सामाजिक कहानियां कहानियाँ पढ़े और PDF में डाउनलोड करे

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • पकडौवा - थोपी गयी दुल्हन - 11

    और अनुपम सोच में पड़ गया।कोई निर्णय ले पाता उससे पहले रानी आ गयी"अरे तुम ने शादी...

  • वो कौन था--अन्तिम भाग

    इधर कभी लोग रहमत माई को भड़काते और वो ख़ुदा का कहर बन जाती। न अच्छी तरह सुन न दे...

  • खुली खिड़की...

    मैं अभी पिछले हफ्ते ही इस फ्लैट में रहने आया हूँ,रोड के किनारे ही पहली मंजिल पर...

पकडौवा - थोपी गयी दुल्हन - 11 By Kishanlal Sharma

और अनुपम सोच में पड़ गया।कोई निर्णय ले पाता उससे पहले रानी आ गयी"अरे तुम ने शादी कर ली?"रानी,छाया को देखकर आश्चर्य से बोली,"मुझे खबर नही की।""नही।शादी अभी नही की।""फिर यह कौन?""अभी...

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वो कौन था--अन्तिम भाग By Saroj Verma

इधर कभी लोग रहमत माई को भड़काते और वो ख़ुदा का कहर बन जाती। न अच्छी तरह सुन न देख पाए, न हाथ-पैरों पर काबू। एकदम गाली-गलौच पर उतर आई कि बौखला कर ठाकुर साहब उसे एक के बजाय दोनों बच्...

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खुली खिड़की... By Saroj Verma

मैं अभी पिछले हफ्ते ही इस फ्लैट में रहने आया हूँ,रोड के किनारे ही पहली मंजिल पर मुझे फ्लैट मिला है,चूँकि मैं अकेला हूँ इसलिए वन बी.एच.के. पर्याप्त था मेरे रहने के लिए,बड़ी मुश्किलों...

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प्रतीक्षा (अंतिम भाग) By Kishanlal Sharma

माया का पति रमन चंडीगढ़ में इंजीनियर था।और शादी के बाद माया अपने ससुराल चली गई",सही कह रहे हो।लेकिन वह सब अतीत की बात है।अधूरा सपना। रुंंंधध गले से माया बोली।दुख और अवसाद की रेखाएं...

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लोग क्या कहेंगे ? By Praveen Kumrawat

ऋषि एक रेस्टोरेंट में एंटर होता है?फ्रेंड्स : ओह! ऋषि तुम आ गए। हमे लगा कि तुम नही आओगे।ऋषि : मम्मी से बहाना बना कर आया हूं। उन्हें पता चला कि मैं हुक्का बार में हूं तो..तुषार : कम...

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आंसु पश्चाताप के - भाग 10 By Deepak Singh

आंसु पश्चाताप के, भाग 10समय बीतता गया दिन निकलते गये राहुल और निकी का आपसी प्रेम बढ़ता गया और ईसी बीच राहुल का जन्मदिन भी नजदीक आ गया । राहुल की मम्मी का माँ का फोन आया , " हैलो रा...

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अपाहिज़ By Shrikar Dixit

सबको सब कुछ वो खुदा नहीं देता है,हर इंसान को कुछ ना कुछ कमी देता है।इंसान ने दुनिया में काफी तरक्की कर ली, धरती से आसमान का सफ़र कर लिया,चांद पर पहुंच गया,मगर इंसान की मानसिकता नही...

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अनोखा प्रस्ताव - 2 (अंतिम) By Kishanlal Sharma

शेखर के उतेजित होने पर भी वर्षा ने उसकी बात का जवाब शांत स्वर में दिया था"क्या कह रही हो डार्लिंग?"गिरगिट की तरह रंग बदलते हुए वर्षा की तरफ खिसकते हुए प्यार से बोला।"सच कह रही हूँ।...

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पेज 3 समाज सेवा By prabhat samir

डाॅ प्रभात समीर ' जीवन विहार ' नाम की इस कॉलोनी में जाने के लिए पक्की सड़क से मुड़कर थोड़ा सा कच्चा रास्ता पार करना पड़ता था । इस कॉलोनी में एक ही ऑफिस के लगभग 30-40 घर बने...

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धर्म युद्ध By Dinesh Tripathi

विजया दशमी का शुभ दिन, सभी लोग जवारा निकालने की तैयारी में जुटने लगे।ढोल,नगारे, शंख,घण्टा आदि सभी संगीत के आयाम मौजूद थे।माँ दुर्गे की प्रतिमा सुसज्जित रथ पर खड़ी जैसे अपने भक्तों प...

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बिटिया By Sharovan

बिटिया कहानी / शरोवन *** ‘जीवन के रास्ते चलने वालों को कहॉ से कहॉ पहुंचा सकते हैं? इसकी पहले से कोई कल्पना भी नहीं कर पाता है। बदले की भावना में अंगार बना-बैठा मानव जब खुद एक दिन प...

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लोग क्या सोचेंगे? By Praveen Kumrawat

दोस्तो! जीवन में कभी-कभी ऐसी घटनाएँ घट जाती हैं जो हमें दुविधा में डाल देती हैं और मन में कई प्रकार के प्रश्न उठने लगते हैं। जैसे कि जो मैं कर रहा हूँ वह सही तो है ना? मैंने जो फील...

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शेष जीवन (कहानियां पार्ट 29) By Kishanlal Sharma

सायरा अपना कप उठाते हुए बोली,"आजकल तुम कहाँ हो?""तीस साल पहले पोर्ट ब्लेयर गया था।वही हूँ।""तो क्या इधर आने का इरादा नही है?""नही सायरा।अब तो मै वहाँ का होकर ही रह गया हूँ,"चाय पीत...

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अनीश निकेतन (एक प्यारा सा घर) By धरमा

अनीश निकेतन (एक प्यारा सा घर) हम दो भाई बचे थे एक ही मकान में रहते हैं, मैं पहली मंजिल पर और भैया निचली मंजिल पर। पता नही हम दोनों भाई कब एक दूसरे से दूर होते गए, एक ही मकान में रह...

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राणा हरराय चौहान By दिनू

हरियाणा के संस्थापक क्षत्रिय राजपूत सम्राट राणा हरराय चौहान जी ।। मित्रों आज हम आपको चौहान वंश के ऐसे वीर यौद्धा की गाथा सुनाएंगे जिनके बारे आज बहुत कम लोग जानते हैं,एक समय हरियाणा...

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हिंदी भाषा की विडंबना By RICHA TIWARI

एक दिन में भोपाल के बहुत ही प्रसिद्ध और जाने-माने निजी विश्वविद्यालय में इतिहास के सहायक प्राध्यापक का इंटरव्यू देने गई । जैसे ही मैंने वहां पर इंटरव्यू के लिए अंदर प्रवेश किया, वह...

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फोस्टर चाइल्ड By Sharovan

फोस्टर चाइल्ड- 'क्या नाम है तुम्हारा?''आपको मालुम है कि मेरा नाम क्या है?''फिर भी मैं तुमसे पूछता हूँ?''क्यों?''यह इस कोर्ट का नियम है कि आरोपी...

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निर्मलधारा By Sharovan

निर्मलधारा कहानी / शरोवन वर्षों के बाद जब एक बार फिर से मुझे दंदियाबाड़ा कि भीषण गर्मी और कानों की कनपटियों को अपनी तमतमाती गर्म और पसीने से परेशान करती हुई लू से वास्ता करना पड़ा तो...

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बहुत करीब मंजिल - भाग 12 - अंतिम भाग By Sunita Bishnolia

नन्नू का इस तरह दादी के कमरे में जाकर तारा को बुलाना माँ-पिताजी और चंदा की धकड़ने बढ़ा रहा था। वो एक-दूसरे को प्रश्नवाचक दृष्टि से देख रहे थे कि क्या जवाब दें नन्नू को, कहाँ है इसकी...

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गुरु घासीदास जयंती से सामाजिक विकास की बात By Manjre Manjre

     छत्तीसगढ़ में सतनामियों के लिए गुरु घासीदास जयंती का उपलक्ष्य एक बहुत बड़ा आयोजन और अवसर होता है. क्योंकि, वे लोग गुरु घासीदास जी के अनुयायी तथा सतनामी धर्म के मानने वाले होते ह...

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खुशीयों की दिवाली By दिनू

आज जब चारों ओर भाग- दौड़ मची हुई है। कैरियर को लेकर कितनी अथक मेहनत करनी पड़ती है। बड़ी मुश्किल से जब हम जब किसी पद प्रतिष्ठा में स्थापित हो पाते है। तब हमारी आकांक्षाए बढ़ जाती है। पह...

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माँ की ममता By धरमा

न्यायालय में एक मुकद्दमा आया ,जिसने सभी को झकझोर दिया |अदालतों में प्रॉपर्टी विवाद व अन्य पारिवारिक विवाद के केस आते ही रहते हैं| मगर ये मामला बहुत ही अलग किस्म का था|एक 70 साल के...

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भंगिन By Sharovan

भंगिन शरोवन की एक ज्वलंत कहानी अचानक से आकाश में जैसे भटकी हुई बदलियों ने चमकते हुये चन्द्रमा के मुख पर अपनी चादर डाल दी तो पल भर में ही सारा आलम फैली हुई स्याही के रंग में नहा गया...

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पकडौवा - थोपी गयी दुल्हन - 11 By Kishanlal Sharma

और अनुपम सोच में पड़ गया।कोई निर्णय ले पाता उससे पहले रानी आ गयी"अरे तुम ने शादी कर ली?"रानी,छाया को देखकर आश्चर्य से बोली,"मुझे खबर नही की।""नही।शादी अभी नही की।""फिर यह कौन?""अभी...

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इधर कभी लोग रहमत माई को भड़काते और वो ख़ुदा का कहर बन जाती। न अच्छी तरह सुन न देख पाए, न हाथ-पैरों पर काबू। एकदम गाली-गलौच पर उतर आई कि बौखला कर ठाकुर साहब उसे एक के बजाय दोनों बच्...

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खुली खिड़की... By Saroj Verma

मैं अभी पिछले हफ्ते ही इस फ्लैट में रहने आया हूँ,रोड के किनारे ही पहली मंजिल पर मुझे फ्लैट मिला है,चूँकि मैं अकेला हूँ इसलिए वन बी.एच.के. पर्याप्त था मेरे रहने के लिए,बड़ी मुश्किलों...

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प्रतीक्षा (अंतिम भाग) By Kishanlal Sharma

माया का पति रमन चंडीगढ़ में इंजीनियर था।और शादी के बाद माया अपने ससुराल चली गई",सही कह रहे हो।लेकिन वह सब अतीत की बात है।अधूरा सपना। रुंंंधध गले से माया बोली।दुख और अवसाद की रेखाएं...

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आंसु पश्चाताप के - भाग 10 By Deepak Singh

आंसु पश्चाताप के, भाग 10समय बीतता गया दिन निकलते गये राहुल और निकी का आपसी प्रेम बढ़ता गया और ईसी बीच राहुल का जन्मदिन भी नजदीक आ गया । राहुल की मम्मी का माँ का फोन आया , " हैलो रा...

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अपाहिज़ By Shrikar Dixit

सबको सब कुछ वो खुदा नहीं देता है,हर इंसान को कुछ ना कुछ कमी देता है।इंसान ने दुनिया में काफी तरक्की कर ली, धरती से आसमान का सफ़र कर लिया,चांद पर पहुंच गया,मगर इंसान की मानसिकता नही...

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अनोखा प्रस्ताव - 2 (अंतिम) By Kishanlal Sharma

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धर्म युद्ध By Dinesh Tripathi

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बिटिया By Sharovan

बिटिया कहानी / शरोवन *** ‘जीवन के रास्ते चलने वालों को कहॉ से कहॉ पहुंचा सकते हैं? इसकी पहले से कोई कल्पना भी नहीं कर पाता है। बदले की भावना में अंगार बना-बैठा मानव जब खुद एक दिन प...

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राणा हरराय चौहान By दिनू

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फोस्टर चाइल्ड By Sharovan

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निर्मलधारा By Sharovan

निर्मलधारा कहानी / शरोवन वर्षों के बाद जब एक बार फिर से मुझे दंदियाबाड़ा कि भीषण गर्मी और कानों की कनपटियों को अपनी तमतमाती गर्म और पसीने से परेशान करती हुई लू से वास्ता करना पड़ा तो...

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नन्नू का इस तरह दादी के कमरे में जाकर तारा को बुलाना माँ-पिताजी और चंदा की धकड़ने बढ़ा रहा था। वो एक-दूसरे को प्रश्नवाचक दृष्टि से देख रहे थे कि क्या जवाब दें नन्नू को, कहाँ है इसकी...

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गुरु घासीदास जयंती से सामाजिक विकास की बात By Manjre Manjre

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खुशीयों की दिवाली By दिनू

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माँ की ममता By धरमा

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भंगिन By Sharovan

भंगिन शरोवन की एक ज्वलंत कहानी अचानक से आकाश में जैसे भटकी हुई बदलियों ने चमकते हुये चन्द्रमा के मुख पर अपनी चादर डाल दी तो पल भर में ही सारा आलम फैली हुई स्याही के रंग में नहा गया...

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