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Cresthaven एक ऐसा शहर था जो UK के उत्तरी हिस्से में हमेशा धुंध की एक घनी और भारी...
एपिसोड 15: अंधेरे का विस्तारशहर की बेचैनीमहल के ढहने और ताबूत के नष्ट होने के बा...
वैसे तो आपको देखने से ही और आपकी बातचीत से बहुत-कुछ समझ आता है आपके बारे में फि...
(एक बंजर ज़मीन पर ठंडी हवाओं का सन्नाटा। दूर कहीं एक कौवे के काँव-काँव की आवाज़...
उनकी पुरानी जीप के पहिए अपने आप जम गए. सयानी पिछली सीट पर बैठी कांच पर अपनी उंगल...
”रात के करीब ढाई बजे।पुराने मिल एरिया की टूटी सड़कों पर पुलिस की गाड़ियों की लाल...
(काम्या कपूर वेटर से मदद मांगती है और उसे अपना दो दिन का बॉयफ़्रेंड बनाने की ट्र...
मेहरा मेंशन की सुबह आज कुछ ज्यादा ही भारी थी. सूरज की रोशनी खिडकियों से अंदर तो...
रिश्तों का सच लेखक: विजय शर्मा ऐरीगांव हरिपुर की सुबह हमेशा की तरह शांत थी।...
ऋगुवेद सूक्ति-- (6) की व्याख्या "अग्ने नय सुपथा राए अस्मान"ऋग्वेद--1/189/1भावार्...
मैने अनुभव किया था कि बीहड़ में हम जिस भी गाँव के पास से निकलते हरेक ज्यादातर गांवों के बाहर एक चबूतरा जरूर बना होता । कृपाराम पूरी श्रद्धा से उस चबूतरे पर सिर जमीन पर रखकर प्रणाम...
वो मोहब्बत की चिंगारी 90 के दशक से सुलगना शुरू हों चुकी थी... मौसम वसंती हो कर अपने शवाब की और बढ़ रहा था.... हर यौवन के दिलों दिमांग में कही ना कही कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था जो ज...
दोस्तों.. नमस्कार.. ?आपके सामने एक फिर प्यार की कहानी के साथ मौजूद हूं... मेरा हमेशा से मकसद यहीं रहा हैं कि प्यार को समझें एक दूसरे की भावनाओं को समझें आप कितने खुश नसीब हैं कि आप...
हर रविवार छुट्टी के दिन मौली अपने पड़ोस में रहने वाले बच्चों के साथ जानवरों को जंगल छोड़ने जाते और दिन तक घर आ जाते थे..आज भी जब पड़ोस में रहने वाली खुशी जो मौली की उम्र की है आवाज दी...
1 बाल उपन्यास बाली का बेटा...
शाम हों चली थी, सूरज वसुंधरा को कल आने का वादा करके जा चूका था.. शहर की सड़कों पर दिन की अपेक्षा शाम कुछ ज्यादा ही रंगीन दिखाई देने लगी थी... कहते हैं किसी के जीवन में जिंदगी भी दिन...
" लगातार बज रहीं टेलीफोन की घंटी की वजह से हवलदार मातरे की नींद खुल गई." उसने नींद में ही फोन उठा लिया और अपने कान पर रख दिया ,और उ...
इस क़ामयाबी के दलदल से कैसे निकलोगे जब मंज़िले -ए- ज़माना ही दलदल हो.... !****************************************गुंजन.... गुंजन.... अरे उठोगी या यू ही सारा दिन सोती रहोगी.... देखो ग...
अब लौट चले आज मुझें ऐसा लग रहा था कि मै सच में आज़ाद हूं, सारी दुनियां आज पहली बार मुझें नई लग रहीं थी, सब कुछ नया और सुकून से भरा गर्त के अँधेरे को चीर मेरे कदम नए उजाले की और अनया...
आज से आपके लिए पेश कर रहा हूं एक ऐसी लडकी की कहानी जिसने अपनी जिंदगी में कभी हार नहीं मानी मुश्किले चट्टानों की तरह उसकी जिंदगी में थी , मगर वो अपनी पूरी वफादारी और मजबूत ह्रदय के...
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