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Part 6 डायरी के अगले पन्ने पर राधा ने लिखा था—"शायद हर कहानी में एक ऐसा किरदार ह...
कोलकाता: गुनाह का काला जश्नकोलकाता की वह रात आम रातों जैसी नहीं थी। 'द वेलवे...
(दस साल बाद की बारिश) इनकी मुहब्बत को दस साल बीत चुके थे।फिर शुरू हुआ वही जुलाई...
किसी-किसी रात समय सो जाता है।घड़ी चलती रहती है, रात आगे बढ़ती रहती है, लेकिन भीत...
जिंदगी की दूसरे किनारे पाठ 17 और वहीं दूसरी तरफ मेघना किचन के दूसरे तरफ डाइनिंग...
“माँ, जिसका काम है चोट खाकर भी फिर से खड़े हो जाना, वह अपने घाव भर लेगी। लेकिन अ...
हम फिर से मिले मगर इस तरहऐपीसोड़ - 27वे दोनों उस ताज़ा गिरी हुई बर्फ पर पागलों क...
“शिफ़ा बीबी, आपको छोटे साहब ने बुलाया है। वह कह रहे हैं आप किताबें ले कर लॉन में...
स्नोसिटी बिलकुल अपने नाम की तरह ही था। यहाँ अक्सर बर्फबारी होती रहती थी। ये शहर...
संजना ने जो एड्रेस हमें दिया था, वहाँ पहुँचते ही हमारी गाड़ी एक बेहद पॉश और आलीश...
“ अरे जल्दी भाग.. वो पीछे आ रहे हैं, तू ऐसा कर इधर से भाग जा, दोनों साथ रहेंगे तो ज्यादा खतरा है, तू मुझे उस मोड वाले कब्रिस्तान में मिल, मैं वही तेरा इंतजार करूंगा" रूपेश न...
"अरे बेटा...दही चीनी तो खा ले, फिर जा क्लिनिक पर" माँ ने सुभाष को रोकते हुए कहा | सुभाष - "क्या माँ..तुम भी ना, दही चीनी से किसी का दिन शुभ नहीं होता, मुझे देर हो रही...
यह कहानी एक सत्य घटना पर आधारित हैं, इस कहानी का मुख्य पात्र (ज़फ़र) यह एक काल्पनिक नाम हैं, उसकी दूर की नज़र हल्की भर कमजोर थी ,____कभी डर,कभी दर्द,कभी आहट, कितना कुुछ सिमट जाता इ...
राजस्थान के अपने एक छोटे से गांव में नन्दन लगभग ६ साल बाद आया और आने का कारण भी कुछ और नहीं बल्कि उसके पिताजी की मौत थी, वो उसी गांव के सरपंच भी थे. पिताजी की मौत अजीब ही हालात में...
पहली कहानी ....... योनिनिशा - 1 " लेकर आई हो ? " " हाँ " लड़की ने किसी तरह अपना सिर हिला कर जवाब दिया । लड़की की उम्र शायद 22 - 23 होगी । शरीर का रंग लगभग सफेद...
** ब्रह्मराक्षस - 1 **रात का समय था चारों और कोहरा ही कोहरा । दो अजनबी रात के समय मैं ब्रह्म वन से गुजर रहे थे । उन दोनों को ब्रह्म वन के बारे में नहीं पता था । भ्रम वन शरणपुर के...
क्योंकि मेरी तरह आप भी हिंदी भाषी राज्य में रहते हो तो कहानी में जिस जगह का उल्लेख किया गया है वह आपको पता नही होगा । जगह का नाम बोलपुर है जो बंगाल के बीरभूम जिले में उपस्थित हैं ।...
"अरे मुन्नी… ऐसे मत दौड़ रोड पर, मुन्नी…... मुन्नी रुक जा, अरे कोई गाड़ी आ जाएगी मुन्नी…, मुन्नी रुक जा…" |दस साल की मुन्नी रात के आठ बजे अपनी मां के साथ शहर के भीड़भाड़ वा...
आज भैरवी को घर लौटने में कुछ ज्यादा ही देर हो गई थी। टैक्सी से जल्दी से उतर तेज कदमों से लगभग दौड़ती हुई लिफ्ट की ओर लपकी । बार बार कोशिश करने पर भी लिफ्ट की डोर नही खुली। हार कर...
वो किसी से भी ज्यादा बोलता नहीं था गुमसुम-सा ही रहता था। चौदह-पंद्रह साल का मान
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