनीश निकेतन (एक प्यारा सा घर) हम दो भाई बचे थे एक ही मकान में रहते हैं, मैं पहली मंजिल पर और भैया निचली मंजिल पर। पता नही हम दोनों भाई कब एक दूसरे से दूर होते गए, एक ही मकान में रह...

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राणा हरराय चौहान By दिनू

हरियाणा के संस्थापक क्षत्रिय राजपूत सम्राट राणा हरराय चौहान जी ।। मित्रों आज हम आपको चौहान वंश के ऐसे वीर यौद्धा की गाथा सुनाएंगे जिनके बारे आज बहुत कम लोग जानते हैं,एक समय हरियाणा...

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फोस्टर चाइल्ड By Sharovan

फोस्टर चाइल्ड- 'क्या नाम है तुम्हारा?''आपको मालुम है कि मेरा नाम क्या है?''फिर भी मैं तुमसे पूछता हूँ?''क्यों?''यह इस कोर्ट का नियम है कि आरोपी...

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निर्मलधारा By Sharovan

निर्मलधारा कहानी / शरोवन वर्षों के बाद जब एक बार फिर से मुझे दंदियाबाड़ा कि भीषण गर्मी और कानों की कनपटियों को अपनी तमतमाती गर्म और पसीने से परेशान करती हुई लू से वास्ता करना पड़ा तो...

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बहुत करीब मंजिल - भाग 12 - अंतिम भाग By Sunita Bishnolia

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