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आख़िरी कॉलरात के ठीक 12 बजे थे। नेहा अपने कमरे में अकेली बैठी थी। तभी उसका मोबाइ...
फ्लैशबैक...लगभग छह से सात महीने पहले...पुलिस स्टेशन..."यस सर, आपने मुझे बुलाया।...
“अजगर करै न चाकरी, पंछी करै न काम।दास मलूका कहि गए, सब के दाता राम॥” — संत मलूक...
“आपने जवाब नहीं दिया सर।”राजवीर की आवाज़ सुनते ही मैं एक ही झटके से फ़्लैशबैक से...
वर्षा का गीत लेखक: विजय शर्मा ऐरी, अजनाला, अमृतसरआसमान पर काले बादलों ने धीरे-धी...
क्या सच में हमारी परछाई हमें सुन सकती है? अगर ऐसा होता, तो क्या दुनिया के सारे ल...
एपिसोड 40: समाधि का द्वार और अंधेरे का विस्तार---शहर की बेचैनीसमाधि के द्वार से...
वो लड़की जो कभी नहीं हारीलेखिका: कांता जयपालभूमिकाकुछ कहानियाँ पढ़ने के लिए नहीं...
इस महा- श्रृंखला के रचनाकार लोकप्रिय लेखक एवं पूर्व पत्रकार, इकबाल राज हैं. यह क...
पल्लवी के मुँह से निकली उस कांपती हुई आवाज़—"मेरा हाथ छोड़ दो"—के बाद, सड़क के उस क...
सर्दियों का पूरा मौसम नसरुद्दीन ने अपने बगीचे की देखरेख में बिताया. वसंत आते ही हर तरफ मनमोहक फूलों ने अपनी छटा बिखेरी. बेहतरीन गुलाबों और दूसरे शानदार फूलों के बीच नसरुद्दीन को कु...
मीना अपने लड़के को दवा लाने को कहती है,और मोनू अपनी टूक टूक (सायकल) में सवार हो कर पर्चा हाथ मे लेकर निकलने लगता है। वो अपने घर के मुख्य दरवाजे के पास पहुँचा ही होता है,की तभी घर के...
एक था ठुनठुनिया। बड़ा ही नटखट, बड़ा ही हँसोड़। हर वक्त हँसता-खिलखिलाता रहता। इस कारण माँ का तो वह लाड़ला था ही, गाँव गुलजारपुर में भी सभी उसे प्यार करते थे। गाँव में सभी आकर ठुन...
कोई छह सौ वर्ष पुरानी बात है। विजयनगर का साम्राज्य सारी दुनिया में प्रसिद्ध था। उन दिनों भारत पर विदेशी आक्रमणों के कारण प्रजा बड़ी मुश्किलों में थी। हर जगह लोगों के दिलों में दुख-...
दुनिया भर में लोग कुत्ते पालने का शौक़ सबसे ज़्यादा रखते हैं। हज़ारों नस्लों के छोटे - बड़े डॉगी इंसानों के पसंदीदा मित्र बन कर उनके पालतू के रूप में उनके साथ रहते थे। इन कुत्तों म...
नहीं नहीं!ऐसा नहीं था कि जंगल हमेशा चुपचाप रहता हो। बहुत आवाज़ें थीं वहां।सुबह होते ही जब सूरज निकलता तो पंछी चहचहाते। कोई कहता कि ये कलरव है, कोई कहता गुंजन है, कोई कहता कोलाहल है...
यह कहानी बहुत छोटी है, परंतु इससे सीख बहुत बड़ी मिलती है । आत्मविश्वास एवं कर्मठता की सीख मिलती है, निडरता की सीख मिलती है और साथ में यह भी सीख मिलती है कि असंभव कुछ भी न...
रघुवन में ऊँचे ऊँचे पेड़ों पर मधुमक्खी के छत्ते लगे हुए थे मधुमक्खियों का दल दिन भर फूलों से रस चूसता और अपने छत्ते में जाके शहद बनाता जब शहद से छत्ता भर जाता तो वो उसको अपने दोस...
एक चिड़िया आती है,चिव-चिव गीत सुनाती है, दो दिल्ली की बिल्ली है,देखो जाती दिल्ली है, तीन चूहे राजा है देखो बजाते बाजा है,चार घर में कार है,हम जाने को लाचार हैं।........
भीड़ में भी तुम भोला को पहचान लोगे. उसके उलझे बाल,लहराती चाल,ढीली-ढाली टी-शर्ट, और मुस्कराता चेहरा देखकर. भोला को गुस्सा कभी नहीं आता है और वह सबके काम आता है. भोला तुम्हें...
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